सीता बेंगरा गुफा, रामगढ़ पहाड़ी, सरगुजा – Sita Bengra Cave, Ramgarh Hill, Surguja

Sita Bengra  की गुफाएं छत्तीसगढ़ राज्य का एक धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व का स्थान है। Sita Bengra की गुफाएं छत्तीसगढ़ जिले में सरगुजा जिले में बनी हुई है। यह गुफाएं पत्थर को पत्थर को काटकर बनाई गई है और बहुत ही सुंदर है। इस जगह को महाकवि कालिदास की रचना स्थल के नाम से भी जाना जाता है। यह गुफाएं बहुत सुंदर है। इस जगह में आपको ढेर सारे ऐतिहासिक स्थान देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत सुंदर है।

सीता बेंगरा गुफा, रामगढ़ पहाड़ी, सरगुजा की जानकारी – Information about Sita Bengra Cave, Ramgarh Hill, Surguja

सीता बेंगरा गुफाएं (Sita Bengra Cave) छत्तीसगढ़ राज्य के सरगुजा जिलें में स्थित है। सीता बेंगरा की गुफाएं सरगुजा जिले का एक दर्शनीय स्थल है। सीताबेंगरा की गुफाएं सरगुजा जिले में रामगढ़ में स्थित है। इन गुफाओं में आप आसानी से पहुंच सकते हैं। यह गुफाएं ऐतिहासिक महत्व रखती हैं। यहां पर आपको चारों तरफ घना जंगल देखने के लिए मिलता है। यहां पर जाकर शांति का एहसास होता है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं।

यह गुफाएं सरगुजा जिले की उदयपुर तहसील के रामगढ़ पहाड़ी पर स्थित है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। आप यहां पर कार और बाइक से आ सकते हैं। यहां पार्किंग के लिए बहुत बड़ी जगह है, जहां पर आप अपनी बाइक और कार को पार्क  कर सकते हैं।

सीता बेंगरा गुफा (Sita Bengra Cave) के बारे में कहा जाता है कि इस गुफा में श्री राम और लक्ष्मण जी और सीता मैया अपने वनवास काल के दौरान रूके थे। ये गुफाएं जिस पहाडी पर स्थित है। उस पहाडी को रामगढ़ की पहाडी कहा जाता है। यह एकांत में स्थित बहुत ही बढिया जगह है। यह प्राचीन गुफाएं हैं और पूरी तरह से पत्थर से निर्मित है। यह गुफाए शहर की भागम भाग जिंदगी से दूर स्थित है। यह एक प्राकृतिक गुफा है, यहां पर गुफाओं का काटकर कमरें बनाए गए है।

सीता बेंगरा गुफा (Sita Bengra Cave) तक पहुंचने के लिए आपके अपने वाहन से आना होता है या आप गाडी बुक करके भी आ सकते है। गुफा तक पहुंचने के लिए पहाडों को काटकर सीढियां बनी हुई है। गुफा अंदर से आयताकार है और गफा का छत समतल है।  गुफा पर आपको पत्थर पर उभरी हुई कई प्रकार की आकृतियां देखने मिल जाएगी जैसे बेलन की आकृति आप देख सकते है। कहा जाता है कि यहां पर माता सीता जिन वस्तुओं का उपयोग करती थी। उनकी आकृति इन पत्थरों में उभर आई है। गुफा पर आपको सीता माता के चरण भी देखने मिल जाएंगे। सीता माता के चरण के निशान आपको पत्थर में उभरे हुए साफ तरीके से देखने मिल जाएंगे। आप इन चरणों के दर्शन कर सकते है।  गुफा 14 मीटर लंबी, 5 मीटर चैड़ी और 1.8 मीटर ऊंची है। यह गुफा सबसे पुरानी नाटयशाला है। इतनी पुरानी नाटशाला कहीं नहीं है। सीता बेंगरा (Sita Bengra) में सीता माता रहती थी, इसलिए इस गुफा को सीता बेंगरा कहते थे। यहां पर एक अन्य गुफा है, जिसमें लक्ष्मण जी रहा करते थे। जिसे लक्ष्मण बेंगरा कहते है। यह गुफा तीसरी सदीं पर बनी हुई थी। इस गुफा में आपको राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान जी की पुरानी प्रतिमाएं देखने मिलती है।

रामगढ़ की पहाड़ियां अंबिकापुर से बिलासपुर के रास्ते पर स्थित है।  रामगढ़ की पहाड़ियां पर ही प्रसिद्ध कवि कालिदास ने मेघदूत की रचना की थी। इस जगह में हर साल मेले का आयोजन होता है, जहां पर बादलों की पूजा की जाती है। देश में यह इकलौती जगह है, जहां पर बादलों की पूजा करने का रिवाज है।

दुनिया का सबसे पुराना थिएटर – World’s oldest theater

सीता बेंगरा (Sita Bengra) के सामने, चारों ओर चट्टान काट कर बैंच बनाए गए हैं, जो अर्धचंद्र के आकार का रूप लेता है। सीता बेंगरा (Sita Bengra) में 2,300 साल पुराना प्रदर्शन मंच है, जो दुनिया के सबसे पुराने थिएटरों में से एक है। गुफा के सामने फर्श में दो छेद हैं, जिसमें शायद पोल लगाए गए थे। इन पोल में ठंडा की रातों में हवाओ को रोकने के लिए पर्दा लगाए जाते थे। लोग यहां पर पिकनिक मानने आते है। यहां पर राज्य सरकार द्वारा हर साल रामगढ़ महोत्सव मनाया जाता है।

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सीताबेंगरा और जोगीमारा गुफा का इतिहास – History of Sitabengra and Jogimara Cave

सीता बेंगरा एवं जोगी मेरी गुफा प्रारंभिक भारतीय प्रस्तर उत्खननित संरचना का एक प्रमुख उदाहरण है, जो छत्तीसगढ़ में स्थित है। सीता बेंगरा एक लघु आकार की गुफा है जहां पर सीढ़ियों द्वारा पहुंचा जा सकता है। इसका भू विन्यास आयताकार है। सन्मुख भाग में समतल छत है। गुफा 14 मीटर लंबी और 5 मीटर चौड़ी है तथा 1.8 मीटर ऊंची है। गुफा के सामने अर्द्ध चंद्राकार प्रस्तर उत्खनंत बेंच का निर्माण किया गया है। गुफा के पूर्वी दीवाल पर अशोक कालीन ब्रह्मलिपि में उत्कीर्ण  अभिलेख है।

तुलनात्मक रूप से जोगीमारा गुफा छोटे आकार की है। इस गुफा की लंबाई 3 मीटर, चौड़ाई 1.5 मीटर तथा ऊंचाई 1.5 मीटर है। इस गुफा काआंतरिक भाग गजपृष्ठाकार  है, जिसके अंदर विभिन्न प्रकार के चित्रण के साथ-साथ ईसापूर्व तीसरी और द्वितीय शताब्दी का ब्राह्मी लिपि में अभिलेख उत्कीर्ण है। अभिलेख में देवदासी, सुतनुका,   एवं रूपदक्ष देवदीन के प्रेम प्रसंग का उल्लेख है। संभवत यहां देवदासी प्रथा का प्रारंभिक उल्लेख है। गुफा में निर्मित चित्रों में नृत्य समूह, फूलदार पौधे, ज्यामितीय अलंकरण, मत्स्य और पशु समूह आदि प्रमुख है।

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राम जानकी मंदिर रामगढ़ – Ram Janaki Temple Ramgarh

श्री राम जानकी मंदिर रामगढ़ का एक प्रमुख दर्शनीय स्थान है। यह मंदिर रामगढ़ वन क्षेत्र के अंदर बना हुआ है। इस मंदिर में पहुंचने के लिए बिलासपुर अंबिकापुर राजमार्ग पर उदयपुर एक छोटा सा शहर है। आप उदयपुर से रामगढ़ वन क्षेत्र की ओर आ सकते हैं। यह मंदिर सीता बेंगरा गुफा के आगे बना हुआ है। इस मंदिर तक जाने के लिए अब पक्की सड़क बन गई है। इस मंदिर में आप आराम से पहुंच सकते हैं। इस मंदिर में आपका और बाइक से पहुंच सकते हैं। सड़क के दोनों तरफ आपको घना जंगल देखने के लिए मिलता है।

यह मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर राम गमन मार्ग में पड़ता है। यहां पर परिक्रमा करने वाले लोग आते हैं और श्री राम जी के दर्शन करते हैं। यहां पर आकर अच्छा लगता है और शांति का अनुभव होता है। श्री राम जानकी मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। मंदिर में चढ़ने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। मंदिर की चोटी में आप पैदल चढ़ कर पहुंच सकते हैं। इस रास्ते में आपको प्राचीन स्टोन स्ट्रक्चर देखने लिए मिलते हैं, जो अब खंडहर में तब्दील हो गए हैं। मगर यह प्राचीन समय की भव्यता के बारे में आपको जरूर एहसास दिलाते हैं।

यह जगह बहुत सुंदर है और चारों तरफ से चारों तरफ प्रकृतिक परिदृश्य से घिरी हुई है। आप यहां पर पहाड़ी की चोटी में जाकर श्री राम जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर श्री राम जी, माता सीता जी और लक्ष्मण जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर कुछ अन्य स्थल जैसे चंदन गुफा और कुंड, दुर्गा गुफा, राम कुंड आदि के दर्शन भी किया जा सकते हैं। यह सभी स्थल बहुत सुंदर है।

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सीताबेंगरा में जाने का सबसे अच्छा समय – Best time to visit in Sitabengra

सीताबेंगरा गुफा में घूमने का सबसे अच्छा समय बरसात और ठंडा का रहता है। आप यहां पर बरसात के समय आ सकते हैं। बरसात में यहां पर आपको चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर आप बरसात और ठंड के समय जाकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। ठंड के समय मौसम बहुत ही बढ़िया रहता है, जिससे यहां घूमने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती है। यह गुफाएं काफी बड़े एरिया में फैली हुई है। इसलिए आपको यहां पर काफी चलना पड़ सकता है। इसलिए आप यहां पर ठंड में आ सकते हैं और घूम सकते हैं।

 

सीताबेंगरा की गुफा कहा स्थित है – Where is the cave of Sitabengra located

सीता बेंगरा की गुफा (Sita Bengra cave) छतीसगढ के सरगुजा के उदयपुर तहसील के रामगढ पहाडी पर स्थित है। सीता बेंगरा की गुफा (Sita Bengra cave) छतीसगढ की राजधानी रायपुर से करीब 296 किलोमीटर की दूरी पर है। आप रायपुर तक रेल से आ सकते है और उसके बाद बस से या टैक्सी बुक करके आ सकते है। आप चाहे तो यहां पर अपने वाहन से आ सकते थे। सीता बेंगरा की गुफा अंबिकापुर से 43 किलोमीटर दूर है और सरगुजा से 34 किलोमीटर दूर है। आप इन जगहों से भी बस या स्वयं के वाहन से आ सकते है।

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दुनिया की प्राचीनतम नाट्यशाला किस जिले में है

दुनिया की प्राचीनतम नाट्यशाला सरगुजा जिले में है।

 

छत्तीसगढ़ की सबसे प्राचीन नाट्यशाला स्थित है

छत्तीसगढ़ की सबसे प्राचीन नाट्यशाला सरगुजा जिले में स्थित है।

 

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