कुल्लू का प्रमुख पर्यटन स्थल – Top 22 Kullu me Ghumne ki Jagah

Kullu me Ghumne ki Jagah :- कुल्लू भारत का एक प्रसिद्ध शहर है। इस लेख में हम आपको कुल्लू में घूमने की जगह (Kullu me Ghumne ki Jagah), कल्लू के प्रमुख धार्मिक स्थल, कल्लू के प्रसिद्ध मंदिर, कुल्लू कैसे पहुंचे, कुल्लू किस लिए प्रसिद्ध है। इन सभी चीजों के बारे में जानकारी देगें।

Table of Contents

कुल्लू जिले के बारे में जानकारी – Information about Kullu district

कुल्लू भारत देश के हिमाचल प्रदेश का एक प्रमुख जिला है। कुल्लू हिमाचल प्रदेश का एक सुंदर शहर है। कल्लू भारत की एक प्रसिद्ध हनीमून डेस्टिनेशन है। कुल्लू को देवभूमि के नाम से जाना जाता है। कुल्लू जिला बहुत सुंदर है।

यह जिला पहाड़ियों और घाटियों से घिरा हुआ है। कुल्लू घाटी को पहले कुलथ पीठ कहा जाता था। कुल्लू घाटी विज नदी के किनारे स्थित है। यहां पर मशहूर हिल स्टेशन मनाली है। मनाली में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। मनाली कुल्लू का एक मुख्य आकर्षण स्थल है। कुल्लू में बहुत सारे पहाड़ियां, घाटी और झरने है, जो देखने लायक है। आप यहां पर आकर बहुत अच्छा अनुभव कर सकते हैं।

कल्लू और मनाली में घूमने के लिए बहुत सारे पर्यटन स्थल है, जो प्राकृतिक सुंदरता से  परिपूर्ण है। आप यहां पर जाकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। कुल्लू में घूमने के लिए ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक जगह हैं, जो बहुत सुंदर हैं। आप यहां पर अपने फैमिली और दोस्तों के साथ आ सकते हैं और अच्छा समय बिता सकते हैं।

इस ब्लॉग में हमने, कुल्लू में घूमने वाली प्रमुख जगह, कुल्लू के आसपास घूमने की जगह, कुल्लू कैसे पहुंचे, कुल्लू में कहा ठहरे, कुल्लू कहां पर है। इन सभी की जानकारी दी है। आप इस ब्लॉग को पूरा पढ़ें, ताकि आपका कुल्लू आने का प्लान बन रहा हो, तो आप प्लानिंग अच्छे से कर सके।

 

कुल्लू में घूमने की जगह – Kullu me Ghumne ki Jagah

कुल्लू के प्रमुख दर्शनीय स्थल और पर्यटन स्थलों की सूची – Kullu Tourist Places list in Hindi

  1. रघुनाथ मंदिर कुल्लू
  2. जमदग्नि ऋषि आश्रम कुल्लू
  3. नेचर पार्क कुल्लू
  4. आदि ब्रह्मा मंदिर कुल्लू
  5. साराबाई मॉनेस्ट्री कुल्लू
  6. बिजली महादेव मंदिर कुल्लू
  7. मणिकरण कुल्लू
  8. गुरुद्वारा मणिकर्ण साहिब
  9. शिव मंदिर मणिकरण
  10. भगवती नैना मंदिर मणिकर्ण
  11. कसोल कुल्लू
  12. जाना वॉटरफॉल कुल्लू
  13. मनाली कुल्लू
  14. रोहतांग पास कुल्लू
  15. गुलाबा व्यूप्वाइंट कुल्लू
  16. भृगु झील कुल्लू
  17. हमप्ता पास मनाली
  18. निकोलस रोरिक आर्ट गैलरी कुल्लू
  19. नग्गर कैसल कुल्लू
  20. गौरी शंकर मंदिर कुल्लू
  21. त्रिपुर सुंदरी मंदिर कुल्लू
  22. मुरलीधर कृष्ण मंदिर कुल्लू

 

कुल्लू मनाली में घूमने की जगह – Kullu me Ghumne ki Jagah

 

रघुनाथ मंदिर कुल्लू – Raghunath Temple Kullu

रघुनाथ मंदिर कुल्लू का एक प्रसिद्ध मंदिर है। रघुनाथ मंदिर कुल्लू में मुख्य शहर में स्थित है। यह मंदिर श्री राम जी को समर्पित है।  श्री रघुनाथ जी को वैली ऑफ गॉड के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर का निर्माण 1660 में राजा जगत सिंह के द्वारा किया गया था।

यह मंदिर प्राचीन है और बहुत सुंदर है। यहां पर आकर आपको मंदिर की हिस्ट्री जानने के लिए मिलेगी। यहां पर आपको राम जी, गणेश जी की मूर्तियां देखने के लिए मिलेगी। इस मंदिर का इतिहास बहुत ही रोचक है, जो आप यहां आ कर जान सकते हैं।

 

जमदग्नि ऋषि आश्रम कुल्लू – Jamdagni Rishi Ashram Kullu

जमदग्नि ऋषि आश्रम कुल्लू का एक फेमस धार्मिक स्थल है। यह कुल्लू से करीब 12 किलोमीटर दूर बना हुआ है। यह ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। यह आश्रम ऋषि जमदग्नि को समर्पित है। यह मंदिर बहुत सुंदर बना हुआ है। मंदिर से चारों तरफ का बहुत ही आकर्षक दृश्य देखा जा सकता है। इस मंदिर की छत लकड़ी की बनी हुई है। यह मंदिर पीज रोड पर बना हुआ है।

 

नेचर पार्क कुल्लू – Nature Park Kullu

नेचर पार्क कुल्लू का एक मुख्य आकर्षण स्थल है। नेचर पार्क कुल्लू में मोहाल में स्थित है। यह पार्क 2014 को स्थापित किया गया था। यह पार्क बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। यह पार्क व्यास नदी के किनारे बना हुआ है। यहां पर आप आकर अच्छा समय बिता सकते हैं।

यहां पर पार्क में बैठने के लिए सेटिंग एरिया बनाया गया है, जहां से व्यास नदी का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। यहां पर बच्चों के खेलने के लिए किड्स जोन प्ले एरिया बनाया गया है। यहां पर पार्क में छोटे छोटे तालाब देखने के लिए मिलेंगे। यहां पर आकर अच्छा समय आप बिता सकते हैं।

 

आदि ब्रह्मा मंदिर कुल्लू – Adi Brahma Temple Kullu

आदि ब्रह्मा मंदिर कुल्लू का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। आदि ब्रह्मा मंदिर कुल्लू में भुंतर के पास स्थित है। यह मंदिर भुंतर से करीब 5 किलोमीटर दूर है। यह मंदिर हिमालयन पगोड़ा स्टाइल में बना हुआ है। मंदिर का स्ट्रक्चर पत्थर, लकड़ी और स्लेट से बना हुआ है।

यहां पर मंदिर के छत में लकड़ी की घंटियां टंगी हुई है। यह मंदिर 1350 ईसवी में बनाया गया है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। यह मंदिर भगवान ब्रह्मा जी को समर्पित है। यह मंदिर खोखन गांव में बना हुआ है।

 

साराबाई मॉनेस्ट्री कुल्लू – Sarabai Monastery Kullu

साराबाई मॉनेस्ट्री कुल्लू में घूमने का एक फेमस टूरिस्ट स्पॉट है। यह मठ बहुत सुंदर है। यहां पर बुद्ध भगवान जी का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर बुद्ध भगवान जी की बहुत सुंदर प्रतिमा देखी जा सकती है। बुद्ध भगवान जी की प्रतिमा गोल्डन कलर की है। यहां पर बहुत बड़े बड़े प्रेयर व्हील देखने के लिए मिलते हैं, जिन्हें घुमाकर प्रार्थना की जाती है। यहां पर एक छोटा सा रेस्टोरेंट बना हुआ है, जहां पर खाना-पीना मिल जाता है।

इस मॉनेस्ट्री के बाहर बहुत बड़ा गार्डन बना हुआ है। गार्डन हरियाली से घिरा हुआ है।  यहां पर आप आकर मेडिटेशन कर सकते हैं। यह मॉनेस्ट्री कुल्लू में भिंतुर हवाई अड्डे के पास में स्थित है। आप यहां पर घूम सकते हैं।

 

बिजली महादेव मंदिर कुल्लू – Bijli Mahadev Temple Kullu

बिजली महादेव मंदिर कुल्लू में स्थित एक फेमस टूरिस्ट स्पॉट है। यह मंदिर कुल्लू से करीब 18 किलोमीटर दूर व्यास नदी से थोड़ी ही दूरी पर स्थित है। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। ट्रैकिंग का रास्ता बहुत ही जबरदस्त रहता है। यह मंदिर ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है।

इस मंदिर से चारों तरफ का बहुत ही सुंदर दृश्य देखा जा सकता है। मंदिर में बहुत सारी प्राचीन प्रतिमाएं देखने मिलती है। यहां पर नंदी भगवान जी और शिवलिंग देखने के लिए मिलते हैं, जो प्राचीन है।

इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर भगवान शिव का वास है। यह जगह 7874 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पर शिव का सर्वोत्तम स्थान है। यह स्थान जालंधर असुरों के वध से संबंधित है। इस स्थान पर शिव भगवान जी सदियों से तप, योग और समाधि द्वारा युगों से विराजमान है।

यहां पर हर वर्ष आकाश से बिजली गिरती है। कभी ध्वज पर, तो कभी शिवलिंग पर, जब पृथ्वी पर भारी सकंट आन पड़ता है, तो भगवान शंकर जी जीवों का उद्धार करने के लिए, पृथ्वी पर पड़े भारी संकट को सृष्टि रूपी शिवलिंग पर अपने ऊपर बिजली प्रारूप द्वारा सहन करते हैं, जिससे बिजली महादेव यहां विराजमान है।

 

मणिकरण कुल्लू – Manikaran Kullu

मणिकरण कुल्लू का एक मुख्य धार्मिक स्थान है। यहां पर बहुत सारे मंदिर बने हुए हैं, जिनका धार्मिक महत्व है। यह हिंदू और सिख लोगों के लिए पवित्र स्थल है। यह कुल्लू शहर से 50 किलोमीटर दूर है। यहां पर पार्वती नदी बहती है। यहां पर चारों तरफ पहाड़ियों का सुंदर दृश्य देखा जा सकता है।

यह बहुत सारे प्राचीन मंदिर और गुरुद्वारे बने हुए हैं। यहां पर एक गर्म पानी का कुंड बना हुआ है। मणिकरण के प्रमुख घूमने वाली जगह

 

गुरुद्वारा मणिकर्ण साहिब – Gurudwara Manikaran Sahib

गुरुद्वारा मणिकरण साहिब कुल्लू में मणिकरण में स्थित एक मुख्य स्थान है। यहां पर  एक बहुत बड़ा गुरुद्वारा देखने के लिए मिलता है। यह गुरुद्वारा पार्वती नदी के किनारे बना हुआ है। यहां पर आपको गर्म पानी का कुंड देखने के लिए मिलता है, जहां पर गुरुद्वारे के प्रसाद के लिए चावल पकाए जाते हैं।

चावल को एक मटके में डालकर,  इस कुंड में डाल दिया जाता है और चावल पक जाते हैं। यहां पर पार्वती नदी और गर्म पानी का कुंड दोनों आसपास में ही है। यह जगह बहुत सुंदर है। यहां पर गर्म पानी उबलता रहता है।

अगर यह किसी की त्वचा में पड़ जाए, तो वह  स्थान जल जाएगा। इस पानी में बहुत सारे मेडिकल बेनिफिट रहते हैं। गुरुद्वारे में लंगर चलता रहता है, जहां पर आप प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं।

यह गुरुद्वारा बहुत ही अच्छी तरह से बनाया गया है। यहां पर बहुत बड़ा प्रार्थना हॉल बना हुआ है, जहां पर आप जाकर प्रार्थना कर सकते हैं। यहां पर गर्म पानी के कुंड के पास में शिव भगवान जी की तांडव करती हुई प्रतिमा देखी जा सकती है, जो काले रंग की है और बहुत ही सुंदर लगती है।

 

शिव मंदिर मणिकरण – Shiva Temple Manikaran

शिव मंदिर मणिकरण में स्थित एक सुंदर मंदिर है। यह मंदिर पार्वती नदी के किनारे बना हुआ है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। यहां पर भगवान शिव और माता पार्वती के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां आकर अच्छा लगता है। यहां पर शिव भगवान जी और नंदी महाराज जी विराजमान है।

यहां और भी बहुत सारे देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए मिल जाएंगे। यह शिव मंदिर मणिकरण गुरुद्वारा के पास में बना हुआ है। यह शिव मंदिर बहुत सुंदर है। यहां आसपास का दृश्य बहुत सुंदर है और प्राकृतिक है।

 

भगवती नैना मंदिर मणिकर्ण – Bhagwati Naina Temple Manikaran

भगवती नैना मंदिर मणिकरण का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर पूरा लकड़ी का बना हुआ है और बहुत सुंदर है। यह मंदिर भगवती नैना देवी जी को समर्पित है। यह  मंदिर में पार्वती नदी के किनारे बना हुआ है और बहुत सुंदर है। यह मंदिर प्राचीन है।  नैना भगवती माता यहां की मुख्य देवी है। आप यहां दर्शन कर सकते हैं।

 

कसोल कुल्लू – Kasol Kullu

कसोल कुल्लू के पास घूमने का एक मुख्य स्थान है। यह पार्वती घाटी में स्थित है। यह जगह भारतीय पर्यटक और विदेशी पर्यटकों को बहुत पसंद आती है। कसोल एक सुंदर जगह है और आप यहां पर आकर अपना समय बिता सकते हैं। यहां पर चारों तरफ पहाड़ और पार्वती नदी देखने के लिए मिलती है।

यहां पर ठहरने के लिए बहुत सारे होटल मिल जाते हैं। कसोल में आकर नेचर पार्क घूम सकते है। यहां पर आप ट्रैकिंग का आनंद उठा सकते हैं। यहां पर कैंपिंग की जा सकती है। यहां पर बहुत सारे कैफे और रेस्टोरेंट है, जहां पर खाने पीने की व्यवस्था उपलब्ध है।

 

जाना वॉटरफॉल कुल्लू – Jana Waterfall Kullu

जाना वॉटरफॉल कुल्लू का पिकनिक स्पॉट है। जाना वॉटरफॉल कुल्लू के नग्गर तहसील के पास में स्थित है। यह नग्गर तहसील से करीब 10 किलोमीटर दूर है। यहां पर जाने का रास्ता जंगल वाला है। यह वाटरफॉल बहुत सुंदर है। इस वाटरफॉल के पास एक ढाबा बना है, जहां पर स्थानीय भोजन मिलता है और बहुत बढ़िया लगता है।

 

मनाली कुल्लू – Manali Kullu

मनाली कुल्लू शहर का एक मुख्य आकर्षण स्थल है। मनाली हिल स्टेशन है। मनाली में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। यहां पर हिडिंबा देवी मंदिर, वशिष्ठ मंदिर, प्राचीन मॉनेस्ट्री, मनाली नेचर पार्क, जोगिनी वॉटरफॉल, मनाली स्नो प्वाइंट, नेहरू कुंड, माल रोड, वन विहार नेशनल पार्क, कोठी, तिब्बती बाजार, रहाला जलप्रपात, रोहतांग दर्रा, सोलांग घाटी, जगतसुख मंदिर जैसी जगह घूमने के लिए मिल जाती है।

मनाली में ठहरने के लिए बहुत सारे होटल मिल जाते हैं, जहां पर आराम से ठहरा जा सकता है। यहां पर सभी प्रकार की व्यवस्था उपलब्ध रहती है। मनाली में जाकर 1 से 2 दिन अपना बहुत अच्छा बिता सकते हैं। यहां पर चारों तरफ पहाड़ियों का दृश्य रहता है।

 

रोहतांग पास कुल्लू – Rohtang Pass Kullu

रोहतांग पास कुल्लू में घूमने एक मुख्य स्थान है। यह समुद्र तल से करीब 13058 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह मनाली से 50 किलोमीटर दूर है। यह भारत में सबसे ऊंचा इलाका है। यहां पर आने को सबसे अच्छा टाइम जून-जुलाई का रहता है।  क्योंकि यहां पर उस समय बर्फ रहती है।

रोहतांग पास में आप आकर बर्फबारी देख सकते हैं। बर्फ में खेल सकते हैं। यहां पर चारों तरफ बर्फ ही बर्फ रहती है। बर्फ के पहाड़, जिन को देखने का आनंद ही अलग रहता है।

 

गुलाबा व्यूप्वाइंट कुल्लू – Gulaba Viewpoint Kullu

गुलाबा व्यूप्वाइंट कुल्लू का एक मुख्य स्थल है। यह मनाली लेह रोड में स्थित है। यह जगह बहुत सुंदर है। यहां पर आपको गुलाबा वैली देखने के लिए मिलेगी, जो बहुत सुंदर रहती है। यहां पर आप दिसंबर से मार्च के समय पर आएंगे, तो आपको चारों ही तरफ बर्फ देखने के लिए मिलेगी।

यहां पर पैराग्लाइडिंग पॉइंट पर बना हुआ है। यहां पर चारों तरफ पहाड़ का दृश्य देखा जा सकता है। यहां पर ठहरने के लिए आपको होटल भी मिल जाते हैं। यह जगह रोहतांग पास के पास में ही स्थित है। आप यहां के सुंदर दृश्यों का आनंद ले सकते हैं।

 

भृगु झील कुल्लू – Bhrigu Lake Kullu

भृगु झील कुल्लू में स्थित एक फेमस टूरिस्ट प्लेस है। यहां पर आप ट्रैकिंग करके आ  सकते हैं। यह झील हिमालय की पीरपंजाल पहाड़ियों के बीच में बनी हुई है। यह झील  गुलाबा व्यूप्वाइंट से करीब है। यह झील गुलाबा वैली से करीब 6 किलोमीटर दूर है।

यहां पर ट्रैकिंग करके पहुंचा जा सकता है और यहां पर आकर चारों तरफ का बहुत ही सुंदर दृश्य देखा जा सकता है। यह झील समुद्र तल से 14000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। यहां चारों तरफ बर्फ से ढका हुआ पहाड़ देखा जा सकता है।

 

हमप्ता पास मनाली – Hampta Pass Manali

हमप्ता पास मनाली के पास घूमने का एक और सुंदर स्थल है और यहां पर आप आकर पहाड़ देख सकते हैं। यहां पर बर्फ से ढके हुए पहाड़ देखे जा सकते हैं। यहां पर आप ट्रैकिंग का आनंद उठा सकते हैं। यहां पर चारों तरफ चीड़ के पेड़ लगे हुए हैं। यहां पर एलन बैराज बना हुआ है, जो बहुत सुंदर है। यहां बर्फ पर बने इगलू देखे जा सकते है।

 

निकोलस रोरिक आर्ट गैलरी कुल्लू – Nicholas Roerich Art Gallery Kullu

निकोलस रोरिक आर्ट गैलरी कुल्लू का एक मुख्य स्थान है। यह कुल्लू के ऐतिहासिक क्षेत्र नग्गर से करीब 3 किलोमीटर दूर है। यहां पर आपको बहुत सारी सुंदर सुंदर पेंटिंग देखने के लिए मिलती है। इस जगह का श्रेय चित्रकार एवं साहित्यकार निकोलस रोरिक की को जाता है।

उन्होंने अपनी पेंटिंग में हिमालय की सुंदरता और सभ्यता को उकेरा है। यहां पर उनकी हजारों पेंटिंग को सहेज कर रखा गया है। यहां पर एक संग्रहालय और ओपन थिएटर बना हुआ है। इस आर्ट गैलरी में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है।

 

नग्गर कैसल कुल्लू – Naggar Castle Kullu

नग्गर कैसल कुल्लू का एक मुख्य स्थल है। नग्गर ओल्ड मनाली से करीब 25 किलोमीटर दूर है। यहां पर एक प्राचीन महल देखने के लिए मिलता है। इस महल को अब एक होटल में बदल दिया गया है। यहां पर आप ठहर सकते हैं और यहां की  प्राचीन वस्तुओं को देख सकते हैं, जो बहुत सुंदर है। यह महल लकड़ी का बना है।

 

गौरी शंकर मंदिर कुल्लू – Gauri Shankar Temple Kullu

गौरी शंकर मंदिर कुल्लू में नग्गर तहसील में स्थित है। यह मंदिर प्राचीन है। यह पूरा मंदिर पत्थर से बनाया गया है और मंदिर की बाहरी दीवारों में सुंदर नक्काशी की गई है। यह मंदिर मनाली से करीब 20 किलोमीटर दूर और कुल्लू से 22 किलोमीटर दूर है।

यह मंदिर शिव जी को समर्पित है। मंदिर के सामने नंदी भगवान जी की खड़ी प्रतिमा देखने के लिए गलती है। यह मंदिर प्रतिहार शैली के प्रारंभिक मंदिरों में से एक है। इस मंदिर का निर्माण आठवीं शताब्दी में किया गया था। इस मंदिर में वर्गाकार गर्भ ग्रह बना है।

 

त्रिपुर सुंदरी मंदिर कुल्लू – Tripura Sundari Temple Kullu

त्रिपुर सुंदरी मंदिर कुल्लू में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर त्रिपुर सुंदरी माता को समर्पित है। यह मंदिर पूरा लकड़ी से बना हुआ है और बहुत सुंदर है। इस मंदिर को पगोड़ा स्टाइल में बनाया गया है। इस मंदिर में देवदार लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है।

इस मंदिर का निर्माण राजा यशोदा पाल के द्वारा किया गया था, जो माता के बहुत बड़े भक्त थे। यहां पर प्राचीन मूर्तियां देखने के लिए मिलती है। यह मंदिर कुल्लू में नग्गर तहसील में बना हुआ है।

 

मुरलीधर कृष्ण मंदिर कुल्लू – Muralidhar Krishna Temple Kullu

मुरलीधर कृष्ण मंदिर कुल्लू का एक प्रमुख मंदिर है। यह मंदिर कुल्लू में नग्गर में बना हुआ है। यह मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है। इस मंदिर के निर्माण के बारे में कहा जाता है, कि इस मंदिर का निर्माण पांडव के दवारा किया गया था। अज्ञातवास के दौरान यहां बनाया गया है। मंदिर की दिवार में बहुत ही सुंदर नक्काशी की गई है, जो बहुत ही जबरदस्त लगती है।

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कुल्लू कहां पर स्थित है – Where is Kullu located

कुल्लू भारत देश का हिमाचल प्रदेश प्रांत का एक मुख्य जिला है। कुल्लू जिले के उत्तर पूर्व में लाहौल और स्पीति, दक्षिण पूर्व में किन्नौर, दक्षिण में शिमला, पश्चिम में मंडी और उत्तर पश्चिम में कांगड़ा जिला है। कुल्लू इन जिलों से घिरा हुआ है। कुल्लू समुद्र तल से 1269 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।

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कुल्लू जिले की जलवायु – Climate of Kullu District

कुल्लू जिले का मौसम ठंडा और सूखा रहता है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर दिसंबर और फरवरी के महीने में बहुत अधिक सर्दी होती है। यहां पर दिसंबर से जनवरी के महीने में बर्फबारी होती है। आप यहां पर बर्फबारी का आनंद लेना चाहते हैं, तो दिसंबर से जनवरी के महीने में आ सकते हैं।

इस समय कुल्लू के अधिकांश भाग बर्फ से ढका रहता है और यहां का तापमान बहुत ही कम रहता है। कुल्लू में अगस्त से सितंबर के समय में बरसात होती है और अप्रैल से जुलाई के समय में गर्मी पड़ती है। आप अपनी सुविधा के अनुसार यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और कुल्लू का आनंद ले सकते हैं।

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कुल्लू कैसे पहुंचे – How to reach Kullu

कुल्लू भारत का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। कुल्लू में हर साल लाखों की तादाद में पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। कुल्लू पहुंचने के लिए परिवहन के साधन उपलब्ध है। कुल्लू पहुंचने के लिए हवाई मार्ग और सड़क मार्ग उपलब्ध है। कुल्लू देश के अन्य शहरों से सड़क मार्ग, रेल मार्ग और हवाई मार्ग से जुड़ा हुआ है

 

सड़क मार्ग से कुल्लू कैसे पहुंचे – How to reach Kullu by road

कुल्लू में राष्ट्रीय राजमार्ग 3 गुजरता है। कुल्लू मंडी जिले से 70 किलोमीटर और चंडीगढ़ से 270 किलोमीटर दूर है। कुल्लू दिल्ली से 570 किलोमीटर दूर है। कुल्लू आने के लिए बस की सुविधा मिल जाती है। यहां पर आप मुख्य शहरों से डायरेक्ट बस के द्वारा आ सकते हैं।

यहां आने के लिए लोकल और सरकारी बस की सुविधा उपलब्ध है। कुल्लू शहर में आप अपने गाड़ी से भी आ सकते हैं। यहां पर बहुत सारे लोग अपनी बाइक और कार से घूमने के लिए आते हैं।

 

रेल मार्ग से कुल्लू कैसे पहुंचे – How to reach Kullu by rail

कुल्लू में रेल मार्ग से भी पहुंचा जा सकता है। कुल्लू का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन जोगिंदर नगर है, जो कुल्लू से 120 किलोमीटर दूर स्थित है। यह मंडी और पठानकोट रास्ते पर छोटी लाइन में स्थित है। जोगिंदर नगर रेलवे स्टेशन में आकर सड़क माध्यम से कुल्लू आ सकते हैं।

 

हवाई मार्ग से कुल्लू कैसे पहुंचे – How to reach Kullu by air

हवाई मार्ग से कुल्लू आना बहुत आसान है। कुल्लू में हवाई अड्डा बना हुआ है। कुल्लू में भिंतुर में हवाई अड्डा बना हुआ है, जो कुल्लू से करीब 10 किलोमीटर दूर है। यहां पर दिल्ली चंडीगढ़ जैसे शहरों से डायरेक्ट फ्लाइट आती है। यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं और उसके बाद अपने गंतव्य स्थान पर जा सकते हैं।

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कुल्लू में कहा ठहरे – Where to stay in Kullu

कुल्लू भारत देश का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां पर हर साल बहुत सारे पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। कुल्लू में हर जगह आपको होटल और लॉज की सुविधा मिल जाती है, जहां पर आप अपनी सुविधा के अनुसार और अपने बजट के अनुसार ठहर सकते हैं। यहां पर आप ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं।

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कुल्लू में घूमने का सबसे अच्छा समय – Best time to visit in Kullu

कुल्लू में घूमने का सबसे अच्छा समय आप अपनी इच्छा अनुसार प्लान कर सकते है।  अगर आप यहां पर बर्फबारी देखना चाहते हैं, तो आप यहां पर दिसंबर और जनवरी के समय आ सकते हैं।

अगर आप यहां पर ठंडे मौसम का लुफ्त उठाना चाहते हैं, तो आप यहां पर मार्च अप्रैल और जून-जुलाई के समय आ सकते हैं। कुल्लू आने का सबसे अच्छा समय जून-जुलाई का रहता है।

कुल्लू मनाली में जून जुलाई के समय बहुत सारे लोग आते हैं। जून जुलाई के समय यहां का मौसम ठंडा रहता है, जिससे यहां पर बहुत सारे लोग आते हैं। कुल्लू में घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च तक का रहता है। अक्टूबर और मार्च के समय यहां पर आकर आप बर्फबारी का आनंद ले सकते हैं।

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