श्री ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, ओंकारेश्वर – Holy Mamleshwar Jyotirling Mandir

Shri Mamleshwar Jyotirling Mandir मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग है। ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग (Mamleshwar Jyotirling) मध्य प्रदेश में ओंकारेश्वर में विराजमान है। ओंकारेश्वर खंडवा जिले का एक छोटा सा शहर है। ओंकारेश्वर में दो ज्योतिर्लिंग विराजमान है – एक ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग और दूसरा ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग

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श्री ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की जानकारी – Information about Shri Mamleshwar Jyotirlinga Temple

श्री ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग (Shri Mamleshwar Jyotirlinga) खंडवा शहर का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यहां पर एक प्राचीन मंदिर देखने के लिए मिलता है और मंदिर के गर्भगृह में एक शिवलिंग के दर्शन करने मिलता है। ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग नर्मदा नदी के दक्षिणी तट पर स्थित है।

श्री ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, ओंकारेश्वर
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श्री ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर (Shri Mamleshwar Jyotirlinga Mandir) बहुत अच्छी तरह से बना हुआ है। यह मंदिर पूरा पत्थर से बनाया गया है। यह मंदिर बहुत सुंदर लगता है। मंदिर के वास्तुकला बहुत ही आकर्षक है। मंदिर के चारों तरफ का वातावरण शांतिपूर्ण है।

अगर आपको ओंकारेश्वर घूमने का मौका मिले, तो आप ममलेश्वर मंदिर भी अवश्य आये। ममलेश्वर मंदिर ओंकारेश्वर मंदिर से करीब 1 किलोमीटर दूरी से भी कम है। आप ओंकारेश्वर मंदिर से पैदल इस मंदिर तक आ सकते हैं और इस मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। इस मंदिर में ज्यादा भीड़ नहीं होती है, इसलिए आपको यहां पर ज्यादा समय नहीं लगेगा। आप यहां पर आराम से दर्शन कर सकते हैं।

ममलेश्वर मंदिर आने के लिए, आप पहले ओंकारेश्वर मंदिर में जाकर दर्शन कर सकते हैं। उसके बाद पुल मार्ग के द्वारा या नाव के द्वारा आप ममलेश्वर मंदिर की तरफ यात्रा कर सकते हैं। अगर आप नाव से आते हैं, तो आप गौ घाट में उतार सकते हैं और उसके बाद आप ममलेश्वर मंदिर की ओर जा सकते हैं।

ममलेश्वर मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग में आपको सीढ़ियां मिलती है। यहां पर सीढ़ियां में बहुत सारी दुकाने हैं, जहां से आप शॉपिंग कर सकते हैं। यहां पर आपको ढेर सारी प्रसाद की दुकान, श्रृंगार के सामान की दुकान और भी बहुत सारी दुकान देखने के लिए मिलती हैं।

ममलेश्वर मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते में ढेर सारे खाने-पीने के ऑप्शन भी मिलते हैं। यहां पर ढेर सारे ठेले लगे रहते हैं, जहां पर आपको चाट और फुलकी जैसे ऑप्शन मिल जाते हैं। ओंकारेश्वर में आपको हर जगह पर, ऐसे लोग देखने के लिए मिलते हैं, जो टोकरी लिए रहते हैं और ताजे फल बेचते हैं। वह यह फल काट कर बेचते है। आप चाहे तो इन ताजे फलों का आनंद ले सकते हैं।

आप मार्केट एरिया देखते हुए, ममलेश्वर मंदिर पहुंच जाते हैं। ममलेश्वर मंदिर का परिसर बहुत सुंदर है। ममलेश्वर मंदिर के परिसर में ढेर सारे मंदिर बने हैं। यह सभी मंदिर प्राचीन है और यह सभी मंदिर पत्थरों से बनाए गए हैं। ममलेश्वर मंदिर बहुत सुंदर है।

ममलेश्वर मंदिर में अलग-अलग स्थान है। ममलेश्वर मंदिर में गर्भगृह, मंडप और अंतराल देखने के लिए मिलती है। ममलेश्वर मंदिर के परिसर में भगवान शिव के अलग-अलग मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। ममलेश्वर मंदिर परिसर वृद्धकालेश्वर, बाणेश्वर, मुक्तेश्वर, और तिलभांडेश्वर मंदिर बने है। आप इन सभी मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। इनमें से कुछ मंदिर खुले हुए हैं और मंदिर बंद है।

ममलेश्वर महादेव मंदिर (Mamleshwar Mahadev Mandir) बहुत भव्य है। मंदिर के गर्भगृह का प्रवेश द्वार बहुत ही आकर्षक बनाया गया है। मंदिर के गर्भगृह के प्रवेश द्वार पर बहुत सुंदर नक्काशी की गई है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है। मंदिर के मंडप में नंदी भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर की बहरी दीवारों में छोटे-छोटे आले बनाए गए हैं, जहां पर देवी देवताओं की प्रतिमाएं पत्थर पर उकेरी गई है।

आप ममलेश्वर मंदिर में आकर ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर सकते हैं। ज्योतिर्लिंग के दर्शन करके बहुत अच्छा लगता है। मंदिर में शाम के समय रंग-बिरंगे लाइट जलाई जाती है, जिससे मंदिर बहुत ही आकर्षक लगता है। मंदिर में सुबह-शाम आरती की जाती है। आप यहां पर आरती में शामिल हो सकते हैं। यहां पर ज्यादा भीड़भाड़ नहीं रहती है।

 

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ममलेश्वर मंदिर को किसने बनाया था – Who built Mamleshwar Temple?

वर्तमान ममलेश्वर मंदिर को अहिल्याबाई होलकर के द्वारा बनाया गया। अहिल्याबाई होल्कर ने बहुत सारे मंदिरों का निर्माण किया था, जिसमें से ममलेश्वर मंदिर भी एक है।

ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग का इतिहास – History of Mamleshwar Jyotirlinga

ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग (Mamleshwar Jyotirlinga) को पुराणों में अमलेश्वर ज्योतिर्लिंग या अमरेश्वर ज्योतिर्लिंग के नाम से भी जाना जाता है। ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग (Mamleshwar Jyotirlinga) और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग को एक ही माना जाता है।
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दो स्वरूप है – एक ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग। इन दोनों ज्योतिर्लिंग के संयोजन को पूर्ण ज्योतिर्लिंग माना गया है। इसलिए ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने के बाद, ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करना आवश्यक रहता है। तभी दर्शन पूर्ण माने जाते हैं।

ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा या कहानी – Legend or story of Mamleshwar Jyotirlinga

ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग (Mamleshwar Jyotirlinga) के पौराणिक कथा के अनुसार, राजा मांधाता ने घोर तपस्या की, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव प्रकट हुए और राजा मांधाता को वरदान मांगने के लिए कहा – तब राजा मांधाता ने भगवान शिव से कहा – कि आप ओंकारेश्वर क्षेत्र में विराजमान हो जाइए। तब भगवान शिव ओंकारेश्वर में दो स्वरूपों में विराजमान हुए एक ओंकारेश्वर है और दूसरा ममलेश्वर है। दोनों ही शिवलिंग स्वयंभू है।

ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर कहा स्थित है – Where is Mamleshwar Jyotirlinga temple located?

श्री ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग (Mamleshwar Jyotirlinga) खंडवा जिले में स्थित है। श्री ममलेश्वर मंदिर खंडवा जिले की ओमकारेश्वर में स्थित है। श्री ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग नर्मदा नदी के किनारे स्थित है। आप इस ज्योतिर्लिंग में अपने वाहन से या किराए की टैक्सी करके आ सकते हैं।

 

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FAQ

क्या ओंकारेश्वर और ममलेश्वर एक ही है?

ओमकारेश्वर और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग अलग-अलग है। मगर इन दोनों ज्योतिर्लिंग को एक ही माना जाता है। इन दोनों ज्योतिर्लिंग के स्वरूप अलग है।

उज्जैन से ओंकारेश्वर की दूरी कितनी है?

उज्जैन से ओंकारेश्वर की दूरी 150 किलोमीटर है।

क्या मामलाेश्वर ज्योतिर्लिंग 12 में से एक है?

ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक नहीं है। ममलेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग को संपूर्ण ज्योतिर्लिंग माना गया है। ममलेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग अलग-अलग रूप में विराजमान है।

इंदौर से ओंकारेश्वर कितने घंटे का रास्ता है?

इंदौर से ओंकारेश्वर का रास्ता करीब 3 से 4 घंटे का है। जब हम इंदौर से ओम्कारेश्वर अपनी स्कूटी से गए थे। तब हमें 3 या 4 घंटे लगे थे और यहां पर सड़क भी थोड़ी खराब थी। आप 3 से 4 घंटे में आराम से इंदौर से ओंकारेश्वर जा सकते हैं और यह आपकी गाड़ी चलने की स्पीड पर भी निर्भर करता है।

ओंकारेश्वर में कितने ज्योतिर्लिंग हैं?

ओंकारेश्वर में एक ज्योतिर्लिंग विराजमान है। ओंकारेश्वर में ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग और ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान है। इन दोनों ज्योतिर्लिंगों को एक ही माना जाता है।

ओंकारेश्वर में सबसे पहले किस ज्योतिर्लिंग के दर्शन करें?

ओंकारेश्वर में सबसे पहले ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करना चाहिए। उसके बाद ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करना चाहिए। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के ठीक सामने पहाड़ी पर ममलेश्वर मंदिर बना हुआ है। इस मंदिर में आप आसानी से आ सकते हैं।

ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग किस जिले में है

ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग खंडवा जिले में है।

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