पानीपत में घूमने की जगह – Top 14 Panipat me Ghumne ki Jagah

Panipat me Ghumne ki Jagah :- पानीपत भारत देश के हरियाणा राज्य का एक प्रमुख जिला है। इस लेख में हम आपको पानीपत में घूमने की जगह (Panipat me Ghumne ki Jagah), पानीपत कैसे पहुंचे, पानीपत के प्रमुख धार्मिक स्थान और पानीपत के प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में जानकारी देंगे।

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पानीपत जिले की जानकारी – Information of Panipat district

पानीपत हरियाणा का एक प्रमुख जिला है। यह जिला इतिहास के पन्नों में प्रसिद्ध है। यहां पर पानीपत का ऐतिहासिक युद्ध लड़ा गया था। यह जिला हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित है। इन की सीमाओं के बीच से यमुना नदी बहती है। पानीपत जिले का इतिहास बहुत ही रोचक है। पानीपत युद्ध के बारे में सभी को पता है।

पानीपत में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है, जहां पर जाकर आप अच्छा समय बिता सकते हैं। पानीपत में घूमने के लिए ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक जगह हैं, जो बहुत सुंदर है। पानीपत के इन जगहों में आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ जा सकते हैं और एंजॉय कर सकते हैं।

इस ब्लॉग में हमने पानीपत में घूमने की जगह, पानीपत में कहां रुके, पानीपत में कहां-कहां घूमने जाया जा सकता है, पानीपत में कैसे पहुंचे, पानीपत में घूमने का सबसे अच्छा समय, इन सभी की जानकारी दी है।

 

पानीपत में घूमने की जगह – Panipat me Ghumne ki Jagah

पानीपत जिले के प्रमुख दर्शनीय और पर्यटन स्थल की सूची – Panipat Tourist Places list in Hindi

  1. पानीपत संग्रहालय
  2. ताऊ देवी लाल पार्क पानीपत
  3. इब्राहिम लोदी का मकबरा पानीपत
  4. प्राचीन सिद्ध श्री देवी मंदिर पानीपत
  5. काला आम पानीपत
  6. दरगाह शमशुद्दीन तुर्क पानीपत
  7. पानीपत का किला पानीपत
  8. हेमचंद्र समाधि स्थल पानीपत
  9. काबुली बाग मस्जिद पानीपत
  10. बू अली शाह कलंदर की दरगाह पानीपत
  11. प्राचीन श्री श्याम मंदिर पानीपत
  12. श्री सिद्ध शिव शनि धाम पानीपत
  13. जामा मस्जिद पानीपत
  14. प्रगटेश्वर महादेव मंदिर पानीपत

 

पानीपत जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल – Panipat me Ghumne ki Jagah

 

पानीपत संग्रहालय – Panipat Museum

पानीपत संग्रहालय पानीपत जिले में बिंझौल सिंचाई परिसर में स्थित है। यह संग्रहालय बहुत अच्छी तरह से बनाया गया है और यहां पर बहुत सारी वस्तुओं का संग्रह देखा जा सकता है। इस संग्रहालय के खुलने का समय 10 बजे से शाम के 5 बजे तक है। यह संग्रहालय सोमवार को बंद रहता है। इस संग्रहालय के बाहर और भीतर बहुत सारी वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है। इस संग्रहालय में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है, जो बहुत ही कम है।

इस संग्रहालय पर पानीपत की तीनों लड़ाइयां के बारे में जानकारी मिलती है। पानीपत जिले में 3 लड़ाई हुई थी। इन सभी के बारे में आपको यहां पर विस्तार पूर्वक जानकारी मिलेगी। यहां पर मूर्तियां, सिक्कों की हिस्ट्री, मिट्टी के बर्तन, गहने, हस्तशिल्प, नक्शे, फोटो, पांडुलिपि, हथियार, एंटीक वस्तुएं देखने के लिए मिल जाएंगे। आपको इस संग्रहालय में जरूर घूमने के लिए आना चाहिए। यहां पर इतिहास प्रेमी के लिए अच्छी जानकारी है।

 

ताऊ देवी लाल पार्क पानीपत – Tau Devi Lal Park Panipat

ताऊ देवी लाल पार्क पानीपत में सेक्टर 6 में मुख्य सड़क पर स्थित है। यह पार्क बहुत बड़ा और बहुत सुंदर है। यह पार्क जननायक ताऊ देवी लाल जी को समर्पित है। यहां पर उनकी प्रतिमा भी देखने के लिए मिलती है। यह पार्क बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। पार्क में चारों तरफ पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा समय आप बिता सकते हैं। यहां पर सुबह और शाम के समय घूमने वाले लोग आते हैं। यह पानीपत का एक बेस्ट पार्क है। यहां पर फाउंटेन लगा हुआ है, जो शाम के समय चालू होता है।

 

इब्राहिम लोदी का मकबरा पानीपत – Tomb of Ibrahim Lodi Panipat

इब्राहिम लोधी का मकबरा पानीपत में घूमने का एक मुख्य स्थान है। यह एक मकबरा है। यह मकबरा खुले आसमान के नीचे बना हुआ है। यहां पर इब्राहिम लोधी की कब्र देखने के लिए मिलती है। यह कब्र बहुत सिंपल तरीके से बनी हुई है। इब्राहिम लोदी 1526 में बाबर से लड़ाई करते समय, उनकी हार हुई थी और वह मारे गए थे। लड़ाई स्थल पर ही इब्राहिम लोदी को दफनाया गया था। बाद में अंग्रेजों ने इस जगह पर चबूतरा बनाया और यहां पर जानकारी लिखी।

आप इस जगह पर आसानी से पहुंच सकते हैं। यह मुख्य शहर में स्थित है। यहां पर एक छोटा सा पार्क बना हुआ है, जहां पर मूर्तियां देखने मिलेंगे। इब्राहिम लोधी का मकबरा पानीपत के तहसील ऑफिस के पास में बू अली दरगाह के पास में बना हुआ है।

 

प्राचीन सिद्ध श्री देवी मंदिर पानीपत – Ancient Siddha Shri Devi Temple Panipat

प्राचीन श्री सिद्ध देवी मंदिर पानीपत में मुख्य शहर में बना हुआ है। यह मंदिर इब्राहिम लोदी मकबरे से थोड़ा दूरी पर स्थित है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। इस मंदिर की स्थापना पानीपत के तीसरे युद्ध के समय की गई थी। यह मंदिर पानीपत बस स्टैंड से 1 किलोमीटर दूर है।

यह मंदिर दुर्गा माता को समर्पित है। इस मंदिर में मां दुर्गा और मां काली के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर की स्थापना मराठों के द्वारा की गई थी। मंदिर में एक प्राचीन तालाब भी देखा जा सकता है। मंदिर के पास पर्यटकों के ठहरने के लिए एक गेस्ट हाउस भी बना हुआ है, जहां पर पर्यटक रुक सकते हैं। इस मंदिर का इतिहास बहुत ही रोचक है।

मंदिर में आप आकर माता के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर मां दुर्गा के नौ रूपों के दर्शन किए जा सकते हैं। यहां पर शिव भगवान जी के दर्शन किए जा सकते हैं। नवरात्रि में यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ लगती है और बहुत सारे भक्त भगवान माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर मेला भी लगता है।

मंदिर के सामने एक बहुत बड़ा ग्राउंड है, जहां पर मेले का आयोजन किया जाता है। इस मंदिर परिसर में बहुत सारे छोटे छोटे मंदिर बने हुए हैं। यहां पर नवग्रह मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, हनुमान मंदिर, शिव मंदिर, गणेश मंदिर, शनि मंदिर देखने के लिए मिलेगा। यहां पर यज्ञशाला बनी हुई है।  यह मंदिर परिसर बहुत बड़ा है। यहां पर आकर अच्छा लगता है।

 

काला आम पानीपत – Kala Aam panipat

काला आम पानीपत का एक ऐतिहासिक स्थान है। यहां पर मराठों के 70000 सैनिकों ने अपना बलिदान दिया था। यहां पर पानीपत की तीसरी लड़ाई लड़ी गई थी, जिसमें मराठा सैनिकों ने वीरगति प्राप्त की थी। यह लड़ाई मराठा व मुगल सल्तनत के अहमद शाह अब्दाली के बीच लड़ी गई थी।

कहा जाता है, कि यहां पर एक आम का पेड़ हुआ करता था। जिसके नीचे मराठा सैनिक विश्राम किया करते थे। इस जगह की कहानी बहुत ही रोचक है। यहां पर उन वीर शहीदों को समर्पित करने के लिए यह स्मारक बनाया गया है। यह जगह पानीपत में, पानीपत शामली मुख्य  हाईवे सड़क से थोड़ी दूरी पर स्थित है।

यहां पर वर्तमान समय में, यहां पर एक सुंदर गार्डन बनाया गया है। यहां पर आम के बहुत सारे पेड़ लगे हुए हैं। यहां पर जलाशय बना हुआ है और वीर सैनिकों को याद करने के लिए स्मारक भी बनाए गए हैं। यहां पर मराठा सरदार सदाशिवराव भाऊ का शरीर गिरा था।

वहां पर काला अम्ब के नाम से एक चबूतरा बनाया गया है, जो आप इस जगह पर देख सकते हैं। यहां बहुत सारी युद्ध की तस्वीरें देखी जा सकती है। आप यहां पर अपने स्वयं के वाहन से आ सकते हैं। यह मुख्य पानीपत शहर से करीब 8 किलोमीटर दूर है। इस जगह की देखभाल आर्कलॉजिकल विभाग द्वारा की जाती है।

 

दरगाह शमशुद्दीन तुर्क पानीपत – Dargah Shamshuddin Turk Panipat

दरगाह शमशुद्दीन तुर्क पानीपत का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मुसलमानों के लिए एक पवित्र स्थल है। यह दरगाह पानीपत शहर में मुख्य शहर में बनी हुई है। यह दरगाह बहुत अच्छी तरह से बनी हुई है। दरगाह के भीतर कब्र देखने के लिए मिलती है। यह कब्र मुस्लिम संत शमशुद्दीन तुर्क जी की है। इनका पूरा नाम हजूर ख्वाजा शमसुद्दीन तुर्क था। यहां पर बहुत सारे लोग प्रार्थना करने के लिए आते हैं। यहां पर उर्स में बहुत ज्यादा भीड़ लगती है।

 

पानीपत का किला पानीपत – Panipat Fort Panipat

पानीपत का किला, पानीपत में पुराना किला के नाम से भी जाना जाता है। यह किला ऐतिहासिक है। यहां पर किले की प्राचीन दीवार है और इसके बुर्ज देखने के लिए मिलते हैं, जो पूरी तरह से अवशेष में बदल गए हैं। यह किला मौर्यकालीन माना जाता है। यह किला 2500 साल पुराना है।

यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर बहुत बड़ा पार्क बना हुआ है, जहां पर घुमा जा सकता है। इसके अलावा यहां पर गांधी लाइब्रेरी बनी हुई है, जो पुरानी लाइब्रेरी है और यहां पर आकर फ्री में बुक पढ़ी जा सकती है।

 

हेमचंद्र समाधि स्थल पानीपत – Hemchandra Samadhi Sthal Panipat

हेमचंद्र समाधि स्थल पानीपत में शोदापुर गांव में बना हुआ है। यह समाधि स्थल प्राचीन है। हेमचंद एक हिंदू सम्राट थे और पानीपत की दूसरी लड़ाई में मुगल सेनाओं के खिलाफ उन्होंने लड़ाई लड़ी थी। उनको इस लड़ाई में हार का सामना करना पड़ा था और पानीपत से अकबर के सामने ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी। यह समाधि पानीपत जींद रोड पर शोदापुर गांव में बनी हुई है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं।

 

काबुली बाग मस्जिद पानीपत – Kabuli Bagh Mosque Panipat

काबुली बाग मस्जिद पानीपत का एक प्राचीन स्थल है। यह एक धार्मिक स्थान है। इस मस्जिद का निर्माण पानीपत मैं 1527 में सम्राट बाबर के द्वारा किया गया था। जब उनकी पानीपत की प्रथम युद्ध में विजय हुई थी। तब उन्होंने इस मस्जिद का निर्माण करवाया था। पानीपत के प्रथम युद्ध में बाबर का इब्राहिम लोदी से 1526 में प्रथम युद्ध हुआ था। इस जीत की खुशी में उन्होंने काबुली मस्जिद का निर्माण किया था।

इस मस्जिद का नाम उन्होंने अपनी बेगम के नाम पर रखा था उनकी बेगम का नाम मुस्समत काबुली बेगम था। यहां पर एक गार्डन, प्राचीन मस्जिद और टैंक देखने के लिए मिलेगा। मस्जिद बहुत ही अच्छी तरह से बनाई गई है। मगर इसका प्रबंधन अच्छी तरह से नहीं किया जा रहा है। यह मुख्य शहर में स्थित है।

 

बू अली शाह कलंदर की दरगाह पानीपत – Dargah of Bu Ali Shah Qalandar, Panipat

बू अली शाह कलंदर का मकबरा पानीपत का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां पर बहुत सारे लोग आकर प्रार्थना करते हैं। यह दरगाह बहुत पुरानी है। यह दरगाह करीब 700 वर्ष पुरानी है। यह दरगाह हजरत शेख सरफुद्दीन बू अली शाह कलंदर जी को समर्पित है। यह एक सूफी संत थे। उनकी दरगाह पानीपत का एक प्रमुख टूरिस्ट प्लेस है। इस दरगाह का निर्माण खिजार खान और शाह खान अलाउद्दीन खिलजी के पुत्रों ने करवाया था।

बू अली शाह कलंदर शेख फखरुद्दीन के पुत्र थे और इनका जन्म 1190 में हुआ था। इनके पिता शेख फखरुद्दीन इराकी थे। इस दरगाह में धार्मिक सद्भावना देखने के लिए मिलती है। यहां पर सभी धर्मों के लोग आते हैं और प्रार्थना करते हैं। इस दरगाह में दूर-दूर से लोग आते हैं और मन्नत मांगते हैं। यहां पर गुरुवार को सभी जाति के लोग आकर प्रार्थना करते हैं।

इस दरगाह में एक तालाब बना हुआ है और एक लाइब्रेरी भी बनी हुई है, जिसमें भारत की सूफी संतो के बारे में जानकारी पढ़ने के लिए मिलती है।  दरगाह के प्रवेश द्वार के बाहर की तरफ प्रसिद्ध उर्दू कवि हजरत अल्ताफ हुसैन हाली का मकबरा बना हुआ है। यहां पर 24 घंटे लंगर चलते रहते हैं। यहां पर श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए गेस्ट हाउस बना है। आप अगर पानीपत घूमने के लिए आते हैं, तो आपको इस दरगाह में जरूर आकर माथा टेकना चाहिए।

 

प्राचीन श्री श्याम मंदिर पानीपत – Ancient Shri Shyam Temple Panipat

प्राचीन श्री श्याम मंदिर को चुलकाना धाम के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर पानीपत में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर चुलकाना गांव में बना हुआ है। यह समालखा से कुछ दूरी पर स्थित है। यह मंदिर पानीपत से 20 किलोमीटर दूर है। इस मंदिर में आप बस के द्वारा और ट्रेन के द्वारा पहुंच सकते हैं।

आप ट्रेन के द्वारा समालखा में आ सकते हैं और उसके बाद ऑटो से इस मंदिर पहुंच सकते हैं। यह मंदिर भगवान श्याम बाबा और भगवान कृष्ण जी को समर्पित है। श्याम बाबा का संबंध महाभारत काल से रहा है। यहां पर होली के अवसर पर मेले के आयोजन किया जाता है। यह मंदिर बहुत सुंदर है और इसे अच्छी तरह से से बनाया गया है।

यहां आकर अच्छा लगता है। यहां भगवान श्री कृष्ण की बहुत ही आकर्षक प्रतिमा देखी जा सकती है। यहां पर मंदिर से थोड़ी ही दूरी पर, श्री श्याम कुंड देखने के लिए मिलता है, जो बहुत सुंदर है और गोलाकार है। यहां पर खाने पीने के लिए भंडारा चलता रहता है। यहां पर बहुत सारी धर्मशालाएं भी हैं, जहां पर दूर से आने वाले पर्यटक ठहर सकते हैं।

 

श्री सिद्ध शिव शनि धाम पानीपत – Shri Siddha Shiv Shani Dham Panipat

श्री सिद्ध शिव शनिधाम पानीपत में मेन बाजार में स्थित एक प्रमुख मंदिर है। इस मंदिर को दादा पोता मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर में शनि भगवान जी के और शिव शंकर जी के दर्शन किए जा सकते हैं। यहां पर हनुमान जी के दर्शन करने के लिए भी मिलते हैं।

 

जामा मस्जिद पानीपत – Jama Masjid Panipat

जामा मस्जिद पानीपत में एक मुख्य धार्मिक स्थल है। यह मुसलमानों के लिए पवित्र स्थल है। यह मंदिर खैल बाजार में स्थापित है। इस  मस्जिद की वास्तुकला बहुत सुन्दर है। इसका निर्माण 17वीं शताब्दी में हुआ था। यह मस्जिद पानीपत शहर के मध्य में स्थित है और आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। मस्जिद में आपको बड़े-बड़े गुंबद देखने के लिए मिलते हैं। मस्जिद के पास में गुरुद्वारा बना हुआ है।

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प्रगटेश्वर महादेव मंदिर पानीपत – Pragateshwar Mahadev Temple Panipat

प्रगटेश्वर महादेव मंदिर पानीपत का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर पानीपत जिले से करीब 10 किलोमीटर दूर भादड़ गांव में बना हुआ है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। यह मंदिर बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। इस मंदिर के बारे में अलग-अलग कहानियां सुनने के लिए मिलती है। इस मंदिर का इतिहास बहुत ही रोचक रहा है। इस मंदिर को किसने बनाया इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। मगर यहां पर आकर आपको अलग-अलग किस्से सुनने मिलेंगे।

यहां पर सावन सोमवार के समय बहुत सारे कावड़ यात्री आकर जल चढ़ाते हैं और मनोकामनाएं मांगते हैं। यहां पर महाशिवरात्रि और सावन सोमवार में मेला लगता है और दूर-दूर से लोग यहां पर आते हैं। यहां पर शिव भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां आकर शांति मिलती है।

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पानीपत क्यों प्रसिद्ध है – Panipat is famous for

पानीपत हमारे इतिहास में बहुत प्रसिद्ध है और पानीपत में हुए युद्ध के कारण पानीपत प्रसिद्ध है। यह हरियाणा राज्य का एक जिला है। पानीपत में तीन युद्ध हुए हैं, जो अलग-अलग शासकों के मध्य हुए हैं।

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पानीपत कैसे पहुंचे – How to reach Panipat

पानीपत हरियाणा का एक प्रमुख जिला है। पानीपत अन्य जिलों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। पानीपत में आप आसानी से आ सकते हैं। पानीपत पहुंचने के लिए हवाई मार्ग, सड़क मार्ग और रेल मार्ग तीनों ही उपलब्ध है। पानीपत में आसानी से पहुंचा जा सकता है।

 

पानीपत में वायु मार्ग से कैसे पहुंचे – How to reach Panipat by air

पानीपत में वायु मार्ग से पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट दिल्ली में स्थित है। दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बना हुआ है, जो पानीपत से 99 किलोमीटर दूर है। यहां से आपको देश के विभिन्न राज्यों से और विदेशों से फ्लाइट डायरेक्ट आती है। यहां पर स्पाइस जेट, जेट एयरवेज, एयर इंडिया इन सभी एयरलाइंस की फ्लाइट आती है। आप दिल्ली में फ्लाइट से आ कर, पानीपत सड़क माध्यम से पहुंच सकते हैं।

 

पानीपत में रेल मार्ग से कैसे पहुंचे – How to reach Panipat by rail

रेल मार्ग से पानीपत पहुंचना सबसे आसान है। पानीपत जंक्शन रेलवे नेटवर्क द्वारा भारत के मुख्य शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यहां पर एक्सप्रेस ट्रेन, शताब्दी ट्रेन आती है और इस जंक्शन में रूकती हैं। आप यहां पर ट्रेन के माध्यम से पहुंच सकते हैं।

 

पानीपत में सड़क मार्ग से कैसे पहुंचे – How to reach Panipat by road

सड़क माध्यम से पानीपत पहुंचना आसान है। पानीपत में राष्ट्रीय राजमार्ग 44 गुजरता है। यह पानीपत को प्रमुख शहरों कस्बों से जोड़ता है। पानीपत में आने के लिए बस की सुविधा उपलब्ध है। यहां पर वोल्वो बस और सरकारी बस आराम से मिल जाती है। आप बस की बुकिंग ऑनलाइन भी कर सकते हैं। इसके अलावा आप यहां बस, टैक्सी, और अपने स्वयं के वाहन से भी आ सकते हैं।

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पानीपत में कहां ठहरे – Where to stay in Panipat

पानीपत एक ऐतिहासिक शहर है और पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां पर पूरे भारत देश से पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। यहां पर बहुत सारे होटल है, जहां पर ठहर जा सकता है। पानीपत दिल्ली शहर के बहुत करीब है। अगर आप पानीपत में नहीं ठहरना चाहते हैं, तो आप दिल्ली जैसे शहर में रुक सकते हैं, जहां पर आपको आराम से होटल मिल जाती है। यहां पर आपको रिसोर्ट, लॉज, होटल और धर्मशालाएं मिल जाएगी, जहां पर आप अपने बजट के अनुसार ठहर सकते हैं।

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पानीपत में घूमने का सबसे अच्छा समय – Best time to visit in Panipat

पानीपत में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च तक का रहता है, क्योंकि इस समय पानीपत में ठंड का समय रहता है और ठंड में आप पानीपत की सभी जगह में आराम से घूम सकते हैं। गर्मी में यहां पर घूम पाना थोड़ा मुश्किल रहता है, क्योंकि गर्मी में धूप और उमस ज्यादा रहती है।

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