सिंगौरगढ़ किला सिंग्रामपुर दमोह – Ancient Singorgarh Fort Singrampur Damoh

सिंगौरगढ़ का किला दमोह (Singorgarh Fort Damoh) जिले का एक प्रसिद्ध आकर्षक स्थल है। सिंघौरगढ़ का किला दमोह (Singorgarh Fort Damoh) जिले में रानी दुर्गावती अभ्यारण के अंदर बना हुआ है। यह किला गोंड शासक का है। इस किले में जाने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। आपके यहां पर आकर अच्छा लगेगा। अगर आप दमोह आते हैं, तो आपको इस जगह पर जरूर आना चाहिए।

सिंगौरगढ़ किला दमोह की जानकारी – Information about Singorgarh Fort Damoh

सिंघौरगढ़ या सिंगौरगढ़ का किला (Singhaurgarh or Singorgarh Fort) दमोह जिले का एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल है। यह प्रकृति के बीच में स्थित है और अगर आपको प्राकृतिक जगह पसंद है, तो आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। यह किला पहाड़ी में ऊंचाई पर बना हुआ है। इस किले में  पहुंचने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है।

सिंगौरगढ़ का किला दमोह जिले (Singorgarh Fort Damoh district) का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको एक प्राचीन किला देखने के लिए मिलता है। सिंगौरगढ़ के किले (Fort of Singaurgarh) को  सिंग्रामपुर का किला (singrampur ka kila),  सिंग्रामपुर किला (singrampur fort), गोंडवाना किला (Gondwana Fort), सिंगोरगढ़ फोर्ट (Singorgarh Fort) और रानी दुर्गावती के किले (Rani Durgavati Fort) के नाम से भी जाना जाता है। यह किला अब यहां पर खंडहर अवस्था में देखने के लिए मिलता है।

यह किला दमोह जिले के सिंग्रामपुर तहसील (Singrampur Tehsil) में स्थित है। सिंगौरगढ़ किला (singorgarh kila) जंगल के बीच में स्थित है। सिंगौरगढ़ किला (singorgarh kila) ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। इस किले में पहुंचने के लिए आपको पैदल चलना पड़ता है। सिंगौरगढ़ का किला (singorgarh ka kila) रानी दुर्गावती वन्य जीव अभ्यारण (Rani Durgavati Wildlife Sanctuary) के अंदर स्थित है।

आप इस किले में बरसात के समय घूमने आ सकते हैं। इस किले में आपको बहुत सारी प्राचीन वस्तुएं देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर आपको प्राचीन मूर्तियां देखने के लिए मिल जाएगी। सिंगौरगढ़ का किला (singorgarh ka kila) घूमने के लिए सबसे अच्छा समय बरसात का रहता है, क्योंकि इस समय यहां पर आपको हरियाली देखने के लिए मिलती है।

यह किला रानी दुर्गावती अभ्यारण के अंदर स्थित है। इसलिए आप बरसात के समय और ठंड के समय इस किले में घूमने के लिए जा सकते हैं। गर्मी में अगर आप इस किले में  घूमने के लिए जाते हैं, तो आपकी हालत खराब हो जाएगी। रानी दुर्गावती अभ्यारण में आपको जंगल देखने के लिए मिलता है।

इस जंगल में सिंगौरगढ़ किले (Singaurgarh Fort) में जाने के लिए आपको कच्चा रास्ता मिलता है। रानी दुर्गावती में अधिकतर जो रास्ता है। वह कच्चा है। आपको कुछ रास्ता पक्का भी देखने के लिए मिलेगा। सिंगौरगढ़ किले (Singaurgarh Fort) का कुछ रास्ता कच्चा है और कुछ रास्ता पक्का है। यह रास्ता सिंगौरगढ़ झील (Singaurgarh lake) तक जाता है।

आप लोगों को सिंगौरगढ़ झील (Singaurgarh lake) तक नहीं जाना है। सिंगौरगढ़ झील (Singaurgarh lake) के जाने वाले रास्ते के बीच में ही आपको हाथी दरवाजा देखने के लिए मिलता है। हाथी दरवाजा स्मारक बहुत सुंदर है और प्राचीन है। यहां पर आपको एक प्राचीन इमारत देखने के लिए मिलेगी। इस इमारत का अधिकतर भाग अब खंडहर में तब्दील हो चुका है।

इस इमारत के बाजू से ही सीढ़ियां जाते हैं। आप इन सीढ़ियों से सिंगौरगढ़ किले (Singaurgarh Fort) तक पहुंच सकते हैं। आपको पहाड़ियों से रास्ता देखने के लिए मिलता है। आपको इन्हीं रास्ते से चलते हुए सिंगौरगढ़ किले (Singaurgarh Fort) तक पहुंचते हैं।

वैसे इस रास्ते में चलने में डर भी लगता है। मगर आप आराम से इस रास्ते में पैदल चल सकते हैं। सिंगौरगढ़ का किला हाथी दरवाजा से करीब 2 किलोमीटर दूर है। इसलिए अगर आप यहां पर जा रहे हैं, तो अपने साथ पानी जरूर रखें। क्योंकि यहां पर पानी की व्यवस्था नहीं है। आपके यहां पर सीढ़ियां मिलती है। आपके यहां पर सीढ़ियां चढ़ कर ऊपर जाना पड़ता है। यहां पर सीढ़ियां भी अच्छे से बनी नहीं है। कहीं-कहीं पर सीढ़ियां बनी है और कहीं-कहीं पर बड़ी-बड़ी चट्टान है।

ऊपर पहुंचने के बाद आपको अच्छा रास्ता मिलता है, जहां पर आप आराम से चल सकते हैं। यहां पर आपको समतल रास्ता देखने के लिए मिलता है। जंगल के बीच से समतल रास्ता बना हुआ है, जहां पर आप आराम से पैदल जा सकते हैं। यहां पर चारों तरफ आपको जंगल का दृश्य देखने के लिए मिलता है। जंगल के बीच-बीच में प्राचीन स्मारक भी देखने के लिए मिलते हैं।

यहां पर आपको एक छोटा सा जलाशय देखने के लिए मिलता है, जो गोंड शासको के द्वारा बनाया गया है। रास्ते में आपको प्राचीन मूर्तियां भी देखने के लिए मिलती है। इस रास्ते में 500 मीटर चलने के बाद आप किले में पहुंच जाते हैं। यह किला अब खंडहर में तब्दील हो चुका है और इस किले में  आपको बहुत सारे मंदिर और प्राचीन मूर्तियां देखने के लिए मिल जाती है। यह किला दो मंजिला है।

सिंगौरगढ़ किले (Singorgarh Fort) का बहुत सारा भाग खंडहर में बदल गया है। यहां पर आपको ज्यादातर खंडहर ही देखने के लिए मिलता है। मगर यहां पर आप प्राचीन मूर्तियां देख सकते हैं। सिंगौरगढ़ किले का, जो प्रवेश द्वार है। वह भी अच्छी अवस्था में है। उसे भी आप देख सकते हैं।

सिंगौरगढ़ किले (Singaurgarh Fort) में आपको मूर्तियां भी देखने के लिए मिलती है। यह मूर्तियां पत्थरों पर नक्काशी करके बनाई गई हैं। प्राचीन समय में इस किले में रानी दुर्गावती निवास करते थी। यहां पर रानी दुर्गावती विवाह के पश्चात आई थी। यह किला गोंडवाना किला के नाम से भी जाना जाता है।

सिंगौरगढ़ किले का निर्माण राजा दलपति शाह ने करवाया था। इस किले के पास में पहाड़ी के नीचे एक झील बनी हुई है। यह झील प्राचीन है। इस झील को  सिंगौरगढ़ झील कहते हैं। इस झील में रानी दुर्गावती जी स्नान करने के लिए आया करती थी। यहां पर एक छिपा हुआ रास्ता है, जिससे रानी झील में स्नान करने के लिए आती थी।

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इस झील  में अब मगरमच्छ रहते हैं। इस झील का नजारा बहुत सुंदर रहता है। यह झील गहरी है और यहां पर आपको एक हनुमान मंदिर भी देखने के लिए मिल जाता है। झील के पास बहुत सारे बेल के पेड़ लगे हुए हैं।

सिंगौरगढ़ का किला पहाड़ी के ऊपर स्थित है और पहाड़ी के ऊपर सुनसान रहता है। अगर आप यहां पर जाते हैं, तो छोटे ग्रुप के साथ जाएं या दोस्त और फैमिली वालों के साथ जाये। अकेले यहां पर घूमने के लिए नहीं जाए। बरसात के समय यहां का दृश्य बहुत अच्छा रहता है। आप यहां की सभी जगह घूम सकते हैं।

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सिंगौरगढ़ के किले में बरसात के समय बहुत सारे लोग घूमने के लिए आते हैं। यहां पर घूमने में बहुत मजा आता है। अगर आप यहां पर बरसात के समय जाएंगे, तो यहां का नजारा बहुत ही बढ़िया रहता है। यह जगह फोटोग्राफी के लिए बहुत ही बढ़िया है। यहां अलग-अलग स्पॉट है, जहां पर जाकर आप मस्त फोटोग्राफी कर सकते हैं।

यहां पर आप अपने दोस्तों और फैमिली वालों के साथ जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं। इस किले में बहुत ट्रैकिंग करनी पड़ती है, इसलिए बच्चों और बूढ़ों को यहां पर सोच समझ कर जाना चाहिए।

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सिंघौरगढ़ किले में घूमने का सबसे अच्छा समय – Best time to visit in Singorgarh Fort

सिंघौरगढ़ किले (Singorgarh Fort) में घूमने का सबसे अच्छा समय बरसात का रहता है। आप यहां पर बरसात में जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं। बरसात के समय यहां पर हरियाली रहती है और यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर मस्त हवाएं चलती हैं, जिसके कारण यह जगह और भी ज्यादा खूबसूरत लगती है। आप यहां पर ठंड के समय भी जा सकते हैं। मगर यहां पर बरसात में ज्यादा अच्छा लगता है।

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सिंगौरगढ़ का किला कहा है – Where is the fort of Singorgarh Fort

सिंगौरगढ़ का किला दमोह जिले (Fort of Singorgarh Damoh district) में स्थित एक ऐतिहासिक किला है। यह किला दमोह जिले के सिंग्रामपुर तहसील में स्थित है। यह किला बहुत सुंदर है। यह किला सिंग्रामपुर से करीब 7 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस किले में आने के लिए आपको कच्ची सड़क मिल जाती है। आप इस किले में आते हैं, तो आपको पैदल भी चलना पड़ता है।

 

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