कैथल के प्रमुख दर्शनीय स्थल – Top 12 Kaithal me Ghumne ki Jagah

Kaithal me Ghumne ki Jagah :- कैथल हरियाणा का एक प्रसिद्ध शहर है। इस लेख में हम आपको कैथल में घूमने की जगह, कैथल के प्रमुख धार्मिक स्थान, कैथल कैसे पहुंचे और कैथल के प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में जानकारी देंगे।

Table of Contents

कैथल जिले की जानकारी – Information about Kaithal district

कैथल हरियाणा राज्य का एक प्रमुख जिला है। कैथल नगर की स्थापना महाभारत काल के समय की गई थी। इस शहर की स्थापना, पांडव पुत्र युधिष्ठिर के द्वारा की गई थी। इस जगह के बारे में कहा जाता है, कि हनुमान जी का जन्म भी कैथल में हुआ है।

यहां पर हनुमान की मां के नाम पर प्रसिद्ध अंजनी का टीला एक ऐतिहासिक स्मारकों में से एक है। कैथल जिला में घूमने के लिए (Kaithal me Ghumne ki Jagah) बहुत सारे ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल है। यह जगह महाभारत काल से भी संबंधित है।

इस ब्लॉग में हमने कैथल में घूमने वाले प्रमुख जगह (Kaithal me Ghumne ki Jagah) के बारे में बताया है। इस ब्लॉग को आप पूरा पढ़े। ताकि आपको कैथल जिले के बारे में जानकारी मिल सके। इस ब्लॉग में कैथल में घूमने लायक प्रमुख जगह, कैथल कैसे पहुंचे, कैथल में कहां-कहां घूम (Kaithal me Ghumne ki Jagah) सकते हैं, कैथल में कहां रुके, कैथल में घूमने का सबसे अच्छा समय, कैथल कहां पर है। इन सभी की जानकारी दी गई है।

 

कैथल में घूमने की जगह – Kaithal me Ghumne ki Jagah

कैथल जिले के प्रमुख पर्यटन और दर्शनीय स्थलों की सूची – Kaithal Tourist Places list in Hindi

  1. ग्यारह रुद्री शिव मंदिर कैथल
  2. गुरुद्वारा श्री मांजी साहिब कैथल
  3. हरियाणा शहीद स्मारक कैथल
  4. शीतला माता मंदिर कैथल
  5. नीम साहब गुरुद्वारा कैथल
  6. फल्गो तीर्थ स्थल कैथल
  7. सरस्वती तीर्थ कैथल
  8. श्री स्वामी कार्तिकेय मंदिर पेहोवा
  9. प्राचीन माता बाला सुंदरी मंदिर पेहोवा
  10. गुरुद्वारा बाओली साहिब पेहोवा
  11. अंबिकेश्वर महादेव मंदिर कैथल
  12. मनसा देवी मंदिर कैथल

 

कैथल जिले के प्रमुख पर्यटन स्थल – Kaithal me Ghumne ki Jagah

 

ग्यारह रूद्री शिव मंदिर कैथल – Gyarah Rudri Shiva Temple Kaithal

ग्यारह रूद्री शिव मंदिर कैथल में सिक्का मार्केट के पास, अशोक सिनेमा रोड पर बना हुआ है। यह मंदिर पूरे कैथल शहर में प्रसिद्ध है। यह मंदिर पूरे देश में प्रसिद्ध है। इस मंदिर का दर्जा काशी के समान ही माना जाता है। यह मंदिर महाभारत काल का है। यह मंदिर बहुत अच्छी तरह से बनाया गया है।

यहां पर अर्जुन ने पशुपति अस्त्र प्राप्त करने के लिए शंकर भगवान जी की पूजा की थी। यहां पर 11 रुद्र शिवलिंग देखे जा सकते हैं। यह मंदिर बहुत ही अच्छे तरीके से बना हुआ है। मंदिर के बाहर गार्डन बना हुआ है। यह मंदिर कैथल शहर में चंदन गेट के पास में स्थित है।

यहां पर और भी देवी देवताओं के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर श्री राम जी, माता सीता जी, लक्ष्मण जी, श्री विष्णु भगवान जी, लक्ष्मी जी, श्री शंकर भगवान जी और पार्वती जी, श्री नंदी महाराज जी के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर महाभारत काल के समय की भगवान कृष्ण और अर्जुन को रथ पर सवार एक प्रतिमा बनाई गई है, जो बहुत सुंदर लगती है।

 

गुरुद्वारा श्री मांजी साहिब कैथल – Gurudwara Sri Manji Sahib Kaithal

गुरुद्वारा श्री मांजी साहिब कैथल का एक प्रमुख धार्मिक स्थान है। यह सिख धार्मिक स्थान है। यह गुरुद्वारा कैथल का सबसे पुराना गुरुद्वारा है। यह गुरुद्वारा मुख्य शहर में बना हुआ है। यह गुरुद्वारा सभी धर्मों के लिए खुला हुआ है। यहां पर लंगर होता है, जहां पर सभी को खाना खिलाया जाता है। यह गुरुद्वारा बहुत अच्छी तरह से बना हुआ है। इस गुरुद्वारे में एक टैंक भी बना हुआ है।

यह गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर जी की याद में बनाया गया है, जो अपनी यात्रा के दौरान यहां पर आए थे और एक रात के लिए ठहरे थे। इस गुरुद्वारे में एक बड़ा सा प्रार्थना कक्ष है, जहां पर आप जाकर बैठ सकते हैं और गुरु वाणी सुन सकते हैं। यहां पर धर्मशाला बनी हुई है, जहां पर ठहर सकते हैं। यहां पर कमरे का किराया बहुत ही कम लिया जाता है।

 

हरियाणा शहीद स्मारक कैथल – Haryana Martyr Memorial Kaithal

हरियाणा शहीद स्मारक कैथल में कमेटी चौक के पास में बना हुआ है। यह स्मारक हमारे वीर जवानों को समर्पित है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह नहीं करी और अपनी जान देश के लिए कुर्बान कर दी। यह पर एक पार्क बना हुआ है। यह पार्क बहुत ही साफ सुथरा है।

 

शीतला माता मंदिर कैथल – Shitala Mata Temple Kaithal

शीतला माता मंदिर कैथल का एक प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर मुख्य शहर में बना हुआ है। यह मंदिर शीतला माता और काली माता को समर्पित है। यहां पर माता की बहुत सुंदर प्रतिमा के दर्शन किए जा सकते हैं। मंदिर का, जो गर्भगृह है। वह बहुत ही सुंदर है और कांच से सजाया गया है।

यहां पर नवरात्रि में बहुत भीड़ रहती है। यहां पर आकर शांति मिलती है। यहां पर एक तालाब बना हुआ है। यहां पर बहुत सारी मूर्तियां बनी हुई है, जो बहुत सुंदर लगती है। शीतला माता मंदिर के पास नवग्रह मंदिर बना हुआ है, जहां पर नौ ग्रहों के दर्शन करने के लिए मिलते हैं।

 

नीम साहब गुरुद्वारा कैथल – Neem Saheb Gurudwara Kaithal

नीम साहिब गुरुद्वारा कैथल का एक प्रमुख गुरुद्वारा है। यह गुरुद्वारा प्राचीन है। यह गुरुद्वारा कैथल में, डोगरा गेट के पास बना हुआ है। यह गुरुद्वारा सिखों के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी को समर्पित है। यहां पर गुरु तेग बहादर अपने परिवार के साथ 1732 ईस्वी में आए थे और यहां पर उन्होंने एक नीम के पेड़ के नीचे ध्यान किया था।

यहां पर गुरुजी का एक अनुयाई, जो बीमारी से ग्रसित था। गुरु जी ने उसे एक नीम का पत्ता दिया और वह नीम का पत्ता खाने के बाद, वह ठीक हो गया। उसके बाद यहां पर एक गुरुद्वारा बनाया गया और उस गुरुद्वारे को नीम साहिब गुरुद्वारे के नाम से जाना जाता है।

इस गुरुद्वारे में लोगों की धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। यहां पर एक पवित्र सरोवर बना हुआ है, जिस पर डुबकी लगाई जाती है और पुण्य मिलता है। इस गुरुद्वारे में लंगर किया जाता है, जिसमें सभी धर्मों के लोग आकर खाना खाते हैं। यहां लंगर 24 घंटे चलता है। यहां पर धर्मशाला बनाई गई है, जहां पर रात को रूका जा सकता है। यहां पर प्रार्थना भवन है, जहां पर भजन-कीर्तन चलते रहते हैं। यहां आकर अच्छा लगता है।

 

फल्गो तीर्थ स्थल कैथल – Falgo pilgrimage site Kaithal

फल्गो तीर्थ स्थल कैथल में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थान है। यह  कैथल में फलक नाम के गांव में बना हुआ है। यहां पर फलक ऋषि मंदिर बना हुआ है, जो प्राचीन है। इस जगह का संबंध महाभारत काल से है। यहां पर एक बड़ा सा सरोवर बना हुआ है, जो यहां का मुख्य आकर्षण स्थल है। इस सरोवर के किनारे फलक ऋषि मंदिर बना हुआ है।

इस जगह के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर फलक ऋषि ने काफी लंबे समय तक तपस्या की थी। यहां पर एक सरोवर बना हुआ है, जहां पर पूर्णिमा और अमावस्या के समय बहुत सारे लोग आकर स्नान करते हैं।  कहा जाता है कि यहां पर पुण्य लाभ प्राप्त होता है। यहां पर फाल्गु नदी का उद्गम हुआ है।

यहां पर तर्पण की विधि की जाती है। यहां पर अमावस्या और पूर्णिमा के दिन मेला भी लगता है। यहां पर आकर, आपको बहुत सारे मंदिर देखने के लिए मिलेंगे। यह सरोवर बहुत अच्छी तरह से बनाया गया है। यह जगह कैथल शहर से 24 किलोमीटर दूर है और कुरुक्षेत्र सिटी से 34 किलोमीटर दूर है।

 

सरस्वती तीर्थ कैथल – Saraswati Tirtha Kaithal

सरस्वती तीर्थ कैथल में पेहोवा में बना हुआ है। यह एक तीर्थ स्थल है। यहां पर मंदिर देखने के लिए मिलता है। यहां पर एक झील बनी हुई है। यहां झील के किनारे घाट बना हुआ है। इस घाट को सरस्वती घाट के नाम से जाना जाता है। यह जगह पिंडदान के लिए प्रसिद्ध है।

यहां पर बहुत सारे लोग पिंडदान करने के लिए आते हैं। यहां पर और भी बहुत सारे रीति रिवाज कराए जाते हैं। यहां पर बहुत सारे मंदिर बने हुए हैं। जिनके दर्शन आप कर सकते हैं। यहां झील के बीच में भगवान शिव की मूर्ति के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर मेला भी लगता है।

 

श्री स्वामी कार्तिकेय मंदिर पेहोवा – Shri Swami Karthikeya Temple Pehowa

श्री स्वामी कार्तिकेय मंदिर कैथल जिले के पास, पेहोवा का एक मुख्य मंदिर है। यह मंदिर भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय जी को समर्पित है। इस मंदिर में स्थित पिंडी पर भगवान श्री कृष्ण जी ने युधिष्ठिर से सरस्वती तीर्थ पर कर्म-पिंड-गति आदि के पश्चात, साक्षी हेतू तेल अभिषेक इसी स्थान पर करवाया गया था।

यहां पर प्राचीन मंदिर बना हुआ है और यह मंदिर बहुत अच्छी तरह से बनाया गया है। इस मंदिर में महिलाओं का प्रवेश करना वर्जित है। इस मंदिर में पूजा कर, दर्शन कर सकते हैं। यहां पर दो दिए जलते हुए देखने के लिए मिलेंगे, जो अखंड ज्योति है और कई सालों से यहां जल रहे हैं। यह मंदिर बहुत सुंदर तरीके से बना हुआ है।

 

प्राचीन माता बाला सुंदरी मंदिर पेहोवा – Ancient Mata Bala Sundari Temple Pehowa

प्राचीन माता बाला सुंदरी मंदिर पेहोवा का एक मुख्य स्थान है। यह मंदिर बाला सुंदरी माता को समर्पित है। यहां पर माता की प्रतिमा के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर धर्मशाला बनी हुई है, जहां पर ठहरने के लिए रूम मिल जाते हैं। आप यहां पर आकर रुक सकते हैं। यहां पर सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। यहां पर सात्विक भोजन भी मिलता है, जो बहुत स्वादिष्ट रहता है। भोजन यहां पर निशुल्क दिया जाता है।

 

गुरुद्वारा बाओली साहिब पेहोवा – Gurdwara Baoli Sahib Pehowa

गुरुद्वारा बाओली साहिब पिहोवा का एक मुख्य गुरुद्वारा है। यह  गुरुद्वारा मुख्य शहर पिहोवा में बना हुआ है। यह गुरुद्वारा गुरु नानक देव जी की याद में बनाया गया है। यह गुरुद्वारा बहुत सुंदर है। इस गुरुद्वारे में एक तालाब बना हुआ है, जो बहुत पवित्र है।

इस तालाब में  लोग नहाते हैं। यहां पर लंगर चलता रहता है, जिसमें सभी धर्मों के लोग आकर खाना खा सकते हैं। यहां पर रहने की सुविधा उपलब्ध है। यह गुरुद्वारा बहुत अच्छी तरह से बना हुआ है। यहां पर आकर शांति महसूस होती है।

 

अंबिकेश्वर महादेव मंदिर कैथल – Ambikeshwar Mahadev Temple Kaithal

अंबिकेश्वर महादेव मंदिर कैथल का एक प्रमुख मंदिर है। यह मंदिर बहुत सुंदर है। पूरा मंदिर लाल रंग का है, जो देखने में बहुत ही आकर्षक लगता है। मंदिर के बाहर शंकर भगवान जी के दर्शन करने के लिए मिलते है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यह मंदिर महाभारत काल के समय बनाया गया है।

मंदिर के अंदर भगवान शिव के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर काली माता के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यहां पर आश्रम बना हुआ है। सावन सोमवार को यहां पर भीड़ लगती है।

यह भी पढ़े :- गुरुग्राम (गुड़गांव) में घूमने की जगह

मनसा देवी मंदिर कैथल – Mansa Devi Temple Kaithal

मनसा देवी मंदिर कैथल में फतेहपुर गांव में बना हुआ है। यह मंदिर मनसा देवी को समर्पित है। मंदिर के गर्भ गृह में मनसा देवी जी की बहुत ही सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती है। मंदिर का गर्भगृह चांदी का बना हुआ है। मनसा देवी लोगों की इच्छाओं को पूरा करती है। इसलिए इन्हे मनसा देवी के नाम से जाना जाता है। यहां पर धर्मशाला भी बनाई गई है, जहां पर ठहरने की व्यवस्था है। अगर कोई पर्यटक दूर से आता है, तो वह यहां पर रुक सकता है।

यहां पर एक तालाब बना हुआ है। मनसा देवी मंदिर के पास में, शिव भगवान जी का प्राचीन मंदिर बना है। जो तालाब के किनारे बना हुआ है।  यहां पर एक छोटा सा गार्डन बना हुआ है। यहां पर हनुमान जी की एक विशाल प्रतिमा भी देखने के लिए मिलती है। आप यहां पर आकर मां मनसा देवी के दर्शन कर सकते हैं।

यह भी पढ़े :- पंचकूला के प्रमुख पर्यटन स्थल

कैथल में घूमने का सबसे अच्छा समय – Best time to visit in Kaithal

कैथल में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां पर ठंड के समय आ कर आराम से घूम सकते हैं। कैथल में आप साल में कभी भी आकर घूम सकते हैं। यहां पर बहुत सारी पर्यटन स्थल है। ठंड में यहां पर अच्छा मौसम रहता है और आप आराम से सभी जगह घूम सकते हैं। गर्मी में यहां पर घूमने में परेशानी हो सकती है।

यह भी पढ़े :- फतेहाबाद में घूमने की जगह

कैथल कैसे पहुंचा जाए – How to reach Kaithal

कैथल हरियाणा का एक प्रमुख शहर है। कैथल अन्य शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। कैथल में आप आसानी से आ सकते हैं। कैथल पहुंचने के लिए रेल मार्ग, वायु मार्ग और सड़क मार्ग उपलब्ध है। कैथल में इन तीनों माध्यम से पहुंचा जा सकता है।

 

वायु मार्ग से कैथल कैसे पहुंचे – How to reach Kaithal by air

कैथल का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा नई दिल्ली और चंडीगढ़ में बना हुआ है। इन दोनों जिले में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बना हुआ है, जिससे यहां पर देश के विभिन्न शहरों से और विदेशों से भी डायरेक्ट फ्लाइट आती है। आप इन दोनों शहरों में आकर, कैथल सिटी रोड माध्यम से पहुंच सकते हैं।

 

रोड मार्ग से कैथल कैसे पहुंचे – How to reach Kaithal by road

कैथल में रोड मार्ग से पहुंचा जा सकता है। कैथल में नेशनल हाईवे 65 गुजरता है, जो कैथल को विभिन्न शहरों से जोड़ता है। कैथल में आने के लिए बस की सुविधा उपलब्ध है। कैथल में आप लोकल और सरकारी बस से आ सकते हैं। कैथल हरियाणा राज्य की राजधानी चंडीगढ़ से 120 किलोमीटर दूर है और दिल्ली से 200 किलोमीटर दूर है।

 

रेल मार्ग से कैथल कैसे पहुंचे – How to reach Kaithal by rail

कैथल में रेलवे स्टेशन बना हुआ है। कैथल रेलवे स्टेशन कुरुक्षेत्र और नरवाना के बीच स्थित है। कैथल रेलवे स्टेशन विभिन्न शहरों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। आप यहां पर आराम से पहुंच सकते हैं। रेल में यात्रा करना बहुत सस्ता रहता है।

यह भी पढ़े :- सिरसा में घूमने की जगह

कैथल में कहां ठहरे – Where to stay in Kaithal

कैथल में ठहरने के लिए बहुत सारे होटल है। कैथल में आप को अपनी आवश्यकता के अनुसार होटल मिल जाता है। आप अपने बजट के अनुसार होटल का चुनाव कर सकते हैं। यहां पर आकर आप होटल का चुनाव ऑनलाइन कर सकते हैं। यहां पर बहुत सारे होटल और लॉज बने हुए हैं।

इसके अलावा कैथल में ठहरने के लिए सस्ता माध्यम भी उपलब्ध है। यहां पर बहुत सारी धर्मशालाएं बनी हुई है, जहां पर बहुत कम चार्ज लिया जाता है और सारी सुविधाएं दी जाती है। आप यहां पर रुक सकते हैं और कैथल घूम सकते हैं।

यह भी पढ़े :- पीलीभीत में घूमने की जगह

कैथल कहां पर स्थित है – Where is Kaithal located

कैथल हरियाणा राज्य का प्रमुख जिला है। कैथल हरियाणा राज्य में उत्तर पश्चिम में स्थित है। कैथल पंजाब राज्य की सीमा के पास स्थित है। इस जिले के उत्तर में कुरुक्षेत्र, दक्षिण में जींद, पूर्व में करनाल जिला है। कैथल राजधानी दिल्ली से 200 किलोमीटर दूर है।

यह भी पढ़े :- बाराबंकी में घूमने की जगह

यह लेख आपकी जानकारी के लिए लिखा गया है, अगर आपको अच्छा लगे, तो इसे शेयर जरूर करें।

Leave a Comment