सिरमौर के प्रमुख पर्यटन स्थल – Top 21 Sirmaur me Ghumne ki Jagah

Sirmaur me Ghumne ki Jagah :- सिरमौर हिमाचल प्रदेश का एक प्रमुख शहर है। इस लेख में हमने आपको सिरमौर में घूमने की जगह (sirmaur me ghumne ki jagah), सिरमौर कैसे पहुंचे, सिरमौर के प्रमुख धार्मिक स्थल और सिरमौर के प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में जानकारी दी है।

Table of Contents

सिरमौर के बारे में जानकारी – Information about Sirmaur

सिरमौर हिमाचल प्रदेश का एक प्रमुख जिला है। सिरमौर हिमाचल प्रदेश में, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा के पास स्थित है। इसकी सीमाएं उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमाओं से मिलती है। सिरमौर जिला बहुत सुंदर है और प्राकृतिक सुंदरता से घिरा हुआ है। सिरमौर जिले का जिला मुख्यालय नाहन है। सिरमौर  शिवालिक रेंज में बसा हुआ है। सिरमौर जिले में यमुना नदी बहती है, जो यहां की मुख्य नदी है। यहां जलाल नदी बहती है, जो यमुना नदी की सहायक नदी है। इस जिले में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है।

इस ब्लॉग में हमने, सिरमौर में घूमने वाली प्रमुख जगह (sirmaur me ghumne ki jagah), सिरमौर कैसे जाएं, सिरमौर कहां पर है, सिरमौर में घूमने का सही समय इन सभी के बारे में जानकारी दी है। आप इस ब्लॉग को पूरा पढ़े। ताकि आप अगर सिरमौर जाने का प्लान करें, तो आपकी मदद हो सके।

 

सिरमौर में घूमने की जगह – Sirmaur me Ghumne ki Jagah

सिरमौर के प्रमुख पर्यटन और दर्शनीय स्थलों की सूची – Sirmaur Tourist Places list in Hindi

  1. पांवटा साहिब गुरुद्वारा सिरमौर
  2. कर्नल शेरजंग नेशनल पार्क सिरमौर
  3. श्री रेणुका जी मंदिर सिरमौर
  4. परशुराम ताल
  5. रेणुका झील सिरमौर
  6. रेणुका वाइल्ड लाइफ सेंचुरी सिरमौर
  7. बाडोलिया बाबा मंदिर सिरमौर
  8. काली स्थान मंदिर सिरमौर
  9. दिल्ली गेट क्लॉक टावर सिरमौर
  10. गुरुद्वारा दशमेश अस्थान सिरमौर
  11. रानीताल शिव मंदिर सिरमौर
  12. शिवालिक जीवाश्म उद्यान सिरमौर
  13. गुरुद्वारा श्री टोका साहिब सिरमौर
  14. प्राचीन शिव मंदिर पौड़ीवाला सिरमौर
  15. कटासन देवी मंदिर
  16. माता बाला सुंदरी मंदिर सिरमोर
  17. सिरमौर संस्कृति संग्रहालय
  18. ध्यानू भक्त जी का मंदिर सिरमोर
  19.  शिव मंदिर सिरमौर
  20. चूडधार पर्वत सिरमौर
  21. मां भंगायणी मंदिर सिरमौर

 

सिरमौर के प्रमुख दर्शनीय स्थल – Sirmaur me ghumne ki jagah

 

पोंटा साहिब गुरुद्वारा सिरमौर – Paonta Sahib Gurdwara Sirmaur

पांवटा साहिब गुरुद्वारा सिरमौर का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यह सिख और हिंदू धर्म के लोगों के लिए पवित्र स्थान है। यह सिरमौर के मुख्यालय नाहन से करीब 45 किलोमीटर दूर है। यह गुरुद्वारा यमुना नदी के दाहिने किनारे पर बना हुआ है। यहां पर आप आकर इस गुरुद्वारे के दर्शन कर सकते हैं। इस गुरुद्वारे का ऐतिहासिक महत्व है। यहां पर गुरु गोविंद सिंह जी लगभग 4 वर्षों तक रहे। गुरु गोविंद सिंह जी 1742 से 1745 तक इस जगह पर रहे थे।

इस गुरुद्वारे के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज प्राकृतिक नजारे को देखते हुए अपने शीश पर दस्तर सजाया करते थे। यहां पर दस्तार सजाने वालों को पुरस्कार दिया करते थे। भंगानी साहिब की युद्ध विजय के बाद जब गुरु साहिब जी इस स्थान पर अपने केसों पर कंगी कर रहे थे।

तब पीर बुधु शाह जी सडोरे वाले, जब गुरुजी के पास वापस जाने की आज्ञा मांगने आए, तो गुरुजी ने कहा पीर जी, हम आपकी सेवा से बहुत प्रसन्न है। आपको जो मांगना है। वह मांगिये , तो पीर जी ने कहा, यदि आप इतने प्रसन्न हो, तो आप अपनी कंघा केस सहित मुझे बक्शे। गुरु ने प्रसन्न होकर अपनी आधी दस्तार और केसों सहित कंघा पीर जी को सिरोपा के रूप में दे दिया।

यहां पर बहुत बड़ा गुरुद्वारा बना हुआ है। गुरुद्वारे के पास में यमुना नदी बहती है। गुरुद्वारे में सभी प्रकार की व्यवस्था हैं। यहां पर लंगर होता रहता है, जहां पर सभी लोग खाना खा सकते हैं। यहां पर बहुत बड़ा प्रार्थना हाल है, जहां पर प्रार्थना की जा सकती है। यहां पर ठहरने के लिए कमरे भी मिल जाते हैं। यह जगह प्राकृतिक सुंदरता से भरी हुई है।

 

कर्नल शेरजंग नेशनल पार्क सिरमौर – Colonel Sherjung National Park Sirmaur

कर्नल शेरजंग नेशनल पार्क सिरमौर का एक सुंदर स्थल है। यहां पर आप आकर अच्छा समय बिता सकते हैं। यहां पर घना जंगल देखने के लिए मिलता है। पहाड़ी एरिया देखने के लिए मिलता है और जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। इस नेशनल पार्क में प्रवेश करने के लिए, आपको सबसे पहले एंट्री करवानी पड़ती है। उसके बाद आप यहां पर सफारी का आनंद ले सकते हैं। यह नेशनल पार्क कर्नल शेर  जंग जी को समर्पित है, जिन्होंने अपने जान देश के लिए कुर्बान की थी। यह नेशनल पार्क गुरुद्वारा पोंटा साहिब के करीब स्थित है।

 

श्री रेणुका जी मंदिर सिरमौर – Shri Renuka Ji Temple Sirmaur

श्री माता रेणुका जी मंदिर सिरमौर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर पूरे हिमाचल प्रदेश में प्रसिद्ध है। यह मंदिर सिरमौर के मुख्यालय नाहन से करीब 38 किलोमीटर दूर है। यहां पर पहुंचने के लिए सड़क मार्ग उपलब्ध है। यहां पर पहुंचने में नाहन सिटी से करीब 1 से डेढ़ घंटा लग जाता है।

यहां पर आने के लिए पहाड़ी एरिया मिलेगा। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा, क्योंकि यहां पर चारों तरफ जंगल का बहुत सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको बहुत सारी जगह भी घूमने के लिए मिलेगी। यहां पर रेणुका माता मंदिर, रेणुका झील, परशुराम झील और एक चिड़ियाघर देखने के लिए मिलेगा।

रेणुका माता का मंदिर बहुत सुंदर है। पुराणों के अनुसार रेणुका तीर्थ भगवान परशुराम का जन्म स्थान है। भगवान परशुराम भगवान विष्णु के अवतार हैं। महर्षि जमदग्नि तथा उनकी पत्नी रेणुका जी ने यहां पर कई वर्षों तक तपस्या की थी।

भगवान शिव और विष्णु जी के आशीर्वाद से, उन्हें भगवान विष्णु जी परशुराम के रूप में प्राप्त हुए हैं। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं और इस जगह की प्राकृतिक सुंदरता को देख सकते हैं। यहां पर सभी प्रकार की व्यवस्था भी उपलब्ध है। यहां पर मंदिर के पास ठहरने की सुविधा मिल जाती है, जहां पर आप अगर दूर से आते हैं, तो रुक सकते हैं।

 

परशुराम ताल – Parshuram Tal

परशुराम ताल श्री रेणुका माता मंदिर के पास में बना हुआ है। यह तालाब बहुत बड़ा और बहुत सुंदर है। परशुराम ताल के चारों तरफ पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यहां पर आकर अच्छा अनुभव होता है। तालाब में बहुत सारी मछलियां है।

 

रेणुका झील सिरमौर – Renuka Lake Sirmaur

रेणुका झील सिरमौर का एक मुख्य धार्मिक स्थल है। यह झील बहुत बड़े क्षेत्र में फैली हुई है। यह झील जिला मुख्यालय नाम से करीब 40 किलोमीटर दूर है। झील में पहुंचने का मार्ग सड़क मार्ग है और आप यहां पर बाइक से आसानी से पहुंच सकते हैं। यह झील रेणुका माता मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित है। इस झील का आकार मानवाकार है। यह झील परशुराम की मां रेणुका जी को समर्पित की गई है।

ऐसा माना जाता है, कि परशुराम की मां श्री रेणुका जी ने स्वयं को पानी में समाहित कर दिया था, जिससे वह झील रूप में परिवर्तित हो सके। झील के आसपास चारों तरफ पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यहां पर नौकायान की सुविधा भी उपलब्ध है। झील के किनारे बहुत सारे मंदिर बने हुए हैं। इस झील में हर साल हजारों तीर्थयात्री कार्तिक एकादशी पर स्नान करने के लिए आते हैं। यह झील 2.4 किलोमीटर की परिधि में फैली हुई है।

यहां पर मेला भी लगता है। इस झील में कमल के फूल लगे हुए हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यह झील पर्यटन की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण स्थल है। यहां पर ठहरने के लिए आश्रम बने हुए हैं। यहां पर एक सरकारी गेस्ट हाउस भी बना हुआ है, जहां पर पर्यटक आकर रुक सकते हैं।

 

रेणुका वाइल्ड लाइफ सेंचुरी सिरमौर – Renuka Wildlife Sanctuary Sirmaur

रेणुका वाइल्ड लाइफ सेंचुरी सिरमौर का एक मुख्य आकर्षण स्थल है। यह एक वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के साथ-साथ एक चिड़ियाघर भी है। यह सेंचुरी बहुत बड़ी एरिया में फैली हुई है। यह सेंचुरी सिरमौर जिले में नाहन से करीब 40 किलोमीटर दूर ददुआ टाउन के पास स्थित है। ददुआ टाउन से यह सेंचुरी करीब 2 किलोमीटर दूर है। यह सेंचुरी रोड के माध्यम से अच्छी तरह कनेक्टेड है।

यह सेंचुरी 402.80 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली हुई है। इसका नाम परशुराम जी की माता रेणुका जी के नाम पर रखा गया है। इसमें आपको बहुत सारे जानवर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर भालू, तेंदुआ, विभिन्न तरह के हिरण देखने के लिए मिल जाती है। यह बहुत सुंदर है। यहां पर और भी बहुत सारी आकर्षक जगह है। यहां पर बहुत सारी बर्ड्स भी देखने के लिए मिलती है।

इस सेंचुरी की खुलने का समय सुबह 9 से 1 बजे तक है और दोपहर 2 से 5 बजे तक है। सोमवार को सेंचुरी बंद रहती है। छोटे बैटरी वाले ऑटो से आप इस सेंचुरी में घूम सकते हैं। यहां पर आकर आपको मजा आएगा। यहां पर खाने पीने के लिए एक छोटी सी दुकान है।

 

बाडोलिया बाबा मंदिर सिरमौर – Badoliya Baba Temple Sirmaur

बाडोलिया बाबा मंदिर सिरमौर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यहां पर एक सुंदर झरना और मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह झरना बहुत ही आकर्षक है। यह झरना ऊंचे पहाड़ से बहता है और बहुत ही सुंदर लगता है। यह मंदिर सिरमौर जिले में नाहन से रेणुका देवी तीर्थ स्थल जाने वाले मार्ग पर स्थित है। आप इस जगह पर आ सकते हैं।

झरने तक पहुंचने के लिए थोड़ी सी ट्रेकिंग करनी पड़ती है और झरने में जाने वाले मार्ग पर ही मंदिर बना हुआ है। यहां पर बड़ी-बड़ी चट्टानें हैं, जिनके बीच से झरने का पानी बहता है। यहां पर आप ट्रैकिंग करके झरने की बहुत करीब जा सकते हैं। यहां बरसात में घूमने के लिए आया जा सकता है।

 

काली स्थान मंदिर सिरमौर – Kali Sthan Temple Sirmaur

काली स्थान मंदिर सिरमौर में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर सिरमौर के मुख्यालय नाहन में स्थित है। यह मंदिर प्राचीन है। इस मंदिर के गर्भ गृह में काली माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां नवरात्रि में बहुत भीड़ रहती है। यहां आकर अच्छा लगता है।

 

दिल्ली गेट क्लॉक टावर सिरमौर – Delhi Gate Clock Tower Sirmaur

दिल्ली गेट क्लॉक टावर सिरमौर के मुख्यालय नाहन में बना है। इस स्मारक का निर्माण महाराजा शमशेर प्रकाश ने सन 1877 ईस्वी में भारत के वायसराय लॉर्ड लिटन के आगमन की स्मृति में किया था। इस स्थान पर जनता की सुविधा के लिए प्रतिदिन दोपहर 12 बजे के समय अवगत करवाने के लिए तोप चलाने की प्रथा थी।

इस द्वार पर महाराजा सुरेंद्र प्रकाश ने सन 1902 में घंटाघर का निर्माण कर चार घड़ियां स्थापित की। इन घड़ियों में प्रत्येक 15 मिनट के उपरांत अलग-अलग ध्वनियां बजती थी, जिसकी मधुर ध्वनि दूर-दूर तक सुनाई देती थी। यह जगह शहर के मध्य में स्थित है और आपको अगर सिरमौर जाने का मौका मिले, तो आप इस जगह जरूर घूमे।

 

गुरुद्वारा दशमेश अस्थान सिरमौर – Gurudwara Dashmesh Asthan Sirmaur

गुरुद्वारा दशमेश अस्थान सिरमौर का एक प्रमुख घूमने वाली जगह है। यह सिरमौर शहर के मुख्यालय नाहन में मध्य शहर में बना हुआ है। यह गुरुद्वारा अपने ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। यह गुरुद्वारा बहुत बड़ा और बहुत सुंदर है। इस गुरुद्वारे में सभी प्रकार की व्यवस्थाएं उपलब्ध है।

यह एक ऐतिहासिक स्थल है और यह गुरुद्वारा श्री गुरु गोविंद सिंह जी को समर्पित है। सिरमौर के तत्कालीन राजा जगत प्रकाश की विनती पर श्री गुरु गोविंद सिंह जी सिरमौर रियासत में आए थे। गुरु जी संगत को दर्शन देते थे। उस स्थान पर इस ऐतिहासिक गुरुद्वारा को बनाया गया है। उसके बाद गुरु गोविंद साहिब जी ने आगे की यात्रा प्रारंभ की।

इस गुरुद्वारे में बहुत सारी प्राचीन तस्वीरें एवं वस्तुएं देखने के लिए मिलती है। इस गुरुद्वारे में लंगर की व्यवस्था भी है। यहां पर लंगर की सेवा उपलब्ध है और सभी लोग यहां पर भोजन ग्रहण कर सकते हैं। यहां पर ठहरने की सुविधा उपलब्ध है।

 

रानीताल शिव मंदिर सिरमौर – Ranital Shiv Temple Sirmaur

रानीताल शिव मंदिर सिरमौर जिले का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। रानीताल शिव मंदिर सिरमौर जिले के मुख्यालय नाहन में स्थित है। यह मंदिर मुख्य शहर में बना हुआ है। यहां पर एक बड़ा सा गार्डन और एक तालाब देखने के लिए मिलता है। इस गार्डन के बीच में, यह मंदिर बना हुआ है।

इस मंदिर का आकार बहुत सुंदर है। इस मंदिर के ऊपर बड़े-बड़े प्याज की आकृति के गुंबद देखने के लिए मिलते हैं, तो बहुत सुंदर लगते हैं। मंदिर के अंदर शिव भगवान जी के दर्शन किए जा सकते हैं। यहां पर बहुत सारे शिवलिंग विराजमान हैं। यहां नंदी महाराज के दर्शन किए जा सकते हैं। यहां आ कर अच्छा लगता है। यहां पर शांति का अनुभव कर सकते हैं।

 

शिवालिक जीवाश्म उद्यान सिरमौर – Shivalik Fossil Park Sirmaur

शिवालिक जीवाश्म उद्यान सिरमौर का एक मुख्य आकर्षण स्थल है। शिवालिक जीवाश्म ध्यान सिरमौर जिले में सुकेती गांव में स्थित है। यह पार्क शिवालिक पहाड़ियों के बीच मारखंडा घाटी में बना हुआ है। यहां पर आप आकर बहुत अच्छा अनुभव कर सकते हैं। यहां पर चारों तरफ प्राकृतिक दृश्य देखा जा सकता है। सुकेती गांव सिरमौर के मुख्यालय नाहन से करीब 20 किलोमीटर दूर है। यहां पर आसानी से पहुंचा जा सकता है।

यहां पर आकर आपको बहुत सारे जानवर और पेड़-पौधों के जीवाश्म देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर संग्रहालय बना हुआ है, जहां पर इन जीवाश्म को संग्रहित करके रखा गया है। यहां पर बहुत सारी जानकारी भी मिलेगी। यहां पर संग्रहालय के बाहर बहुत सारे जानवरों की स्टेचू बनाए गए हैं और उनकी जानकारी भी लिखी हुई है। कि प्राचीन समय में हमारी पृथ्वी में कौन-कौन से जानवर या जीव-जंतु रहे थे। यहां पर आकर आपको बहुत सारा नॉलेज मिलेगा।

 

गुरुद्वारा श्री टोका साहिब सिरमौर – Gurudwara Sri Toka Sahib Sirmaur

गुरुद्वारा श्री टोका साहिब सिरमौर के पास घूमने का एक मुख्य स्थान है। यह गुरुद्वारा हिमाचल और हरियाणा बॉर्डर पर बना हुआ है। यह गुरुद्वारा रून नदी के किनारे बना हुआ है। यहां पर एक बहुत बड़ा और बहुत सुंदर गुरुद्वारा बना है।

यह गुरुद्वारा बहुत बड़े एरिया में फैला है। यहां पर आपको पवित्र सरोवर देखने के लिए मिलता है और बहुत बड़ा आम का बगीचा देखने के लिए मिलता है। इस बगीचे के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने बगीचे में आम के पेड़ों को लगाया था। यहां पर आम का बगीचा देखने के लिए मिलता है और यहां पर गुरु गोविंद सिंह जी कुछ समय के लिए रुके भी थे। आप इस गुरुद्वारे में घूमने के लिए आ सकते हैं।

यह गुरुद्वारा हिमाचल और हरियाणा की बॉर्डर के पास टोक नाम के गांव में बना हुआ है। यहां पर आकर अच्छा लगता है और यहां का जो प्राकृतिक दृश्य है। वह भी देखने लायक है। यहां पर लंगर की सेवा उपलब्ध। यहां पर लंगर की सेवा की जाती है और यहां पर ठहरने के लिए कमरे मिल जाते हैं। यहां का दृश्य बहुत सुंदर रहता है।

 

प्राचीन शिव मंदिर पौड़ीवाला सिरमौर – Ancient Shiva Temple Pauriwala Sirmaur

प्राचीन शिव मंदिर पौड़ीवाला सिरमौर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। यह मंदिर सिरमौर के मुख्यालय नाहन से 10 किलोमीटर दूर खजुरना गांव में बना हुआ है। यह मंदिर प्राचीन है। इस मंदिर को लेकर दो कथाएं प्रसिद्ध है, जो आप यहां पर आ कर जान सकते हैं। यह मंदिर घने जंगल के अंदर बना हुआ है। यहां पर आकर प्राकृतिक सुंदरता देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर को स्वर्ग की दूसरी सीढ़ी के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर अगर बहुत अच्छा लगता है।

शिवरात्रि के समय यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ लगती है। बहुत सारे भक्त यहां पर घूमने के लिए आते हैं। यहां पर करीब डेढ़ किलोमीटर का रास्ता ट्रैकिंग वाला है। इस मंदिर में जाने का रास्ता बहुत सुन्दर है। इस रास्ते में जंगल का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलेगा। इस मंदिर को लेकर मान्यता है, कि यहां पर भगवान शिव स्वयं  विराजमान है। यहां पर आपको प्राचीन शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर परिसर में और भी बहुत सारे देवी देवताओं की मूर्तियां विराजमान है।

इस मंदिर में शिवरात्रि एवं सावन सोमवार में बहुत सारे भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर बरसात के समय बहुत अच्छा लगता है। बरसात के समय यहां झरना देखने के लिए मिलता है। यहां पर प्राचीन कुंड बना हुआ है।

 

कटासन देवी मंदिर – Katasan Devi Temple

कटासन देवी मंदिर सिरमौर का प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर पूरे जिले में प्रसिद्ध है। कटासन देवी मंदिर सिरमौर की राजधानी से करीब 11 मील दूर है। यह नाहन और पॉवटा साहिब मार्ग पर स्थित है। यहां पर ग्रामीण लोग द्वारा एक छोटा सा मंदिर बनाया गया था, जिसमें माता की पूजा पिंडी के रूप में की जाती थी।

इस मंदिर का चमत्कार तक देखने के लिए मिला। जब सिरमौर में रोहिला सरदार गुलाम कादिर ने हमला किया। तब सिरमौर के राजा जगत प्रकाश का शासन था। राजा ने माता से उनके विजय होने के लिए आशीर्वाद लिया और राजा जगत सिंह और उनके विश्वसनीय सैनिक नातराम नेगी और ग्राम वासियों ने रोहिल्ला सरदार गुलाम कादिर का डटकर सामना किया और इस युद्ध में राजा की विजय हुई।

राजा ने अपने विजय के उपलक्ष में माता कटासन देवी के मंदिर का निर्माण करवाया। कुछ समय बाद किन्हीं कारणों से यह मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया था। इस मंदिर का पुनर्निर्माण सिरमौर के अन्य राजाओं के द्वारा किया गया। इस घटना का जिक्र अंग्रेज इतिहासकार जॉर्ज फॉरेरस्ट ने एवं अन्य इतिहासकार ने किया है।इस मंदिर में आप घूमने के लिए आ सकते हैं। इसके पास में ही नदी बहती है, जो बहुत सुंदर लगती है। यहां पर चारों तरफ जंगल है।

 

माता बाला सुंदरी मंदिर सिरमोर – Mata Bala Sundari Temple Sirmaur

माता बाला सुंदरी मंदिर सिरमौर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह एक फेमस शक्तिपीठ है। यह मंदिर सिरमौर जिले में नाहन से करीब 24 किलोमीटर दूर, काला अम्ब के पास त्रिलोकपुर नाम के गांव पर बना हुआ है। यह मंदिर बहुत प्रसिद्ध है। इस मंदिर का निर्माण 1573 में राजा दीप प्रकाश द्वारा किया गया था। इस मंदिर में पहुंचने के लिए सड़क माध्यम उपलब्ध है।

यहां पर आप बस के द्वारा पहुंच सकते हैं। आप यहां पर अपने स्वयं के वाहन से भी आ सकते हैं। यह मंदिर बहुत सुंदर है। यहां पर चारों ओर पहाड़ी एरिया देखने के लिए मिलता है। नवरात्रि में यहां पर बहुत सारे लोग आकर माता के दर्शन करते हैं। यहां पर ठहरने की व्यवस्था भी है।

बाला सुंदरी मंदिर में साल में दो बार मेले का आयोजन भी होता है। यहां पर चैत्र और आश्विन महीने में मेले का आयोजन किया जाता है। यहां पर लाखों तीर्थयात्री आते हैं और मां के दर्शन करते हैं। त्रिलोकपुर का धार्मिक महत्व है। कहा जाता है, कि यहां मां वैष्णो देवी का बचपन का स्थान है।

 

सिरमौर संस्कृति संग्रहालय – Sirmaur Culture Museum

सिरमौर संस्कृति संग्रहालय त्रिलोकपुर में बना हुआ है। यहां पर सिरमौर जिले के बारे में और यहां की संस्कृति के बारे में बहुत सारी जानकारी और वस्तुएं देखने के लिए मिलेगी। यहां पर प्राचीन बर्तन, मिट्टी के बर्तन, गांव का दृश्य, गांव का पहनावा और भी बहुत सारी वस्तुएं देखने के लिए मिलेगी। यहां पर सुंदर-सुंदर कलाकृतियों को संजोकर रखा गया है। इस संग्रहालय में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। यह संग्रहालय बहुत अच्छी तरह से बनाया गया है। यहां पर प्राचीन मूर्तियां, आभूषण, वस्त्र, पालकी, लकड़ी के बर्तन, जानवरों के सिर, प्राचीन तस्वीरें देखने के लिए मिल जाए।

 

ध्यानू भक्त जी का मंदिर सिरमोर – Dhyanu Bhakta Ji Temple Sirmore

ध्यानू भक्त जी का मंदिर सिरमौर का एक फेमस मंदिर है। यह मंदिर सिरमौर जिले के काला अंब के पास त्रिलोकपुर में स्थित है। यह मंदिर बाला सुंदरी मंदिर के रास्ते में बना हुआ है और बहुत ही प्रसिद्ध है। यहां पर सभी भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती है। ध्यानू भक्त माता के भक्त थे, जिन्होंने माता के भक्ति में अपने सिर का बलिदान दिया था। यहां पर आकर आपको ध्यानू भक्त की मूर्ति के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर मुख्य रास्ते में ही बना हुआ है। आपको सबसे पहला मंदिर यही देखने के लिए मिलेगा।

 

 शिव मंदिर सिरमौर – Shiv Temple Sirmaur

शिव मंदिर सिरमौर में स्थित एक फेमस टूरिस्ट प्लेस है। यह एक धार्मिक स्थल है। यह मंदिर सिरमौर में त्रिलोकपुर गांव में बना हुआ है। यह मंदिर तालाब के बीच में बना हुआ है। इस मंदिर का आकार बहुत ही सुंदर है। इस मंदिर के गर्भ गृह में शिवलिंग के दर्शन किए जा सकते हैं। यह मंदिर बहुत ही सुंदर लगता है। तालाब के चारों तरफ सीढ़ियां बनी हुई है। यहां पर नवरात्रि में बहुत ज्यादा भीड़ रहती है और बहुत अधिक संख्या में लोग यहां पर घूमने के लिए आते हैं। मंदिर में जाने के लिए पुल बनाया गया है।

 

चूडधार पर्वत सिरमौर – Chudhar Mountain Sirmaur

चूड़धार पर्वतमाला सिरमौर में एक प्रमुख आकर्षण स्थल है। यह सिरमौर का सबसे ऊंचा पर्वतीय स्थल है। इसकी ऊंचाई समुद्र तल से 11965 फीट है। यहां पर आपको सबसे ऊंचाई पर भगवान शिव का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर भगवान शिव की नीले कलर की बहुत ही सुंदर और बड़ी प्रतिमा विराजमान है। यहां का दृश्य देखने लायक है।

यहां पर पर्वत की चोटी पर भगवान शिरगुल का मंदिर बना हुआ है।  यह मंदिर प्राचीन है। इस मंदिर में दर्शन करने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां पर साल में मेला भी लगता है, जिसमें बहुत सारे लोग ट्रैकिंग करते हैं। यहां पर ट्रैकिंग की कुल दूरी 18 किलोमीटर है। लोग यहां पर ट्रैकिंग करते हैं। यहां पर ठहरने और खाने पीने के लिए धर्मशालाएं भी बनी है, जहां पर ठहर कर आराम किया जा सकता है।

यहां पर बहुत ही सुंदर दृश्य देखा जा सकता है। यहां पर बर्फ के पहाड़, हरी-भरी घाटियां देखने के लिए मिलती है। यह जगह बहुत सुंदर है। यहां नोहराधार से ट्रैक शुरू किया जाता है। यहां से करीब 18 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है। इस रास्ते में बहुत ज्यादा आनंद आता है, जो ट्रैकिंग लवर रहेंगे। उनको यह जगह बहुत पसंद आएगी।

 

मां भंगायणी मंदिर सिरमौर – Maa Bhangayani Temple Sirmaur

मां भंगायणी मंदिर सिरमौर के हरिपुरधार में स्थित है। यह मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर समुद्र तल से करीब 8000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह मंदिर शिवालिक पर्वत मालाओं के बीच में बना हुआ है। यह मंदिर शिरगुल महादेव जी की बहन मां भंगायणी जी को समर्पित है। यहां पर आप आकर मां भंगायणी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर बहुत अच्छा लगता है। मंदिर बहुत ही अच्छी तरह से बना हुआ है। मंदिर से चारों तरफ का दृश्य देखा जा सकता है, जो बहुत ही सुंदर रहता है। यह मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है।

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सिरमौर जाने का सबसे अच्छा समय – Best Time To Visit in Sirmour

सिरमौर घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां ठंड के समय जा सकते हैं। सिरमौर में आप रेणुकाजी में मेला पड़ता है। तब घूमने के लिए जा सकते हैं। यह मेला बहुत ही भव्य रहता है। यह मेला अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कर चुका है। आप यहां मेले के समय आएंगे, तो यहां पर आपको आकर अच्छा लगेगा। यहां पर भीड़ भाड़ रहेगी। बहुत सारी दुकानें रहेगी, जिसमें आप एंजॉय कर सकते हैं। आप सिरमौर में चूरधार यात्रा के समय जा सकते है।

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सिरमौर कैसे जाएं – How to reach Sirmaur

सिरमौर जाने के लिए सड़क मार्ग, रेल मार्ग और वायु मार्ग तीनों ही मार्ग उपलब्ध है। सिरमौर जाने के लिए सबसे अच्छा रास्ता सड़क मार्ग है। सड़क मार्ग से आप डायरेक्ट सिरमौर पहुंच सकते हैं।

 

वायु मार्ग से सिरमौर कैसे जाएं – How to reach Sirmaur by air

वायु मार्ग से सिरमौर पहुंचा जा सकता है। सिरमौर में हवाई अड्डा मौजूद नहीं है। सिरमौर के पास चंडीगढ़ में हवाई अड्डा बना हुआ है। चंडीगढ़ हवाई अड्डा सिरमौर से 85 किलोमीटर दूर है। आप चंडीगढ़ में देश के हर राज्य से आ सकते है। आप चंडीगढ़ वायुमार्ग से आ सकते है और आप चंडीगढ़ आगे, उसके बाद रोड माध्यम के द्वारा सिरमौर आ सकते हैं।

 

सड़क मार्ग से सिरमौर कैसे जाएं – How to reach Sirmaur by road

सड़क मार्ग से सिरमौर पहुंचना बहुत आसान है। सिरमौर में अम्बाला हरिद्वार देहरादून हाइवे सड़क गुजरता है। यहां आने के लिए बस की सुविधा है। आप लोकल और सरकारी बस के द्वारा सिरमौर आ सकते है। यहां घूमने के लिए आप स्वयं के वाहन से आ सकते है।

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