कुंवारा भीमसेन नागपुर – Kunwara Bhimsen Nagpur

Kunwara Bhimsen नागपुर का एक प्राकृतिक पर्यटन स्थल है। कुंवारा भीमसेन धार्मिक रूप से भी बहुत महत्वपूर्ण है। यहां पर गोंड जनजाति का मंदिर देखने के लिए मिलता है। Kunwara Bhimsen मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बॉर्डर एरिया में स्थित है। कुंवारा भीम सेन घने जंगलों के अंदर स्थित एक प्राकृतिक स्थल है। यहां पर आकर आप अच्छा समय व्यतीत कर सकते हैं।

कुंवारा भीमसेन नागपुर की जानकारी – Information about Kunwara Bhimsen Nagpur

कुंवारा भीमसेन नागपुर के पास घूमने के लिए एक मुख्य स्थान है। यहां पर हरा भरा जंगल, विशाल झील, पेड़ पौधे और  मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप ट्रैकिंग का आनंद ले सकते हैं। Kunwara Bhimsen एक बहुत ही खूबसूरत प्रकृति से घिरी हुई जगह है।

कुंवारा भीमसेन (Kunwara Bhimsen) नागपुर शहर की एक दर्शनीय स्थल है, जो शहर की तनावभरी जिंदगी से दूर आपको नेचर के करीब लाती है। आप इस जगह पर बोंटिग और ट्रैकिंग का मजा ले सकते है। पहाड की चोटी पर एक मंदिर है, जहां पर आप को ट्रैकिंग करके जाना पडता है। आप कुंवारा भीमसेन (kunwara bhimsen) जाकर नेचर का लुफ्त उठा सकते हैं।

कुंवारा भीमसेन (Kunwara Bhimsen) नागपुर तहसील से 50 किलोमीटर दूर है। यह घने जंगलों के अंदर स्थित है। यह नागपुर जिले के पारशिवनी तहसील में भिवागड में स्थित है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आने के लिए अच्छी सड़क व्यवस्था है। यहां पर आप बाइक और कार से पहुंच सकते हैं।

कुंवारा भीमसेन पर नेचर के अलावा मंदिर देखने मिलते हैं। कुंवारा भीमसेन में दो मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। एक मंदिर तलहटी में बना हुआ है और एक मंदिर पहाड़ी पर बना हुआ है। आप दोनों मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर खूबसूरत डैम है, जो पेंच नदी पर बनाया गया है। नागपुर में पीने के पानी की पूर्ति इसी बांध से की जाती है।

यहां पर पेंच डैम बना हुआ है। यह डैम काफी बड़े एरिया में फैला हुआ है। प्राचीन समय में यहां पर गांव हुआ करता था, जिसे दूसरी जगह में शिफ्ट करके पेंच नदी पर डैम बनाया गया है। यहां पर एक किले की अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। डैम के बीच में किले के अवशेष हैं। आप यहां पर नाव के द्वारा जा सकते हैं और इस किले की अवशेष को देख सकते हैं।

आप जब इस जगह पर पहुॅचते है, तो आपको यहां पर दो मंदिर देखने मिलते है। एक मंदिर बांध के किनारे बना हुआ है और एक मंदिर पहाड की उची चोटी पर स्थित है। यह मंदिर पेंच बांध के पास पहाड़ियों और हरियाली से घिरा हुआ है। यह मंदिर गोंड देवता को समार्पित है। कुंवारा भीमसेन (kunwara bhimsen) आदिवासी लोगों के भगवान है।

अप्रैल के महीने में मंदिर समिति द्वारा एक मेला का आयोजन किया जाता है। जिसमें मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड के आदिवासी लोग अपनी इच्छा पूरी करने के लिए आते है और बकरी और मुर्गे की बलि देेते है। कुंवारा भीमसेन मंदिर के पास ढेर सारे दुकान हैं, जहां पर आपको खाने-पीने का सामान मिल जाता है। यहां पर भगवान को अर्पित करने के लिए प्रसाद भी मिल जाता है।

आप पहाड़ी के ऊपर वाले मंदिर में जाने के लिए ट्रैकिंग कर सकते हैं। ट्रैकिंग का रास्ता बहुत ही बढ़िया है। ट्रैकिंग का रास्ता पहाड़ों और जंगलों से घिरा हुआ है। यहां पर आपको कुछ दूर तक अच्छा रास्ता मिलेगा। उसके बाद पहाड़ी और कच्चा रास्ता मिलता है। इस रास्ते में बड़ी-बड़ी चट्टानें हैं, जिनको पार करके आपको जाना पड़ता है।

आप ट्रैकिंग करके ऊपर पहुंचेंगे, तो आपको मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह  मंदिर गोंड के देवता को समर्पित है। यहां पर भगवान शिव का शिवलिंग भी देखा जा सकता है। यहां से पेंच जलाशय और जंगल का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। आप कुंवारा भीमसेन ने अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ में आ सकते हैं और इस जगह का आनंद ले सकते हैं। यहां पर बहुत शांति है।

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कुंवारा भीमसेन में बोटिंग – Boating at Kunwara Bhimsen

कुंवारा भीमसेन मंदिर (kunwara bhivsen temple) के पास आपको प्रसाद की दुकानें देखने मिल जाएंगे, जहां से आप मंदिर में चढ़ाने के लिए प्रसाद ले सकते हैं। इसके अलावा यहां पर पेंच बांध है। आप इस बांध में बोटिंग का मजा भी ले सकते हैं।

यहां पर बोंटिग बहुत कम कीमत पर हो जाती है। बांध में एक गोंड पैलेस पेंच जलाशय के नीचे डूब गया है। बांध में महल की उपरी संरचना अभी भी दिखाई देती है। इस किलें तक आपको बोटिग कराया जाता है।

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कुंवारा भीमसेन में ट्रैकिंग – Trekking at Kunwara Bhimsen

यहां का मुख्य आकर्षण करीब 3 किलोमीटर ट्रेक है, जो घने जंगल से गुजरता है। ट्रैकिंग पसंद करने वालों को यह जगह पसंद आयेगी। यहां पर पहाडी की चोटी पर एक मंदिर है, जिसके लिए ट्रैकिंग करना होता है। ट्रैकिंग करने के लिए यहां पर कुछ दूरी तक पक्की सीढ़ियां बनी हुई है, उसके बाद कच्चा रास्ता है। रास्ता कहीं पर उबड़ खाबड़ है, और कहीं-कहीं पर बहुत ज्यादा खतरनाक है, तो आपको संभलकर चलने की आवश्यकता होती है।

ट्रेक में आपको खड़ी चढ़ाई पर भी चढाना होता है। ट्रेक केवल फिट व्यक्तियों के लिए उपयुक्त है, क्योंकि रास्ता बहुत खराब है, जिसमें बूढे व्यक्ति और बच्चों को चढाना मुश्किल होगा। मगर प्रकृति के बीच में चलकर आपको बहुत ही बढिया लगेगा। ट्रैकिंग करने के लिए आपको ट्रैकिंग शूज पहन कर आना चहिए। आप यहां पर ट्रैकिंग करते है, तो आपको पानी जरूर लाना चहिए और खाने के लिए कुछ लेकर जरूर लाये, क्योंकि ट्रैकिंग में किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं है।

आप जब ट्रैकिंग करके उपर पहुॅचते है, तो आपको यहां पर कुंवारा भीमसेन का मंदिर देखने मिलता है। इसके अलावा यहां पर आपको बांध का मनोरम नजारा देखने मिलता है। आपको यहां से दूर दूर तक फैल जंगल देखने मिलते है। यहां पर आकर आपकी सारी थकान मिटा जाती है। आप यहां पर अपना बहुत अच्छा टाइम बिता सकते हैं और यहां पर आप बहुत अच्छे फोटोग्राफ भी ले सकते हैं।

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कुंवारा भीमसेन कहाँ स्थित है – Where is Kunwara Bhimsen located?

कुंवारा भीमसेन (kunwara bhimsen) महाराष्ट्र राज्य के नागपुर शहर (Nagpur city) में स्थित है। यह नागपुर से 50 किलोमीटर दूर है। यह पेंच और चारगाँव गाँव के पास परशियोनी तालुका में है। आप इस जगह तक अपने बाइक या कार से असानी से आ सकते है। यहां तक आने के लिए अच्छी सडक बनी हुई है।

 

यह नागपुर के पास नेचर को एक्सप्लोर करने की खूबसूरत जगह है। आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा। आप यहां पर अपने परिवार और फैमिली के साथ आ सकते हैं।

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