कांगड़ा में घूमने की जगह – Top 22 Kangra me Ghumne ki Jagah

Kangra me Ghumne ki Jagah :- कांगड़ा हिमाचल प्रदेश का एक प्रमुख जिला है। इस लेख में हम आपको कांगड़ा जिले में घूमने की जगह (kangra me ghumne ki jagah), कांगड़ा कैसे पहुंचे, कांगड़ा के प्रसिद्ध धार्मिक स्थान और कांगड़ा के प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में जानकारी देंगे।

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कांगड़ा जिले के जानकारी – Information of Kangra district

कांगड़ा भारत देश के हिमाचल प्रदेश राज्य का एक प्रमुख जिला है। यह जिला प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा हुआ है। यहां पर ऐतिहासिक महत्व की बहुत सारी जगह देखने के लिए मिलती है। कांगड़ा हिमाचल प्रदेश का मुख्यालय है।

इस जिले की स्थापना 1972 में की गई थी। इस जिले का अधिकांश भाग पहाड़ी है। कांगड़ा जिला समुद्र तल से 5240 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। कांगड़ा में शिवालिक और धौलाधार की पहाड़ियां देखी जा सकती है। कांगड़ा जिले में घूमने लायक जगह (kangra me ghumne ki jagah) है।

कांगड़ा में घूमने के लिए बहुत सारी जगह है, जहां पर जाकर आप अच्छा समय बिता सकते हैं। कांगड़ा में घूमने के लिए ऐतिहासिक, प्राकृतिक और धार्मिक जगह हैं, जो बहुत सुंदर है। कांगड़ा की इन जगहों में आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ जा सकते हैं और अपना समय शांतिपूर्वक बिता सकते हैं।

इस ब्लॉग में कांगड़ा में घूमने वाली प्रमुख जगह (kangra me ghumne ki jagah), कांगड़ा में क्या प्रसिद्ध है,  कांगड़ा कैसे जाएं, कांगड़ा में कहां रुके, कांगड़ा में घूमने का सबसे अच्छा समय, इन सभी के बारे में जानकारी दी गई है। इस ब्लॉग आप पूरा पढ़े।

 

कांगड़ा में घूमने की जगह – Kangra me Ghumne ki Jagah

कांगड़ा के प्रमुख दर्शनीय और पर्यटन स्थलों की सूची – Kangra tourist Places list in Hindi

  1. मां ब्रजेश्वरी मंदिर कांगड़ा
  2. श्री चामुंडा देवी मंदिर कांगड़ा
  3. बैजनाथ मंदिर कांगड़ा
  4. खीर गंगा घाट बैजनाथ
  5. तोशी जोंग मॉनेस्ट्री कांगड़ा
  6. मसरूर शिव मंदिर कांगड़ा
  7. कांगड़ा का किला कांगड़ा
  8. राजा संसार चंद संग्रहालय
  9. गुप्त गंगा मंदिर कांगड़ा
  10. धर्मशाला कांगड़ा
  11. बीर बिलिंग कांगड़ा
  12. बंगारू वाटरफॉल कांगड़ा
  13. पालमपुर टी स्टेट कांगड़ा
  14. सौरभ वन विहार पालमपुर
  15. पोंग डैम कांगड़ा
  16. घाटी वाला बाबा आश्रम कांगड़ा
  17. मां बगलामुखी मंदिर कांगड़ा
  18. श्री कालीनाथ कालेश्वर महादेव मंदिर कांगड़ा
  19. चौमुखा महादेव मंदिर कांगड़ा
  20. ज्वालामुखी मंदिर कांगड़ा
  21. तारा देवी मंदिर कांगड़ा
  22. श्री रघुनाथ मंदिर कांगड़ा

 

कांगड़ा के प्रमुख दर्शनीय स्थल – Kangra me Ghumne ki Jagah

 

मां ब्रजेश्वरी मंदिर कांगड़ा – Maa Brajeshwari Temple Kangra

मां ब्रजेश्वरी मंदिर कांगड़ा का एक प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर को कांगड़ा देवी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है। ब्रजेश्वरी माता मां दुर्गा का ही अवतार है। यहां पर माता का बहुत सुंदर मंदिर बना हुआ है। मंदिर में विभिन्न देवी देवताओं के दर्शन किए जा सकते हैं। मंदिर के बाहर बहुत सारी दुकानें हैं, जहां से माता को अर्पित करने के लिए प्रसाद लिया जा सकता है। मंदिर परिसर बहुत अच्छा है और मंदिर परिसर बहुत बड़ा है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यहां पर देवी सती का बाया स्तन गिरा था। यहां पर मंदिर का निर्माण पांडवों के द्वारा एक रात में किया गया था। मंदिर में बहुत सारे देवी देवताओं के और स्थानीय देवी देवता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। मंदिर का गर्भगृह पूरा चांदी से बनाया गया है और माता की प्रतिमा बहुत आकर्षक है। यहां पर माता के वाहक शेर की प्रतिमा देखी जा सकती है, जो बहुत सुंदर लगती है।

यहां पर देवी एक पिंडी के रूप में विराजमान है और माता की पूजा की जाती है। यहां पर माता के बहुत सारे स्वरूप देखे जा सकते हैं। यह मंदिर मुख्य शहर में स्थित है। यहां पर आसानी से पहुंचा जा सकता है। नवरात्री में यहां मेला लगता है। बहुत सारे लोग आते है।

 

श्री चामुंडा देवी मंदिर कांगड़ा – Sri Chamunda Devi Temple Kangra

श्री चामुंडा देवी मंदिर, चामुंडा नंदीकेश्वर धाम के नाम से प्रसिद्ध है। यह मंदिर कांगड़ा में पालमपुर से करीब 19 किलोमीटर दूर है। यह मंदिर चामुंडा देवी को समर्पित है। चामुंडा देवी दुर्गा माँ का एक रूप है। यहां गर्भगृह में, मां चामुंडा देवी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। माँ चामुंडा देवी की प्रतिमा बहुत सुंदर है। चामुंडा देवी बहुत ही सुंदर आकर्षक है। यहां पर एक तालाब बनाया गया है, जिसमें शिवलिंग विराजमान है।

मंदिर के पास में ही बानेर नदी बहती है, जो बहुत सुंदर लगती है। इसका दृश्य देखा जा सकता है। बनेर नदी में बड़ी-बड़ी चट्टानें हैं। यहां पर श्री राम जी, भगवान शिव जी, हनुमान जी की बड़ी-बड़ी प्रतिमाएं देखी जा सकती है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है।

 

बैजनाथ मंदिर कांगड़ा – Baijnath Temple Kangra

बैजनाथ मंदिर कांगड़ा के पालमपुर के पास स्थित है। यह पालमपुर से करीब 30 किलोमीटर दूर, बैजनाथ नाम की जगह पर बना हुआ है। यह  मंदिर प्राचीन है। इस मंदिर का निर्माण, प्राचीन समय में पांडवों के द्वारा करवाया गया था। जब पांडव अज्ञातवास के दौरान यहां पर आए थे।

तब उन्होंने शिव मंदिर का निर्माण किया था। 1204 में यहां पर दो स्थानीय व्यापारियों के द्वारा, इस मंदिर का पुनः निर्माण किया गया। इस मंदिर को नागर शैली में बनाया गया है। मंदिर के गर्भ गृह में शिवलिंग के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।

यह शिवलिंग स्वयंभू है। मंदिर के बाहर नंदी महाराज की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। यहां पर नंदी महाराज की 2 प्रतिमाएं हैं। एक प्रतिमा बैठे हुए हैं और एक प्रतिमा में नंदी महाराज खड़े हुए हैं। यहां पर दीवारों में विष्णु भगवान जी की बहुत सारी प्रतिमाएं देखी जा सकती है। उनके अलग-अलग अवतारों को यहां पर दिखाया गया है। मंदिर के चारों तरफ गार्डन बना है।

 

खीर गंगा घाट बैजनाथ – Kheer Ganga Ghat Baijnath

खीर गंगा घाट बैजनाथ का एक प्रमुख स्थान है। यहां पर बनेर नदी में आप घूमने के लिए जा सकते हैं। नदी में बड़ी-बड़ी चट्टानें है, जहां पर आप बैठकर नदी का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। यहां पर छोटा सा गार्डन बनाया गया है। यहां पर आकर शांति मिलती है।

 

तोशी जोंग मॉनेस्ट्री कांगड़ा – Toshi Jong Monastery Kangra

तोशी जोंग मॉनेस्ट्री कांगड़ा की एक सुंदर मॉनेस्ट्री है। यह मॉनेस्ट्री पालमपुर से करीब 15 किलोमीटर दूर, तोशी जोंग गांव में बनी हुई है। यहां पर आप बस के द्वारा पहुंच सकते हैं। यहां पर आप आ सकते हैं और बुद्धिस्ट कल्चर को जान सकते हैं। यहां पर पार्किंग फैसिलिटी अवेलेबल है। यहां पर एक छोटा सा रेस्टोरेंट बना हुआ है, जहा खाने पीने का सामान मिलता है। यहां बौद्ध भगवान जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलती है, जो बहुत सुंदर लगती है।

 

मसरूर शिव मंदिर कांगड़ा – Masrur Shiv Temple Kangra

मसरूर शिव मंदिर कांगड़ा का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर बहुत ही अनोखा है, क्योंकि यह मंदिर एक बड़ी सी चट्टान को काटकर बनाया गया है और बहुत ही सुंदर लगता है। मंदिर के सामने झील बनी हुई है। इस झील में मंदिर का प्रतिबिंब पड़ता है, जिससे यह और भी अधिक आकर्षक लगता है। यह मंदिर कांगड़ा शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर है। इस जगह को ठाकुरवाड़ा के नाम से जाना जाता है, जिसका अर्थ है वैष्णव मंदिर।

इस मंदिर की वास्तुकला बहुत ही अद्भुत लगती है। यहां पर कुल 15 मंदिर समूह है। मुख्य मंदिर में राम जी लक्ष्मण जी और सीता जी की पत्थर की प्रतिमाओं देखने के लिए मिलती है। इस मंदिर के बारे में कहा जाता है, कि इस मंदिर का निर्माण पांडवों के द्वारा अपने अज्ञातवास के दौरान किया गया था और मंदिर के सामने जो झील बनाई गई है। पांडवों ने अपनी पत्नी द्रौपदी के लिए, इस झील का बनवाई थी। यह जगह बहुत सुंदर है और यहां पर आकर आप शांति से बैठ कर अपना समय व्यतीत कर सकते हैं।

 

कांगड़ा का किला कांगड़ा – Kangra Fort Kangra

कांगड़ा का किला कांगड़ा जिले का एक प्रमुख आकर्षण स्थल है। यह किला धर्मशाला से 20 किलोमीटर दूर है और कांगड़ा शहर के बाहरी क्षेत्र में स्थित है। यह किला भारत का सबसे पुराना किला है और सबसे बड़े किलो में से भी एक है। यह किला बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। इस किले के आधार पर बाणगंगा और माझी नदी का संगम हुआ है। संगम स्थल का नजारा बहुत ही सुन्दर होता है। इस किले में बहुत सारे प्राचीन अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। किले का, जो प्रवेश द्वार है, उसमें गंगा और यमुना की प्रतिमाएं देखी जा सकती है।

इस किले के प्रांगण में अंबिका देवी लक्ष्मी, नारायण भगवान, महावीर के मंदिर बने हुए हैं। इस किले में प्रवेश करने के लिए 11 द्वार हैं। इस किले के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर किले के अंदर 21 कुआ बनाया गया था। जिसमें सोना चांदी और बहुत सारे धन रखा गया है। जिनमें से 8 कुआ को मोहम्मद गजनी के द्वारा लूट लिए गए थे और पांच कुए ब्रिटिश शासकों ने लूट लिए थे।

काँगड़ा किला बहुत विशाल है। आप यहां पर जाते हैं, तो अपने साथ पानी टोपी जरूर लेकर जाएं, क्योंकि यहां पर आपको घूमने में बहुत सारा टाइम लगेगा। आपको धूप और पियास लगेगी। इस किले में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। यहां पर आप ऑनलाइन पेमेंट कर सकते हैं। यह किला बहुत सुंदर है। 1905 में आए भूकंप के कारण किले को बहुत सारा नुकसान हुआ है।

 

राजा संसार चंद संग्रहालय – Raja Sansar Chand Museum

राजा संसार चंद संग्रहालय कांगड़ा का एक प्रमुख स्थल है। यह संग्रहालय कांगड़ा किले के पास में स्थित है। यहां पर बहुत सारे प्राचीन वस्तुएं देखने के लिए मिलती है। यहां पर प्राचीन हथियार, चम्मच, बर्तन, तलवारे, प्राचीन मूर्तियां, वेशभूषा, पेंटिंग देखने के लिए मिलेगी। यहां पर कारों का कलेक्शन देखा जा सकता है। यह म्यूजियम बहुत अच्छी तरह से मैनेज करके रखा गया है। म्यूजियम में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है।

 

गुप्त गंगा मंदिर कांगड़ा – Gupta Ganga Temple Kangra

गुप्त गंगा मंदिर कांगड़ा में मुख्य शहर में बना हुआ है। यह मंदिर भगवान शिव और देवी गंगा को समर्पित है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। मंदिर में भगवान शिव के दर्शन किए जा सकते हैं। मंदिर में तालाब बना हुआ है। इस तालाब के पानी को गंगाजल के रूप में जाना जाता है। तालाब में बहुत सारी मछलियां है। इस मंदिर के पीछे एक धर्मशाला बनी हुई है, जहां पर यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है। यहां पर आप आ सकते हैं। यह मंदिर बाणगंगा नदी के पास में बना हुआ है।

 

धर्मशाला कांगड़ा – Dharamshala Kangra

धर्मशाला कांगड़ा जिले का एक टूरिस्ट प्लेस है। धर्मशाला में घूमने के लिए बहुत सारे स्थल है। यहां पर तिब्बत म्यूजियम, मॉनेस्ट्री, बुद्धिस्ट स्तूप, नामग्याल मॉनेस्ट्री, त्रियंड पहाड़ी, इंद्र नाथ मंदिर, कांगड़ा कला संग्रहालय, धर्मशाला क्रिकेट स्टेडियम, कुनाली पत्थर माता मंदिर, कालचक्र मंदिर, तिब्बती मंदिर, हनुमानगढ़ मंदिर, डल झील, मैकलोडगंज, नंदी हिल पहाड़ी, नाग मंदिर, गोलू देवी मंदिर, प्राचीन चर्च और भी बहुत सारे स्थल देखने के लिए मिलते हैं।

आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। यह मुख्य कांगड़ा जिले से करीब 30 किलोमीटर दूर होगा। यहां पर आकर अच्छा लगता है। यहां पर ठहरने के लिए बहुत सारे होटल और रिसॉर्ट मिल जाते हैं, जहां पर आप अपने बजट के अनुसार रुक सकते हैं। यह जगह बहुत सुंदर है।

 

बीर बिलिंग कांगड़ा – Bir Billing Kangra

बीर बिलिंग कांगड़ा का एक प्रमुख स्थान है। यह पैराग्लाइडिंग के लिए एक अच्छी जगह है। इसे भारत का पैराग्लाइडिंग का कैपिटल भी माना जाता है। यहां पर आप आकर पैराग्लाइडिंग का आनंद ले सकते हैं। पैराग्लाइडिंग एडवेंचरस भरा खेल है। यह ट्रैकिंग करने के लिए भी अच्छी जगह है।

यहां पर कैंपिंग की जा सकती है। आप अगर कांगड़ा घूमने के लिए आते हैं, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए। यह पालमपुर से करीब 15 किलोमीटर दूर होगी। अगर आप यहां पर कैंपिंग करना चाहते हैं, तो उसके लिए अलग अलग संस्था रहती हैं। इनसे आप संपर्क कर सकते हैं और वह कैंपिंग का सारा अरेंजमेंट आपको करके देंगे। यहां पर आपको मजा बहुत आएगा।

 

बंगारू वाटरफॉल कांगड़ा – Bangaru Waterfall Kangra

बंगारू वॉटरफॉल कांगड़ा में बीर बिलिंग के पास में स्थित है। यह वाटरफॉल बंगारू नाम के गांव में स्थित है। इसलिए इसे बंगारू वाटरफॉल के नाम से जाना जाता है। यहां पर वाटरफॉल में पहुंचने के लिए ट्रैकिंग करनी पड़ती है। यह वाटरफॉल चट्टानों के बीच से बहता है और बहुत ही सुंदर लगता है। आसपास का दृश्य देखने लायक है। यहां पर आप घूमने के लिए आ सकते हैं।

 

पालमपुर टी स्टेट कांगड़ा – Palampur Tea State Kangra

पालमपुर टी स्टेट कांगड़ा का एक मुख्य पर्यटन स्थल है। यहां पर आप आकर चाय के बागान देख सकते हैं। यह चाय के बागान बहुत बड़े क्षेत्र में फैले हुए हैं। यहां पर आप नेचुरल तरीके से चाय किस तरह से उगाई जाती है, पतियों को कैसे कलेक्ट किया जाता है, पतियों को किस तरह से प्रोसेस किया जाता है।

यह सभी देख सकते हैं। यहां पर आप अलग अलग तरह की चाय को टेस्ट कर सकते हैं। यहां पर आपका प्रवेश शुल्क लिया जाता है। यहां पर मेडिटेशन और योगा सेंटर बना हुआ है। यहां पर चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। यहां पर चाय पत्ती खरीद भी सकते हैं।

 

सौरभ वन विहार पालमपुर – Saurabh Van Vihar Palampur

सौरभ वन विहार कांगड़ा के पालमपुर में स्थित एक सुंदर जगह है। यह एक बहुत बड़ा गार्डन है। इस गार्डन के बीच में एक झील बनी हुई है। इस झील में बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है। इस पार्क को सौरभ कालिया जी को समर्पित किया गया है। सौरभ कालिया जी इंडियन आर्मी के कैप्टन थे और उन्होंने पाकिस्तान युद्ध में अपनी जान गवाई थी। यहां पर पार्क के बीच में सौरव कालिया जी की मूर्ति बनी हुई है।

यहां पर गार्डन में हर जगह हरियाली देखने के लिए मिलेगी। गार्डन में झील में मछली देखी जा सकती है। यहां कारगिल वॉर दृश्य देखे जा सकते हैं। इस पार्क में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाता है। यहां पर वयस्क व्यक्ति का 20 रुपए लिए जाते हैं और बच्चों का 10 रुपए लिए जाते हैं।

इस पार्क के टाइमिंग गर्मी और सर्दी में अलग-अलग रहते हैं। यहां पर विंटर के समय 10 से 5 बजे तक खुला रहता है और गर्मी के समय 9 से 6 बजे तक खुला रहता है। यह पार्क बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। यहां पर अच्छा समय बिताया जा सकता है।

 

पोंग डैम कांगड़ा – Pong Dam Kangra

पोंग डैम कांगड़ा का एक मुख्य स्थान है। पोंग डैम कांगड़ा में व्यास नदी पर बना हुआ है। यह बांध बहुत बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। बांध के चारों तरफ पहाड़ियों का सुंदर दृश्य देखा जा सकता है। बरसात में पोंग बांध बहुत ही आकर्षक लगता है, क्योंकि बरसात में बांध का पानी ओवरफ्लो होकर बहता है, जिसका दृश्य देखा जा सकता है।

बांध के पास में छोटा सा पार्क बना हुआ है, जिसे पोंग डैम पार्क के नाम से जाना जाता है। यहां पर जल विद्युत बनाई जाती है। पोंग डैम के आस पास बहुत सारे रिसोर्ट बनाए गए हैं, जहां से पोंग डैम का दृश्य देखा जा सकता है और प्राकृतिक वातावरण में रहा जा सकता है। यहां पर आप नौकायान का आनंद उठा सकते हैं।

 

घाटी वाला बाबा आश्रम कांगड़ा – Valley Baba Ashram Kangra

घाटी वाला बाबा आश्रम कांगड़ा में पोंग डैम के पास में स्थित है। यह एक धार्मिक स्थल है। घाटी बाबा आश्रम तलवारा के पास में बना हुआ है। यह आश्रम दो पहाड़ियों के बीच में बना हुआ है। यह आश्रम बहुत ही सुंदर है। यह आश्रम घाटी वाले बाबा जी को समर्पित है। यहां चारों तरफ प्राकृतिक दृश्य देखने के लिए मिलता है।

 

मां बगलामुखी मंदिर कांगड़ा – Maa Baglamukhi Temple Kangra

मां बगलामुखी मंदिर कांगड़ा का एक प्रसिद्ध मंदिर है। मां बगलामुखी मंदिर कांगड़ा में तहसील देहरा में स्थित है। बगलामुखी माता को पीतांबरा मां के नाम से भी जाना जाता है। यह मंदिर बहुत अच्छी तरह से बना हुआ है। नवरात्रि में यहां पर बहुत भीड़ लगती है। यह मंदिर बहुत सुंदर बना हुआ है। इस मंदिर में पीले कलर का रंग पोता गया है। कहा जाता है, कि पीला रंग माता को बहुत प्रिय है। माता के कपड़े भी पीले कलर के रहते हैं और माता को प्रसाद पीले रंग का अर्पित किया जाता है।

यहां पर बहुत सारे लोग माता से माता के दर्शन करने के लिए आते हैं और माता की प्रार्थना करते हैं। यह मंदिर मुख्य शहर में बना हुआ है। यहां पर शिव मंदिर बना हुआ है। यहां पर भंडारा और चाय मिलती है, जो सभी लोग खा सकते हैं। यहां मंदिर के बाहर बहुत सारी दुकानें हैं, जहां पर प्रसाद मां को अर्पित करने के लिए मिलता है। यहां पर आकर आप बहुत अच्छा अनुभव कर सकते हैं।

 

श्री कालीनाथ कालेश्वर महादेव मंदिर कांगड़ा – Shri Kalinath Kaleshwar Mahadev Temple Kangra

श्री कालीनाथ कालेश्वर महादेव मंदिर कांगड़ा का प्रसिद्ध मंदिर है। यह एक ऐतिहासिक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। इस मंदिर की स्थापना पांडवों के द्वारा की गई थी। यह मंदिर बहुत सुंदर है। पूरा मंदिर पत्थरों से बना हुआ है। मंदिर के पास में ही व्यास नदी बहती है, जिस का दृश्य भी देखने लायक रहता है। नदी का पानी साफ सुथरा और पारदर्शी है।

यह मंदिर कांगड़ा में देहरा तहसील के के प्रागपुर गांव में बना हुआ है। इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग के बारे में कहा जाता है, कि इस शिवलिंग में महादेव जी और महाकाली दोनों के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह दुनिया का इकलौता शिवलिंग है।

इस मंदिर के पास में ही श्मशान घाट है, जहां पर अंतिम संस्कार किया जाता है। यहां पर शिवरात्रि के समय मेला लगता है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग आते हैं। मंदिर के पास में कुंड बना हुआ है, जिसमें लोग स्नान करते हैं। यहां पर आकर अच्छा लगता है। प्राकृतिक माहौल देखने के लिए मिलता है।

 

चौमुखा महादेव मंदिर कांगड़ा – Chaumukha Mahadev Temple Kangra

चौमुखा महादेव मंदिर कांगड़ा में देहरा तहसील में कौलपुरा गांव में बना हुआ है। यह मंदिर व्यास नदी के किनारे बना हुआ है। यह मंदिर प्राचीन है। यहां पर भगवान शिव के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।

यहां पर भगवान शिव का, जो शिवलिंग विराजमान है और शिवलिंग में शिव के चार मुख देखने के लिए मिलते हैं। चार मुख अलग-अलग दिशाओं में है। यह शिवलिंग बहुत सुंदर लगता है। आप इस जगह की सुंदरता को देख सकते हैं। व्यास नदी यहां पर बहती है, जो बहुत ही आकर्षक लगती है।

 

ज्वालामुखी मंदिर कांगड़ा – Jwalamukhi Temple Kangra

ज्वालामुखी मंदिर कांगड़ा में स्थित एक प्रसिद्ध मंदिर है। यहां पर मां ज्वालामुखी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर एक ज्योत के दर्शन करने के लिए मिलते हैं, जो एक पहाड़ी पर कई सालों से जल रही है। इस ज्योत को ही ज्वालामुखी मां के नाम से जाना जाता है। यह जोत बिना किसी ईंधन के जल रही है। यहां पर आला बना दिया है, जिससे आप ज्योत के दर्शन कर सकते हैं।

यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है। यह मंदिर कांगड़ा जिले में देहरा तहसील के पास ज्वालामुखी नाम के जगह पर बना हुआ है। यह मंदिर बहुत ही अच्छी तरह से बनाया गया है। मंदिर परिसर बहुत बड़ा है। यहां पर सुबह 4 बजे मां के द्वार खुल जाते हैं और 4 बजे से ही लोग मां के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर मां की आरती की जाती है। उसके बाद माता के दर्शन करने के लिए, यहां पर बहुत लंबी लाइन लगती है।

यहां पर भंडारा का प्रसाद मिलता है, जो बहुत ही स्वादिष्ट रहता है। यहां पर आकर सभी लोग भंडारे का प्रसाद ग्रहण कर सकते हैं। मंदिर के आसपास ठहरने के लिए बहुत सारे होटल एवं धर्मशाला में मिल जाती है। यहां पर आने के लिए बस एवं टैक्सी आराम से मिल जाएगी।

 

तारा देवी मंदिर कांगड़ा – Tara Devi Temple Kangra

तारा देवी मंदिर कांगड़ा में ज्वालामुखी मंदिर के पास में स्थित है। यह मंदिर बहुत सुंदर है और यहां पर तारा देवी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। तारा देवी की प्रतिमा बहुत सुंदर है। यहां पर आप आकर घूम सकते हैं।

 

श्री रघुनाथ मंदिर कांगड़ा – Shri Raghunath Temple Kangra

श्री रघुनाथ मंदिर कांगड़ा का एक प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर को टेढ़ा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर में राम, लक्ष्मण और सीता जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। कहा जाता है, कि प्राचीन समय में अपने वनवास काल के दौरान राम जी, लक्ष्मण जी और सीता जी यहां पर आए थे और यहां पर वह कुछ समय के लिए रुके थे। यहां पर मंदिर का निर्माण पांडवों के द्वारा किया गया है। यह मंदिर बहुत सुंदर है।

1905 में आए भूकंप के कारण, इस मंदिर का आकार टेढ़ा हो गया है। इसलिए इस मंदिर को टेढ़ा मंदिर के नाम से जाना जाता है। यह मंदिर ज्वालामुखी मंदिर से करीब ढाई किलोमीटर दूर जंगल के अंदर बना हुआ है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। आसपास का नजारा यहां का देखने लायक है। यहां पर ज्वालामुखी मंदिर के पास में ही और भी बहुत सारे मंदिर देखे जा सकते हैं। यहां पर तारा देवी मंदिर, भैरव बाबा मंदिर, नागार्जुन मंदिर देखे जा सकते हैं, जहां पर घूमने के लिए जाया जा सकता है।

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कांगड़ा का मौसम – Kangra Weather

कांगड़ा का मौसम बहुत ही अच्छा रहता है। यहां पर गर्मी के समय जून के महीने में 35 डिग्री सेल्सियस तक तापमान जाता है और ठंड के समय जनवरी-फरवरी के समय 15 डिग्री तक तापमान जाता है और न्यूनतम तापमान 5 डिग्री तक जाता है। यहां पर आप आकर अच्छा समय बिता सकते हैं।

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कांगड़ा में घूमने का सबसे अच्छा समय – Best time to visit in Kangra

कांगड़ा में आने का सबसे अच्छा समय जनवरी से जून तक का रहता है। वैसे आप यहां साल भर में कभी भी आ सकते हैं। मगर जनवरी से मार्च तक का मौसम बहुत बढ़िया रहता है। जुलाई-अगस्त में यहां पर बरसात होती है। कांगड़ा शहर पहाड़ों के बीच में बसा हुआ है। इसलिए आप यहां पर आकर अच्छा समय व्यतीत कर सकते हैं।

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कांगड़ा कैसे पहुंचे – How to reach Kangra

कांगड़ा हिमाचल प्रदेश का एक प्रमुख जिला है। कांगड़ा में पहुंचने लिए परिवहन के साधन उपलब्ध है। कांगड़ा में आप आसानी से आ सकते हैं। कांगड़ा पहुंचने के लिए वायु मार्ग, रेल मार्ग और सड़क मार्ग उपलब्ध है। इन तीनों मार्ग से काँगड़ा आसानी से आ सकते हैं।

 

कांगड़ा में रेल मार्ग से कैसे पहुंचे – How to reach Kangra by rail

कांगड़ा का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन धर्मशाला में बना है। धर्मशाला कांगड़ा से 20 किलोमीटर दूर है। धर्मशाला में नैरो गेज रेलवे स्टेशन बना हुआ है। कांगड़ा का नजदीकी रेलवे स्टेशन पठानकोट में बना हुआ है। यहां पर ब्रॉड गेज रेलवे लाइन बिछी है, जिससे आप यहां पर आराम से पहुंच सकते हैं और बाकी का रास्ता आप सड़क माध्यम द्वारा तय कर सकते हैं।

 

कांगड़ा में हवाई मार्ग से कैसे पहुंचे – How to reach Kangra by air

कांगड़ा में हवाई मार्ग से पहुंचा जा सकता है। कांगड़ा का निकटतम हवाई अड्डा गग्गल में बना है। गग्गल कांगड़ा टाउन से 8 किलोमीटर दूर है और धर्मशाला से 13 किलोमीटर दूर है। गग्गल पर हवाई मार्ग से आ सकते हैं और उसके बाद सड़क मार्ग द्वारा अपने गंतव्य स्थान तक जा सकते हैं।

 

कांगड़ा में सड़क मार्ग से कैसे पहुंचे – How to reach Kangra by road

कांगड़ा में सड़क मार्ग से आ सकता है। यहां पर आप दिल्ली, शिमला, चंडीगढ़ से डायरेक्ट आ सकते हैं। यहां पर आपको बस की सुविधा मिल जाती है। आप यहां पर सरकारी बस या लोकल बस द्वारा पहुंच सकते हैं।

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कांगड़ा में कहा ठहरे – Where to stay in Kangra

कांगड़ा में ठहरने के लिए बहुत सारे होटल मिल जाते हैं। कांगड़ा में बहुत सारे हिल स्टेशन है, जहां पर आपको बहुत सारे रिसोर्ट एवं होटल ठहरने के लिए मिल जाते हैं। आप अपनी बजट के अनुसार यहां पर रुक सकते हैं। कांगड़ा में धार्मिक स्थानों पर धर्मशालाएं भी बनाई गई है, जहां पर आप कर सकते हैं। यहां पर बहुत कम किराया लगता है और आपको रहने की सुविधा मिल जाती है।

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