Laxman Pahari Chitrakoot – लक्ष्मण पहाड़ चित्रकूट

Laxman Pahari Chitrakoot :- लक्ष्मण पहाड़ी चित्रकूट का धार्मिक स्थान है। लक्ष्मण पहाड़ी (Laxman Pahari) को श्री लक्ष्मण जी के नाम से जाना जाता है। माना जाता है, कि प्राचीन समय में लक्ष्मण जी वनवास काल के दौरान यहां पर रहे थे और विश्राम किया था। इस पहाड़ी से चारों तरफ का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर शाम के समय आपको सूर्यास्त का दृश्य देखने के लिए मिलता है। इस पहाड़ी में मंदिर बना हुआ है, जहां श्री राम जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।

लक्ष्मण पहाड़ी चित्रकूट (Lakshman Pahari Chitrakoot) की जानकारी

चित्रकूट की लक्ष्मण पहाड़ी (Laxman Pahari) एक दर्शनीय स्थल है। यह एक धार्मिक स्थल है। लक्ष्मण पहाड़ी (Laxman Pahari) पर आपको लक्ष्मण जी के प्राचीन चरण चिन्ह देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर लक्ष्मण कुंड (Laxman Kund) भी बना हुआ है, जिसे अब पूरा कवर कर दिया गया है। आप इसके दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आपको प्राचीन खंबे भी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको एक मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर श्री राम जी और लक्ष्मण जी को समर्पित है। मंदिर में श्री राम जी और लक्ष्मण जी की बहुत सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती है।

लक्ष्मण पहाड़ी (Laxman Pahari) कामदगिरि पहाड़ी (Kamadgiri Hill) के पास ही में स्थित है। आप जब भी कामदगिरि परिक्रमा (Kamadgiri Parikrama) करेंगे, तो आपको लक्ष्मण पहाड़ी देखने के लिए मिलेगी। लक्ष्मण पहाड़ी से आप चारों तरफ का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। लक्ष्मण मंदिर (Laxman Mandir) के पीछे बहुत सारे पत्थरों को बैलेंस करके रखा जाता है और मन्नत मानी जाती है। यहां पर लक्ष्मण जी का चबूतरा भी है और एक कुआं भी है। यह कुआं प्राचीन है। लक्ष्मण पहाड़ी (Laxman Pahari) से आप सुंदर दृश्य को देख सकते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। बरसात के समय आप आएंगे, तो आपको और अच्छा लगेगा। क्योंकि चारों तरफ हरियाली रहती है। यहां पर बहुत सारे परिक्रमा वासी आते हैं।

चित्रकूट के बारे में कहा जाता है, कि चित्रकूट में राम जी आकर 11 वर्षों तक रहे थे। चित्रकूट में राम जी कामदगिरि पर्वत (Kamadgiri Mountain) में रहे। चित्रकूट में लक्ष्मण पहाड़ी (Laxman Pahari) में लक्ष्मण जी रहे थे। लक्ष्मण पहाड़ी तक जाने के लिए सीढ़ियां हैं और यहां पर आने के लिए रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है। यहां पर बहुत सारे बंदर हैं। आप अगर कुछ सामान लेकर जाते हैं, तो उसे संभाल कर रखें, नहीं तो बंदर आपसे छीन सकते हैं। यहां पर रास्ते में आपको सीता रसोई देखने के लिए मिलती है।

वैसे चित्रकूट में मुख्य सीता रसोई मंदिर (Sita Rasoi Mandir) हनुमान धारा में है। मगर यहां पर लोगों के द्वारा मंदिर बना लिया गया है, क्योंकि यहां पर बहुत सारे श्रद्धालु श्री लक्ष्मण जी के दर्शन करने के लिए आते हैं। इसलिए यहां पर लोगों को दान मिलेगा। इसलिए मंदिर बना लिया गया है। आप लक्ष्मण पहाड़ी (lakshman pahadi) में मंदिर जाते हैं, तो आपको यहां पर जो पंडित जी मिलते हैं। वह आपको यहां पर जो प्राचीन खंबे रहते हैं, उनको भेंट करने के लिए कहते हैं। अर्थात गले लगाने के लिए कहते हैं और आपसे दक्षिणा मांगते हैं। आपके मन में जो भी दक्षिणा देना है। आप उन्हें दे सकते हैं। इन खंभों के बारे में कहा जाता है, कि प्राचीन समय में जब भरत जी, राम जी और लक्ष्मण जी से मिलने के लिए चित्रकूट आए थे। तब राम जी और भरत जी के गले मिले थे। उसी प्रकार यहां पर इन खंभों से भेंट किया जाता है। यहां पर दो जगह यह खंभे बने हुए हैं। आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर आकर अच्छा लगेगा।

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लक्ष्मण पहाड़ी कहां पर स्थित है – Where is Laxman Pahari located?

लक्ष्मण पहाड़ी चित्रकूट (Laxman Pahari Chitrakoot) का एक प्रमुख स्थान है। लक्ष्मण पहाड़ी चित्रकूट (Laxman Pahari Chitrakoot) में कामत गिरी परिक्रमा मार्ग में स्थित है। आप जब भी कामतगिरी परिक्रमा करते हैं, तो आपको लक्ष्मण पहाड़ी (Laxman Pahari) देखने के लिए मिलती है। आप इस पहाड़ी में घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां पर आप सीढ़यों के द्वारा जा सकते हैं। यहां पर रोपवे की सुविधा भी उपलब्ध है, आपकी जिससे इच्छा हो, आप इस पहाड़ी में जाकर श्री राम जी के दर्शन कर सकते हैं।

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