सिरपुर लेक इन्दौर – Sirpur lake Indore

सिरपुर झील इंदौर (Sirpur Lake Indore) शहर में स्थित एक बडी झील है। सिरपुर झील इंदौर (Sirpur Lake Indore) में इंदौर धार रोड पर स्थित है। झील का कुल क्षेत्रफल 800 एकड़ है। यह झील इंदौर नगर निगम के अधिकार क्षेत्र में आता है।

अगर आप इंदौर शहर में किसी ऐसी जगह की तलाश कर रहे हो, जहां पर आप शांति से समय बिता सकते हैं, तो यह एक जगह है, जहां पर आप आ सकते हैं और अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर आपको शांत झील, ढेर सारे पक्षी और प्राकृतिक सुंदरता देखने के लिए मिलती है।

इंदौर की एक प्रमुख पर्यटन स्थल – सिरपुर झील

सिरपुर झील में आप आसानी से पहुंच सकते हैं। यह झील बहुत बड़े एरिया में फैली हुई है और बहुत सुंदर है। यहां देखने के लिए बहुत सारी आकर्षक चीज हैं, जिन्हें देखकर आप अच्छा समय बिता सकते हैं।

सिरपुर झील (Sirpur Lake) में आपको बहुत सारे पक्षियों की प्रजातियां देखने मिलते हैं, जिनमें से कुछ देशी होती है और कुछ विदेशी होती है। सिरपुर झील का खास आकर्षण यह पर आस्टेलिया से आने वाले फ्लेमिंगो पक्षी (Flamingo Bird) है। यहां पर विशेषकर फ्लेमिंगो पक्षी (Flamingo Bird) को देखने लोग आते हैं, जो ऑस्ट्रेलिया से उड़कर झील में आते हैं।

फ्लैमिंगो (Flamingo) एक गुलाबी कलर के पंक्षी होते हैं, जो बहुत ही खूबसूरत लगते हैं देखने में। यहां पर 2 झील है। एक झील छोटी है और एक झील बडी है। दोनों झीलों के बीच से एक रास्ता गुजरता है। ये रास्ता ही इस झील को दो भाग में बांटता है।

यह झील बहुत खूबसूरत है और झील में हनुमान जी का मंदिर भी है। यह झील नगर निगम के अर्तगंत है। यदि आप बर्डवॉचिंग में रूचि रखते है, तो यह झील आपके लिए जन्नत है। झील में आपको पक्षियों की करीब 100 से भी ज्यादा प्रजातियां देखने मिल जाती है। यहां पर कुछ ऐसी प्रवासी प्रजातियाँ हैं, जो हर सर्दियों में सिरपुर पहुँचती हैं।

यहां पर आकर आपका बहुत अच्छा समय व्यतीत हो जाता है। पक्षियों की चहचहाहट के बीच यह समय बिताने का एक अलग ही सुकून है। यहां पर बैठने की अच्छी व्यवस्था है। यहां पर लोग सुबह और शाम के समय टहलने के लिए  आते हैं।

झील में खासकर बरसात और सर्दियों के मौसम में बहुत सारे विदेशी पक्षी देखने मिल जाते है। आप यहां पर शहर के व्यस्त जीवन से विराम लगाकर यह का खूबसूरत वातावरण का लुप्त उठा सकते है। यहां आने का समय सूर्यास्त और सूर्यादय का होता है, क्योकि इस समय पक्षी यहां आते है।

सिरपुर झील का इतिहास

सिरपुर झील (Sirpur Lake) का निर्माण 20 वीं शताब्दी की शुरुआत में इंदौर राज्य के होल्कर द्वारा किया गया था। यहां पर उन्होनें झील का अच्छी संरचना बनाई थी। भारत की स्वतंत्रता के बाद शाही घराने विलुप्त होने के बाद झील के चारों ओर तेजी से अतिक्रमण किया गया।

झील में मछली पकड़ने, अवैध शिकार, मवेशी चराने, अपशिष्ट पदार्थो की डंपिंग, आदि जैसी अवैध गतिविधियों झील में बढा गई। जिससे यह झील नष्ट होने की कगार पर आ गई थी। मगर झील की खूबसूरती फिर से वापस लाने के लिए एक प्रसिध्द व्यक्ति और पद्मश्री पुरस्कार विजेता भालु मोंधे ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होने झील को पुनर्स्थापित करना शुरू किया। भालु मोंधे और उनके दोस्त अभिलाष खांडेकर ने मिलकर 1992 में एक एनजीओ द नेचर वालंटियर्स की स्थापना की। इसके बाद झील के एक सुंदर पर्यटन स्थल में बदल गई है और यह पर हर साल विदेशों से पक्षियों की टोलियों आती है।

ये झील बहुत ही खूबसूरत है। यहां पर सरकार के तरफ से बोर्ड लगाया गया है जिसमें लिखा है कि झील में नहाना एवं कपडे धाने मना है। झील में कचरा डालना मना है। झील में पक्षियों को परेशान न करें। ये सब बाते आपको मनना चहिए। यह  झील सुरक्षित है मगर झील के बीच में जो रास्ता है, उस रास्ते में दूर तक अकेले न जाए और रात के समय तो बिल्कुल न जाए, नहीं तो आपके लिए यह खतरानाक हो सकता है। अगर आप इंदौर जाते है तो यह झील में भी घूम सकते है।

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