कुरुक्षेत्र के प्रमुख दर्शनीय स्थल – Top 31 Kurukshetra me Ghumne ki Jagah

Kurukshetra me Ghumne ki Jagah :- कुरुक्षेत्र भारत का एक प्रसिद्ध शहर है। इस लेख में हमने कुरुक्षेत्र में घूमने की जगह (Kurukshetra me Ghumne ki Jagah), कुरुक्षेत्र कैसे पहुंचे, कुरुक्षेत्र के प्रमुख धार्मिक स्थान और कुरुक्षेत्र के प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में जानकारी दी है।

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कुरुक्षेत्र जिले की जानकारी – Information about Kurukshetra district

कुरुक्षेत्र हरियाणा का एक प्रमुख जिला है। कुरुक्षेत्र दिल्ली से करीब 160 किलोमीटर दूर है। कुरुक्षेत्र अपने प्राचीन इतिहास के लिए प्रसिद्ध है। कुरुक्षेत्र में महाभारत का युद्ध हुआ था और श्री कृष्ण ने अर्जुन को इसी जगह पर गीता का ज्ञान दिया था। यह जगह हिंदू धर्म के लोगों के लिए बहुत पवित्र है। कुरुक्षेत्र में बहुत सारे धार्मिक स्थल है, जहां पर घूमने के लिए जाया जा सकता है।

कुरुक्षेत्र में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है, जहां पर जाकर आप अच्छा समय बिता सकते हैं। कुरुक्षेत्र में घूमने के लिए ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक जगह हैं। यह सभी जगह बहुत सुंदर है। कुरुक्षेत्र में ढेर सारे धार्मिक मंदिर हैं, जिनका पौराणिक महत्व है।

इन मंदिरों में आप घूमने के लिए जा सकते हैं। यह मंदिर बहुत प्राचीन है और बहुत अच्छी तरह से बनाए गए हैं। कुरुक्षेत्र की यह सभी जगह बहुत सुंदर है। इन सभी जगह में आप अपना अच्छा समय व्यतीत कर सकते हैं।

हमने इस ब्लॉग में कुरुक्षेत्र में घूमने लायक प्रमुख जगह (Kurukshetra me Ghumne ki Jagah) के बारे में जानकारी दी है। आप इस ब्लॉग को पूरा पढ़ें। ताकि अगर आप कुरुक्षेत्र जाना चाहे, तो आपको जानकारी रहे।

इस ब्लॉग में हमने कुरुक्षेत्र में घूमने वाली जगह (Kurukshetra me Ghumne ki Jagah), कुरुक्षेत्र कैसे जाएं, कुरुक्षेत्र में कहां ठहरे, कुरुक्षेत्र क्यों प्रसिद्ध है, कुरुक्षेत्र कहां पर है, इन सभी की जानकारी दी है।

 

कुरुक्षेत्र में घूमने की जगह – Kurukshetra me Ghumne ki Jagah

कुरुक्षेत्र जिले के प्रमुख दर्शनीय और पर्यटन स्थलों की सूची – Kurukshetra Tourist Places list in Hindi

  1. पिपली जू कुरुक्षेत्र
  2. ब्रह्म सरोवर कुरुक्षेत्र
  3. श्री सर्वेश्वर महादेव मंदिर कुरुक्षेत्र
  4. श्री गीता बिरला मंदिर कुरुक्षेत्र
  5. बौद्ध स्तूप कुरुक्षेत्र
  6. धरोहर हरियाणा संग्रहालय कुरुक्षेत्र
  7. 1857 युद्ध संग्रहालय कुरुक्षेत्र
  8. भीष्म कुंड कुरूक्षेत्र
  9. कल्पना चावला तारामंडल
  10. शेख चिल्ली का मकबरा कुरुक्षेत्र
  11. पुरातत्व संग्रहालय कुरुक्षेत्र
  12. हर्ष का टीला कुरूक्षेत्र
  13. ज्योतिसर तीर्थ स्थल कुरुक्षेत्र
  14. श्री स्थानेश्वर महादेव मंदिर कुरुक्षेत्र
  15. ओपी जिंदल पार्क कुरुक्षेत्र
  16. श्री देवीकूप (भद्रकाली) मंदिर कुरुक्षेत्र
  17. गुरुद्वारा साहिब पातशाही कुरूक्षेत्र
  18. कुरुक्षेत्र पैनोरमा और साइंस संग्रहालय कुरुक्षेत्र
  19. श्री कृष्ण संग्रहालय कुरुक्षेत्र
  20. श्री काली कमली मंदिर कुरुक्षेत्र
  21. श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर कुरुक्षेत्र
  22. मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर कुरुक्षेत्र
  23. गीता ज्ञान संस्थान कुरूक्षेत्र
  24. नाभा हाउस कुरुक्षेत्र
  25. श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर
  26. सन्निहित सरोवर कुरुक्षेत्र
  27. बाणगंगा कुरुक्षेत्र
  28. श्री दुख भंजन महादेव मंदिर कुरुक्षेत्र
  29. कमल कुंड कुरुक्षेत्र
  30. निष्ठा फिश म्यूजियम कुरुक्षेत्र
  31. भोर सैदान क्रोकोडाइल फार्म कुरुक्षेत्र

 

कुरुक्षेत्र जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल – Kurukshetra me Ghumne ki Jagah

 

पिपली जू कुरुक्षेत्र – Pipli Zoo Kurukshetra

पीपली जू कुरुक्षेत्र का एक प्रमुख आकर्षण स्थल है। यह कुरुक्षेत्र जिले में पीपली बस स्टैंड से करीब 1 किलोमीटर दूर है। यहां पर बहुत सारे जंगली जीव और पंछी देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर शेर, चीता, लकड़बग्घा, लोमड़ी, मगरमच्छ, घड़ियाल, दरियाई घोड़ा, काला हिरण, लंगूर, मोर, सांभर और बहुत सारी चिड़िया देखने के लिए मिलती है। यहां पर एंट्री फीस बहुत कम है। मात्र 10 रूपए की एंट्री फीस ली जाती है और स्टूडेंट के लिए और भी कम है।

यहां चारों तरफ ग्रीनरी है। यहां पर एक छोटी सी शॉप है, जहां पर आप को सॉफ्ट ड्रिंक और स्नेक्स मिल जाते हैं। यह पार्क चंडीगढ़ अंबाला मुख्य हाईवे सड़क पर बना हुआ है। यहां पर आप 10 से 5 बजे तक आ सकते हैं। सोमवार को यह पार्क बंद रहता है। इस पार्क को घूमने में करीब 1 घंटा लग जाएगा। इस पार्क में आकर, आप शांति से अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। बच्चों को यह पार्क बहुत पसंद आएगा। यहां पर आपको आकर अच्छा लगेगा।

 

ब्रह्म सरोवर कुरुक्षेत्र – Brahma Sarovar Kurukshetra

ब्रह्म सरोवर कुरुक्षेत्र का एक पवित्र स्थल है। इस स्थान के बारे में माना जाता है, कि इस सरोवर में स्नान करने से शरीर के बाहर और आंतरिक शरीर पवित्र हो जाता है। ब्रह्मसरोवर का नाम भगवान ब्रह्मा के नाम पर रखा गया है, क्योंकि यहीं पर ब्रह्मा जी ने पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान ब्रह्मा ने यहां पर विशाल यज्ञ   निर्मित किया था।

इस जगह के बारे में कहा जाता है, कि सूर्य ग्रहण के समय इस जगह पर स्नान करने से, ग्रहण का असर व्यक्ति पर बहुत कम होता है। सूर्य ग्रहण के समय यहां पर बहुत सारे श्रद्धालु आकर स्नान करते हैं। यहां पर स्नान करने से पुण्य मिलता है। ब्रह्म कुंड की लंबाई 1800 फीट है और चौड़ाई 1400 फीट है। ब्रह्म कुंड भारत का सबसे बड़ा मानव निर्मित कुंड है। यह कुंड दो भागों में बटा हुआ है।

कुंड के बीच में एक बड़ा सा टापू बना हुआ है, जहां पर आप पुल के माध्यम से जा सकते हैं। इस टापू में, श्री कृष्ण जी अर्जुन जी के रथ पर सवार प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत सुंदर लगती है। इसके अलावा यहां पर मंदिर देखने के लिए मिलेगा।

ब्रह्म कुंड के किनारे पर बहुत सारे घाट बने हुए हैं, जहां पर आप घूम सकते हैं। घाटों के किनारे बैठ सकते हैं और यहां पर स्नान भी कर सकते हैं। यहां पर दीपदान आरती होती हैं। गीता जयंती के समय यहां पर बहुत भीड़ लगती है। बहुत सारे लोग आकर यहां पर स्नान करते हैं। यहां पर पंचमुखी हनुमान मंदिर, प्राचीन पांडव द्रोपदी कूप, श्री खाटू श्याम मंदिर, कुंतीघाट और भी बहुत सारे घाट देखने के लिए मिल जाएंगे।

 

श्री सर्वेश्वर महादेव मंदिर कुरुक्षेत्र – Shri Sarveshwar Mahadev Temple Kurukshetra

श्री सर्वेश्वर महादेव मंदिर कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर के बीच में बना एक सुंदर मंदिर है। इस मंदिर में जाने के लिए पुल बनाया गया है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। इस मंदिर को ब्रह्म सरोवर मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर में शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां आकर अच्छा लगता है और शांति मिलती है। यहां पर और भी बहुत सारे देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए मिलेंगे। यहां पर राधा कृष्ण जी, गणेश जी, हनुमान जी के दर्शन किए जा सकते हैं।

 

श्री गीता बिरला मंदिर कुरुक्षेत्र – Shri Geeta Birla Mandir Kurukshetra

श्री गीता बिरला मंदिर कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर के पास में बना हुआ है। यह मंदिर बिरला ट्रस्ट के द्वारा बनवाया गया था। यह मंदिर 1952 में बनाया गया था। यह मंदिर भगवान कृष्ण जी को समर्पित है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। इस मंदिर की दीवारों में गीता के श्लोक लिखे हुए हैं। मंदिर में भगवान श्री कृष्ण और अर्जुन का रथ बना हुआ है, जो मार्बल से बना हुआ है और बहुत सुंदर लगता है।

यहां पर गार्डन में मार्बल की एक बहुत बड़ी घंटी बनी हुई है। यहां पर हाथी की प्रतिमा भी मार्बल से बनाई गई है। यहां पर धर्मशाला बनाई गई है, जहां पर आप ठहर सकते हैं। धर्मशाला में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। यहां पर बहुत कम प्राइस में आप ठहर सकते हैं। यह कुरुक्षेत्र में रुकने के लिए एक मुख्य जगह है। यह कुरुक्षेत्र में थानेश्वर में स्थित है।

 

बौद्ध स्तूप कुरुक्षेत्र – Buddhist Stupa Kurukshetra

बौद्ध स्तूप कुरुक्षेत्र का एक ऐतिहासिक स्थान है। यह कुरुक्षेत्र में थानेश्वर में स्थित है। यह प्राचीन बौद्ध स्तूप कुरुक्षेत्र में महाविद्यालय के उत्तर पूर्व दिशा में स्थित है। यह स्तूप ब्रह्मा सरोवर के पास में ही बना हुआ है। यहां स्तूप के अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। यह स्तूप बहुत प्राचीन है।

यहां पर एक टीला बना हुआ है, जो करीब 3 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। इसकी ऊंचाई आसपास की जमीन से लगभग 4 मीटर है। यहां पर पुरातत्व विभाग द्वारा खुदाई की गई थी, जिससे यहां पर पक्की हुई ईटों के बने हुए 5 ढांचे प्राप्त हुए थे। इनमें से तीन ढांचे मैं से एक कुषाण काल का है और एक गुप्त काल का है। स्तूप के आसपास बहुत बड़ा मैदान है।

 

धरोहर हरियाणा संग्रहालय कुरुक्षेत्र – Dharohar Haryana Museum Kurukshetra

धरोहर हरियाणा संस्कृतिक संग्रहालय कुरुक्षेत्र का एक प्रमुख स्थान है। यहां पर आपको हरियाणा की संस्कृति के बारे में पता चलता है। यहां पर हरियाणा गांव में रहने वाले लोग, उनकी जीवनशैली, उनके रोजगार, उनके व्यापार और बहुत सारी पुरानी वस्तु देखने के लिए मिलती है। यहां पर बच्चों को लेकर आया जा सकता है, क्योंकि बच्चों को यहां पर आकर बहुत सारा नॉलेज मिलेगा। आज के आधुनिक युग में इस तरह के संग्रहालय बहुत जरूरी है।

यहां पर कांसे और तांबे से बने हुए बर्तन, भारतीय मेडल, बर्तन, बंदूक, ईस्ट इंडिया कंपनी के सिक्के, ब्रिटिश भारतीय सिक्के, भारत गणराज्य के सिक्के, तलवारे, अलमारी,भारतीय गांव की जीवनशैली, पेंटिंग, रियल लाइफ फोटो, खाना बनाते हुए इंसान, बांस से सामान बनाते हुए लोग, मिट्टी का ईट बनाते हुए लोग, पूजा करते हुए लोग, घी बनाते हुए महिला, गाय भैंस यह सभी वस्तुएं देखने के लिए मिलेगी।

यहां पर एंट्री शुल्क लिया जाता है। यहां पर एक व्यक्ति का 30 रूपए लिया जाता है। अगर आप फोटो खींचना चाहते हैं, तो उसका अलग चार्ज लिया जाता है। यह संग्रहालय कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के पास में बना हुआ है। यह संग्रहालय सुबह 10 बजे से शाम के 4:30 बजे तक खुला रहता है। यह संग्रहालय सोमवार को बंद रहता है। संग्रहालय में आकर आपको बहुत अच्छा लगेगा और बहुत सारी जानकारी हासिल होगी।

 

1857 युद्ध संग्रहालय कुरुक्षेत्र – 1857 War Museum Kurukshetra

1857 युद्ध संग्रहालय कुरुक्षेत्र का एक प्रमुख संग्रहालय है। यह संग्रहालय कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के परिसर के पास में बना हुआ है। इस संग्रहालय में 1857 की क्रांति में हुए युद्ध को, मूर्तियों के माध्यम से देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर बहुत सारी फोटो भी दिखाई गई है। यहां पर एंट्री का शुल्क लगता है। आपको यहां पर आकर बहुत सारी जानकारी मिलेगी।

 

भीष्म कुंड कुरूक्षेत्र – Bhishma Kund Kurukshetra

भीष्म कुंड कुरुक्षेत्र का एक पवित्र कुंड है। यह कुंड कुरुक्षेत्र में नरकटारी गांव में बना हुआ है। इस कुंड के बारे में कहा जाता है, कि जब पितामह भीष्म सैया पर लेटे थे। तब कौरव और पांडव उन्हें घेरकर खड़े थे। ऐसे में भीष्म ने जल पीने की इच्छा व्यक्त की।

दुर्योधन ने सिपाहियों को आदेश देकर जल लाने के लिए कहा। इस पर भीष्म बोले, जिसने मुझे सरसैया दी है. वह मुझे जल पिलाए। इस पर अर्जुन ने धरती पर एक बाण को मारा और वहां पर जल की धारा फूट गई। इसी जल से पितामह भीष्म ने अपनी प्यास बुझाई। इसलिए इसे भीष्म कुंड कहा जाता है।

यहां पर एक कुंड देखने के लिए मिलता है। यह कुंड पूरी तरह से पक्का बना दिया गया है। कुंड के पास ही में भीष्म और अर्जुन जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। कुंड के तीन तरफ सीढ़ियां बनी हुई है। यहां पर हनुमान जी का मंदिर भी बना है।

यह महाभारत युद्ध भूमि का एक महत्वपूर्ण भाग है। इस जगह को नरकटारी तीर्थ के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर आपको भगवान शिव के शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर भगवान कृष्ण, श्री विष्णु जी, खाटू श्याम जी और भद्रकाली मां का मंदिर बना हुआ है।

 

कल्पना चावला तारामंडल – Kalpana Chawla Planetarium

कल्पना चावला तारामंडल कुरुक्षेत्र का एक प्रमुख स्थान है। यह तारामंडल ज्योतिसर तीर्थ स्थल के पास में पेहोवा मुख्य रोड पर बना हुआ है। इस तारामंडल में खगोल विज्ञान के बारे में, सौर मंडल, ब्रह्मांड, ग्रह नक्षत्र इन सभी के बारे में जानकारी मिलेगी। इस तारामंडल की स्थापना 2007 में की गई थी।

तारामंडल के भीतर और बाहर बहुत सारा एग्जीबिशन लगाया गया है, जहां पर बहुत सारे मॉडल प्रदर्शित किए गए हैं। यह तारामंडल भारत की महिला एस्ट्रोनॉट कल्पना चावला जी को समर्पित है। यहां पर स्पेस करियर के बारे में बहुत सारी जानकारियां मिलेगी।

इस तारामंडल में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। एक व्यक्ति का यहां 15 रूपए लिया जाता है। यहां भारतीय खगोल शास्त्र के बारे में, कल्पना चावला के बारे में, ब्रह्मांड के बारे में, तारों का जीवन, जीवन की खोज, ब्रह्मांड की उत्पत्ति, तारे क्या है, धूम केतु, ग्रह, शुद्र ग्रह, चंद्रमाए, इन सभी के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी मिलेगी।

यहां पर आप विभिन्न ग्रहों पर अपना वजन भी नाप सकते हैं। यह जगह बच्चों को बहुत पसंद आएगी। यह जगह मुख्य सड़क पर बनी हुई है। इसलिए यहां पर आना भी आसान है। आप यहां पर बस से या अपने स्वयं के वाहन से भी बहुत सकते हैं।

 

शेख चिल्ली का मकबरा कुरुक्षेत्र – Sheikh Chilli’s Tomb Kurukshetra

शेख चिल्ली का मकबरा कुरुक्षेत्र में थानेश्वर में स्थित है। यह मकबरा बहुत सुंदर है। यह मकबरा सूफी संत अब्दुर रहीम उर्फ अब्दुल करीम से संबंधित है, जिन्हें शेखचिल्ली के नाम से जाना जाता था। माना जाता है, कि संत अब्दुर रहीम मुग़ल शहजादे दारा शिकोह के धार्मिक गुरु थे। यह मकबरा अष्टभुजी चबूतरे पर बना हुआ है और यह मकबरा हल्के पीले बलुआ पत्थरों से निर्मित किया गया है। इस का प्रवेश द्वार दक्षिण की ओर है।

इसका नाशपतीनुमा गुंबद सफेद संगमरमर से बना हुआ है। मकबरे के प्रत्येक प्रवेश द्वार की भांति मेहराब बने हुए हैं, जो संगमरमर से निर्मित जालियों से सुसज्जित है। छत के चारों दिशाओं में बाहर की ओर छतरियां बनी हुई है, जिनके गुंबद पर हरे, नीले, पीले, जामुनी रंग की चमकदार टाइल्स को लगाया गया है और इनमें ज्यामितीय आकृतियां बनी हुई है।

शेख चिल्ली की समाधि अष्टभुजी कक्ष के मध्य में बनी हुई है, जबकि वास्तविक कब्र उसके ठीक नीचे कक्ष में बनी हुई है। वास्तविक कब्र में जाने के लिए मदरसे की एक सकरी गलियारे से होकर जाना पड़ता है। छत के पश्चिमी भाग में बलुआ पत्थर से एक अन्य मकबरा बना हुआ है, जिसका बेलनाकार गुंबद सफेद संगमरमर से बना हुआ है। यह संत की पत्नी की समाधि के रूप में जाना जाता है।

मदरसे के बाहरी और दक्षिण पश्चिम किनारे पर लाल बलुआ पत्थर से निर्मित पत्थर मस्जिद है, जिसकी छत पर अलंकृत स्तंभों तथा 6 अर्ध स्तंभों पर आधारित है। यह मकबरे बहुत सुंदर है और यहां पर घूमने आना चाहिए। मकबरे के आसपास बगीचा है। यहां पर मदरसा बना हुआ है। शेखचिल्ली के मकबरे को हरियाणा का ताजमहल भी कहा जाता है।

 

पुरातत्व संग्रहालय कुरुक्षेत्र – Archaeological Museum Kurukshetra

पुरातत्व संग्रहालय कुरुक्षेत्र में थानेसर में स्थित है। यह संग्रहालय, शेख चिल्ली का मकबरा परिसर में ही स्थित है। इस संग्रहालय में प्राचीन वस्तुओं का संग्रह देखा जा सकता है। संग्रहालय के खुलने का समय प्रातः 9 बजे से शाम के 5 बजे तक है। यह संग्रहालय शुक्रवार को बंद रहता है।

यहां पर आपको बहुत सारी प्राचीन मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं। इस संग्रहालय में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। यहां पर आप ऑनलाइन प्रवेश का शुल्क दे सकते हैं। यहां पर सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। म्यूजियम के पास में एक लाइब्रेरी है, जिसमें किताबों का संग्रह देखने के लिए मिलता है।

 

हर्ष का टीला कुरूक्षेत्र – Harsh’s mound, Kurukshetra

हर्ष का टीला कुरुक्षेत्र में थानेसर में स्थित है। हर्ष का टीला शेख चिल्ली मकबरे के पास में बना हुआ है। हर्ष का टीला राजा हर्षवर्धन का राज महल हुआ करता था। इसे आर्कलॉजिकल डिपार्टमेंट के द्वारा खुदाई करके निकाला गया है। यहां पर बहुत बड़ा महल का अवशेष देखने के लिए मिलता है। इस जगह में आप घूम सकते हैं। यहां पर चारों तरफ हरियाली है। यहां पर और भी प्राचीन और धार्मिक स्थल देखने के लिए मिलते हैं। इस जगह में एंट्री फ्री है।

 

ज्योतिसर तीर्थ स्थल कुरुक्षेत्र – Jyotisar pilgrimage site Kurukshetra

ज्योतिसर तीर्थ स्थल कुरुक्षेत्र का एक धार्मिक स्थान है। यह पूरे भारत देश में प्रसिद्ध है। कहा जाता है, कि यहां पर गीता का जन्म हुआ है। यहीं पर भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का पाठ पढ़ाया था। जब महाभारत युद्ध शुरू हुआ। तब अर्जुन अपने सगे संबंधियों को अपने सामने देख कर, मोह में पड़ गए थे, तो श्री कृष्ण जी ने उन्हें गीता का संदेश दिया और अपने विराट रूप का भी दर्शन दिया। उन्होंने यहां पर अर्जुन को समझाया कि, आप अपना कर्म करिए, उसके फल की चिंता नहीं करो।

ज्योतिसर तीर्थ मुख्य सड़क पर बना हुआ है। यह मंदिर कुरुक्षेत्र पेहोवा  मार्ग पर बना हुआ है। यहां पर प्राचीन अक्षय वट वृक्ष देखने के लिए मिलेगा, जो कहा जाता है, कि महाभारत के समय से यहां पर विराजमान है और यह महाभारत के युद्ध का एकमात्र साक्षी है। यहां पर एक तालाब बना हुआ है।

यहां पर श्री कृष्ण जी का विराट रूप देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही अद्भुत लगता है। यहां पर शिव भगवान जी का मंदिर भी बना हुआ है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। इस जगह में आस पास बहुत सारे मंदिर बने हुए हैं, जो बहुत ही अच्छी तरीके से बना कर रखे गए हैं। यहां पर दूर-दूर से लोग दर्शन करने के लिए आते हैं।

 

श्री स्थानेश्वर महादेव मंदिर कुरुक्षेत्र – Shri Sthaneshwar Mahadev Temple Kurukshetra

श्री स्थानेश्वर महादेव मंदिर कुरुक्षेत्र में थानेसर में स्थित है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है। यह मंदिर 5000 साल पुराना है। कहा जाता है, यहां पर जब पांडव महाभारत युद्ध के लिए जा रहे थे। तब उन्होंने यहां पर भगवान शिव की आराधना की थी और यहां पर पूजा की थी।

आप इस मंदिर में आकर घूम सकते हैं। यहां पर शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर के पास में एक तालाब भी बना हुआ है, जिसके बीच में शिव भगवान जी की मूर्ति के दर्शन किए जा सकते हैं। यहां पर और भी मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर दुर्गा जी, शनि भगवान जी, हनुमान जी, संतोषी माता जी, लक्ष्मी माता जी का मंदिर बना हुआ है। यह मंदिर ब्रह्मसरोवर से करीब ढाई किलोमीटर दूर है। यहां पर, जो कुंड बना हुआ है।

उसके बारे में कहा जाता है, कि जो भी व्यक्ति त्वचा संबंधी बीमारी से ग्रस्त रहता है। अगर वहां कुंड के पानी में स्नान करता है और इस कुंड का पानी पीता है, तो उसको त्वचा संबंधी बीमारी से लाभ होता है। यहां पर महा शिवरात्रि, मकर संक्रांति, कार्तिक पूर्णिमा, दशहरा, दीपावली के समय मंदिर को बहुत ही अच्छी तरह से सजाया जाता है और यहां पर बहुत सारे भक्त भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आते हैं।

 

ओपी जिंदल पार्क कुरुक्षेत्र – OP Jindal Park Kurukshetra

ओपी जिंदल पार्क कुरुक्षेत्र का एक प्रमुख पार्क है। यह पार्क कुरुक्षेत्र में थानेसर में झांसा रोड में बना हुआ है। यह पार्क ओम प्रकाश जिंदल जी को समर्पित है, जिनका जन्म 7 अगस्त 1930 में हुआ था। उनकी मृत्यु 31 मार्च 2005 में हुई थी। ओ पी जिंदल का जन्म हिसार हरियाणा में हुआ था। वह एक सक्सेसफुल बिजनेसमैन थे और जिंदल स्टील के चेयरमैन थे।

ओपी जिंदल पार्क बहुत बड़ा और बहुत सुंदर है। पार्क में चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर बहुत सारे झूले लगे हुए हैं। यह पार्क भद्रकाली मंदिर के पास में बना हुआ है। आप भद्रकाली मंदिर आते हैं, तो इस पार्क में भी घूम सकते हैं। यहां आकर आपको अच्छा लगेगा।

 

श्री देवीकूप (भद्रकाली) मंदिर कुरुक्षेत्र – Sri Devikup (Bhadrakali) Temple Kurukshetra

श्री देवीकूप भद्रकाली मंदिर कुरुक्षेत्र का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह हरियाणा का एकमात्र प्राचीन शक्तिपीठ है। यह मां सती के 52 शक्तिपीठों में से एक है। यह मंदिर कुरुक्षेत्र में झांसा रोड में बना हुआ है। यह थानेसर में स्थित है। यहां पर आकर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती है।

यहां पर बहुत सारे भक्त माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। यह मंदिर मुख्य सड़क पर बना हुआ है। इसलिए यहां पर आना भी आसान है। इस मंदिर के गर्भ गृह में महाकाली जी की बहुत ही भव्य प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। मंदिर में और भी बहुत सारी मूर्तियां देखी जा सकती है, जो बहुत सुंदर है।

यहां पर श्री राधा कृष्ण जी, राम जी, सीता जी, सरस्वती जी, लक्ष्मी जी, भगवान भोलेनाथ और पार्वती जी के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आकर बहुत शांति मिलती है। यहां नवरात्रि में बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर देवी सती का सीधा घुटना गिरा था।

मंदिर के खुलने की टाइमिंग 5:30 बजे से शाम के 8:30 बजे तक है। नवरात्रि में मंदिर 9:00 बजे तक खुला रहता है। यह मंदिर कुरुक्षेत्र जंक्शन से करीब 3 किलोमीटर दूर है। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है।

 

गुरुद्वारा साहिब पातशाही कुरूक्षेत्र – Gurdwara Sahib Patshahi Kurukshetra

गुरुद्वारा साहिब पातशाही कुरुक्षेत्र का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह सिखों का धार्मिक स्थल है। यह एक प्राचीन गुरुद्वारा है। यहां पर प्राचीन समय में श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी आए थे और यहां पर ठहरे थे। यहां पर 1622 ईस्वी में मई के महीने में, गुरु हरगोविंदजी यहां पर पहली बार आए थे और उसके बाद वह लाहौर में अपनी यात्रा में आगे बढ़े थे। यह जगह इसलिए पवित्र है और यहां पर इस गुरुद्वारे को बनाया गया है।

यह गुरुद्वारा बहुत बड़ा और बहुत सुंदर है। यह गुरुद्वारा कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन से डेढ़ किलोमीटर दूर है। आप यहां पर आराम से पहुंच सकते हैं। यह गुरुद्वारा कुरुक्षेत्र शहर के बीचो बीच बना हुआ है। इस गुरुद्वारे में ठहरने के लिए धर्मशाला बनाई गई है, जहां पर बहुत कम प्राइस देकर ठहर सकते हैं और यहां पर लंगर भी मिलता है, जिसमें बहुत ही स्वादिष्ट खाना बनाया जाता है।

यह गुरुद्वारा कुरुक्षेत्र पेहोवा रोड पर बना हुआ है।  गुरुद्वारे के परिसर में एक बड़ा तालाब बना हुआ है, जिसमें बहुत सारी मछलियां देखी जा सकती है। यहां पर एक म्यूजियम बना हुआ है, जहां पर सिख लोगों की हिस्ट्री को दिखाया गया है।

 

कुरुक्षेत्र पैनोरमा और साइंस संग्रहालय कुरुक्षेत्र – Kurukshetra Panorama and Science Museum Kurukshetra

कुरुक्षेत्र पैनोरमा एवं साइंस संग्रहालय कुरुक्षेत्र का फेमस टूरिस्ट स्पॉट है। यह संग्रहालय कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर के पास ही में स्थित है। आप यहां पर ब्रह्मसरोवर से पैदल ही घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आपको आकर यूनिक तरीके से साइंस और धर्म का मिश्रण देखने के लिए मिलता है।

यहां पर महाभारत का, जो युद्ध हुआ था। उसको साइंस के तरीके से एक्सप्लेन किया गया है। यहां पर आप महाभारत की युद्ध का 3D मूवी देख सकते हैं, जो बहुत ही जबरदस्त लगती है। यहां पर कुरुक्षेत्र के युद्ध का लाइव चित्रण देखा जा सकता है।

कुरुक्षेत्र पैनोरमा साइंस सेंटर की जो बिल्डिंग बनी हुई है। उसका आकार  बहुत ही सुंदर है। इस बिल्डिंग का आकार बेलनाकार है और यह देखने में बहुत ही सुंदर लगती है। यहां पर अंक गणित, खगोल विज्ञान, चिकित्सा और शल्य चिकित्सा, ज्यामिति, परमाणु की संरचना यह सभी देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है।

यहां पर बहुत सारा नॉलेज मिलेगा और बहुत सारे साइंस प्रोजेक्ट देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर टॉप फ्लोर पर महाभारत युद्ध को बहुत ही अच्छी तरह से डिस्क्राइब किया गया है, जो आपको जरूर देखना चाहिए। यहां पर छोटा सा जुरासिक पार्क भी बनाया गया है।

यहां पर बहुत सारी वस्तुओं का संग्रह भी देखने के लिए मिलता है। यहां पर भारत के प्राचीन मंदिर की जानकारी दी गई है। यहां पर आप घूमने आएंगे, तो आपको हिंदू धर्म के बारे में बहुत सारी जानकारी मिलेगी।

 

श्री कृष्ण संग्रहालय कुरुक्षेत्र – Shri Krishna Museum Kurukshetra

श्री कृष्ण संग्रहालय कुरुक्षेत्र का एक प्रमुख आकर्षण स्थल है। यह संग्रहालय कुरुक्षेत्र पैनोरमा और साइंस सेंटर के परिसर में स्थित है। इस संग्रहालय में श्री कृष्ण जी और महाभारत के बारे में बहुत सारी जानकारी मिलेगी और यहां पर बहुत सारे चित्रों के माध्यम से, महाभारत के दृश्यों को दिखाया गया है।

श्री कृष्ण म्यूजियम की स्थापना वर्ष 1987 में की गई थी। यहां पर महाभारत और गीता गैलरी देखने के लिए मिलती है। यहां पर तीन फ्लोर बने हुए हैं। ग्राउंड फ्लोर पर लकड़ी, टेराकोटा और कांसा की श्री कृष्ण भगवान जी की मूर्तियां देखने के लिए मिलती है। फर्स्ट फ्लोर पर श्री कृष्ण जी की पेंटिंग देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही अलग अलग मटेरियल में बनाई गई है। यह पेंटिंग पत्ती, और कपड़े में बनाई गई है और अलग-अलग स्टाइल में बनाई गई है, जैसे राजस्थानी उड़ीसा स्टाइल में बनी हुई है।

सेकंड फ्लोर पर श्री कृष्ण जी और महाभारत के बहुत सारे दृश्य देखने के लिए मिलते हैं। यह संग्रहालय बहुत अच्छी तरह से बना हुआ है। संग्रहालय के बाहर गार्डन बना हुआ है। इस संग्रहालय में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है, जो बहुत कम मात्र 10 रूपए है। इस संग्रहालय में आप ऑनलाइन टिकट बुक करा सकते हैं। यह संग्रहालय ब्रह्मा सरोवर के पास ही में बना हुआ है। आप यहां पर ब्रह्मसरोवर से पैदल ही घूमने के लिए आ सकते हैं।

 

श्री काली कमली मंदिर कुरुक्षेत्र – Shri Kali Kamli Temple Kurukshetra

श्री काली कमली मंदिर कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर के पास में बना हुआ है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर तरीके से बना हुआ है। यह मंदिर श्री काली मां को समर्पित है। यहां पर आकर मां काली के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।  यह मंदिर प्राचीन है।  मंदिर के पास गीता मंदिर बना है।

 

श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर कुरुक्षेत्र – Sri Venkateswara Swamy Temple Kurukshetra

श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर कुरुक्षेत्र का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। यह मंदिर कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर के पास में बना हुआ है। यह मंदिर द्रविड़ वास्तुकला में बनाया गया है। मंदिर का, जो प्रवेश द्वार है। वह बहुत सुंदर है। उसमें बहुत सारे देवी देवताओं के दर्शन किए जा सकते हैं।

यह मंदिर भगवान विष्णु के वेंकटेश्वर अवतार को समर्पित है।  यह मंदिर बहुत सुंदर लगता है। यह मंदिर साउथ के तिरुपति बालाजी मंदिर के समान है। इस मंदिर का प्रबंधन तिरुमला तिरुपति देवस्थान ट्रस्ट के द्वारा किया जाता है। मंदिर के खुलने का समय सुबह 6 से रात के 9 बजे तक है।

 

मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर कुरुक्षेत्र – Multi Art Cultural Center Kurukshetra

मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर कुरुक्षेत्र का एक प्रमुख स्थान है। यह कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर के पास बालाजी मंदिर से थोड़ी ही दूरी पर बना हुआ है। यहां पर आप पैदल ही घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर विभिन्न प्रकार के कल्चरल प्रोग्राम किए जाते हैं, जिन्हें गवर्नमेंट और कल्चरल संस्थाएं आयोजित करती हैं। इस इमारत के बाहर बगीचा बना हुआ है।

 

गीता ज्ञान संस्थान कुरूक्षेत्र – Geeta Knowledge Institute Kurukshetra

गीता ज्ञान संस्थान कुरूक्षेत्र का एक प्रमुख स्थान है। यह ब्रह्मसरोवर के पास स्थित है। यहां पर एक बिल्डिंग देखने के लिए मिलती है, जिसमें जियो गीता संग्रहालय बना हुआ है, जिसमें गीता के उपदेश देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर लाइट और साउंड शो का आयोजन किया जाता है, जिसमें गीता के बहुत सारे उपदेश देखे जा सकते हैं।

यहां पर आप आकर महाभारत युद्ध के बारे में जानकारी हासिल कर सकते हैं। यहां पर लाइब्रेरी है, जहां पर बहुत सारी किताबें पढ़ने के लिए मिलती है। इस जगह पर व्यवहारिक जीवन में गीता का महत्व समझाया गया है।

 

नाभा हाउस कुरुक्षेत्र – Nabha House Kurukshetra

नाभा हाउस कुरुक्षेत्र में स्थित एक प्रमुख प्राचीन स्थान है। यहां पर एक प्राचीन स्मारक देखने के लिए मिलेगी। यह स्मारक करीब 250 साल पुरानी है। यह नाभा किंगडम का एक पुराना रेस्ट हाउस है। यह महल महाराजा हीरा सिंह के द्वारा बनाया गया था और उनके द्वारा इस्तेमाल किया जाता था। अब इस स्मारक में घूमने की मनाही है। आप इसे बाहर से देख सकते हैं। यह कुरुक्षेत्र पैनोरमा और साइंस सेंटर के पास में बना हुआ है।

 

श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर – Sri Lakshmi Narayan Temple

श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर कुरुक्षेत्र पैनोरमा और साइंस सेंटर के पास में बना हुआ एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर बहुत पुराना है। यह मंदिर श्री लक्ष्मी जी और विष्णु भगवान जी को समर्पित है। मंदिर के गर्भगृह में लक्ष्मी जी और विष्णु भगवान जी की बहुत सुंदर मूर्ति देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर थोड़ी ऊंचाई पर बना हुआ है। मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। यहां पर आकर अच्छा लगता है।

 

सन्निहित सरोवर कुरुक्षेत्र – Sannihit sarovar Kurukshetra

सन्निहित सरोवर कुरुक्षेत्र का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह एक सुंदर सरोवर है। इस सरोवर के चारों तरफ सीढ़ियां बनी हुई है। इस सरोवर के किनारे बहुत सारे मंदिर भी बने हुए हैं। यहां पर सूर्य नारायण मंदिर बना हुआ है, जो प्राचीन है। इस मंदिर में सूर्य भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।

यहां अष्टभुजा दुर्गा मंदिर, नीलकंठ महादेव मंदिर, ध्रुव नारायण मंदिर, श्री हनुमान मंदिर, बना हुआ है। ऐसा माना जाता है, कि अमावस्या के दिन या ग्रहण के दिन यहां पर स्नान करने से अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता है।

 

बाणगंगा कुरुक्षेत्र – Banganga Kurukshetra

बाणगंगा कुरुक्षेत्र का एक धार्मिक स्थल है। यह कुरुक्षेत्र जिला में दयालपुर में स्थित है। यहां पर भीष्म पितामह को जल पिलाया गया था। इस स्थान पर भीष्म पितामह को महाभारत युद्ध के दौरान, अर्जुन ने धरती में बाण मारकर गंगा को प्रकट किया। जिस कारण इस स्थान का नाम बाणगंगा पड़ा।

तीर्थ के पश्चिम में स्थित वर्गाकार सरोवर के तल में उत्तर की तरफ से निर्मित एक विशाल धनुष आकृति बनाई गई है, जो बाणगंगा के अर्थ का स्वरूप है। वैशाखी मेले के दौरान यहां पर बहुत सारे श्रद्धालु आते हैं। यहां पर एक बड़ा सा कुंड देखने के लिए मिलता है।

कुंड के चारों तरफ सीढ़ियां है। यहां पर भीष्म पिता जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर पांडव पुत्र की प्रतिमाएं देखी जा सकती है। यहां पर हनुमान मूर्ति के भी दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह जगह बहुत अच्छी है और आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं।

 

श्री दुख भंजन महादेव मंदिर कुरुक्षेत्र – Shri Dukh Bhanjan Mahadev Temple Kurukshetra

श्री दुख भंजन महादेव मंदिर कुरुक्षेत्र में सन्निहित सरोवर के पास में बना हुआ है। यह मंदिर शिव भगवान जी को समर्पित है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर आकर भक्तों का दुख एवं परेशानी दूर होती है। यहां पर शिव भगवान जी भक्तों के दुःख को दूर करते हैं। इसलिए इस मंदिर को दुख भंजन मंदिर के नाम से जाना जाता है।

 

कमल कुंड कुरुक्षेत्र – Kamal Kund Kurukshetra

कमल कुंड कुरुक्षेत्र का एक और सुंदर स्थल है। यहां पर एक कमल के आकार का कुंड देखने के लिए मिलेगा, जो पानी भरा रहता है और इसमें कमल के फूल लगाए गए हैं। यह कुंड बहुत सुंदर लगता है।

 

निष्ठा फिश म्यूजियम कुरुक्षेत्र – Nishtha Fish Museum Kurukshetra

निष्ठा फिश म्यूजियम कुरुक्षेत्र का एक छोटा सा संग्रहालय है, जहां पर मछलियों का प्रदर्शन किया गया है। यहां पर बहुत सारी रंग बिरंगी मछलियां देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर एंट्री के लिए प्रवेश शुल्क लिया जाता है। यहां पर आकर आपको अच्छा लगेगा। बच्चे लोग इस जगह पर आकर एंजॉय करेंगे।

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भोर सैदान क्रोकोडाइल फार्म कुरुक्षेत्र – Bhor Saidan Crocodile Farm Kurukshetra

भोर सैदान क्रोकोडाइल फार्म कुरुक्षेत्र का एक टूरिस्ट प्लेस है। यहां पर क्रोकोडाइल देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर बहुत बड़े बड़े तालाब बनाए गए हैं, जिनमें क्रोकोडाइल को पाला जाता है और उनको प्रजनन करवाया जाता है। यह कुरुक्षेत्र में भोर सैदान गांव में बना हुआ है। यह कुरुक्षेत्र से पेहोवा जाने वाले मुख्य सड़क पर बना हुआ है। इसकी स्थापना 1982 में वन विभाग के द्वारा की गई थी।

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कुरुक्षेत्र क्यों प्रसिद्ध है – Kurukshetra is famous for

कुरुक्षेत्र हरियाणा का एक जिला है। कुरुक्षेत्र पूरे देश और विदेशों में भी प्रसिद्ध है। कुरुक्षेत्र में भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को गीता का ज्ञान दिया था। कुरुक्षेत्र में महाभारत का युद्ध लड़ा गया था। कुरुक्षेत्र में ब्रह्मसरोवर बना हुआ है, जहां पर इंसान स्नान करता है, तो उसे 1000 अश्वमेघ यज्ञ   का पुण्य मिलता है। कुरुक्षेत्र एक धार्मिक जगह है। यहां पर बहुत सारे धार्मिक स्थल देखने के लिए मिलते हैं। कुरुक्षेत्र में देश-विदेश से पर्यटक घूमने के लिए आते हैं।

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कुरुक्षेत्र में घूमने का सबसे अच्छा समय – Best time to visit in Kurukshetra

कुरुक्षेत्र में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप अक्टूबर से मार्च के महीने तक कुरुक्षेत्र में घूम सकते हैं। इस समय यहां ठंडा मौसम रहता है। ठंड का मौसम घूमने के लिए बहुत ही बढ़िया रहता है। ठंड के मौसम में आप सभी जगह आराम से घूम सकते हैं।

यहां पर दीपावली, महाशिवरात्रि, मकर संक्रांति, गुरु पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा के समय मंदिरों को बहुत सुंदर तरीके से सजाया जाता है और इस समय यहां पर आकर, यहां के त्योहारों में भाग लिया जा सकता है और यहां की रौनक देखी जा सकती है।

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कुरुक्षेत्र कैसे पहुंचे – How to reach in Kurukshetra

कुरुक्षेत्र भारत का एक प्रसिद्ध जिला है। कुरुक्षेत्र भारत देश के हरियाणा राज्य में स्थित है। कुरुक्षेत्र में आप आसानी से आ सकते हैं। कुरुक्षेत्र अन्य शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है।

कुरुक्षेत्र में देश और विदेशों से पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। कुरुक्षेत्र में पहुंचने के लिए सड़क मार्ग, वायु मार्ग, और रेल मार्ग उपलब्ध है। कुरुक्षेत्र में इन तीनों माध्यम से पहुंचना आसान है।

 

वायु मार्ग से कुरुक्षेत्र कैसे पहुंचे – How to reach Kurukshetra by air

कुरुक्षेत्र में हवाई मार्ग से पहुंचना बहुत ही आसान है। कुरुक्षेत्र का नजदीकी हवाई अड्डा दिल्ली में बना हुआ है। दिल्ली कुरुक्षेत्र से करीब 160 किलोमीटर दूर है। चंडीगढ़ में भी हवाई अड्डा बना हुआ है और चंडीगढ़ कुरुक्षेत्र से करीब 100 किलोमीटर दूर है। अपनी सुविधा अनुसार किसी भी हवाई अड्डे में आ सकते हैं। इन हवाई अड्डे से देश के विभिन्न हिस्सों से और विदेशों से भी एयरक्राफ्ट आते हैं। आप इन हवाई अड्डे में आकर, सड़क माध्यम से या रेल माध्यम से कुरुक्षेत्र पहुंच सकते हैं।

 

रेल मार्ग से कुरुक्षेत्र कैसे पहुंचे – How to reach Kurukshetra by rail

रेल माध्यम से कुरुक्षेत्र पहुंचना बहुत आसान है। कुरुक्षेत्र में रेलवे स्टेशन बना हुआ है, जिसे कुरुक्षेत्र जंक्शन के नाम से भी जाना जाता है। कुरुक्षेत्र में कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन और थानेश्वर रेलवे स्टेशन मुख्य स्टेशन है। आप इन स्टेशन में आकर उतरकर, अपने टूरिस्ट प्लेस में आसानी से घूम सकते हैं। यहां पर एक्सप्रेस, शताब्दी और लोकल ट्रेन आकर रुकती हैं। ट्रेन से यात्रा करना बहुत ज्यादा खर्चीला नहीं रहता है।

 

रोड मार्ग से कुरुक्षेत्र कैसे पहुंचे – How to reach Kurukshetra by road

रोड मार्ग से कुरुक्षेत्र पहुंचना आसान है। कुरुक्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 1 गुजरता है। कुरुक्षेत्र रोड माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ा हुआ है। कुरुक्षेत्र में आने के लिए बस की सुविधा उपलब्ध है। आप यहां पर अपने स्वयं के वाहन से भी आ सकते हैं। कुरुक्षेत्र में आप सरकारी बस और वोल्वो बस के द्वारा पहुंच सकते हैं।

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कुरुक्षेत्र में कहां ठहर सकते हैं – Where to stay in Kurukshetra

कुरुक्षेत्र में ठहरने के लिए बहुत सारे होटल मिल जाते हैं। कुरुक्षेत्र एक प्रमुख जिला है और यहां पर पूरे देश से और विदेशों से पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। यहां पर बहुत सारे होटल, लॉज और धर्मशालाएं बनी हुई है। यहां पर आपको अपने बजट के अनुसार होटल मिल जाता है।

आप होटलों का चुनाव ऑनलाइन कर सकते हैं। आपका बजट बहुत कम है, तो आप धर्मशाला में रुक सकते हैं। यहां पर बहुत सारी धर्मशालाएं हैं। ब्रह्मसरोवर के आसपास आपको धर्मशालाएं मिल जाएंगे। यहां पर आपको बहुत कम चार्ज लिया जाता है और आपको बहुत सारी सुविधाएं मिल जाएगी।

 

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