माधवगढ़ का किला सतना मध्य प्रदेश – Madhavgarh Fort Satna

माधवगढ़ का किला (Madhavgarh Fort) मध्य प्रदेश का एक प्रसिद्ध किला है। माधवगढ़ का किला (Madhavgarh Fort) मध्य प्रदेश के सतना जिले में स्थित है। यह किला तमस नदी के किनारे बना हुआ है। यह किला बहुत ही भव्य है, मगर किले के रखरखाव न होने के कारण यह किला धीरे-धीरे नष्ट होता जा रहा है।

माधवगढ़ का किला सतना की जानकारी – Information about Madhavgarh Fort Satna

माधवगढ़ का किला सतना जिले का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। मगर यह किला  पर्यटन के लिए खोला नहीं गया है। यह किला बंद है और इस किले को आप बाहर से देख सकते हैं। इस किले का सही ढंग से रखरखाव नहीं किया जा रहा है, जिससे यह किला धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होता जा रहा है।

माधवगढ़ किले के अंदर ढेर सारे पेड़ पौधे हो गए हैं, जो किले को धीरे-धीरे अपनी चपेट में लेते जा रहे हैं। किले को आप बाहर से देख सकते हैं। किले के बाहर बोर्ड लगा हुआ है, जिसमें किले में अनाधिककृत प्रवेश करने पर दंड दिया जाएगा। किले के बाहर आपको कुछ छतरियां देखने के लिए मिलती हैं, जो बहुत ही सुंदर ढंग से बनाई गई है। यह छतरियां पत्थर की बनी हुई है।

माधवगढ़ का किला एक ऐतिहासिक किला है। यह किला सतना जिले के पास में स्थित है। यह सतना जिलें का एक दर्शनीय स्थल है, आप किलें को बाहर से देख सकते है, क्योकि किलें के अंदर जाना मना था। माधवगढ़ किले का निर्माण रीवा रियासत के महाराजा विश्वनाथ सिंह जूदेव के द्वारा किया गया था। यह किला 18 वीं शताब्दी में बनाया गया था। यह किला बघेली स्टाइल में  है। यह किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है।

माधवगढ़ का किला नदी के किनारे स्थित है, जिसके कारण यह किला बहुत खूबसूरत लगता है। किले के पास तमस नदी बहती है। तमस नदी सतना जिले की प्रमुख नदी है। तमस नदी का दृश्य देखने लायक रहता है। तमस नदी के ऊपर एक पुल बना हुआ है। इस पुल से आप किले का दृश्य देख सकते हैं। यहां पर बहुत सारे पर्यटक आते हैं और किला बंद होने के कारण बाहर से ही लौट जाते हैं। किले के पीछे की तरफ एक रास्ता है,जहां पर दीवार गिर गई है और आप यहां से प्रवेश कर सकते हैं। इस किले में आपको ढेर सारे कमरे देखने के लिए मिलते हैं।

प्राचीन समय में माधवगढ़ एक राज्य हुआ करता था, लेकिन समय के साथ राजशाही  पतन के बाद यह राज्य एक गांव में तब्दील हो गया। किले की भव्यता लोगों को अपनी और आकर्षित करती है। मगर किले में प्रवेश करने की मनही है।

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माधवगढ़ किले का इतिहास – History of Madhavgarh Fort

माधवगढ़ किले का इतिहास बहुत ही रोचक है। माधवगढ़ किले में राजा परिक्षितप सिंह का राज हुआ करता था। परिक्षितप सिंह के 2 बेटे थे – बालादेव और माधव सिंह।

माना जाता है कि बेटे बालादेव ने राज्य की बागडोर अपने हाथों में लेने के लिए अपने पिता की हत्या करने की सोची, जिसका पता राजा परिक्षितप को पहले ही चल गया।  इसलिए राजा परिक्षितप ने बालादेव को राज्य से बाहर निकाल दिया गया और माधव सिंह को राजा बना दिया गया। तभी से इस राज्य का नाम राजा माधव सिंह के नाम से माधवगढ़ रखा गया।

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माधवगढ़ का किला कहां स्थित है – Where is Madhavgarh Fort located?

माधवगढ़ का किला मध्यप्रदेश के सतना जिले में स्थित है। यह किला सतना जिले से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह किला सतना रीवा हाईवे सड़क पर स्थित है। इस किले में आप आसानी से आ सकते हैं। यह किला माधवगढ़ गांव में बना हुआ है। किलें तक पहुॅचने के लिए अच्छी सडक है। यह किला देखकर आपको बहुत अच्छा लगेगा। यह किला प्राचीन समय की याद दिलाते हैं।

 

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