महेंद्रगढ़ के प्रमुख दर्शनीय स्थल – Top 16 Mahendragarh me Ghumne ki Jagah

Mahendragarh me Ghumne ki Jagah :- महेंद्रगढ़ हरियाणा का एक प्रमुख जिला है। इस लेख में हम आपको महेंद्रगढ़ में घूमने की जगह (Mahendragarh me Ghumne ki Jagah), महेंद्रगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थल, महेंद्रगढ़ कैसे पहुंचे और महेंद्रगढ़ के प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में जानकारी देंगे।

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महेंद्रगढ़ जिले के बारे में जानकारी – Information about Mahendragarh district

महेंद्रगढ़ हरियाणा का एक प्रमुख जिला है। महेंद्रगढ़ हरियाणा जिले में, हरियाणा राज्य के दक्षिण-पश्चिम छोर के अंतिम सिरे पर स्थित है। महेंद्रगढ़ जिला हरियाणा और राजस्थान की सीमा पर स्थित है। 17 वीं शताब्दी में मराठा शासक तात्या टोपे ने यहां एक किले का निर्माण करवाया था। 1861 में पटियाला रियासत के शासक महाराजा नरेंद्र सिंह ने अपने पुत्र महेंद्र सिंह के सम्मान पर, इस किले का नाम महेंद्रगढ़ रख दिया। इस किले के नाम से,  इस नगर को महेंद्रगढ़ के नाम से जाना जाता है।

महेंद्रगढ़ में घूमने के लिए बहुत सारी जगह हैं, जहां पर जाकर आप अच्छा समय बिता सकते हैं। यह सभी जगह बहुत सुंदर है। महेंद्रगढ़ में घूमने के लिए ऐतिहासिक, प्राकृतिक और धार्मिक जगह हैं। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं।

इस ब्लॉग में हमने महेंद्रगढ़ में घूमने लायक प्रमुख जगह (Mahendragarh me Ghumne ki Jagah), महेंद्रगढ़ कैसे जाएं, महेंद्रगढ़ में कहां रुके, महेंद्रगढ़ में घूमने का सबसे अच्छा समय,  महेंद्रगढ़ कहाँ है। इन सभी के बारे में जानकारी दी है।

 

महेंद्रगढ़ में घूमने की जगह – Mahendragarh me Ghumne ki Jagah

महेंद्रगढ़ के प्रमुख दर्शनीय और पर्यटन स्थलों की सूची – Mahendragarh Tourist Places list in Hindi

  1. जल महल महेंद्रगढ़
  2. शाह कुली खान का मकबरा महेंद्रगढ़
  3. पीर तुर्कमान मकबरा महेंद्रगढ़
  4. शाह इब्राहिम का मकबरा महेंद्रगढ़
  5. मिर्जा अली जान बावली महेंद्रगढ़
  6. चोर गुंबद महेंद्रगढ़
  7. छत्ता राय बाल मुकुंद दास महेंद्रगढ़
  8. मोड़ा वाला बाबा धाम नारनौल
  9. श्री जेठू बाबा धाम महेंद्रगढ़
  10. श्री बालाजी केसरिया धाम महेंद्रगढ़
  11. बाघेश्वर धाम महेंद्रगढ़
  12. ढ़ोसी की पहाड़ी महेंद्रगढ़
  13. बाबा त्रिलोक भारती धाम महेंद्रगढ़
  14. बाबा नरसिंह दास मंदिर महेंद्रगढ़
  15. महासर माता मंदिर महेंद्रगढ़

 

महेंद्रगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल – Mahendragarh me Ghumne ki Jagah

 

जल महल महेंद्रगढ़ – Jal Mahal Mahendragarh

जल महल महेंद्रगढ़ में नारनौल नगर में स्थित एक प्रमुख प्राचीन महल है। यह महल एक तालाब के बीच में बना हुआ है। इसलिए इसे जल महल के नाम से जाना जाता है। इस महल तक जाने के लिए पुल बनाया गया है। यह महल बहुत सुंदर है।

इस महल का निर्माण शाह कुली खान द्वारा 1591 में किया गया था। इतिहास के अनुसार शाह कुली खान के बारे में कहा जाता है, कि शाह कुली खान ने पानीपत के प्रसिद्ध युद्ध में हेमू को पकड़ा था। जिससे अकबर ने प्रसन्न होकर, शाह कुली खान को नरनौल को सौंप दिया था।

शाह कुली खान ने यहां पर किले का निर्माण करवाया था। जल महल का परिसर लगभग 11 एकड़ के क्षेत्र में किया गया है। यहां पर एक विशाल तालाब बना हुआ है, जिसके बीच में यह सुंदर स्मारक देखने के लिए मिलता है। यहां पर गार्डन बनाया गया है।

इस महल का निर्माण में चुना और पत्थरों का प्रयोग किया गया है। यह नारनौल एक मुख्य टूरिस्ट स्पॉट है। बरसात में तालाब पर पानी पूरी तरह भर जाता है, जो बहुत सुंदर लगता है। गर्मी में यहां पर पानी सूख जाता है। इस किले की दिवार और छत में सुंदर नक्काशी और पेंटिंग की गई है। महल के ऊपरी भाग में मीनारे बनाई गई है।

 

शाह कुली खान का मकबरा महेंद्रगढ़ – Tomb of Shah Quli Khan, Mahendragarh

शाह कुली खान का मकबरा महेंद्रगढ़ का एक फेमस टूरिस्ट प्लेस है। यहां पर एक प्राचीन स्मारक देखने के लिए मिलेगी, जो बहुत सुंदर है। यह मकबरा महेंद्रगढ़ में नारनौल में स्थित है। यह मकबरा जल महल के पास ही में बना हुआ है। इस मकबरे का निर्माण सन 1574 से 1575 के बीच में खुद शाह कुली खान ने करवाया था। मृत्यु के उपरांत इस मकबरे में शाह कुली खान को दफनाया गया था।

यह मकबरा अष्टकोणीय चबूतरे के ऊपर बना हुआ है और मकबरा बहुत सुंदर है। यह मकबरा लाल और भूरे बलुआ पत्थर से बना हुआ है। मकबरे के अंदर 6 कब्र बनी हुई है। यह कब्र सफेद मार्बल से बनाई गई है। यह मकबरा मुगल और पठान शैली में बना हुआ है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। मकबरे के आस पास खुला बड़ा मैदान देखने के लिए मिलता है।

मकबरे के पास ही में एक और प्राचीन स्मारक है। इसे त्रिपोलिया गेट के नाम से जाना जाता है। इस गेट का निर्माण मुगल सम्राट के द्वारा करवाया गया था। इसकी हालत बहुत ही ज्यादा बेकार है।

 

पीर तुर्कमान मकबरा महेंद्रगढ़ – Pir Turkman Tomb Mahendragarh

पीर तुर्कमान मकबरा महेंद्रगढ़ का एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल है। पीर  तुर्कमान मकबरा महेंद्रगढ़ में नारनौल में स्थित है। यहां पर एक मकबरा और मस्जिद परिसर देखने के लिए मिलता है। इस मकबरे तथा मस्जिद का निर्माण फिरोजशाह तुगलक के शासन काल के दौरान हुआ था। यह मकबरा बहुत सुंदर है। मकबरे का कुछ हिस्सा 1357 ईस्वी में आलम शाह मेवाती ने किया था।

इस मकबरे का ऊपरी हिस्सा अर्ध गोलाकार गुंबद से ढका हुआ है, जिसके ऊपर पठान स्थापत्य शैली देखी जा सकती है। यहां एक शिलालेख मिला जिसके अनुसार पीर तुर्कमान की मृत्यु 1137 ईसवी में हुआ था। यहां पर बहुत सारे लोग पूजा करने के लिए आते हैं और यहां पर बहुत सारी दुआएं मांगते हैं।

 

शाह इब्राहिम का मकबरा महेंद्रगढ़ – Tomb of Shah Ibrahim Mahendragarh

शाह इब्राहिम का मकबरा महेंद्रगढ़ का एक सुंदर स्मारक है। यह महेंद्रगढ़ का एक ऐतिहासिक स्थल है। यह महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में स्थित है। यहां मुख्य शहर में स्थित है। इस सुंदर मकबरे का निर्माण शेरशाह सूरी ने अपने पितामह की कब्र पर करवाया था, जिनका देहांत 1518 ईस्वी में नारनौल में हुआ था।

यह मकबरा बहुत सुंदर है। मकबरे में जाली और गुंबद बने है, जो बहुत सुंदर है और इनमें रंग बिरंगी टाइल्स लगाई गई है। यह मकबरा एक ऊंचे चबूतरे पर बना हुआ है। इस मकबरे का प्रवेशद्वार हिंदू मंदिर प्रणाली पर निर्मित किया गया है, जो सुंदर है।

 

मिर्जा अली जान बावली महेंद्रगढ़ – Mirza Ali Jaan Baoli Mahendragarh

मिर्जा अली जान बावली महेंद्रगढ़ का एक मुख्य आकर्षण स्थल है। यह बावली महेंद्रगढ़ के नारनौल में स्थित है। यह बावली बहुत सुंदर है। यह बावली प्राचीन है। बरसात के समय यह बावड़ी पूरी तरह पानी से भर जाती है, तो यह बावड़ी और भी ज्यादा खूबसूरत लगती है।

इस बावड़ी के चारों तरफ रूम बने हुए हैं और बीच में बावड़ी बनी हुई है। यह बावड़ी बहु मंजिला है और बहुत सुंदर लगती है। यहां पर एक शिलालेख पाया गया है, जिसमें बताया गया है, कि इस बावड़ी का निर्माण मिर्जा अली जान के द्वारा किया गया है।

 

चोर गुंबद महेंद्रगढ़ – Chor Gumbad Mahendragarh

चोर गुंबद महेंद्रगढ़ का एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल है। यह महेंद्रगढ़ में एक फेमस टूरिस्ट स्पॉट है। चोर गुंबद महेंद्रगढ़ में नारनौल में स्थित है। यह मुख्य शहर के उत्तर दिशा में एक चट्टान के ऊपर बना हुआ है। इस स्मारक को जिला प्रशासन द्वारा पुनः निर्माण किया गया है और यहां एक उद्यान बनाया गया है, जिसे सुभाष उद्यान के नाम से जाना जाता है। चोर गुंबद को नारनौल का नाम पट माना जाता है।

चोर गुंबद का आकार चकोर है और यह एक बहुत बड़ा स्मारक है, जिसके प्रत्येक कोने पर 4 छोटे मीनारों के साथ एक कक्ष बना हुआ है। इस स्मारक के चारों ओर खुले बरामदे के कारण, यह बाहर से दो मंजिला ढांचे के रूप में दिखाई देता है।

इस स्मारक का निर्माण, शासक जमाल खान ने करवाया था। यह फिरोजशाह तुगलक के शासन काल में निर्मित हुआ था। यह बहुत सुंदर है। यहां पर गार्डन बना हुआ है, जहां पर आप घूम सकते हैं। गार्डन में हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर झूले लगाए गए हैं।

 

छत्ता राय बाल मुकुंद दास महेंद्रगढ़ – Chhatta Rai Bal Mukund Das Mahendragarh

छत्ता राय बाल मुकुंद दास महेंद्रगढ़ के नारनौल में स्थित एक ऐतिहासिक स्थल है। यह नारनौल में घूमने लायक एक प्रमुख जगह है। यहां पर एक विशाल महल बना है। इस महल का निर्माण, शाहजहां के शासनकाल के दौरान, नारनौल के दीवान छत्ता राय बालमुकुंद दास जी ने करवाया था। यह महल 5 मंजिला है।

इस महल में कई सभा मंडप और कमरे बने हुए हैं। यहां दीवाने खास बना है। गर्मी के मौसम में, इस महल को ठंडा करने के लिए भूमिगत कक्ष एवं झरनों का इंतजाम भी किया गया था। यहां पर पानी की व्यवस्था के लिए कुआ बनाया गया है। इस जगह को बहुत सारे लोग बीरबल का छत्ता के नाम से भी जानते हैं।

 

मोड़ा वाला बाबा धाम नारनौल – Moda Wala Baba Dham Narnaul

मोड़ा वाला बाबा धाम नारनौल का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह महेंद्रगढ़ के नारनौल में स्थित है। यहां पर भगवान शिव के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। मंदिर के बाहर शिव भगवान जी की बहुत विशाल प्रतिमा के दर्शन किए जा सकते हैं और नंदी भगवान जी के दर्शन किए जा सकते हैं।

मंदिर के अंदर शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर और भी बहुत सारे देवी देवताओं के मंदिर बने हुए हैं। यह नारनौल बस स्टैंड के काफी करीब है और मुख्य सड़क में बनी हुई है।

 

श्री जेठू बाबा धाम महेंद्रगढ़ – Shri Jethu Baba Dham Mahendragarh

श्री जेठू बाबा धाम महेंद्रगढ़ में नारनौल में स्थित है। यह नारनौल नसीबपुर में स्थित है। यहां पर बहुत सारे देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां जेठू बाबा जी की प्रतिमा के दर्शन करने मिलते है। जो मुख्य गर्भ गृह में विराजमान है।

यहां पर शिव शंकर जी, गणेश जी और भी बहुत सारे देवी देवताओं के दर्शन किए जा सकते हैं। मंदिर के पास में तालाब बना हुआ है। मंदिर से थोड़ा ही दूरी पर, एक पब्लिक पार्क बना हुआ है।

 

श्री बालाजी केसरिया धाम महेंद्रगढ़ – Shri Balaji Kesariya Dham Mahendragarh

श्री बालाजी केसरिया धाम महेंद्रगढ़ का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर महेंद्रगढ़ में नारनौल में स्थित है। यह मंदिर नारनौल से सिंघाना हाईवे सड़क पर बना हुआ है। यह मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। मंदिर तक जाने के लिए रास्ता बनाया गया है। मंदिर में मंगलवार और शनिवार को बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। यहां पर बहुत सारे लोग भगवान हनुमान जी के दर्शन करने के लिए आते हैं।

यहां पर पहाड़ी से हरियाणा शूटिंग सेंटर देखने के लिए मिलेगा, जहां पर पुलिस वालों की शूटिंग की जाती है। मंदिर में हनुमान जी की 51 फीट ऊंची प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत सुंदर लगती है। आसपास का दृश्य भी बहुत आकर्षक रहता है। यहां पर आकर अच्छा समय बिताया जा सकता है। यहां पर पार्क बना हुआ है। पार्क में बहुत सारे झूले लगे हुए हैं। यह महेंद्रगढ़ का पिकनिक स्पॉट है। यहां पर साईं बाबा मंदिर और शनि देव मंदिर बना हुआ है।

 

बाघेश्वर धाम महेंद्रगढ़ – Bageshwar Dham Mahendragarh

बागेश्वर धाम महेंद्रगढ़ का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां पर शिव भगवान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर मुख्य महेंद्रगढ़ जिले से करीब 24 किलोमीटर दूर बाघोत नाम के गांव में बना हुआ है। इस मंदिर में आकर शिव भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर, जो शिवलिंग है। वह प्राकृतिक है।

इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर शिव भगवान जी के बाघ  के रूप में करने के लिए मिले थे। इसलिए यह जगह प्रसिद्ध है और इसे बागेश्वर शिव धाम के नाम से जाना जाता है। यह जगह प्राकृतिक है। यहां पर एक तालाब बना है। जो आसपास जंगल से घिरा हुआ है।

यहां पर मोर घूमते  है। यहां पर और भी देवी देवताओं के दर्शन किए जा सकते हैं। यहां सावन सोमवार और महाशिवरात्रि को एक विशाल मेला आयोजन किया जाता है, जिसमें बहुत सारे लोग शामिल होते हैं। यहां पर आकर अच्छा अनुभव होता है।

 

ढ़ोसी की पहाड़ी महेंद्रगढ़ – Dhosi Hills Mahendragarh

ढ़ोसी की पहाड़ी महेंद्रगढ़ का एक प्रमुख दर्शनीय स्थल है। यहां पर एक ऊंची पहाड़ी देखने के लिए मिलती है। पहाड़ी में आश्रम देखने के लिए मिलता है। मुख्य मंदिर में च्यवन ऋषि, सुकन्या, कृष्ण जी राधा की मूर्तियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर भगवान विष्णु की अष्टधातु की मूर्ति भी विराजमान है। यहां पर एक गुफा बनी हुई है, जहां पर च्यवन ऋषि ने तपस्या किया करते थे। ऋषि च्यवन के कारण च्यवनप्राश नाम की औषधि का जन्म हुआ है।

यह आश्रम प्राचीन है और कहा जाता है, कि यहां पर च्यवन ऋषि ने तपस्या कर रहे थे। तब सुकन्या नाम की राजकुमारी ने, उनकी तपस्या भंग कर दी थी। उन्होंने च्यवन ऋषि के आंखों में लकड़ी घुसा दी थी, जिससे उनकी तपस्या भंग हो गई थी। इससे च्यवन ऋषि अंधे हो गए थे। राजकुमारी सुकन्या जी के पिताजी ने च्यवन ऋषि से सुकन्या का विवाह करवा दिया।

यह जगह बहुत सुंदर है और प्राकृतिक सुंदरता से घिरी हुई है। यह जगह नारनौल शहर से लगभग 8 किलोमीटर दूर थाना नाम की जगह पर है। यहां पर किले के अवशेष देखने के लिए मिलते हैं, जो राजा नून करण द्वारा बनाए गए थे। यहां पर सोमवती अमावस्या के समय मेले का आयोजन होता है।

यहां पर प्राचीन टैंक बना हुआ है, कहा जाता है कि इस कुंड का पानी गंगा और यमुना के पानी के समान पवित्र है और लोग इसमें स्नान करते हैं, जिससे लोगों के पाप दूर होते हैं। यहां पर महिला और पुरुष के लिए अलग-अलग घाट बनाए गए हैं। यह मंदिर पहाड़ी की सबसे ऊंचाई पर स्थित है। मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है।

 

बाबा त्रिलोक भारती धाम महेंद्रगढ़ – Baba Trilok Bharti Dham Mahendragarh

बाबा त्रिलोक भारती धाम महेंद्रगढ़ का एक फेमस टूरिस्ट स्पॉट है। बाबा त्रिलोक भारती धाम महेंद्रगढ़ में कमानिया गांव में स्थित है। यहां पर बाबा त्रिलोक भारती जी ने समाधि ली थी। यहां पर उनका समाधि स्थल देखा जा सकता है। यहां पर शिव मंदिर बना हुआ है। इस जगह के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर लकवा, कैंसर, हार्टअटैक जैसी बीमारियों का इलाज होता है। यहां पर शिव मंदिर बना हुआ है, जिसे आप देख सकते हैं।

 

बाबा नरसिंह दास मंदिर महेंद्रगढ़ – Baba Narsingh Das Temple Mahendragarh

बाबा नरसिंह दास मंदिर महेंद्रगढ़ जिले में नारनौल के पास कांटी गांव में स्थित है। यह मंदिर बहुत अच्छी तरह से बना हुआ है। यह बाबा नरसिंह दास जी को समर्पित है। नरसिंह दास जी एक संत थे। यहां पर बाबा नरसिंह दास जी और बाबा गणेश दास नाम के दो महान संत थे। इनका जन्म कांटी में हुआ था।

कहा जाता है, कि राजा हरि सिंह को कोई बच्चा नहीं था। बाबा नरसिंह दास जी की कृपा से राजा को पुत्र और एक बेटी प्राप्त हुई थी। इसलिए यहां पर बाबा नरसिंह दास और गणेश दास जी को पूजा जाता था। यहां पर मंदिर बना हुआ है। यह मंदिर संगमरमर के पत्थरों से बना हुआ है। यहां पर एक टैंक बना हुआ है। यहां पर बसंत पंचमी के समय मेले का आयोजन होता है।

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महासर माता मंदिर महेंद्रगढ़ – Mahasar Mata Temple Mahendragarh

महासर माता मंदिर महेंद्रगढ़ का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर पूरे शहर में प्रसिद्ध है। यह मंदिर महासर माता को समर्पित है। यहां पर बहुत सारे लोग माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां माता की बहुत ही सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती है।

यहां नवरात्रि में बहुत भीड़ रहती है और मेले का आयोजन होता है। मेले में आसपास के आसपास गांव के लोग घूमने के लिए आते हैं। मंदिर में सभी प्रकार की व्यवस्था उपलब्ध है। यहां पर धर्मशाला बनी हुई है, जहां पर ठहर सकते हैं। यह मंदिर महेंद्रगढ़ में ग्राम महासर में स्थित है।

यह एक सिद्ध पीठ है। पूरा मंदिर मार्बल से बना हुआ है और बहुत सुंदर लगता है। कहा जाता है, कि यहां पर आकर मनोकामनाएं पूरी होती है। इसलिए दूर दूर से लोग यहां पर माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। कहा जाता है, कि प्राचीन समय में यहां पर पांडव, श्री कृष्ण की सलाह पर माता का आशीर्वाद लेने आए थे। जब उन्होंने अपना राजपाट खो दिया था। यहां पर नवविवाहित जोड़े माता के दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं।

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महेंद्रगढ़ में घूमने का सबसे अच्छा समय – Best time to visit in Mahendragarh

महेंद्रगढ़ में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां पर ठंड में आकर घूम सकते हैं। आप यहां पर अक्टूबर से मार्च महीने के बीच में आकर घूम सकते हैं। ठंड का समय महेंद्रगढ़ की यात्रा के लिए अच्छा रहता है। आप महेंद्रगढ़ की यात्रा आराम से कर सकते हैं। आपको महेंद्रगढ़ में घूमने में कोई भी परेशानी नहीं होगी। आप यहां पर वैसे गर्मी के मौसम में भी आ सकते हैं।

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महेंद्रगढ़ कैसे पहुंचा जा सकता है – How to reach Mahendragarh

महेंद्रगढ़ हरियाणा का एक मुख्य जिला है। महेंद्रगढ़ अन्य शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। महेंद्रगढ़ में आने के लिए बहुत सारे परिवहन की सुविधा उपलब्ध है। महेंद्रगढ़ में आप आसानी से आ सकते हैं। महेंद्रगढ़ पहुंचने के लिए वायु मार्ग, रेल मार्ग और सड़क मार्ग उपलब्ध है। आप इन तीनों माध्यम से महेंद्रगढ़ पहुंच सकते हैं।

 

वायु मार्ग से महेंद्रगढ़ कैसे पहुंचे – How to reach Mahendragarh by air

महेंद्रगढ़ का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा दिल्ली में स्थित है, जो महेंद्रगढ़ के जिला मुख्यालय नारनौल से करीब 145 किलोमीटर दूर है। दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बना हुआ है। यहां पर देश के विभिन्न हिस्सों से और विदेश से फ्लाइट आती है। यहां पर स्पाइसजेट, एयर इंडिया, गो इंडिया की फ्लाइट आती है। आप दिल्ली हवाई अड्डे में पहुंचकर रोड के माध्यम से मुख्यालय नारनौल आ सकते हैं।

 

रेल मार्ग से महेंद्रगढ़ कैसे पहुंचे – How to reach Mahendragarh by rail

ट्रेन मार्ग द्वारा महेंद्रगढ़ पहुंचा जा सकता है। महेंद्रगढ़ के मुख्यालय नारनौल में रेलवे स्टेशन बना हुआ है। यह रेलवे स्टेशन, रेलवे नेटवर्क द्वारा मुख्य शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यहां पर एक्सप्रेस, सुपरफास्ट और लोकल ट्रेन इस स्टेशन में रूकती है। आप यहां पर आराम से पहुंच सकते हैं।

 

रोड मार्ग से महेंद्रगढ़ कैसे पहुंचे – How to reach Mahendragarh by road

रोड मार्ग से महेंद्रगढ़ पहुंचना बहुत आसान है। महेंद्रगढ़ में हाईवे सड़क गुजरती है, जिससे आप यहां पर पहुंच सकते हैं। यहां पर आने के लिए बस की सुविधा उपलब्ध रहती है। मुख्यालय नारनौल में बस स्टैंड बना हुआ है, जहां पर आप बस के द्वारा आ सकते हैं। यहां पर आने के लिए लोकल और सरकारी बस आराम से मिल जाती है। आप यहां पर आ सकते हैं।

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महेंद्रगढ़ (नारनौल) में कहा ठहरे – Where to stay in Mahendragarh (Narnaul)

महेंद्रगढ़ में ठहरने के लिए बहुत सारे ऑप्शन मिल जाते हैं। यहां पर आपको होटल वगैरह मिल जाएंगे, जहां पर आप ठहर सकते हैं। इसके अलावा यहां पर आपको धर्मशालाएं भी मिल जाती है, जहां पर आप ठहर सकते हैं। आप होटल ऑनलाइन बुक कर सकते हैं। आप अपने बजट के अनुसार होटल का चयन कर सकते हैं।

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