रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य इंदौर मध्य प्रदेश – Beautiful Ralamandal Wildlife Sanctuary Indore

Ralamandal Wildlife Sanctuary Indore :- रालामंडल अभयारण्य (Ralamandal Wildlife Sanctuary) मध्य प्रदेश के सबसे सुंदर अभ्यारण में से एक है। यह अभयारण्य मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में स्थित है। यहां पर आप आ सकते हैं और इस अभ्यारण की सैर कर सकते हैं। इस अभयारण्य में आपको घना जंगल और ढेर सारे जंगली जानवर देखने के लिए मिलते हैं। इस अभयारण्य में आपको एक प्राचीन भवन देखने के लिए मिलता है, जो अभयारण्य की सबसे ऊंचाई पर स्थित है। इस अभयारण्य में आकर आप ट्रैकिंग का आनंद उठा सकते हैं।

रालामंडल वन्यजीव अभयारण्य इंदौर की जानकारी – Information about Ralamandal Wildlife Sanctuary Indore

रालामंडल वन्यजीव अभ्यारण्य (Ralamandal wildlife sanctuary) इंदौर शहर की एक शानदार जगह है, जो चारों तरफ से जगलों से घिरी हुई है। आप अगर इंदौर शहर में जंगल जैसा परिदृश्य देखना चाहते है, तो यहां पर आकर आप जंगल का वातावरण महसूस कर सकते है और यह की खूबसूरत वदियों का लुप्त उठाते है।

रालामंडल  अभ्यारण्य (Ralamandal Sanctuary) इंदौर शहर से 12 किलोमीटर की दूरी पर  स्थित है। इस अभ्यारण्य का क्षेत्रफल 262 वर्ग फीट है। इस अभ्यारण्य की स्थापना होलकर महाराज के समय की गई थी। यह उनके मनोरंन की एक प्रमुख जगह थी। अभ्यारण्य  में पहाडी पर एक इमारत का निर्माण 1905 में कराया गया था। यह इमारत बहुत खूबसूरत है। इस इमारत का उपयोग शिकार कैंप के रूप में किया जाता था।

इस पहाडी की उचाई समुद्र तल से 782 मीटर है। रालामंडल पहाड़ी वर्ष 1954 में आरक्षित घोषित किया गया तथा वर्ष 1979 में इस अभ्यारण्य को वन्य प्राणी अभ्यारण्य (Wildlife Sanctuary) घोषित किया गया। अक्टूबर 1998 अभ्यारण्य में शाकाहारी वन्य प्राणियों को भोपाल के चिडियाघर से लाकर इस अभ्यारण्य में छोड़ा गया। अभ्यारण्य में करीब 62 प्रकार के पक्षी भी वर्ष भर आते रहते है। यह जानकारी यह पर लिखित है। जिससे आपको इस अभ्यारण्य के बारे में जानकारी मिल जाती है।

आप रालामंडल अभ्यारण्य (Ralamandal wildlife sanctuary) साल में कभी भी आ सकते हैं। मगर रालामंडल अभ्यारण्य (Ralamandal Sanctuary) में आने का सबसे अच्छा समय मानसून का माना जाता है। मानसून के सीजन में यहां पर चारों तरफ हरियाली होती है। यादि आप ट्रैकिंग करना चाहते है, तो यह आपके लिए एक बेस्ट जगह है।

रालामंडल अभ्यारण्य (Ralamandal Sanctuary) आकर आप यहां पर ट्रैकिंग का मजा ले सकते हैं। यहां ट्रेकिंग के लिए दो रास्ते हैं। एक रास्ता पक्का है और एक रास्ता कच्चा है, जो जंगल से होता हुआ जाता है और पक्का रास्ता 5 किलोमीटर का है और एक रास्ता ढाई किलोमीटर का है। आप यहां पर कच्चे रास्ते से ट्रैकिंग कर सकते हैं और ट्रैकिंग में आपको बहुत मजा आएगा। आप ट्रैकिंग में यहां पर आते हैं, तो आपको शूज पहनकर आने चाहिए, ताकि आपको चलने में आसानी हो। यदि आप यहां पर जंगली जानवरों की प्रजातियों को देखना चाहते हैं तो यहां न आए, क्योंकि देखने के लिए ज्यादा जीव यहां पर नहीं हैं।

रालामंडल अभ्यारण्य (Ralamandal Sanctuary) में डियर पार्क बनाया गया है। यहां पर पर्यटक को लुभाने के लिए डियर पार्क बनाया गया है। डियर पार्क में आप सफारी का मजा ले सकते है। सफारी के लिए बैटरी से चलने वाली आटो का उपयोग किया जाता है, जिससे यहां पर शोर नहीं होता है, जिससे जंगली जानवर अपनी जिंदगी सुकून से जी सकते है।

बैटरी आटो के उपयोग से किसी भी प्रकार का प्रदूषण नहीं फैलाता है।  बैटरी आटो में चार से पांच लोग बैठा सकते है। लोगों को इस पूरी सफारी में घुमाया जाता है। अभ्यारण्य में आपको बहुत सारे जंगली जानवर जैसे हिरन, नीलगाय, खरगोश आदि  देखने मिलते है। यहां पर जाने का चार्ज आतिरिक्त होता है।

अगर आपको ट्रैकिंग पंसद हैं, तो आपको यहाँ अवश्य आना चाहिए। यहां पर ट्रैकिंग करके पहाडी के उपर पहुॅचाते है तो आपको यहां पर प्राचीन इमारत शिकारगाह देखने मिलती है जो होलकर राजाओं द्वारा बनवाई गई थी। पहाड़ी की चोटी से आपको इंदौर शहर का बहुत ही खूबसूरत व्यू देखने मिलता है। आपको  ट्रैकिंग करके आने के फलस्वरूप यहां खूबसूरत नजारा देखकर आपकी थकान गुम हो जाती है।

रालामंडल अभ्यारण्य (Ralamandal Sanctuary) पर आप की एंट्री का भी चार्ज लिया जाता है, जो बहुत कम रहता है। आप यहां पर जाते है तो अपने साथ आईडी कार्ड जरूर लेकर जाए। बिना आईडी कार्ड के प्रवेश वर्जित है। यहां पर आपकी गाड़ी पार्किंग चार्ज भी लिया जाता है। उसके बाद आप यहां पर ट्रैकिंग के लिए जा सकते हैं।

यहां पर किसी भी तरह की दुकान नहीं मिलेगी। केवल पहाडी के शीर्ष पर एक दुकान लगती है, इसलिए आप यह पर जाए तो अपने साथ कुछ खाने का और पानी भी जरूर लेकर जाए।  अभ्यारण्य में विशेषकर मानसून के दौरान के दौरान बहुत भीड होती है। अगर आप गर्मी के मौसम मे यहां पर आते है, तो यह पर ट्रैकिंग के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा होगा। यह फोटोग्राफी लिए सबसे अच्छी जगह एक बहुत ही बढिया जगह है। परिवार और दोस्तों के समूहों के साथ यहां पर घूमने आना बहुत ही मजेदार होगा। यहां पर प्लास्टिक वर्जित है। अभ्यारण्य सुबह 7ः00 बजे से शाम 5ः00 बजे तक खुला रहता है।

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रालामंडल अभयारण्य में प्रवेश के लिए शुल्क (रालामंडल एंट्री फीस) – Ralamandal Wildlife Sanctuary Fees

रालामंडल अभ्यारण में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। यहां पर भारतीय व्यक्ति का 20 रूपए लगता है। डियर सफारी क्षेत्र में घूमने का 50 रूपए लगता है। शिकारगाह घूमने का 500 रूपए लगता है। शिकारगाह म्यूजियम में प्रवेश का 10 रूपए लगता है। जीवाश्म संग्रहालय में प्रवेश का 5 रूपए लगता है। दो पहिया वाहन की पार्किंग का 5 रूपए लगता है और चार पहिया वाहन पार्किंग का 10 रुपए लगता है।

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रालामंडल अभ्यारण की टाइमिंग – Ralamandal Sanctuary Indore opening timing

रालामंडल अभयारण्य में आप सुबह के समय 7:00 आ सकते हैं।  रालामंडल अभयारण्य सुबह 7:00 खुल जाता है। यह अभयारण्य सुबह 7 बजे से शाम के 5:00 तक खुला रहता है। आप सुबह 7 बजे से यहां पर आ सकते हैं और ट्रैकिंग के लिए जा सकते हैं। सुबह के टाइम ट्रैकिंग करने में मजा आता है और थकान भी ज्यादा नहीं लगती है।

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रालामंडल वन्यजीव अभ्यारण का इतिहास और महत्वपूर्ण जानकारी –  History of Ralamandal Wildlife Sanctuary

रालामंडल अभयारण्य (Ralamandal wildlife sanctuary) वनकक्ष 260 में स्थित है, जिसका क्षेत्रफल 262 है। यह अभयारण्य होलकर महाराज के समय प्रसिद्ध आखेट स्थल था तथा पहाड़ी पर वर्ष 1905 में निर्मित इमारत का उपयोग शिकार कैंप के रूप में किया जाता था। रालामंडल इंदौर शहर से 12 किलोमीटर की दूरी पर इंदौर तिल्लौर मार्ग पर स्थित है।

इस अभयारण्य की पहाड़ी की ऊंचाई समुद्र तल से 782 मीटर है। रालामंडल पहाड़ी वर्ष 1954 में आरक्षित वन घोषित की गई तथा वर्ष 1989 में पहाड़ी अभ्यारण घोषित किया गया।  अक्टूबर 1998 में इस अभ्यारण में शाकाहारी वन्य प्राणियों को बाहर से लाकर छोड़ा गया। इस अभ्यारण में 191 विभिन्न वनस्पतिक प्रजातियां यहां की जैव विविधता को रेखांकित करती हैं।

लगभग 62 विभिन्न प्रकार के पक्षी भी वर्ष के विभिन्न अवधि में आवागमन करते हैं। अभयारण्य में प्रवेश करते ही 300 मीटर की दूरी पर विश्राम हेतु पगोड़ा का निर्माण किया गया है। पहाड़ी के चढ़ाव के प्रथम पठार पर विश्राम हेतु दो पगोड़ा बनाए गए हैं। पूरे अभ्यारण क्षेत्र को वन्य प्राणी एवं पर्यटक जोन में फेंसिंग से विभाजित किया गया है। अभ्यारण में प्रतिवर्ष लगभग 90000 पर्यटक घूमने के लिए आते हैं।

रालामंडल अभ्यारण में शिकारगाह तक पैदल चढ़ाई, शिकारगाह से इंदौर शहर का विहंगम दृश्य, जीवाश्म प्रदर्शनी केंद्र एवं प्राकृतिक वातावरण में चीतल, नीलगाय, आदि वन्य प्राणियों का विचरण करते देखना अभ्यारण के प्रमुख आकर्षण के केंद्र हैं

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रालामंडल वन्य जीव अभ्यारण में घूमने का सबसे अच्छा समय – Best time to visit Ralamandal Wildlife Sanctuary

रालामंडल वन्यजीव अभ्यारण (Ralamandal wildlife sanctuary) में घूमने का सबसे अच्छा समय बरसात और ठंड का रहता है। आप यहां पर बरसात और ठंड के समय आकर घूम सकते हैं। बरसात और ठंड के समय यहां पर आपको चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। ठंड का समय यहां पर ट्रैकिंग करने के लिए बहुत ही बढ़िया है।

आप यहां पर आकर ट्रैकिंग कर सकते हैं। आप यहां पर सुबह के समय आ सकते हैं और ट्रैकिंग का आनंद ले सकते हैं, क्योंकि सुबह के समय ज्यादा धूप नहीं रहती है और आप आराम से ऊपर चढ़ सकते हैं। दोपहर के समय धूप बढ़ जाती है, इसलिए चढ़ने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है। बाकी आप रालामंडल अभ्यारण में दिन में कभी भी आ सकते हैं।

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रालामंडल अभयारण्य कहां पर स्थित है – Where is Ralamandal Sanctuary

रालामंडल अभयारण्य (Ralamandal wildlife sanctuary) इंदौर शहर का प्रमुख पर्यटन स्थल है। रालामंडल अभयारण्य इंदौर (Ralamandal sanctuary Indore) बाईपास के पास में स्थित है। यह अभयारण्य हाईवे सड़क से करीब 1 या 2 किलोमीटर अंदर स्थित है। इस अभ्यारण तक पहुंचने के लिए अच्छी सड़क बनी हुई है। यहां पर बाइक और कार से पहुंचा जा सकता है। यहां पर पार्किंग का शुल्क लिया जाता है। यहां पर कार और बाइक का अलग-अलग शुल्क लिया जाता है।

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रालामंडल अभ्यारण्य कैसे पहुंचे – How to reach Ralamandal Sanctuary

रालामंडल अभ्यारण्य (Ralamandal wildlife sanctuary) पहुंचना बहुत ही आसान है। यहां पर आप बाइक और कार से आ सकते हैं। रालामंडल अभ्यारण्य (Ralamandal wildlife sanctuary) पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले महाराणा प्रताप फ्लाईओवर पास आना होगा। उसके बाद आपको देवास जाने वाले रास्ते की ओर मुड़ना होगा और आप आगे जाएंगे, तो आपको मुख्य राजमार्ग में करीब दो किलोमीटर के बाद तिल्लोर की तरफ मुड़ना रहेगा। आप इस मार्ग में आगे बढ़ेंगे, तो आगे करीब 2 से 3 किलोमीटर दूर आपको रामामंडल अभ्यारण्य का गेट देखने के लिए मिल जाएगा।

 

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