जानकी कुंड एवं मंदिर चित्रकूट – Holy Janki Kund and Temple Chitrakoot

जानकी कुंड चित्रकूट (janki kund chitrakoot) का एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। जानकी कुंड (Janki Kund) मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित एक सुंदर घाट है। जानकी कुंड (Janki Kund) के बारे में कहा जाता है, कि यहां पर प्राचीन काल में माता सीता जी स्नान किया करती थी। इसलिए इस जगह को जानकी कुंड कहा जाता है। यह जगह प्राकृतिक रूप से बहुत ही सुंदर है। यहां पर आकर आप अच्छा समय बिता सकते हैं।

जानकी कुंड चित्रकूट (Janki Kund Chitrakoot) की जानकारी

जानकीकुंड चित्रकूट (janki kund chitrakoot) का एक प्रसिद्ध एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यहां पर जानकी माता के प्राचीन चरण चिन्ह (Ancient Footprints of Janaki Mata) देखने के लिए मिलते हैं, जो एक चट्टान पर उभरे हुए हैं। यहां पर मंदाकिनी नदी (Mandakini River) का सुंदर दृश्य देखने के लिए मिलता है।

मंदाकिनी नदी (Mandakini River) पर यहां पर कुंड बने हुए हैं, जहां पर सीता माता स्नान किया करते थे। इसलिए इस जगह को जानकीकुंड (janaki kund) कहा जाता है। सीता माता महाराज जनक की पुत्री थी और उन्हें जानकी कहा जाता था। इसलिए यह जगह जानकी कुंड (janaki kund) नाम से प्रसिद्ध है।

जानकी कुंड (Janki Kund) बहुत सुंदर है। यहां पर चट्टाने देखने के लिए मिलती हैं। मंदाकिनी नदी का स्वच्छ पानी देखने के लिए मिलता है। यहां पर मंदाकिनी नदी  (Mandakini River) अपने तेज प्रभाव से बहती है। यहां पर आप नहाने का मजा भी ले सकते हैं। यहां पर कुंड बने हुए हैं।

यहां पर कुछ लोकल लोगों के द्वारा कपड़े धोये जा रहे थे। यह सब नहीं करना चाहिए। हमारी जो पवित्र नदियां हैं। उन्हें साफ रखना चाहिए। मंदाकिनी नदी के दूसरी तरफ जंगल का दृश्य देखने के लिए मिलता है। यहां पर घना जंगल है। आप चाहे, तो थोड़ी दूर तक जंगल के पास में भी घूमने के लिए जा सकते हैं। यह जगह प्राकृतिक रूप से बहुत सुंदर है।

जानकी कुंड (Janki Kund) गुप्त गोदावरी जाने वाली सड़क में ही स्थित है। यहां पर बहुत आसानी से पहुंचा जा सकता है। मुख्य सड़क से नीचे की तरफ उतरना पड़ता है। यहां पर नीचे उतरने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। नीचे उतरते हैं, तो यहां पर सीता जी के प्राचीन चरण चिन्ह (sita ji ke prachin charan chinh) देखने के लिए मिलते हैं और यहां पर छोटा सा मंदिर बना दिया गया है। यहां पर हनुमान जी की प्राचीन मूर्ति भी देखने के लिए मिलती है। आप सीता माता के चरण चिन्ह के थोड़ा सा आगे जाएंगे, तो आपको यहां पर घाट देखने के लिए मिलेगा।

इस घाट को जानकी घाट (Janki Ghat) कहा जाता है। इस घाट में आप स्नान कर सकते हैं। यहां पर महिलाएं और पुरुष सभी लोग स्नान कर सकते हैं और यहां पर कपड़े बदलने के लिए भी चेंजिंग रूम दिए गए हैं। यह घाट कृष्ण जी के मंदिर के पीछे बना हुआ है।

यहां पर सुंदर पेंटिंग भी बनी हुई है, जिसमें राम जी, सीता माता और लक्ष्मण जी को दिखाया गया है। यहां पर बहुत सारे बंदर भी हैं, जिनसे आप को संभाल कर रहने की जरूरत है, नहीं तो वह आपका सामान छीन सकते हैं। यह जगह प्राकृतिक रूप से खूबसूरत है और इस जगह का आनंद आप यहां पर आकर ले सकते हैं।

जानकी कुंड (janaki kund) में आकर बहुत शांति महसूस होती है। आप यहां पर योगा कर सकते हैं, क्योंकि यहां पर शांति है और पॉजिटिव एनर्जी महसूस होती है। यहां पर आकर बहुत अच्छा समय बिताया जा सकता है। यहां पर आप अपनी फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं। यहां पर आश्रम भी है। वह भी आप देख सकते हैं।

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जानकी कुंड में घूमने का सबसे अच्छा समय – Best time to visit in Janaki Kund

जानकी कुंड में घूमने का सबसे अच्छा समय ठंड का रहता है। आप यहां पर ठंड में आ सकते हैं और घूम सकते हैं। जानकी कुंड एक प्राकृतिक जगह है और यहां पर मंदाकिनी नदी बहती है। इसलिए यहां पर बहुत ज्यादा ठंडक मिलती है। आप यहां पर जाकर अपना अच्छा समय बिता सकते हैं। आप यहां पर ठंड में आ सकते हैं। ठंड में आप यहां पर आराम से घूम सकते हैं। वैसे गर्मी में भी इस जगह में घूमने के लिए आया जा सकता है।

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जानकी कुंड कहां पर स्थित है – Where is Janki Kund located

जानकीकुंड चित्रकूट (Jankikund Chitrakoot) का एक प्रसिद्ध जगह है। जानकीकुंड चित्रकूट में गुप्त गोदावरी जाने वाली सड़क में स्थित है। यहां पर आप गाड़ी और बाइक से आराम से पहुंच सकते हैं। यहां पर ज्यादातर लोग ऑटो से यात्रा करते हैं, क्योंकि यहां पर ऑटो ही चलते हैं। आप यहां पर आकर घूम सकते हैं।

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