कोलकाता के दर्शनीय और पर्यटन स्थल – Top 53 Kolkata me Ghumne ki Jagah

Kolkata me Ghumne ki Jagah :- कोलकाता भारत का एक प्रसिद्ध शहर है। इस लेख में हम आपको कोलकाता में घूमने की जगह, कोलकाता के प्रमुख धार्मिक स्थान, कोलकाता कैसे पहुंचे और कोलकाता के प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में जानकारी देंगे।

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कोलकाता महानगर के बारे में जानकारी – Information about Kolkata metropolis

कोलकाता पश्चिमी बंगाल का एक मुख्य जिला है। भारत के 4 महानगरों में से एक कोलकाता है। कोलकाता पश्चिमी बंगाल की राजधानी है। कोलकाता में घूमने के लिए ऐतिहासिक, धार्मिक एवं प्राकृतिक स्थल है। यहां पर हर साल हजारों पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। कोलकाता हुगली नदी के पूर्वी तट पर बसा हुआ है। इसे पूर्वी भारत का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है। इसे सिटी ऑफ जॉय के नाम से भी जाना जाता है।

कोलकाता की मिठाईयां पूरे देश में प्रसिद्ध है। कोलकाता भारत का तीसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर है। ब्रिटिश काल के दौरान कोलकाता अंग्रेजों की राजधानी हुआ करता था।

कोलकाता में घूमने के लिए ढेर सारे पर्यटन स्थल है. जहां पर जाकर आप अच्छा समय बिता सकते हैं। कोलकाता में घूमने के लिए ऐतिहासिक, प्राकृतिक और धार्मिक स्थल है, जो बहुत सुंदर है। कोलकाता के इन सभी स्थलों में आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ जा सकते हैं और शांतिपूर्वक समय व्यतीत कर सकते हैं।

कोलकाता में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है, जिन्हें हमने इस ब्लॉग में बताया है। आप इस ब्लॉग को पूरा पढ़े। ताकि आपको उन सभी जगह के बारे में जानकारी मिल सके।

हमने इस ब्लॉग में कोलकाता में घूमने की जगह, कोलकाता में घूमने का सबसे अच्छा समय, कोलकाता कैसे जाये, कोलकाता में कहाँ ठहरे, इन सभी के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी है। अगर आप कोलकाता जा रहे हैं और अपना प्लान कर सकते हैं। तो इस ब्लॉग में आपको बहुत सारी महत्वपूर्ण जानकारियां मिलेंगी।

 

कोलकाता में घूमने की जगह – Kolkata me Ghumne ki Jagah

कोलकाता जिले के प्रमुख पर्यटन और दर्शनीय स्थलों की सूची – Kolkata Tourist Places list in Hindi

  1. विक्टोरिया मेमोरियल कोलकाता
  2. बेलूर मठ कोलकाता
  3. दक्षिणेश्वर काली मंदिर कोलकाता
  4. आचार्य जगदीश चंद्र बोस भारतीय वनस्पति उद्यान कोलकाता
  5. हावड़ा ब्रिज कोलकाता
  6. फोर्ट विलियम कोलकाता
  7. मंगल पांडे पार्क कोलकाता
  8. बिरला मंदिर कोलकाता
  9. बिरला इंडस्ट्रियल एंड टेक्नोलॉजिकल म्यूजियम कोलकाता
  10. एमपी बिरला तारामंडल कोलकाता
  11. सैंट पौल कैथ्रेडल कोलकाता
  12. भारतीय संग्रहालय कोलकाता
  13. शहीद मीनार कोलकाता
  14. राजभवन कोलकाता
  15. गांधी घाट कोलकाता
  16. नेहरू चिल्ड्रन गैलरी कोलकाता
  17. विवेकानंद म्यूजियम कोलकाता
  18. प्रिंसेप घाट कोलकाता
  19. नेचर पार्क कोलकाता
  20. इको पार्क डूमरजाला कोलकाता
  21. द आरबीआई म्यूजियम कोलकाता
  22. साइंस सिटी कोलकाता
  23. रविंद्र सरोवर कोलकाता
  24. सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान कोलकाता
  25. बिष्णुपुर
  26. शांतिनिकेतन
  27. गांधी स्मारक संग्रहालय कोलकाता
  28. मां अन्नपूर्णा मंदिर कोलकाता
  29. श्री राधा श्याम सुंदर मंदिर कोलकाता
  30. बक्खाली
  31. पूर्बस्थली पक्षी अभयारण्य
  32. श्रील प्रभुपाद पुष्पसमाधि मंदिर
  33. बल्लाल धीपी कोलकाता
  34. कालना शिव मंदिर
  35. कृष्ण चंद्रजी मंदिर कोलकाता
  36. लालजी मंदिर कोलकाता
  37. कृतिबास ओझा का जन्म स्थान
  38. बृंदावन चंद्र मठ
  39. सिद्धेश्वरी कालीबाड़ी
  40. मंगलदीप इको टूरिज्म पार्क
  41. मुकुंदनगर घाट या मुकुंदनगर मंदिर
  42. मल्लिका बॉन इको विलेज
  43. जसरा जगन्नाथ मंदिर
  44. जफर खान गाजी मस्जिद और दरगाह
  45. श्री हंसेश्वरी मंदिर और वासुदेव मंदिर
  46. कोन्नगर बारो मंदिर और घाट
  47. राजराजेश्वरी मंदिर कोलकाता
  48. अवनींद्रनाथ टैगोर का गार्डन हाउस
  49. श्री श्याम मंदिर कोलकाता
  50. रेल संग्रहालय कोलकाता
  51. मिलेनियम पार्क कोलकाता
  52. साउथ पार्क स्ट्रीट कब्रिस्तान कोलकाता
  53. इलियट पार्क कोलकाता

 

कोलकाता के प्रमुख दर्शनीय स्थल – Kolkata me Ghumne ki Jagah

 

विक्टोरिया मेमोरियल कोलकाता – Victoria Memorial Kolkata

विक्टोरिया मेमोरियल कोलकाता के मध्य में स्थित एक मुख्य इमारत है। यह इमारत सफेद संगमरमर से बनी हुई है। इस इमारत को बनाने का श्रेय वायसराय लॉर्ड कर्जन को जाता है। यह इमारत कोलकाता का एक मुख्य पर्यटन स्थल है।

इस स्मारक का निर्माण 1906 से 1921 के बीच में महारानी विक्टोरिया की याद में किया गया है। अब इस इमारत को सुंदर संग्रहालय में बदल दिया गया है। इस संग्रहालय बहुत सारी प्राचीन वस्तु देखने के लिए मिलती हैं।

इस संग्रहालय में क्वीन विक्टोरिया का 16 फीट ऊंचा ब्रोंज का स्टेचू बना हुआ है, जो बहुत सुंदर लगता है। इस संग्रहालय में और भी बहुत सारे वस्तुएं देखी जा सकती है। यह इमारत एक बहुत बड़े बगीचे के बीच में बनी हुई है। इस बगीचे में झील, सुंदर फव्वारे, और फूलों वाले प्लांट देखने के लिए मिल जाते हैं। यह इमारत बहुत सुंदर है। इस इमारत को इंडो सारासोनिक शैली में बनाया गया है।

यह इमारत हफ्ते में 7 दिन खुली रहती है। इस इमारत के खुलने का समय 10 से 5 बजे तक है। यहां पर प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। इस इमारत को लाइट से सजाया गया है, जो शाम के समय चालू की जाती है। यहां पर रंग बिरंगी लाइट चालू होती है, जिससे यह इमारत और भी ज्यादा आकर्षक लगती है।

 

बेलूर मठ कोलकाता – Belur Math Kolkata

बेलूर मठ कोलकाता का एक प्रसिद्ध हुगली नदी के पश्चिमी तट पर बना हुआ है। बेलूर मठ इंडिया के सबसे अच्छे स्थानों में से एक है। बेलूर मठ एक बहुत सुंदर स्मारक है। बेलूर मठ में एक बड़ा मेडिटेशन हॉल देखने के लिए मिलता है। यहां पर स्वामी विवेकानंद जी का रूम भी देखा जा सकता है। इस स्मारक के ऊपर, एक बड़ा सा गुंबद देखने के लिए मिलता है और यह बहुत अच्छी तरह से बनाई गई है। यह मठ श्री राम कृष्ण परमहंस जी को समर्पित है।

बेलूर मठ के बाहर पर बहुत बड़ा गार्डन बना हुआ है, जहां पर आप शांति से बैठ सकते हैं। यहां पर हुगली नदी का सुंदर घाट देखने के लिए मिलता है। यहां पर स्वामी विवेकानंद की बहुत सारी हिस्ट्री जानने के लिए मिलेगी। बेलूर मठ के बाहर बहुत बड़ा बगीचा है। इसमें फूलों वाले प्लांट लगाए गए हैं।

यहां पर आम का बगीचा भी लगा हुआ है, जहां पर आप घूम सकते हैं। यहां पर आने के लिए कोई भी एंट्री फीस नहीं ली जाती है। यहां पर प्रवेश निशुल्क है और यहां पर पार्किंग का भी प्रवेश नहीं लिया जाता है। यहां पर आप सुबह 6:30 बजे से 11:30 बजे तक और शाम को 4 से 9 बजे तक घूमने के लिए आ सकते हैं। यह जगह बहुत बड़े एरिया में फैली हुई है।

 

दक्षिणेश्वर काली मंदिर कोलकाता – Dakshineswar Kali Temple Kolkata

दक्षिणेश्वर काली मंदिर कोलकाता का एक फेमस मंदिर है। यह मंदिर पूरे देश में ही प्रसिद्ध है। यह मंदिर काली माता को समर्पित है। यह मंदिर कोलकाता में हुगली नदी के किनारे बना हुआ है। यह मंदिर विवेकानंद सेतु के पास में बना हुआ है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर है। मंदिर के ऊंचे ऊंचे बड़ी-बड़ी मीनारें दूर से ही देखने के लिए मिल जाती है। यह मंदिर प्राचीन है। यह 1 शक्ति पीठ के रूप में प्रसिद्ध है।

मंदिर का, जो परिसर है। वह बहुत ही भव्य है और यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। मंदिर के अंदर मोबाइल ले जाने की मनाही है। मंदिर में मां काली के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर हमेशा ही भीड़ रहती है।

नवरात्रि में यहां पर और भी ज्यादा भीड़भाड़ रहती है। अगर आप कोलकाता घूमने जा रहे हैं, तो आप यहां पर आकर जरूर घूमने और मां के दर्शन करने चाहिए। यहां पर हुगली नदी पर बहुत सारे लोग स्नान भी करते हैं।

 

आचार्य जगदीश चंद्र बोस भारतीय वनस्पति उद्यान कोलकाता – Acharya Jagadish Chandra Bose Indian Botanical Garden Kolkata

आचार्य जगदीश चंद्र बोस भारतीय वनस्पति उद्यान कोलकाता का एक प्रसिद्ध स्थान है। यह स्थल कोलकाता के हावड़ा में हुगाली नदी के किनारे स्थित है। यह स्थान पूरे भारत में प्रसिद्ध है। इसकी प्रसिद्धि का यह कारण है, कि यहां पर सबसे बड़ा बरगद का पेड़ देखने के लिए मिलता है।

यह बरगद का पेड़ बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है और इस बरगद के पेड़ को देखने के लिए विदेशों से और पूरे भारत देश से लोग आते हैं। इस बरगद के पेड़ में बहुत सारे पंछियों ने अपना घर बनाया है। यह बरगद का पेड़ बहुत ही पुराना है।

इस गार्डन को कोलकाता बॉटनिकल गार्डन के नाम से भी जाना जाता है। इस गार्डन में बहुत दुर्लभ पेड़ पौधों की प्रजातियां देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर 12000 से भी ज्यादा पेड़ पौधों की प्रजातियां है। यहां पार्क 109 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है।

इस पार्क में विभिन्न प्रकार के मसाले, औषधीय और ऑयल प्लांट देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर जगह जगह पर छोटे-छोटे पॉन्ड बने हुए हैं, जिसमें कमल के फूल खिले हुए हैं, जो बहुत ही सुंदर लगते हैं।

इस पार्क में एंट्री के लिए एंट्री चार्ज लिया जाता है। यहां पर इंडियन सिटीजन का 10 रुपए लिए जाते हैं और फॉरेन सिटीजन का 100 रुपए लिया जाता है। यहां पर हुगली रिवर का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलेगा। एक प्राचीन मॉन्यूमेंट देखने के लिए मिलेगा।

 

हावड़ा ब्रिज कोलकाता – Howrah Bridge Kolkata

हावड़ा ब्रिज कोलकाता का एक मुख्य आकर्षण स्थल है। यह एक ब्रिज है। यह ब्रिज हुगली नदी के ऊपर बना हुआ है। यह ब्रिज ब्रिटिश इंजीनियरों के द्वारा बनाया गया था। इस ब्रिज की खास बात यह है, कि यह ब्रिज आयरन और स्टील से बना हुआ है और पूरे ब्रिज में एक भी पोल नहीं है।

यह ब्रिज बहुत पुराना है। यहां पर हर दिन बहुत सारी गाड़ियां निकलती है। यह ब्रिज हावड़ा और कोलकाता को जोड़ता है। ब्रिज के नीचे से जहाज और शिप निकलते हैं। हावड़ा ब्रिज की टोटल लंबाई 705 मीटर है, चौड़ाई 30 मीटर और हाइट 98 मीटर है।

इस ब्रिज को फेस्टिवल के समय बहुत ही सुंदर तरीके से सजाया जाता है, जिससे यह ब्रिज और भी ज्यादा खूबसूरत दिखता है।  इस ब्रिज को रवींद्र सेतु के नाम से जाना जाता है। इस ब्रिज का कंस्ट्रक्शन 1946 को किया गया था। यह एक कैंटीलीवर ब्रिज है। इस ब्रिज को कोलकाता का प्रवेश द्वार माना जाता है।

 

फोर्ट विलियम कोलकाता – Fort William Kolkata

फोर्ट विलियम कोलकाता का एक मुख्य प्राचीन महल है। यह महल बहुत सुंदर है। यह महल 70 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस महल का निर्माण 1696 में करवाया गया था। इस महल नाम को किंग विलियम तृतीय के नाम पर रखा गया है।

फोर्ट विलियम में एक बहुत बड़ा पार्क बना हुआ है, जहां पर आप घूम सकते हैं। इस महल में भारतीय सेना का नियंत्रण है। मगर आप इस महल में घूमने जा सकते हैं। यह महल बाबूघाट के पास में बना हुआ है। इस महल के खुलने का समय 10 बजे से शाम के 5 बजे तक है।

 

मंगल पांडे पार्क कोलकाता – Mangal Pandey Park Kolkata

मंगल पांडे पार्क कोलकाता में बर्रैकपोरे में स्थित है। यह पार्क 1978 को स्थापित किया गया था। यह पार्क बहुत बड़ा और बहुत सुंदर है। यह पार्क हुगाली नदी के पूर्वी तट पर बना हुआ है। पार्क में आकर बहुत इंजॉय किया जा सकता है। यहां पर आपको बहुत सारे एनिमल के स्टैचू देखने के लिए मिलते हैं।

यहां पर बहुत सारे झूले हैं, जिन में बच्चे एंजॉय कर सकते है। यहां पर आपको मंगल पांडे जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, और प्रतिमा के निचे उनकी जानकारी लिखी गई है। इस गार्डन के अंदर एक रेस्टोरेंट बनाया गया है, जहां पर खाने के लिए, विभिन्न राज्य का स्थानीय स्वाद चखने मिलता है। यहां पर चारों तरफ हरियाली है। यहां पर हुगाली नदी का दृश्य बहुत जबरदस्त रहता है।

 

बिरला मंदिर कोलकाता – Birla Mandir Kolkata

बिरला मंदिर कोलकाता का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर कोलकाता में आशुतोष चौधरी एवेन्यू के पास में बल्लीगुंगे  में स्थित है। यह मंदिर 130 एकड़ के क्षेत्र में फैला हुआ है। यह मंदिर मुख्य रूप से राधा और कृष्ण जी को समर्पित है। यह मंदिर बिरला फैमिली के द्वारा बनाया गया है।

यह मंदिर बहुत सुंदर है। पूरा ही मंदिर मार्बल से बना हुआ है। मंदिर के ऊपर शिखर देखने के लिए मिलते हैं, जिनमें सुंदर नक्काशी की गई है। इस मंदिर के खुलने का समय सुबह 5:30 से 11:00 बजे तक और शाम को 4:30 बजे से 9:00 बजे तक है। यहां पर बहुत सारे लोग भगवान श्री कृष्ण के दर्शन करने के लिए आते हैं।

बिरला मंदिर की दीवारों में बहुत ही सुंदर सुंदर नक्काशी की गई है। जो बहुत ही आकर्षक लगती है। इस मंदिर का निर्माण 1996 में किया गया था। यहां पर और भी बहुत सारे देवी देवताओं के मंदिर बने हुए हैं। यहां पर भगवान हनुमान, भगवान विष्णु जी, देवी दुर्गा जी, भगवान शिव जी के मंदिर बने हुए हैं। यहां पर जन्माष्टमी पर बहुत बड़ी संख्या में लोग आकर उत्सव मनाते हैं।

 

बिरला इंडस्ट्रियल एंड टेक्नोलॉजिकल म्यूजियम कोलकाता – Birla Industrial and Technological Museum Kolkata

बिरला इंडस्ट्रियल एंड टेक्नोलॉजिकल म्यूजियम कोलकाता का एक मुख्य घूमने की जगह है। यह संग्रहालय बिरला मंदिर के पास ही में बना हुआ है। आप अगर बिरला मंदिर घूमने जाते हैं, तो इस संग्रहालय में भी घूमने के लिए जा सकते हैं। इस संग्रहालय में, टेक्नोलॉजी और हमारे उद्योगों में किस तरह से काम किया जाता है, किन मशीनों का प्रयोग किया जाता है। वह सभी जानकारी देने की कोशिश की गई है।

यहां पर कोलमाइन का प्रतिरूप बनाया गया है, जो बहुत अच्छी तरह से बनाया गया है और हर बात को यहां पर समझाया गया है। यहां पर बहुत सारे शो का आयोजन किया जाता है, जहां पर अंडर ग्राउंड मॉकअप कोल माइन, फन साइंस शो, केमिकल रिएक्शंस शो, साइंस मैजिक, शो सुपर कूल बॉडी शो, बबल शो, तारामंडल शो, 3D शो इन सभी का आयोजन किया जाता है।

इन सभी का आयोजन अलग-अलग समय और अलग-अलग दिन में किया जाता है। इन सभी शो में आप जाते हैं, तो अलग से चार्ज पे करना पड़ता है। मगर इनमें बहुत मजा आएगा और बहुत सारी जानकारियां भी मिलेगी। इस म्यूजियम में प्रवेश करने के लिए शुल्क लिया जाता है। यहां पर एक व्यक्ति का 75 रूपए दिया जाता है। यह जगह बच्चों लोगों को बहुत पसंद आएगी।

 

एमपी बिरला तारामंडल कोलकाता – MP Birla Planetarium Kolkata

एमपी बिरला तारामंडल कोलकाता का एक मुख्य आकर्षण स्थल है। बिरला तारामंडल एशिया सबसे बड़ा तारामंडल है। तारामंडल की, जो बिल्डिंग है। उसका आकार स्तूप के समान बनाया गया है, जो बहुत ही सुंदर लगता है। यह तारामंडल कोलकाता में जवाहरलाल नेहरू रोड पर बना हुआ है।

इस तारामंडल को 1963 में लोगों के लिए खोला गया था। इस तारामंडल का इनॉग्रेशन जवाहरलाल नेहरू जी के द्वारा किया गया था। इस तारामंडल में बहुत सारी वस्तुओं को प्रदर्शित किया गया है। यहां पर बहुत सारे शो भी आयोजित किए जाते हैं, जो हिंदी, बेंगोली और इंग्लिश भाषा में किए जाते हैं।

तारामंडल के बाहर एक बहुत बड़ा गार्डन बना हुआ है, जहां पर फव्वारे लगे हुए हैं। इस तारामंडल में आकाशगंगा, ग्रह, नक्षत्र, तारे, चंद्रमा, पृथ्वी इन सभी के बारे में जानकारी दी जाती है।

 

सेंट पौल कैथ्रेडल कोलकाता – St. Paul’s Cathedral Kolkata

सेंट पौल कैथ्रेडल कोलकाता में जवाहरलाल नेहरू रोड पर बना हुआ है। यह एक प्राचीन चर्च है। यह बहुत सुंदर है। इस चर्च में सभी धर्म के लोग आ सकते हैं और प्रार्थना कर सकते हैं। यहां पर एक बहुत बड़ा प्रार्थना हॉल बना हुआ है। इस चर्च में मीनार देखने के लिए मिलती है, जो बहुत सुंदर है।

यह चर्च संडे को सुबह की 6 बजे से शाम के 6 बजे तक खुला रहता है। यह चर्च गोथिक आर्किटेक्चर में बना हुआ है। यहां पर आकर आपको शांति का अहसास होगा। यहां पर पर्यटकों के लिए 10 रूपए की एंट्री फीस ली जाती है।

 

भारतीय संग्रहालय कोलकाता – Indian Museum Kolkata

भारतीय संग्रहालय कोलकाता का एक प्रसिद्ध स्थल है। यह भारत का सबसे बड़ा संग्रहालय है। यह संग्रहालय कोलकाता में जवाहर रोड पर बना हुआ है। इस संग्रहालय में बहुत सारी वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया है। यहां पर विभिन्न शताब्दियों की मूर्तियां, लॉर्ड बुद्धा, विभिन्न प्रकार की पत्थर, मिनरल्स, मेटल देखे जा सकते हैं। यहां पर ह्यूमन के इवोल्यूशन को भी देखा जा सकता है।

यहां पर डिफरेंट टाइम की पेंटिंग, एजीप्ट की मम्मी, जानवर की खाल, व्हेल मछली के अवशेषों, डायनासोर के अवशेषों एवं हड्डी, को यहां पर रखा गया है। यहां पर मछलियां देखने के लिए मिलती हैं, जो अलग-अलग प्रकार की हैं।

आपको यहां पर विभिन्न देवी-देवताओं की प्रतिमाएं देखने के लिए मिलेगी। यहां पर बहुत सारे प्रसिद्ध स्थलों स्थलों की छोटी-छोटी प्रतिकृति भी बनाई गई है। यहां पर बहुत सारा नॉलेज मिलेगा।

यहां पर घूमने में 2 से 3 घंटे या उससे भी ज्यादा समय लगेगा। अगर आप बारीकी से इस जगह को घूमेंगे, तो। इस संग्रहालय की स्थापना 1814 में की गई थी। इस संग्रहालय के खुलने का समय 10 से 5 बजे तक है। यहां पर प्रवेश करने का शुल्क लिया जाता है।

 

शहीद मीनार कोलकाता – Shaheed Minar Kolkata

शहीद मीनार कोलकाता में कोलकाता बस स्टैंड के पास में बना हुआ है। यह मीनार बहुत ऊंचा है। यह मीनार 48 मीटर ऊंचा है। इसमें मीनार के आसपास सुंदर बगीचा बना हुआ है और बैठने के लिए चेयर भी लगाई गई है। यहां पर आप शांति से आकर बैठ सकते हैं और यहां पर बहुत सारे लोकल वेंडर घूमते रहते हैं, जो खाने-पीने का सामान दिए रहते हैं। यह मीनार 1828 में बनाई गई थी। यह मीनार बहुत सुंदर है।

 

राजभवन कोलकाता – Raj Bhavan Kolkata

राजभवन कोलकाता का एक मुख्य प्राचीन स्थल है। राज भवन कोलकाता में बना एक सुंदर इमारत है। इस इमारत का आकार और डिजाइन बहुत ही जबरदस्त है। यह इमारत 1803 में बनाया गया था। इसे गवर्नर हाउस के नाम से भी जाना जाता है। यह प्राचीन समय में गवर्नर के रहने के लिए बनाया गया था। इस इमारत के बाहर बहुत बड़ा बगीचा बना हुआ है। यह रिस्ट्रिक्टेड प्लेस है, तो यहां पर जाने की मनाही है।

 

गांधी घाट कोलकाता – Gandhi Ghat Kolkata

गांधी घाट कोलकाता में हुगली नदी के पूर्वी तट पर बना हुआ है। यह बर्रैकपोरे में स्थित है। यह घाट बहुत सुंदर है। यहां पर बगीचा बनाया गया है। बगीचे में तरह तरह के फूलों वाले प्लांट और पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यह घाट गांधी जी की स्मृति में बनाया गया है। यहां पर आप आकर अच्छा समय बिता सकते हैं।

यहां पर गांधी म्यूजियम बना हुआ है, जहां पर बहुत सारी दुर्लभ वस्तुओं का संग्रह किया गया है। यहां पर बुक्स भी पढ़ने के लिए मिलती हैं। यहां पर आप हुगाली नदी के किनारे बैठकर अच्छा समय बिता सकते हैं। शाम को 5:30 बजे यह जगह बंद हो जाती है, तो आप यहां पर दिन के समय घूमने के लिए जा सकते हैं।

 

नेहरू चिल्ड्रन गैलरी कोलकाता – Nehru Children’s Gallery Kolkata

नेहरू चिल्ड्रन गैलरी कोलकाता में मुख्य शहर में स्थित है। यह गैलरी चार मंजिला है। इस गैलरी को 1972 में पब्लिक के लिए खोला गया था। यह गैलरी मुख्य द्वार पर बच्चों के लिए बनाई गई है। यहां पर बहुत सारी डॉल्स का कलेक्शन देखा जा सकता है। यहां पर पूरे वर्ल्ड की डॉल्स को देखा जा सकता है।

यहां पर गणेश जी की प्रतिमा, टॉय गैलरी, कार का कलेक्शन देखा जा सकता है। म्यूजियम में प्रवेश के लिए शुल्क लगता है और यह म्यूजियम शहर में और रोड पर बना हुआ है, तो आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर रामायण और महाभारत के बहुत सारे दृश्यों को भी मूर्तियों के माध्यम से दिखाया गया है।

 

विवेकानंद म्यूजियम कोलकाता – Vivekananda Museum Kolkata

विवेकानंद म्यूजियम को रामकृष्ण मिशन स्वामी विवेकानंद एन्सेस्ट्राल हाउस एंड कल्चरल सेंटर के नाम से भी जाना जाता है। इस म्यूजियम के खुलने का समय 10:00 से 12:30 बजे तक और दोपहर के 2 बजे से शाम के 5 बजे तक है। यह स्थल सोमवार को बंद रहता है। यह जगह स्वामी विवेकानंद जी का जन्म स्थान है।

स्वामी विवेकानंद जी का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था। उनका जन्म मध्यम वर्गीय परिवार में कायस्थ जाति में हुआ था। उन्हें बचपन में नरेंद्र दत्त के नाम से जाना जाता था। यहां पर म्यूजियम बना हुआ है। यह कोलकाता में विवेकानंद रोड पर स्थित है। इस म्यूजियम में स्वामी विवेकानंद जी के बारे में बहुत सारी जानकारी मिलेगी। यहां पर स्वामी विवेकानंद जी की एक प्रतिमा भी रखी गई है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है।

 

प्रिंसेप घाट कोलकाता – Princep Ghat Kolkata

प्रिंसेप घाट कोलकाता का एक मुख्य आकर्षण स्थल है। यह घाट हुगाली  नदी पर बना हुआ है। यह घाट विवेकानंद सेतु के पास स्थित है। यहां पर जेम्स प्रिंसेप का एक स्मारक देखने के लिए मिलता है। प्रिंसेप घाट के पास जेम्स प्रिंसेप मेमोरियल बना हुआ है, जिसका निर्माण 1841 में किया गया था। यह स्मारक बहुत सुंदर है और यह  हुगाली नदी के किनारे बना हुआ है।

यहां पर आप आकर सूर्यास्त और सूर्योदय का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। यहां पर खाने-पीने के बहुत सारा स्ट्रीट फूड मिलता है। यहां पर आप बोटिंग का भी आनंद ले सकते हैं। यह जगह बहुत अच्छी है। और जेम्स प्रिंसेप एक स्कॉलरशिप है आप यहां पर आकर अच्छा समय बता सकते हैं

 

नेचर पार्क कोलकाता – Nature Park Kolkata

नेचर पार्क कोलकाता में तारतल्ला रोड पर बना हुआ है। यहां पर आप आकर इंजॉय कर सकते हैं। यहां पर चारों तरफ पेड़ पौधे लगे हुए हैं। जिससे यहां पर हरियाली रहती है। यहां पर झील पर बनी हुई है, जहां पर बोटिंग की जा सकती है। यह कोलकाता का पिकनिक स्पॉट है।

 

इको पार्क डूमरजाला कोलकाता – Eco Park Doomarjala Kolkata

इको पार्क डूमरजाला कोलकाता का एक फेमस पार्क है। यह पार्क बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। यहां पर बहुत सारी फनराइड उपलब्ध हैं, जिन पर आप बहुत ज्यादा एंजॉय कर सकते हैं। यहां पर वर्ल्ड के सात अजूबे के प्रतिरूप देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत ही सुंदर लगते हैं।

यह पार्क सुबह 11बजे से शाम के 6 बजे तक खुला रहता है। यह पार्क  बहुत बड़ा है। यहां पर चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलेगी। यहां पर बहुत ही क्रिएटिव तरीके से बहुत सारे झूले बनाए गए हैं, जो बहुत ही अच्छे लगते हैं और बच्चे लोग यहां पर काफी इंजॉय करेंगे। यह पार्क हावड़ा में बना हुआ है।

 

द आरबीआई म्यूजियम कोलकाता – The RBI Museum Kolkata

द आरबीआई म्यूजियम कोलकाता का एक प्रमुख स्थल है। यह म्यूजियम कोलकाता में काउंसलिंग हाउस स्ट्रीट रोड पर बना हुआ है। इस म्यूजियम की, जो बिल्डिंग है। वह भी बहुत सुंदर है और इसका आकार देखने में जबरदस्त लगता है।

यह म्यूजियम मंगलवार से रविवार तक सुबह 10 बजे से 5 बजे तक खुला रहता है। सोमवार को यहां पर सरकारी छुट्टी रहती है। इस म्यूजियम में प्रवेश निशुल्क है। यहां पर कोई भी एंट्री चार्ज नहीं लगता है। यहां पर आप आकर बहुत सारे करेंसी के बारे में इंफॉर्मेशन जान सकते हैं। इस म्यूजियम की स्थापना 1935 में की गई थी।

 

साइंस सिटी कोलकाता – Science City Kolkata

साइंस सिटी कोलकाता का एक मुख्य आकर्षण स्थल है। यहां पर बहुत सारी वस्तुओं का प्रदर्शन किया गया है। साइंस सिटी की बिल्डिंग बहुत ही सुंदर है। यहां पर बिल्डिंग का डिजाइन देखने लायक है। साइंस सिटी के अंदर बहुत सारी आधुनिक और प्राचीन तकनीकों को प्रदर्शित किया गया है।

यहां पर एक्वारियम, स्पेस एक्सहिबिशन, डायनोमोशन, साइंस पार्क, रिफ्लेक्शन, मारीटाइम सेंटर यह सभी वस्तुएं देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर कुछ मनोरंजक गतिविधियों का लुफ्त उठाना चाहते हैं, तो उसके लिए रोपवे, 3D थियेटर, टाइम मशीन, साइंस ऑन ए स्फीयर,  पैनोरमा शो, एवोलुशन ऑफ लाइफ, स्पेस थिएटर, रोड ट्रैन बना हुआ है। यहां पर आप कोई भी एक्टिविटी करेंगे, तो आप का अलग से चार्ज लगेगा। मगर यह एक्टिविटी करने में आपको मजा बहुत आएगा और बहुत सारा नॉलेज मिलेगा।

साइंस सेंटर में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। साइन सेंटर की बिल्डिंग के बाहर बहुत बड़ा बगीचा बना हुआ है, जहां पर पौधों से भूलभुलैया बनाई गई है और बहुत ही एक्साइटिंग रहती है। यहां पर बहुत सारे अनोखे साइंस एक्सपेरिमेंट देखे जा सकते हैं। यह जगह बच्चों और बड़ों के लिए दोनों के लिए ही बहुत अच्छी है। यहां पर आकर सभी लोग इंजॉय कर सकते हैं।

यहां पर इंटरनेशनल मेगा ट्रेड फेयर लगता है, जहां पर बहुत सारी वस्तुएं प्रदर्शित की जाती है। इन वस्तुओं को आप खरीद सकते हैं और यहां पर आपको देश के विभिन्न हिस्सों से लाई गई वस्तुओं को प्रदर्शित किया जाता है। यहां पर खाने-पीने का भी बहुत सारा आइटम मिलता है।

 

रविंद्र सरोवर कोलकाता – Ravindra Sarovar Kolkata

रविंद्र सरोवर कोलकाता शहर के मध्य में स्थित एक सुंदर सरोवर है। यह झील कोलकाता शहर के बीच में बनी हुई है। यहां पर बहुत सारे लोग घूमने के लिए आते हैं। यहां पर जोगिंग, वाकिंग, योगा, मेडिटेशन यह सब एक्टिविटी की जा सकती है। यह एक आर्टिफिशियल लेक है। यहां पर बर्ड वाचिंग की जाती है। यहां पर बहुत सारी माइग्रेट बर्ड्स देखने के लिए मिल जाती है। इस सरोवर की ओपनिंग टाइम 5 से 10 और शाम के 4 बजे से 7 बजे तक है।

रविंद्र सरोवर के पास ही दुर्गा पूजा एजुकेशन म्यूजियम हैं। आप यहां पर भी घूमने के लिए जा सकते हैं। यहां पर मां दुर्गा के बहुत सुंदर सुंदर मूर्तियां देखने के लिए मिलेगी और यहां पर और भी बहुत सारी आकर्षक चीजें बनाई गई है। झील के किनारे पर बंगाल क्लब बना हुआ है। यहां पर बोट क्लब भी बना हुआ है, जहां पर आप लेक में बोटिंग कर सकते हैं।

 

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान कोलकाता – Sundarban National Park Kolkata

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान कोलकाता के पास घूमने का एक मुख्य आकर्षण स्थल है। यह राष्ट्रीय उद्यान कोलकाता से करीब 110 किलोमीटर दूर है। यह राष्ट्रीय उद्यान मैंग्रोव वनों से ढका हुआ है।

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान मुख्य तौर पर बंगाल टाइगर के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर बंगाल टाइगर की भरमार है। यहां पर आप सफारी के लिए आ सकते हैं और बंगाल टाइगर आराम से देख सकते हैं। यह जगह बहुत खूबसूरत है। यहां पर गंगा नदी डेल्टा बनाती है।

सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान को1973 में सुंदरवन टाइगर रिजर्व और 1977 में वन्य जीव अभ्यारण घोषित किया गया था। 4 में 1984 को इसे राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया।  1987 में इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया।

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान में आप नाव के माध्यम से सजनेखली द्वीप तक जा सकता है, जो राष्ट्रीय उद्यान का प्रवेश द्वार है। आप सुंदरबन में सफारी का आनंद ले सकते हैं। आप यहां पर सफारी का आनंद बोट के द्वारा ले सकते हैं।

सुंदरवन टाइगर रिजर्व में आपको बहुत सारे द्वीप, जलमार्ग, खड़िया, नहरे और हरा-भरा मैंग्रोव का जंगल देखने के लिए मिलता है। यहां पर आपको ढेर सारे जंगली जीव भी देखने के लिए मिलते हैं। आप यहां पर कम से कम 1 घंटे की यात्रा का आनंद उठा सकते हैं। यह विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन है। यह जगह प्राकृतिक प्रेमियों और शांति प्रेमियों के लिए सबसे अच्छी जगह में से एक है। आप यहां से झारखाली पाखीराले और बल्ली से होते हुए पहुंच सकते हैं।

सुंदरवन राष्ट्रीय उद्यान में आपको खारे पानी के मगरमच्छ देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको मगरमच्छ और कछुए आसानी से देखने के लिए मिल जाते हैं। यहां पर वन्य जीव संग्रहालय है, जहां पर आप ढेर सारे जंगली जीवों के बारे में जान सकते हैं। यहां पर आप चित्तीदार हिरण, लुफ्तप्राय कछुआ, ओलिव रिडले कछुए, किंग केकड़े और बाटागुर बस्का देखने के लिए मिलती है। यहां पर आपको पक्षियों की ढेर सारी प्रजातियां देखने के लिए मिलती है।

 

बिष्णुपुर – Bishnupur

विष्णुपुर कोलकाता के पास घूमने का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। विष्णुपुर कोलकाता  बांकुड़ा जिले में स्थित है। विष्णुपुर कोलकाता से लगभग 135 किलोमीटर दूर है। आप यहां पर आराम से पहुंच सकते हैं। यह एक छोटा सा कस्बा है। यहां पर घूमने के लिए आपको ढेर सारे ऐतिहासिक स्थान देखने के लिए मिलते हैं।

यह जगह बहुत सुंदर है। यहां पर ढेर सारे मंदिर हैं, जहां पर आप घूम सकते हैं। यह सभी मंदिर प्राचीन है और बहुत ही अच्छी तरह से बनाए गए हैं। विष्णुपुर अपने गौरवशाली इतिहास और टेराकोटा मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर ढेर सारे प्राचीन मंदिर बने हुए हैं, जो बहुत सुंदर लगते हैं। आप इन सभी मंदिरों के दर्शन करने के लिए आ सकते हैं। इन मंदिरों का निर्माण 17वीं और 18वीं शताब्दी के दौरान मल्ल वंश के शासको के द्वारा किया गया है।

विष्णुपुर में जोर बंगला मंदिर, मदन गोपाल मंदिर, मदन मोहन मंदिर, गढ़ दरवाजा, छिन्नमस्ता मंदिर, पंच रत्न श्याम राय मंदिर, तेजपाल मंदिर, लालजी मंदिर, बिष्णुपुर किला, राधाश्याम मंदिर, गुमघर, रास मंच देखने के लिए मिलता है। आप इन सभी मंदिरों में जा सकते हैं और घूम सकते हैं। यह सभी मंदिर बहुत सुंदर है।

 

शांतिनिकेतन – Shantiniketan

शांतिनिकेतन कोलकाता के पास घूमने का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। कोलकाता से लगभग 164 किलोमीटर की दूरी पर स्थित शांतिनिकेतन एक खूबसूरत स्थल है। शांतिनिकेतन नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा स्थापित विश्व भारती विश्वविद्यालय के लिए प्रसिद्ध है।

शांतिनिकेतन वेस्ट बंगाल के वर्धमान जिले के बोलपुर में स्थित है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। आप यहां पर सड़क मार्ग और रेल मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं। शांति निकेतन में आपको घूमने के लिए ढेर सारी जगह मिलती है, जहां पर जाकर आप आराम से घूम सकते हैं।

शांतिनिकेतन में आपको रवींद्रनाथ टैगोर भवन बना है। इस भवन को आप संग्रहालय में बदल दिया गया है। इस संग्रहालय मैं आपको ढेर सारी पुरानी वस्तुएं देखने के लिए मिल जाती है। यहां पर आपको विनोद बिहारी मुखोपाध्याय, नंदलाल बोस और रविंद्र नाथ टैगोर की कई पेंटिंग देखने के लिए मिलती है।

यहां पर भित्ति चित्र और मूर्तियां भी देखी जा सकती है, जो बहुत सुंदर है। शांतिनिकेतन परिसर में आपको वह जगह भी देखने के लिए मिलती है, जहां पर रविंद्र नाथ टैगोर रहा करते थे।

यहां पर एक आर्ट गैलरी है, जिसमें ढेर सारी कलात्मक वस्तुएं देखने के लिए मिलती है।  यहां पर प्रार्थना कक्ष बना हुआ है, जो बहुत सुंदर है। आप यहां पर जाकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। आप कोलकाता से शांतिनिकेतन आने का प्लान बना सकते हैं और घूम सकते हैं। यह कोलकाता से एक दिन की यात्रा करने के लिए बहुत ही बढ़िया जगह है।

 

गांधी स्मारक संग्रहालय कोलकाता – Gandhi Memorial Museum Kolkata

गांधी स्मारक संग्रहालयकोलकाता का एक मुख्य आकर्षण स्थल है। गांधी स्मारक संग्रहालय कोलकाता में बैरकपुर में बना हुआ है। इस संग्रहालय में आप आसानी से घूमने के लिए आ सकते हैं। यह संग्रहालय मुख्य कोलकाता शहर से करीब 30 किलोमीटर दूर है।

गांधी स्मारक संग्रहालय बैरकपुर में हुगली नदी के किनारे बना हुआ है। यह संग्रहालय बहुत अच्छी तरह से बनाया गया है। इस संग्रहालय में आपको मुख्य तौर पर महात्मा गांधी जी के बारे में जानकारी मिलती है। यहां महात्मा गांधी जी के जीवन और कार्यों से संबंधित लेख, तस्वीर, पत्र, मूर्तियां, ऑयल पेंटिंग देखने के लिए मिलती है।

यहां पर गांधी जी से संबंधित बहुत सारी वस्तुओं का संग्रह किया गया है। यहां पर आपको बहुत सारी गैलरी देखने के लिए मिलती है, जिसमें भित्ति चित्र, गांधी जी और स्वतंत्रता संग्राम, आंदोलन के बारे में जानकारी, जैसी चीज का प्रदर्शन किया गया है।

इस संग्रहालय में कार्यशाला, व्याख्यान, संगोष्ठी, प्रदर्शनी आयोजित की जाती है। संग्रहालय में आपको एक छोटा सा काउंटर देखने के लिए मिलता है, जहां पर आप कुछ सामान लेना चाहे, तो ले सकते हैं। यहां पर आपको तस्वीर, कलम, कॉपी, खाद्य उत्पादन, डायरी आदि मिलते हैं। इस संग्रहालय में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। यहां पर छात्रों का बहुत कम शुल्क लिया जाता है।

 

मां अन्नपूर्णा मंदिर कोलकाता – Maa Annapurna Temple Kolkata

मां अन्नपूर्णा मंदिर कोलकाता का सबसे सुंदर मंदिरों में से एक है। मां अन्नपूर्णा मंदिर कोलकाता में बैरकपुर में घूमने लायक एक मुख्य जगह में से एक है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। यह मंदिर बैरकपुर में गंगा नदी के किनारे बना हुआ है। यह मंदिर बहुत ही अच्छी तरह से बनाया हो गया है। यह मंदिर दक्षिणेश्वर काली माता मंदिर के समान बनाया गया है।

यह मंदिर बहुत ही आकर्षक लगता है। यहां पर आकर आप ढेर सारे देवी देवताओं के दर्शन कर सकते हैं। यहां भगवान शिव और मां अन्नपूर्णा की पूजा किया जाती है। इस मंदिर के मुख्य गर्भगृह में अन्नपूर्णा माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। अन्नपूर्णा माता की प्रतिमा यहां पर अष्टधातु की बनी हुई है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है।

यहां पर आपको और भी ढेर सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर नवरत्न मंदिर, बड़ा नट मंदिर, भगवान शिव का मंदिर देखने के लिए मिलता है।

यहां पर आकर आप इन सभी मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं। इस मंदिर से गंगा घाट कुछ ही दूरी पर स्थित है। आप आराम से पैदल इस मंदिर से गंगा घाट की ओर जा सकते हैं। इस मंदिर में आपको प्रसाद की सुविधा उपलब्ध है। यहां पर आपको भरपेट प्रसाद मिलता है। आपको प्रसाद के लिए कुछ चार्ज लिया जाता है।

इस मंदिर का निर्माण रानी रशमोनी की सबसे छोटी बेटी जगदम्बा देवी ने करवाया था। इस मंदिर के निर्माण के पीछे एक रोचक कहानी है। यहां का वातावरण हरा-भरा और खुला हुआ है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। आप यहां पर अपने गाड़ी से आ सकते हैं। यहां पर पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध है। यह कोलकाता में सबसे अच्छी जगह में से एक है। कोलकाता की इस जगह में आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं।

 

श्री राधा श्याम सुंदर मंदिर कोलकाता – Shri Radha Shyam Sundar Mandir Kolkata

श्री राधा श्याम सुंदर मंदिर कोलकाता का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर कोलकाता में खरदाह क्षेत्र में बना हुआ है। यह मंदिर प्राचीन है। यह मंदिर 500 साल पुराना है। यह मंदिर गंगा नदी के तट के पास में बना हुआ है। इस मंदिर में आप सुबह 5:00 से दोपहर 1:00 बजे तक दर्शन करने के लिए आ सकते हैं और शाम को 5:00 से 10:00 तक दर्शन करने के लिए जा सकते हैं।

इस मंदिर में आकर बहुत अच्छा लगता है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। मंदिर में मुख्य गर्भगृह में कृष्ण जी और राधा रानी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। इस मंदिर की स्थापना श्री नित्यानंद महाप्रभु व उनके परिवार के द्वारा की गई थी। यहां पर भोग और प्रसाद की नियमित व्यवस्था उपलब्ध है। यहां पर प्रसाद के लिए चार्ज लगता है। यहां पर आपको भरपेट खाना उपलब्ध रहता है। पार्किंग के लिए यहां पर बहुत बड़ा स्पेस है। यहां पर आप आराम से आ सकते हैं और घूम सकते हैं।

 

बक्खाली – Bakkhali

बक्खाली कोलकाता के पास घूमने का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यह कोलकाता से करीब 125 किलोमीटर दूर दक्षिण में स्थित है। यहां पर आपको एक छोटा सा समुद्र तट देखने के लिए मिलता है, जो बहुत ही आकर्षक है। आप यहां पर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं।

आप यहां पर अपने परिवार और दोस्तों के साथ घूमने लिए आ सकते हैं। यहां का समुद्र का नजारा बेहद खूबसूरत है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। दिन के समय और शाम के समय यहां का नजारा देखने लायक रहता है। यहां पर आपको ढेर सारे होटल देखने के लिए मिलते हैं, जहां पर आप स्टे कर सकते हैं।

यहां पर शाम के समय मार्केट लगता है, जहां पर आपको ढेर सारा स्ट्रीट फूड खाने के लिए मिलता है। यहां पर आपको ढेर सारी सीफूड खाने के लिए मिलता है। आप यहां पर आकर सीफूड का आनंद उठा सकते हैं। यहां पर आकर आप शॉपिंग भी कर सकते हैं।

यहां पर आकर आप सूर्योदय और सूर्यास्त का बहुत ही सुंदर दृश्य देख सकते हैं। यहां आपको मगरमच्छ प्रजनन केंद्र भी देखने के लिए मिलता है। अगर आप यहां पर घूमने के लिए आते हैं, तो मगरमच्छ प्रजनन केंद्र जरूर जाएं।

 

पूर्बस्थली पक्षी अभयारण्य – Purbasthali Bird Sanctuary

पूर्बस्थली पक्षी अभयारण्य कोलकाता के पास घूमने का एक मुख्य स्थान है। पूर्बस्थली पक्षी अभ्यारण कोलकाता के पास हुगली नदी के किनारे मायापुर के पास स्थित है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आपको एक बहुत बड़ी झील देखने के लिए मिलती है, जो बहुत बड़े एरिया में फैली हुई है और बहुत आकर्षक है।

यहां पर आकर आप ढेर सारे पक्षी देख सकते हैं। यहां पर आपको स्थानीय और विदेशी पक्षी देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर एक छोटा सा रेस्ट हाउस भी बना हुआ है, जहां पर आपको ठहरने की सुविधा मिल जाती है। यहां पर आकर आप नौकायन का आनंद उठा सकते हैं। यहां पर आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां चारों तरफ आपको ढेर सारे पक्षी देखने के लिए मिलते हैं। अगर आप नेचर लवर है, तो आपको इस जगह पर जरूर आना चाहिए। यहां पर आपको माइग्रेट बर्ड्स देखने के लिए मिलती है।

कोलकाता के पास यह पक्षी अभ्यारण प्राकृतिक प्रेमियों और पक्षी प्रेमियों को एक अलग अनुभव प्रदान करता है। यहां पर आपको ढेर सारे पक्षियों की प्रजातियां जैसे एशियन ओपनबिल स्टॉर्क, इंडियन पॉन्ड हेरॉन और पर्पल हेरॉन सहित कई पक्षी देखने मिलते है। यहां पर वॉच टावर बना हुआ है, जहां से आप दूर-दूर तक का सुंदर दृश्य देख सकते हैं।

 

श्रील प्रभुपाद पुष्पसमाधि मंदिर – Srila Prabhupada Pushpasamadhi Temple

श्रील प्रभुपाद पुष्प समाधि मंदिर कोलकाता के पास सबसे सुंदर मंदिरों में से एक है। यह मंदिर कोलकाता के पास मायापुर में बना हुआ है। यह मंदिर बहुत ही अच्छी तरह से बनाया गया है। यहां पर आप आसानी से आ सकते हैं और मंदिर के दर्शन कर सकते हैं।

यह मंदिर इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शसनेस (इस्कॉन) के संस्थापक प्रभुपाद का अंतिम विश्राम स्थल है। इस मंदिर को बहुत ही सुंदर तरीके से बनाया गया है। मंदिर की दीवारों में सफेद संगमरमर लगाया गया है, जिसमें जटिल नक्काशी की गई है।

मंदिर का गुंबद बहुत सुंदर है और सफेद संगमरमर से बना हुआ है। यह बहुत आकर्षक लगता है। मंदिर का आंतरिक भाग भी बहुत ज्यादा सुंदर है। मंदिर में पेंटिंग और मूर्तियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर आरती की जाती है, जो बहुत ही भव्य तरीके से होती है। यह कोलकाता में घूमने का लोकप्रिय स्थानों में से एक है। यहां पर पूरे देश से पर्यटक घूमने के लिए आते हैं।

मंदिर में प्रसाद में मिलता है, जो बहुत ही स्वादिष्ट रहता है। यहां का प्रसाद खाकर अच्छा लगता है। यह मंदिर सुंदर बगीचे से घिरा हुआ है और यहां पर एक छोटी सी झील भी बनी हुई है। यहां चारों तरफ का वातावरण शांत है। यहां पर आकर अच्छा लगता है।

यहां पर आपको इस्कॉन मंदिर भी देखने के लिए मिलता है, जो भारत के सबसे सुंदर मंदिरों में से एक है। आपको इस मंदिर में जरूर घूमना चाहिए। अगर आप कोलकाता जाते हैं, तो इस मंदिर के दर्शन जरूर करें।

 

बल्लाल धीपी कोलकाता – Ballal Dhipi Kolkata

बल्लाल धीपी कोलकाता के पास घूमने लायक एक मुख्य स्थान है। बल्लाल धीपी कोलकाता के पास नबद्वीप से कुछ किलोमीटर दूर में स्थित है। यह कोलकाता के पास एक ऐतिहासिक स्थान है। यहां पर आपको एक सुंदर महल की संरचना देखने के लिए मिलती है। पुरातत्व विभाग के अनुसार यहां पर प्राचीन मंदिर हुआ करता था, जिसे नट मंदिर के नाम से जाना जाता था। इस मंदिर का निर्माण आठवीं से 9वीं शताब्दी में हुआ था।

इस मंदिर का पुननिर्माण बारहवीं शताब्दी में किया गया था। यहां पर उत्खनन के बाद कई मिट्टी की मूर्तियां, कांस्य मूर्तियाँ, खाना पकाने के बर्तन, जैसी वस्तुएं मिली है। यह स्थान अभी बहुत अच्छी तरह से बनाए रखा गया है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं। मायापुर से आप इस जगह में ऑटो से आराम से पहुंच सकते हैं।

 

कालना शिव मंदिर कोलकाता – Kalna Shiv Temple Kolkata

कालना शिव मंदिर कोलकाता के पास घूमने का एक प्रसिद्ध मंदिर है। कोलकाता से एक दिन की यात्रा के लिए बहुत बढ़िया जगह है। यह मंदिर कोलकाता के पास कालना या अंबिका कालना शहर में बना हुआ है। यह शहर पश्चिम बंगाल के बर्दवान जिले में है।आप यहां पर आराम से आ सकते हैं। कालना टाउन हुगली नदी के किनारे बसा हुआ है। आप इस मंदिर में सड़क मार्ग से या रेल मार्ग से आ सकते हैं।

आप ट्रेन माध्यम से अंबिका कालना रेलवे स्टेशन पहुंच सकते हैं। फिर मंदिर में ऑटो या टोटो से आराम से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर प्राचीन है और बहुत सुंदर है। इस मंदिर में आपको 108 शिव मंदिर देखने के लिए मिलते हैं। यह शिव मंदिर गोल संरचना में बने हुए हैं और बहुत सुंदर लगते हैं।

मंदिर में जाने के लिए एक ही एग्जिट प्वाइंट और एंट्री पॉइंट है। मंदिर के अंदर पहुंच कर आपको चारों तरफ टेराकोटा की सुंदर संरचना देखने के लिए मिलती है। यहां पर छोटे-छोटे शिव मंदिर बने हुए हैं, जो बहुत ही आकर्षक है।

यहां पर आपको दो गोल संरचना देखने के लिए मिलती हैं। इन मंदिरों के बीच में एक कुआं बना हुआ है। यहां पर चारों तरफ बहुत अच्छा वातावरण है। यहां पर आपको बगीचा देखने के लिए मिलता है। यहां पर आकर आप अपना कुछ अच्छा समय बिता सकते हैं।

यहां पर शिवभक्त दर्शन करने के लिए आते हैं। यह जगह बहुत अच्छी है और शांत है। अगर आप कोलकाता घूमने के लिए आते हैं, तो आपको कालना शिव मंदिर जरूर आना चाहिए। इस मंदिर में बहुत सारे शिव भक्त, भगवान शिव के दर्शन करने के लिए आते हैं। इस मंदिर के आस-पास और भी बहुत सारे मंदिर बने हुए हैं, जहां पर जाकर आप घूम सकते हैं और अपना अच्छा समय बिता सकते हैं।

 

कृष्ण चंद्रजी मंदिर कोलकाता – Krishna Chandraji Temple Kolkata

कृष्ण चंद्रजी मंदिर कोलकाता के पास घूमने का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह कोलकाता के पास घूमने लायक एक मुख्य जगह है। आप यहां पर आराम से आ सकते हैं। यह  मंदिर कालना शिव मंदिर के पास में बना हुआ है। यह कालना उर्फ अंबिका कलना शहर में राजबाड़ी परिसर परिसर के अंदर बना हुआ है।

आप यहां पर आराम से आ सकते हैं। यह मंदिर बहुत सुंदर है। यह एक प्राचीन मंदिर है। इस मंदिर का निर्माण 1751 में किया गया था। इस मंदिर के मुख्य देवता श्री राधा कृष्ण जी हैं। यह मंदिर टेराकोटा मंदिर का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस मंदिर की दीवारों में सुंदर नक्काशी देखने के लिए मिलती है। मंदिर की दीवारों में कृष्ण और बलराम का द्वारका प्रस्थान, समुद्री जहाज, घुड़सवार, सैनिक, पालकी पर रानी, संगीत वाद्य यंत्रों के साथ नृत्य करते हुए लोग देखने के लिए मिलते हैं।

आप इस मंदिर में घूमने के लिए आ सकते हैं और इसकी सुंदरता को देख सकते हैं। यह कोलकाता के पास घूमने के सबसे अच्छे स्थानों में से एक है। कृष्ण चंद्र मंदिर के सामने प्राप्तेश्वर मंदिर, रस मंच, रूपेश्वर शिव मंदिर, पंच तंत्र मंदिर बने हुए हैं, जहां पर आप घूम सकते हैं। यह सभी मंदिर बहुत सुंदर है।

 

लालजी मंदिर कोलकाता – Lalji Temple Kolkata

लालजी मंदिर कोलकाता के पास घूमने का एक सुंदर मंदिर है। यह मंदिर कोलकाता के पास अंबिका कालना शहर में बना हुआ है। आप यहां पर जाकर घूम सकते हैं। यह  मंदिर कालना शिव मंदिर के पास में बना हुआ है। यह मंदिर राजबाड़ी मंदिर परिसर में स्थित है। यह परिसर में सबसे पुराना मंदिर है।

यह मंदिर राधा और कृष्णा जी को समर्पित है। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में राधा और श्री कृष्णा अर्थात लाल जी की प्रतिमा विराजमान है। मंदिर के सामने एक और मंदिर बना हुआ है, जिसे नट मंदिर के नाम से जाना जाता है, जहां गरुड़ भगवान की मूर्ति रखी है। इस मंदिर की स्थापना 1739 ई. में बर्धमान के महाराजा कीर्तिचंद्र की मां राजकुमारी ब्रोजोकिशोरी देबी ने की थी। पुरे मंदिर शानदार टेराकोटा कलाकृतियों से समृद्ध है।

 

कृतिबास ओझा का जन्म स्थान – Birth place of Kritibas Ojha

कृतिबास ओझा का जन्म स्थान कोलकाता के पास घूमने लायक एक मुख्य जगह में से एक है। कृतिबास ओझा का जन्म स्थान कोलकाता शहर के पास में फुलिया गांव में है। यह एक शानदार जगह है। आप यहां पर आराम से आ सकते हैं। आप यहां पर सड़क मार्ग या रेल मार्ग से आ सकते हैं।

आप यहां पर रेल मार्ग से आते हैं, तो फुलिया स्टेशन आ सकते हैं। उसके बाद ऑटो या टोटो से कृतिबास जन्म स्थान जा सकते हैं। कृतिबास जी के जन्म स्थान पर आपको एक पुराना कुआं, बरगद का पेड़ और एक स्मारक देखने के लिए मिलता है। यहां पर एक पुस्तकालय भी है, जहां पर ढेर सारी पुस्तकों का संग्रह है।

यहां पर हरिश्चंद्र टैगोर का मंदिर भी बना हुआ है। यह स्थल हुगली नदी के पास में है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। कृतिबास जी ने रामायण का अनुवाद किया था।

 

श्री बृंदावन चंद्र जिउ – Shri Brindavan Chandra Jiu

वृंदावन चंद्र मंदिर या मठ कोलकाता के पास घूमने का एक प्रमुख स्थान है। वृंदावन चंद्र मंदिर कोलकाता के पास गुप्तिपारा शहर में बना हुआ है। यह मुख्य शहर में बना हुआ है। यहां पर आप आसानी से आ सकते हैं। यहां पर आप सड़क मार्ग और रेल मार्ग से पहुंच सकते हैं।

यह मंदिर बहुत ही अच्छी तरह से बनाया गया है। यह मंदिर प्राचीन है। इस मंदिर परिसर में आपको चार मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जो बहुत सुंदर है। श्री बृंदावन चंद्र जिउ का पहला मंदिर वृंदावन चंद्र मंदिर है, जो अचला शैली में बनाया गया है और इसके अंदर सुंदर भित्तिचित्र बने हैं। दूसरा कृष्ण चंद्र मंदिर है, जिसे   अचला शैली में बनाया गया है।

तीसरा मंदिर रामचंद्र मंदिर है, जिसमें टेराकोटा का काम किया गया है। चौथा मंदिर चैतन्य महाप्रभु का है, जो जोर बांग्ला शैली में बना हुआ है। यह सभी मंदिर बहुत सुंदर है। यह मंदिर ‘गुप्तो बृंदाबोन’ के नाम से प्रसिद्ध है। इसकी स्थापत्य कला बहुत सुंदर है। आप अगर कोलकाता आते हैं, तो आपके यहां पर जरूर घूमने के लिए आना चाहिए।

 

सिद्धेश्वरी कालीबाड़ी – Siddheshwari Kalibari

सिद्धेश्वरी कालीबाड़ी मंदिर कोलकाता के पास घूमने का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर कोलकाता के पास कालना शहर में बना हुआ है। यह काली मंदिर कालना शहर के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है। यहां मां काली को सिद्धेश्वरी के रूप में पूजा जाता है। यह मंदिर बहुत अच्छी तरह से बनाया गया है।

यह मंदिर मुख्य कालना शहर में बना हुआ है। इस मंदिर में आप आराम से सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर प्राचीन है। मंदिर की स्थापत्य शैली बहुत ही आकर्षक है। यह मंदिर ऊंचे मंच पर बना हुआ है। यह मंदिर जोर बांग्ला शैली में बनाया गया है।

इस मंदिर में टेराकोटा की कलाकृतियां देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही आकर्षक है। मंदिर के बारे में अलग-अलग ही मान्यताएं हैं। मंदिर के गर्भगृह में देवी अंबिका विराजमान है। अंबिका देवी के नाम इस शहर को अंबिका कालना के नाम से जाना जाता है।

मंदिर के गर्भगृह में देवी मां की 5 फीट ऊंची प्रतिमा बनी हुई है। यह प्रतिमा नीम की लकड़ी से बनी हुई है। यह मूर्ति छठवीं शताब्दी में बनाई गई है। यहां पर शिव भगवान जी की मूर्ति विराजमान है। आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं और माता के दर्शन कर सकते हैं। यहां पर त्योहारों के समय बहुत ज्यादा भीड़ लगती है।

 

मंगलदीप इको टूरिज्म पार्क – Mangaldeep Eco Tourism Park

मंगलदीप इको टूरिज्म पार्क कोलकाता के पास घूमने के लिए एक मुख्य स्थान है। यह  कोलकाता के पास एक अच्छा पिकनिक स्पॉट है। यह स्थल हुगली नदी के बीच में एक टापू पर बना हुआ है। यहां पर आप आसानी से आ सकते हैं। यह स्थल कोलकाता के पास में राणाघाट में स्थित है। यह राणाघाट से करीब 9 किलोमीटर दूर है।

आप राणाघाट में बस से या ट्रेन से पहुंच सकते हैं। आप राणाघाट में रेल मार्ग से या सड़क मार्ग से आ सकते हैं। उसके बाद राणाघाट से मंगलदीप इको टूरिज्म पार्क में आप टोटो या ऑटो से पहुंच सकते हैं।

यहां पर चुरनी और हुगली नदी का सुंदर संगम स्थल है। मंगलदीप इको टूरिज्म पार्क में पहुंचने के लिए बोट करनी पड़ेगी। बोट से आप आराम से यहां पहुंच सकते हैं। यहां पहुंचकर आपको सुंदर पार्क देखने के लिए मिलेगा। यहां पर खान-पान की व्यवस्था है। यहां पर आप भोजन स्वयं पका सकते हैं।

यहां पर आप नौकायन का आनंद ले सकते हैं। यहां पर ठहरने के लिए दो कॉटेज भी बने हुए हैं। यहां पर आसपास का परिदृश्य देखने लायक है। यह जगह बहुत सुंदर है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। यह कोलकाता में कपल्स के लिए अच्छी जगह है।

 

मुकुंदनगर मंदिर और घाट कोलकाता – Mukundnagar Temple and Ghat Kolkata

मुकुंदनगर मंदिर और घाट कोलकाता के पास घूमने का एक सुंदर स्थान है। मुकुंदनगर मंदिर कोलकाता में भागीरथी नदी के किनारे बना हुआ है। आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां पर आने के लिए आप सड़क मार्ग और रेल मार्ग का प्रयोग कर सकते हैं।

मुकुंदनगर मंदिर राणाघाट के बहुत करीब है और राणाघाट से यह करीब 10 किमी दूर है। मंदिर तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग है। यह मंदिर बहुत ही सुंदर है। यह मंदिर शंकर भगवान जी को समर्पित है। मंदिर के बाहर आपको शंकर भगवान जी की बहुत बड़ी प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत ही आकर्षक है।

मंदिर के थोड़ी ही दूर पर आपको मुकुंदनगर घाट देखने के लिए मिलेगा, जो बहुत सुंदर बना हुआ है। आप इस घाट में जाकर स्नान कर सकते हैं। यहां पर मां काली का मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर शिव भगवान जी की बहुत बड़ी मूर्ति विराजमान है। यहां पर आकर आप अच्छा समय बिता सकते हैं।

यहां पर शाम के समय आपको सनसेट का नजारा देखने के लिए मिलता है। यह कोलकाता के पास कपल्स के घूमने के लिए एक अच्छी जगह है।

 

मल्लिका बॉन इको विलेज – Mallika Bon Eco Village

मल्लिका बॉन इको विलेज कोलकाता के पास घूमने का एक मुख्य पिकनिक स्पॉट है। यह इको विलेज कोलकाता के पास हुगली नदी के तट पर स्थित है। यह कोलकाता से करीब 50 किलोमीटर दूर है। यह कोलकाता के पास गौर नगर घाट चकदह में स्थित है।

आप यहां पर आराम से आ सकते हैं। यहां पर पहुंचने के लिए सड़क मार्ग उपलब्ध है। आप चकदह में आ सकते हैं। आप चकदह में रेल मार्ग और सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं। उसके बाद इस जगह में आप टोटो या ऑटो से आ सकते हैं। यह जगह चकदह से करीब 5 किलोमीटर दूर है।

यह इको विलेज बहुत सुंदर है। यह इको विलेज हुगली नदी के पूर्वी तट पर स्थित है। इको विलेज में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। यहां पर चारों तरफ पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यहां पर ढेर सारे फूलों वाले पौधे लगे हुए हैं। यहां पर कैफे और रेस्तरां हैं, जहां पर आपको स्नेक्स, फास्ट फूड और भोजन मिल जाता है।

यहां पर कई टेंट की सुविधा उपलब्ध है। अगर आप चाहे, तो यहां पर रुक सकते हैं। यहां पर अलग-अलग पैकेज मिलते हैं, जिनमें अलग-अलग सुविधा दी जाती हैं। यह जगह कोलकाता के पास कपल्स के घूमने के लिए भी अच्छी है। कपल्स यहां पर जाकर अपना अच्छा समय व्यतीत कर सकते हैं।

 

जसरा जगन्नाथ मंदिर – Jasra Jagannath Temple

जसरा जगन्नाथ मंदिर कोलकाता का पास घूमने का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर कोलकाता के पास चकदहा में बना हुआ है। इस मंदिर में आप आसानी से आ सकते हैं। यह मंदिर मुख्य शहर में बना हुआ है। इस मंदिर में आप सड़क मार्ग और रेल मार्ग से पहुंच सकते हैं। यह मंदिर बहुत सुंदर है।

यह मंदिर कलरफुल है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। मंदिर में आपको जगन्नाथ पुरी जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर जगन्नाथ पुरी जी की बहुत ही आकर्षण मूर्ति विराजमान है। इस मंदिर के बारे में एक पौराणिक कहानी प्रसिद्ध है। आप यहां पर जाकर उस कहानी को पढ़ सकते हैं।

यहां पर आप आकर पूजा कर सकते हैं। यहां पर आप आरती में शामिल हो सकते हैं। मंदिर में एक गेस्ट हाउस बना है, जहां पर पर्यटक आकर ठहर सकते हैं। यहां पर गौशाला और किचन गार्डन भी बना हुआ है। मंदिर में आप छोटे-मोटे कार्यक्रम का आयोजन भी कर सकते हैं। यहां पर विवाह अन्यप्राशन जैसे आदि कार्यक्रम का आयोजन किया जा सकता है। इस मंदिर को लेकर एक पौराणिक कथा प्रसिद्ध है, जो आपके यहां पर आकर पढ़ने के लिए मिल जाती है।

 

जफर खान गाजी मस्जिद और दरगाह कोलकाता – Zafar Khan Ghazi Mosque and Dargah Kolkata

जफर खान गाजी मस्जिद और दरगाह कोलकाता के पास घूमने का एक मुख्य स्थान है। यह कोलकाता के पास हुगली जिले का में एक ऐतिहासिक स्थल है। आप यहां पर आराम से पहुंच सकते हैं। यह हुगली जिले के ट्रिबेनी शहर में स्थित है। यहां पर आप रेलमार्ग और सड़क मार्ग से आ सकते हैं। यह ट्रिबेनी रेलवे स्टेशन के बहुत करीब है।

यह मस्जिद और दरगाह हुगली नदी के तट के पास में बनी हुई है। यहां पर आप आसानी से आ सकते हैं। जफर खान दिल्ली के सुल्तान फिरोज शाह के सेनापति थे, जिन्होंने 13वीं शताब्दी के अंत में बंगाल पर आक्रमण किया था।

उन्होंने हिंदू राजाओं को हराया था और बंगाल में शासन किया था। यहां पर उनके स्मारक बनाई गई है। आप यहां पर घूमने लिए आ सकते हैं। यहां पर प्रवेश निशुल्क है।  ये जगह बहुत शांतिपुर है। यहां पर पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यहां पर बरगद के पेड़ लगे हुए हैं, जो बहुत पुराने हैं। यहां पर गार्डन बना हुआ है, जहां पर आप बैठ सकते हैं। यहां पर आप प्राचीन दरगाह और मस्जिद को देख सकते हैं।

यह मस्जिद आयताकार में बनी हुई है। यहां पर एक मस्जिद और छत रहित कक्ष दरगाह है, जो ईंटों और पत्थरों से बनी हुई है। इस आयताकार मस्जिद का निर्माण सन 1285 ईस्वी में दिल्ली के सुल्तान के एक सैन्य जफर खान गाजी ने किया था।

प्रार्थना कक्ष में पांच पत्थरों के मुख वाले मेहराव से प्रवेश किया जाता है और सजावटी खंबे की एक पंक्ति से दो गलियारों में विभाजित होता है। यहां पर आपको ढेर सारी कब्र देखने के लिए मिलती है। आप इन सभी कब्रों के दर्शन कर सकते हैं। यह राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया गया है।

 

श्री हंसेश्वरी मंदिर और वासुदेव मंदिर – Sri Hanseshwari Temple and Vasudev Temple

श्री हंसेश्वरी मंदिर और वासुदेव मंदिर कोलकाता के पास घूमने के लिए एक प्रसिद्ध स्थल है। यह कोलकाता के पास एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर हुगली जिले के पास बांसबेरिया में स्थित है। इस मंदिर में आप आसानी से आ सकते हैं। इस मंदिर का निर्माण सन 1799 में राजा नृसिंहदेब रॉय ने करवाया था।

इस मंदिर के निर्माण के पहले ही 1802 में उनकी मृत्यु हो गई। इसलिए मंदिर का निर्माण कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। राजा नृसिंहदेब की मृत्यु के बाद उनकी दूसरी पत्नी रानी शंकरी ने 1814 में मंदिर का निर्माण पूरा कराया।

यह मंदिर मुख्य शहर में बना हुआ है। आप इस मंदिर में आसानी से आ सकते हैं। इस मंदिर में आप सड़क मार्ग और रेल मार्ग से पहुंच सकते हैं। इस मंदिर का नजदीकी रेलवे स्टेशन बांसबेरिया है।

बांसबेरिया रेलवे स्टेशन से यह मंदिर 2 से 3 किलोमीटर दूर है। आप यहां पर ऑटो से या टोटो से आराम से आ सकते हैं। यह मंदिर अच्छी तरह से बना हुआ है। इस मंदिर के अंदर देवी हंसेश्वरी विराजमान है, जो माँ आदि पराशक्ति जगत जननी का स्वरूप है।

यहां पर आकर अच्छा लगता है। यहां पर आपको ढेर सारे मंदिर देखने के लिए मिलते हैं, जहां पर आप अलग-अलग देवी देवताओं के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर की वास्तु शैली बहुत ही अनोखी है। मंदिर में रत्न शैली की अनोखी वास्तुकला है।

यह मंदिर बहुमंजिला है। इसमें 13 कमल की कली के आकार के रत्न या मीनार है। मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर के बगल में अनंत वासुदेव मंदिर है। इस मंदिर में सुंदर टेराकोटा कलाकृतियां बनी हुई है, जो बहुत ही आकर्षक है। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। अगर आप कोलकाता आते हैं, तो आपको इस मंदिर की यात्रा भी जरूर करनी चाहिए।

 

बारो मंदिर कोलकाता – Baro Temple Kolkata

बारो मंदिर कोलकाता का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर कोलकाता के पास कोननगर में बना हुआ है। आप यहां पर आराम से आ सकते हैं। यह मंदिर जीटी रोड के बहुत करीब है। यह मंदिर हुगली नदी के किनारे बना हुआ है। यहां पर आप आ सकते हैं और इन मंदिरों को देख सकते हैं।

यह मंदिर प्राचीन है। यहां पर 12 छोटे-छोटे मंदिर एक लाइन से बने हुए हैं। यहां पर छह मंदिर एक साइड और दूसरे छह मंदिर दूसरी साइड बने हुए हैं। इन मंदिरों में शिवलिंग विराजमान है। इन मंदिरों के आप दर्शन कर सकते हैं। यहां पर आकर अच्छा लगता है।

यहां परआप आकर घाट की प्राकृतिक सुंदरता देख सकते हैं। यहां पर आप नहाने का आनंद उठा सकते हैं। यहां पर आप सुबह एवं शाम के समय आ सकते हैं। सुबह एवं शाम के समय यहां बहुत अच्छा लगता है और सूर्योदय एवं सूर्यास्त का दृश्य देखने के लिए मिलता है।

यह कोलकाता की शांत जगह है। यहां पर शांति से समय बिताकर मन को अच्छा लगता है। यहां पर आप बोटिंग का भी आनंद ले सकते हैं। यहां पर बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है।

 

राजराजेश्वरी मंदिर कोलकाता – Rajarajeshwari Temple Kolkata

राजराजेश्वरी मंदिर कोलकाता का प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर कोलकाता में घूमने के लिए सबसे अच्छी जगह में से एक है। यह मंदिर कोलकाता में कोननगर में बना हुआ है। इस मंदिर में आप आसानी से आ सकते हैं। यह मंदिर मुख्य जीटी रोड में बना हुआ है। यहां पर आप रेल मार्ग और सड़क मार्ग से पहुंच सकते हैं।

यह मंदिर कोननगर रेलवे स्टेशन से करीब 2 किलोमीटर दूर है। राजराजेश्वरी मंदिर बहुत सुंदर है। इस मंदिर का उद्घाटन जगतगुरु शंकराचार्य जी ने किया था। यह मंदिर बहुत ही भव्य तरीके से बनाया गया है। मंदिर में राजराजेश्वरी माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। राजराजेश्वरी माता मां दुर्गा का रूप है।

यह मंदिर काफी बड़ा है। मंदिर में गौशाला भी बनी हुई है। मंदिर में सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध है। आप अगर कोलकाता यात्रा कर रहे हैं, तो आप इस मंदिर को भी अपनी यात्रा में शामिल कर सकते हैं और घूम सकते हैं।

 

अवनींद्रनाथ टैगोर का गार्डन हाउस – Garden House of Abanindranath Tagore

अवनींद्रनाथ टैगोर का गार्डन हाउस कोलकाता के पास घूमने का एक प्राकृतिक और सुंदर स्थान है। अवनींद्रनाथ टैगोर गार्डन हाउस कोलकाता के पास कोननगर में बना हुआ है। यहां पर आप आसानी से आ सकते हैं। यह हुगली नदी के किनारे बना हुआ है।

यह टैगोर परिवार का पुराना घर है। यह गार्डन हाउस 1834 में बनाया गया था। यहां चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर एक छोटा सा बंगला बना हुआ है, जो बहुत सुंदर है। इस घर को कई कलाकृतियां से सजाया गया है। यहां पर आप आकर अच्छा समय बिता सकते हैं।

इस गार्डन हाउस में विश्व प्रसिद्ध कलाकार अवनींद्रनाथ टैगोर ने अपना पहला चित्र कुरेघर यहीं बनाया था। यह गार्डन हाउस एक हेरीटेज प्रॉपर्टी है। यह गार्डन हाउस हुगली नदी के किनारे बना हुआ है। यह जगह एकांत है। यहां पर आकर अच्छा लगता है। यहां पर आप परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने के लिए आ सकते हैं।

कोलकाता के पास पिकनिक के लिए यह एक परफेक्ट जगह है। इस गार्डन हाउस में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। यहां पर एक छोटा सा मछली घर भी है, जहां पर ढेर सारी मछलियों की प्रजातियां देखने के लिए मिलती है।

यह एक ऐसी जगह है, जहां पर आपको मानसिक शांति मिलेगी। यहां पर चिड़ियों की चहचाहट सुनने के लिए मिलेगी। यहां पर हुगली नदी का सुन्दर दृश्य देखने के लिए मिलेगा। यहां पर चारों तरफ बड़े-बड़े पेड़ पौधे देखने के लिए मिलते हैं। यह कोलकाता में परिवार के साथ घूमने के लिए अच्छी जगह है।

 

श्री श्याम मंदिर कोलकाता – Shree Shyam Mandir Kolkata

श्री श्याम मंदिर कोलकाता का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर कोलकाता की बेलूर टाउन में स्थित है। इस मंदिर में आप आसानी से आ सकते हैं। यह मंदिर बेलूर मठ से लगभग 2 किलोमीटर दूर और हावड़ा रेलवे स्टेशन से चार किलोमीटर दूर है। इस मंदिर में आप अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। यहां पर पार्किंग के लिए बहुत बड़ी जगह है।

यह मंदिर खाटू श्याम जी को समर्पित है। खाटू श्याम जी का यह मंदिर हावड़ा में सबसे प्रसिद्ध मंदिर है। मंदिर का वातावरण अत्यंत शांतिमय है। मंदिर में भक्त लोग आते हैं और अपनी मन्नत मांगते हैं। इस मंदिर को भक्तों की इच्छाओं को पूरा करने के लिए जाना जाता है।

इस मंदिर का निर्माण श्री श्याम सत्संग मंडल और खाटू श्याम भक्तों की सहायता से किया गया है। इस मंदिर के मुख्य गर्भगृह में खाटू श्याम जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। इस मंदिर को घुसुड़ीधाम के नाम से भी जाना जाता है।

यहां पर भगवान खाटू श्याम के अलावा और भी ढेर सारे भगवान की मूर्तियों के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आपको भगवान राधा कृष्ण, माता रानी दुर्गा जी, हनुमान जी एवं अन्य मूर्तियां देखने के लिए मिलती है। यहां पर शिवलिंग भी विराजमान है, जिन्हें आप जल चढ़ा सकते हैं। यहां पर आकर आप शांति से पूजा कर सकते हैं। यहां पर आकर अच्छा लगता है।

 

रेल संग्रहालय कोलकाता – Railway Museum Kolkata

रेल संग्रहालय कोलकाता का एक मुख्य आकर्षण स्थल है। रेल संग्रहालय कोलकाता मुख्य शहर में स्थित है। यह हावड़ा स्टेशन के पास में स्थित है। आप यहां पर आसानी से आ सकते हैं। यह हावड़ा स्टेशन से कुछ किलोमीटर दूर है। आप यहां पर सड़क मार्ग द्वारा पहुंच सकते हैं।

इस संग्रहालय में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। यहां पर आकर आपको भारतीय रेलवे के बारे में ढेर सारी जानकारी मिलती है। यह जगह कोलकाता में बच्चों को घूमने के लिए बहुत ही बढ़िया है। आप यहां पर बच्चों के साथ आ सकते हैं बच्चे यहां पर आकर ट्रेन के बारे में बहुत सारी हासिल कर सकते हैं और ट्रेन की सवारी का भी आनंद ले सकते हैं।

यहां पर एक छोटा सा पार्क बना हुआ है, जो बहुत सुंदर है। यहां पर टॉय ट्रेन है। यहां पर फूड स्टाल लगे हुए हैं, जहां पर आप अलग-अलग प्रकार का खाना खा सकते हैं। यहां पर आपको अलग-अलग ट्रेन एवं ट्रेन के इंजनों के बारे में जानकारी मिलती है।

यहां पर आपको स्टीम लोकोमोटिव, डीजल लोकोमोटिव, इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव और बोगियों के बारे में जानकारी मिलेगी। इस संग्रहालय में भाप इंजन, रेलवे ट्रैक सिग्नल का भी अच्छा कलेक्शन देखा जा सकता है। यहां पर हस्त निर्मित कलाकृतियां बनाई गई है, जो बहुत सुंदर है। यहां पर हावड़ा स्टेशन का लघु संस्करण भी देखा जा सकता है। यहां पर आप आ सकते हैं और भारतीय रेलवे के बारे में जान सकते हैं।

 

मिलेनियम पार्क कोलकाता – Millennium Park Kolkata

मिलेनियम पार्क कोलकाता का सबसे अच्छा और सबसे सुंदर पार्क है। मिलेनियम पार्क कोलकाता मुख्य शहर में बना हुआ है। मिलेनियम पार्क कोलकाता में हुगली नदी के पूर्वी तट पर स्थित है। इस पार्क में आप बड़ी आसानी से आ सकते हैं। यह पार्क बीबीडी बाग बस स्टॉप के बहुत करीब है।

यह पार्क हावड़ा ब्रिज से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है। इस पार्क में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। यह पार्क बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। पार्क में ढेर सारी सुंदर पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यहां पर फूलों वाले पौधे भी लगाए गए हैं।

इस पार्क की मुख्य विशेषता यह है, कि यहां पर हुगली नदी का बहुत सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर आप आ सकते हैं और हुगली नदी का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। यहां पर आकर आप नौका विहार का भी आनंद ले सकते हैं। यहां पर आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ आ सकते हैं। यह कपल्स के लिए भी एक अच्छी जगह है। कपल्स यहां पर आकर अच्छा समय बिता सकते हैं।

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साउथ पार्क स्ट्रीट कब्रिस्तान कोलकाता – South Park Street Cemetery Kolkata

साउथ पार्क स्ट्रीट कब्रिस्तान कोलकाता का एक ऐतिहासिक स्थान है। यह कोलकाता के भूतिया स्थान में से एक है। आप इस स्थान में जा सकते हैं और घूम सकते हैं। इस कब्रिस्तान की स्थापना 1767 में की गई थी। आप यहां पर दिन के समय जाकर घूम सकते हैं।

यह एक शांत और दर्शनीय जगह है। यहां पर कई ऐतिहासिक लोगों की कब्र बनी हुई है। यहां पर 18वीं और 19वीं शताब्दी के कई ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारियों, सैनिकों और उल्लेखनीय हस्तियों की कब्र है। यहां की जो कब्र बनी हुई है, उन्हें बहुत ही स्टाइल से बनाया गया है। उनकी वास्तु कला बहुत सुंदर है, जिन्हें आपको जरुर देखना चाहिए। यहां पर बहुत सारी कब्र में मार्बल का प्रयोग किया गया है।

यहां पर चारों तरफ पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यहां पर आकर आप फोटो क्लिक कर सकते हैं। यहां पर आप अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर एंट्री के लिए टिकट लगता है।

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इलियट पार्क कोलकाता – Elliot Park Kolkata

इलियट पार्क कोलकाता का एक सबसे अच्छा पार्क है। यह पार्क कोलकाता मुख्य शहर में बना हुआ है। यह पार्क बिरला तारामंडल के करीब है। आप इस पार्क में घूमने के लिए आ सकते हैं। यह पार्क सुबह की सैर करने के शौकीन लोगों के लिए एक अच्छी जगह है।

पार्क में आकर अच्छा लगता है। पार्क में चारों तरफ पेड़ पौधे देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर झील भी बनी हुई है, जिसके चारों तरफ वॉकिंग पथ बना हुआ है, जहां पर आप आराम से घूम सकते हैं। यहां पर आपको शांतिपूर्ण माहौल मिलता है, जहां पर आप विश्राम और ध्यान कर सकते हैं। इस पार्क में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। यह पार्क बहुत सुंदर है। इस पार्क में आप आसानी से आ सकते हैं। कोलकाता में कपल्स के लिए घूमने के लिए यह एक अच्छी जगह है।

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कोलकाता में घूमने का सबसे अच्छा समय – Best time to visit in Kolkata

कोलकाता में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां पर नवंबर से लेकर मार्च तक यात्रा कर सकते हैं। नवंबर से मार्च तक यहां का मौसम ठंडा रहता है। यहां पर आपको ठंड के समय यात्रा करने में बहुत मजा आएगा। यहां पर दुर्गा पूजा के समय, आप यात्रा करेंगे, तो और भी आनंद आएगा, क्योंकि कोलकाता में दुर्गा पूजा बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है। यहां का दुर्गा उत्सव पूरे भारत में प्रसिद्ध है।

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कोलकाता का प्रसिद्ध भोजन – Famous food of Kolkata

कोलकाता का प्रसिद्ध भोजन यहां की प्रसिद्ध मिठाई है। यहां पर गुलाब जामुन, रसगुल्ला, भापा दोई, मिष्टि दोई यह सभी मिठाइयां यहां की फेमस है। इसके अलावा यहां पर बंगाली भोजन मछली और चावल भी लोग बहुत स्वाद से खाते हैं। यहां पर आपको मछली की तरह तरह की डिशेस मिल जाएगी, जिन्हें आप कोलकाता में आकर चख सकते हैं।

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कोलकाता में कैसे पहुंचे – How to reach Kolkata

कोलकाता भारत का एक प्रमुख जिला है। कोलकाता एक महानगर है और कोलकाता में पहुंचने बहुत आसान है। कोलकाता में आप भारत के विभिन्न राज्यों से सड़क मार्ग, रेल मार्ग और हवाई मार्ग से आसानी से पहुंच सकते हैं।

कोलकाता में हवाई मार्ग से कैसे पहुंचे – How to reach Kolkata by air

कोलकाता में अगर आप हवाई मार्ग से पहुंचना चाहते हैं, तो उसके लिए कोलकाता में नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट बना हुआ है। यह एयरपोर्ट कोलकाता शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर है। यह एयरपोर्ट देश के प्रमुख शहरों से काफी अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है, जिससे आप कोलकाता में पहुंच सकते हैं। यहां पर देश के विभिन्न हिस्सों से और विदेशों से भी एयरक्राफ्ट आते हैं। इस हवाई अड्डे के बाहर आपको टैक्सी या कैब की सुविधा मिल जाती है, जिसकी मदद से आप कोलकाता पहुंच सकते हैं।

कोलकाता में रेल मार्ग से कैसे पहुंचे – How to reach Kolkata by rail

रेल मार्ग से कोलकाता पहुंचना आसान है। कोलकाता में तीन रेलवे स्टेशन है, जो प्रमुख है। सिलादयल रेलवे स्टेशन, हावड़ा रेलवे स्टेशन, चितपुर रेलवे स्टेशन। हावड़ा रेलवे स्टेशन मुख्य शहर में बना हुआ है। कोलकाता रेलमार्ग से भारत के मुख्य शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। यहां पर लोकल और सुपरफास्ट दोनों ही ट्रेनें आती हैं, तो आप रेलमार्ग से कोलकाता पहुंच सकते हैं।

कोलकाता में सड़क मार्ग से कैसे पहुंचे – How to reach Kolkata by road

सड़क मार्ग से कोलकाता में आया जा सकता है। सड़क मार्ग से कोलकाता आने के लिए बस की सुविधा उपलब्ध रहती है। आप कोलकाता लोकल या सरकारी बस से आ सकते हैं। यहां पर आप सड़क मार्ग से अपने स्वयं के वाहन से कोलकाता आ सकते हैं।

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कोलकाता में कहा ठहरे – Where to stay in Kolkata

कोलकाता में ठहरने के लिए बहुत सारे होटल मिल जाते हैं। कोलकाता एक फेमस शहर है। इसलिए यहां पर आपको ठहरने के लिए आपके बजट के अनुसार होटल मिल जाएगा। आप कोलकाता में अपने बजट के अनुसार होटल का चयन कर सकते हैं और ठहर सकते हैं। अगर आपका बजट बहुत कम है, तो आप यहां पर धर्मशाला में या लॉज में ठहर सकते हैं, जहां पर बहुत कम चार्ज लिया जाता है।

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