मदन महल का किला जबलपुर मध्य प्रदेश – Madan Mahal Fort Jabalpur

मदन महल का किला मध्य प्रदेश की सबसे प्रसिद्ध किलों में से एक है। मदन महल का किला (Madan Mahal Fort) जबलपुर जिले का एक ऐतिहासिक और दर्शनीय स्थल है। मदन महल का किला (Madan Mahal Fort) एक ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। मदन महल किले को रानी दुर्गावती किला के नाम से भी जानते हैं। मदन महल का किला बहुत ही अद्भुत संरचना में बनाया गया है। इस किले के चारों तरफ पहाड़ी है।

मदन महल का किला या रानी दुर्गावती किला जबलपुर – Madan Mahal Fort or Rani Durgavati Fort Jabalpur

मदन महल का किला (Madan Mahal Fort) जबलपुर जिले का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह किला जबलपुर जिले में मदन महल की पहाड़ियों पर स्थित है। इस किले में आपको प्राचीन महल देखने के लिए मिलेगा और घोड़ों का अस्तबल देखने के लिए मिलता है। यहां पर प्राचीन तालाब देखने के लिए मिलेगा। इस किले से आप पूरे जबलपुर का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। इस किले से एक ओर सुंदर पहाड़ियां देखने के लिए मिलती हैं और दूसरी तरफ जबलपुर शहर देखने के लिए मिलता है। यह किला ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। इस किले तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है।

रानी दुर्गावती फोर्ट (Rani Durgavati Fort) को घूमने के लिए आप साल भर में कभी भी यहां पर घूमने आ सकते हैं। मगर यहां पर सबसे अच्छा समय होता है -बरसात का

बरसात के समय यहां पर हरियाली देखने के लिए मिलती है। पूरी पहाड़ी हरियाली से घिरी हुई रहती है और आप यहां पर आकर सुंदर दृश्य देख सकते हैं। अगर आप यहां गर्मी के समय आएंगे, तो यहां पर सीढ़ियां चढ़ते चढ़ते आप थक जाएंगे। इसलिए आपको यहां पर बरसात के समय आना चाहिए।

रानी दुर्गावती या मदन महल किले (Madan Mahal Fort) में पहुंचना बहुत ही आसान है। यहां पर पहुंचने के लिए पक्की सड़क है। आप अपनी गाड़ी नीचे खड़ी कर सकते हैं और उसके बाद किले की तरफ चढ़ाई कर सकते हैं। रानी दुर्गावती किले की सीढ़ियां चढ़ते हुए आपको मंदिर भी देखने के लिए मिलते हैं।

यहां पर आपको शंकर जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर एक गुफा में बनाया गया है। आप महल के पास पहुंचते हैं, तो आपको दो मंजिला महल देखने के लिए मिलता है। यह महल प्राचीन है। यह महल एक बड़ी सी चट्टान में बनाया गया है। यह चट्टान ग्रेनाइट की है। रानी दुर्गावती महल का बहुत सारा हिस्सा अब नष्ट हो गया है। यहां पर आपको यह दो मंजिला महल देखने के लिए मिलता है।

रानी दुर्गावती महल (rani durgavati mahal) के ऊपरी सिरे में आप घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां पर जाने के लिए आपको सीढ़ियां मिल जाती है। ऊपर चढ़कर आपको एक रूम देखने के लिए मिलता है। इस रूम की ऊपर की छत बहुत सुंदर है। आपको इस महल के ऊपर से चारों तरफ का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है।

रानी दुर्गावती महल के ऊपर से आप बाजना मठ मंदिर का तालाब देख सकते हैं और मंदिर भी देखने के लिए मिलेगा। आप नीचे आएंगे, आपको इस महल के ठीक सामने घोड़ों का अस्तबल देखने के लिए मिलता है और अस्तबल के पास ही में प्राचीन तालाब देखने के लिए मिलता है। यह तालाब ज्यादा बड़ा नहीं है और पत्थरों को काटकर बनाया गया है। रानी दुर्गावती का महल का बहुत सारा भाग खंडहर में बदल गया है। मगर इन खंडहर में आपको प्राचीन दरवाजे, खिड़कियां देखने के लिए मिल जाती हैं।

इस महल के बारे में लोगों का मानना है, कि इस महल से सुरंग निकलती थी, जो जबलपुर के मदन महल किले से मंडला जिले के रामनगर किले तक जाती थी। सरकार के द्वारा इन प्राचीन सुरंगों को बंद कर दिया गया है। यहां पर बहुत सारे लोगों ने  खजाने के लिए भी खुदाई की है। यहां पर आपको लोगों के द्वारा की गई खुदाई भी देखने के लिए मिल जाएगी। अब यहां पर प्राचीन समय के अवशेष रह गए हैं, जिन्हें आप देख सकते हैं। यहां पर आप की सुरक्षा के लिए गार्ड रहते हैं। आप यहां पर अपनी फैमिली के साथ और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं और इस जगह में एंजॉय कर सकते हैं।

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मदन महल किले का निर्माण किसने किया था – Who built Madan Mahal Fort

मदन महल किला या रानी दुर्गावती किला का निर्माण गोंड राजा मदन शाह ने 1116 ईस्वी में करवाया था। मदन शाह का संबंध गोंडवाना के गोंड साम्राज्य से था। यह महल रानी दुर्गावती तथा उनके पुत्र वीरनारायण से संबंधित था।

 

रानी दुर्गावती किला या मदन महल किला का इतिहास – History of Rani Durgavati Fort or Madan Mahal Fort

मदन महल किला (Madan Mahal Fort) एक विशाल शिलाखंड पर स्थित है। जिसके एक तरफ के ऊपरी भाग पर महल का आधार टिका है। महल की संरचना एक ऊंचे मेहराब है, जिस पर महल के ऊपरी तल का आंगन स्थित है।

इस किले का निर्माण मदन शाह ने 1116 ईस्वी में करवाया था। मदन शाह का संबंध गोंड साम्राज्य से था। यह महल  रानी दुर्गावती तथा उसके पुत्र वीर नारायण से भी संबंधित रहा है।

यद्यपि यह महल आकार में छोटा है, लेकिन इसमें एक अस्तबल, युद्धकक्ष, छोटा जलाशय तथा शासक के लिए एक आमोदजनक कक्ष का प्रावधान किया है।

रानी दुर्गावती महल के ऊपरी मंजिल में सुरक्षा मुंडेर युक्त खुला प्रांगण, शौचालय आदि की व्यवस्था है। अलंकृत द्वार एवं कंगूरे इस भवन की सुंदरता प्रदान करते हैं एवं राजसी उपयोग की ओर संकेत करते हैं। इस भवन के ऊपरी भाग से दूर-दूर तक विहंगम दृश्य का अवलोकन एवं निरीक्षण किया जा सकता है। इस संपूर्ण व्यवस्था को घेरते हुए द्वार युक्त सुरक्षा प्राचीर के अवशेष आज भी देखे जा सकते हैं। इन सारी विशेषताओं को देखते हुए यह भवन एक निरीक्षण चौकी थी और इसका निर्माण संग्राम शाह के समय हुआ था।

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मदन महल का रहस्य क्या है – What is the secret of Madan Mahal

मदन महल का किला (Madan Mahal Fort) रहस्यमय किला माना जाता है, क्योंकि इस किले में बहुत सारे राज हैं, जो लोगों के सामने नहीं आए हैं। इस किले के लिए के बारे में कहा जाता है कि इस किले में प्राचीन समय में बहुत सारी सुरंगे थी, जो सरकार के द्वारा बंद कर दी गई है और यह सुरंगे अलग-अलग जगह में जाकर खुलती थी। यह सुरंग जबलपुर से लेकर मंडला तक थी। अलग-अलग लोगों के द्वारा अलग-अलग बातें कही जाती हैं।

मदन महल किले का एक रहस्य भी है, कि कहा जाता है कि यहां पर खजाना गड़ा हुआ है। लोगों का मानना है कि यहां पर दो सोने की ईट गढ़ी है। बहुत सारे लोग यहां पर खुदाई करके गए हैं। मगर अभी तक किसी को कुछ नहीं मिला है। मदन महल किले में एक पहेली है, जिसको हल करने के बाद ही वह सोने की ईट लोगों को मिल सकती है।

 

मदन महल दरगाह – Madan Mahal Dargah

मदन महल किले (Madan Mahal Fort) के पास में मदन महल किले की तलहटी में मदन महल दरगाह बनी हुई है, जिसके दर्शन आप कर सकते हैं। मदन महल दरगाह जाने के लिए रास्ता मेडिकल रोड से जाता है। आप मुख्य सड़क से मदन महल दरगाह में जा सकते हैं। यह दरगाह बहुत ही अच्छी तरह से बनी हुई है। आप यहां पर जाकर घूम सकते हैं। यहां पर चारों तरफ पहाड़ी और जंगल का माहौल देखा जा सकता है। मदन महल किला से भी इस दरगाह में जाया जा सकता है, मगर  वह पैदल और पहाड़ी वाला रास्ता रहता है।

 

रानी दुर्गावती किले में घूमने का सबसे अच्छा समय – Best time to visit Rani Durgavati Fort

रानी दुर्गावती किले में घूमने का सबसे अच्छा समय बरसात का रहता है। आप यहां पर बरसात और ठंड के समय आ सकते हैं। बरसात और ठंड के समय मौसम बहुत ही अच्छा रहता है और रानी दुर्गावती का किला ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है, जिससे इस किले में जाने में ताकत लगती है। अगर आप यहां पर गर्मी के समय आएंगे, तो पूरी तरह से थक जाएंगे। मगर आप यहां पर ठंडी और बरसात में आएंगे, तो आप इस किले में आसानी से जा सकते हैं।

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मदन महल किले में जाने से पहले कुछ सावधानियां – Some precautions before visiting Madan Mahal Fort

  • मदन महल का किला (Madan Mahal Fort) बहुत सुंदर है और आप यहां पर जाकर एंजॉय कर सकते हैं। यहां से आप जबलपुर शहर का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। मगर इस किले में जाने से पहले आपको कुछ सावधानियां और कुछ बातों का ख्याल जरूर रखना चाहिए, जिससे आपकी आपकी यात्रा सुखद रहे।
  • मदन महल किले में अगर आप जाते हैं, तो यहां पर आपको सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है। इसका आप जरूर ध्यान रखें। अगर आप यहां पर गर्मी के समय जाते हैं, तो आपके यहां पर थकान हो सकती है। इसलिए आप इस बात का जरूर ध्यान रखें, कि आप फिजिकली फिट हो और आराम से सीढ़ियां चढ़ सके।
  • मदन महल किले में आप जाते हैं, तो अपने साथ पानी जरूर लेकर जाएं, क्योंकि यहां पर पानी की सुविधा नहीं है। यहां पर किले के पास में नल वगैरा नहीं है।
  • मदन महल किले में आप जाते हैं, तो खाने का सामान लेकर जा सकते हैं। अगर आपको यहां पर ज्यादा समय रुकना है, तो आप यहां पर खाने का सामान लेकर जा सकते हैं।
  • मदन महल किले में डस्टबिन बने हुए हैं। अगर आप अपने साथ कुछ खाने-पीने का सामान लेकर जाते हैं, तो डस्टबिन में कचरा डाले। इधर-उधर ना फेंके।
  • मदन महल किले के आसपास चट्टान और पहाड़ी इलाका है, इसलिए आप यहां पर चट्टानों के ऊपर चढ़कर फोटो ना खींचे। यहां पर आप चट्टानों और जंगल के अंदर ना जाए।
  • मदन महल के किले में आप घूमने के लिए जाते हैं, तो आप अच्छे शूज़ पहन कर जाएं ,सैंडल या हाई हील पहनकर न जाए।

 

रानी दुर्गावती का महल कहां है – Where is Queen Durgavati’s palace

रानी दुर्गावती का महल मदन महल की पहाड़ियों पर स्थित है। इस महल तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क है और यहां पर पार्किंग की जगह भी उपलब्ध है। आप यहां पर आराम से आ सकते हैं और इस महल में घूम सकते हैं। महल तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है।

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मदन महल किले में जाने का समय – Time to visit Madan Mahal Fort

मदन महल किले (Madan Mahal Fort) में जाने का समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक है। आप यहां पर आराम से जा सकते हैं। यह किला पहाड़ी पर बना हुआ है। यहां पर जाने में कोई भी दिक्कत नहीं रहती है।

 

 

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