हिंगलाजगढ़ का किला मध्य प्रदेश – Famous Hinglajgarh Fort Madhya Pradesh

हिंगलाज का किला मध्य प्रदेश (Hinglajgarh Fort Madhya Pradesh) का एक प्रसिद्ध किला है। हिंगलाज का किला (Hinglajgarh Fort) मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित है। यह किला भानपुरा तहसील में बना हुआ है। यह किला घने जंगल के अंदर स्थित है। इस किले के अंदर घूमने के लिए बहुत सारी जगह है। अगर आप मंदसौर जाते हैं, तो आप इस किले में घूमने के लिए जरूर घूमना चाहिए। यहां पर आकर आपको ढेर सारी ऐतिहासिक वस्तुएं देखने के लिए मिलती है।

हिंगलाजगढ़ का किला और हिंगलाज माता का मंदिर भानपुरा मंदसौर मध्य प्रदेश – Hinglajgarh Fort and Hinglaj Mata temple Bhanpura, Mandsaur, Madhya Pradesh

हिंगलाजगढ़ का किला मध्य प्रदेश (Hinglajgarh Fort) का एक प्राचीन किला है। हिंगलाजगढ़ का किला मंदसौर (Hinglajgarh Fort Mandsaur) का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह किला प्राचीन होने के साथ-साथ धार्मिक है। हिंगलाजगढ़ किले के अंदर मां हिंगलाज का मंदिर विराजमान है। यह  मंदिर प्राचीन है। यहां पर लोग माता के पूजा और दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां पर खास अफसरों पर बहुत ज्यादा भीड़ लगती है।

हिंगलाजगढ़ का किला मध्य प्रदेश (Hinglajgarh Fort Madhya Pradesh) के मंदसौर जिले में स्थित है।  यह किला मंदसौर जिले के भानपुरा तहसील में स्थित है। यह किला तीन तरफ से घाटियों से घिरा हुआ है। यहां पर आकर आपको किले के अंदर मां हिंगलाज का मंदिर देखने के लिए मिलता है, जो प्राचीन है। इस मंदिर में मां हिंगलाज का विग्रह बहुत ही सुंदर है। इस किले में, बाइक और कार से पहुंच सकते हैं।

हिंगलाजगढ़ का किला (Hinglajgarh Fort) में आने के लिए सड़क माध्यम उपलब्ध है। हिंगलाजगढ़ किले (Hinglajgarh Fort) में आने के लिए पक्की सड़क उपलब्ध है। यहां पर आप भानपुरा तहसील से होते हुए, नावली गांव पहुंचते हैं और उसके बाद आप आगे बढ़ते हैं, तो आपको पक्की सड़क मिलेगी। किले के पास 2 से 3 किलोमीटर की सड़क कच्ची है। यहां पर जंगल एरिया पड़ता है। यह किला गांधी सागर वन्य जीव अभ्यारण (gandhi sagar vanya jeev abhyaran) क्षेत्र के अंतर्गत आता है। जंगल एरिया में चारों तरफ पेड़ पौधे लगे हुए हैं। यहां का रास्ता कच्चा है।

बरसात में यहां पर आपको चारों तरफ हरियाली देखने के लिए मिलती है। आप जब किले के पास पहुंचते है, तो यहां पर पार्किंग के लिए बहुत बड़ी जगह रहती है। यहां पर पार्किंग के पास में ही प्रसाद की दुकानें मिलती है, जहां पर आप हिंगलाज माता को अर्पित करने के लिए प्रसाद ले सकते हैं।

आप गाड़ी की पार्किंग करके आगे जाते हैं, तो आपको यहां पर थोड़ा सा ट्रैकिंग करनी पड़ती है। यहां पर करीब आपको 1 किलोमीटर की ट्रैकिंग करनी पड़ती है। यह जो रास्ता रहता है। वह चढ़ाई वाला रहता है। यह रास्ता पक्का है और यहां पर सीढ़ियां बनी हुई है। आपको यहां पर हिंगलाजगढ़ किले के प्रवेश द्वार देखने के लिए मिलते हैं। यहां मंडेसरी द्वार देखने के लिए मिलता है, जिसको पार करके आप आगे बढ़ते हैं, तो आपको सूरजपोल द्वार देखने के लिए मिलता है।

आप हिंगलाजगढ़ किले (Hinglajgarh Fort) के अंदर पहुंचते हैं, तो आपको हिंगलाज माता का मंदिर देखने के लिए मिलता है। हिंगलाज माता का मंदिर (hinglaj mata ka mandir) प्राचीन है और यह मंदिर अच्छी तरह बना दिया गया है। मंदिर में माता के विग्रह देखने के लिए मिलता है। यहां पर माता की दो प्रतिमा देखने मिलती है। जो बहुत ही सुंदर लगती हैं। माता गहनों और पुष्पों से सुसज्जित है। यहां पर मंदिर के बाहर मंडप है, जहां पर भक्तों कुछ ना कुछ फंक्शन करवाते रहते हैं।

यहां नवरात्रि में बहुत ज्यादा भीड़ लगती है। बहुत सारे लोग आकर माता के दर्शन करते हैं। हिंगलाज माता के मंदिर (hinglaj mata ka mandir) के पास में ही, यहां पर शिव शंकर जी का मंदिर है। हिंगलाज माता के मंदिर (hinglaj mata ka mandir) के दर्शन करने के बाद आप किला घूमने के लिए जाएंगे, तो यहां पर आपको किले की बड़ी-बड़ी प्राचीर देखने के लिए मिलेगी। इन प्राचीर में खड़े होकर आप चारों तरफ देख सकते हैं। यहां पर आपको पहाड़ी और घाटी देखने के लिए मिलती है और घाटी में बहती हुई नदी और उसकी आवाज सुनने के लिए मिलती है। यहां पर हरियाली रहती है।

हिंगलाजगढ़ किले (Hinglajgarh Fort) के अंदर कचेरी देखने के लिए मिलती है, जहां पर प्राचीन मूर्तियों को संभाल कर रखा गया है। यहां पर 1600 साल पहले की मूर्तियों को भी रखा गया है। यह किला कितना प्राचीन है। वह आप यहां की मूर्तियों को देखकर जान सकते हैं। यहां पर आपको पत्थर में बनी हुई बहुत सुंदर सुंदर मूर्तियां देखने के लिए मिलती हैं। यहां पर आपको मंदिर के अवशेष देखने के लिए मिलते हैं।

हिंगलाजगढ़ किले (Hinglajgarh Fort) के अंदर आपको सूरजकुंड जलाशय देखने के लिए मिलता है। यह जलाशय प्राचीन है और इस जलाशय का उपयोग प्राचीन समय में किले में जल की आपूर्ति करने के लिए किया जाता था। यह जलाशय बहुत ही सुंदर तरीके से बना हुआ है। जलाशय में नीचे जाने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। जलाशय में, वर्तमान में भी पानी आपको देखने के लिए मिल जाता है। जलाशय एक तरफ सुंदर सा महल बना हुआ है। जलाशय के चारों तरफ सीढ़ियां बनी हुई है।

हिंगलाजगढ़ का किला (Hinglajgarh Fort) घूमने के लिए आते हैं, तो आपको यहां पर 2 से 3 घंटे लग जाते हैं। यहां पर आपको खाने पीने की लिए दुकानें देखने के लिए मिल जाती हैं। आप यहां पर आते हैं, तो अपने साथ पानी जरूर लेकर आएं, क्योंकि यहां पर पानी वगैरह बहुत महंगा मिलता है। आप अपने साथ हल्का-फुल्का खाना भी जरूर लेकर आये।

हिंगलाजगढ़ किले (Hinglajgarh Fort) में घूमने का सबसे अच्छा समय बरसात का रहता है, क्योंकि बरसात में आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा, क्योंकि बरसात में यहां पर हरियाली रहती है। नवरात्रि के समय भी आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं, क्योंकि उस समय, यहां पर भीड़भाड़ रहती है। यह किला मध्य प्रदेश सरकार के द्वारा संरक्षित किया गया है और आप यहां पर आकर अपना बहुत अच्छा समय व्यतीत कर सकते हैं।

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हिंगलाजगढ़ का किला का इतिहास – History of Hinglajgarh Fort

हिंगलाजगढ़ और उसके आसपास के क्षेत्र का इतिहास मालवा का इतिहास है। हिंगलाजगढ़ किले का निर्माण परमारों के शासनकाल में हुआ और इसके चारों ओर असंख्य देवालयों का निर्माण भी किया गया। परमारों के बाद, इस स्थान का महत्व बहुत कम हो गया और चंद्रावतों के समय, यह खंडहर में बदल गया। वर्तमान स्वरूप में इस किले का निर्माण यशवंतराव होलकर प्रथम ने किया था। किले की रक्षा दीवारों एवं अन्य भवनों के निर्माण में, यहां के देवालय, मठों और रहवासी मकानों को पत्थर का उपयोग किया गया है।

किले की दीवार, सैनिकों अंगारों एवं अन्य भवनों में लगी लगभग 1000 प्रतिमाएं इसका स्पष्ट साक्ष्य रही है। वर्तमान में किले में, जो भवन में रानी महल, कचहरी महल, बारूद घर, हिंगलाज माता का मंदिर, शिव मंदिर, राम मंदिर, हनुमान मंदिर प्रमुख है। किले के 4 दरवाजे हैं, पाटन पोल, कटारा पोल, सूरजपोल, मंडेसरी द्वार हैं। सूरजपोल दरवाजे के पास ही सूरजकुंड है, जहां एकत्रित जल का उपयोग किया जाता था।

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हिंगलाजगढ़ का किला कहां स्थित है – Where is Hinglajgarh Fort located

हिंगलाज का किला (Hinglajgarh Fort) मध्य प्रदेश का प्रसिद्ध किला है। हिंगलाज का किला मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित है। यह मंदसौर जिले की भानपुरा तहसील में स्थित है। यह किला मंदसौर जिले से करीब 135 किलोमीटर दूर है और भानपुरा तहसील से करीब 26 किलोमीटर दूर है। इस किले में आप आसानी से आ सकते हैं।

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हिंगलाजगढ़ का किला पर कैसे पहुंचा जा सकता है – How to reach Hinglajgarh Fort

हिंगलाज का किला मंदसौर (Hinglajgarh Fort Mandsaur) जिले में स्थित है। यह मंदसौर जिले की भानपुरा तहसील में स्थित है। आपको इस किले में पहुंचने के लिए सबसे पहले भानपुरा तहसील आना पड़ेगा। भानपुरा तहसील से यह किला 26 किलोमीटर दूर जंगल के अंदर स्थित है।

इस किले तक पहुंचाने के लिए सड़क मार्ग बना हुआ है। किले तक जाने के लिए पक्का सड़क मार्ग बना हुआ है। किले के पास दो-तीन किलोमीटर का रास्ता कच्चा है। यहां पर आपको जंगल वाला रास्ता देखने के लिए मिलता है। इस किले में आप अपनी गाड़ी से आराम से पहुंच सकते हैं।

यहां पर आप बाइक और कार से जा सकते हैं। किले के पास तलहटी में पार्किंग की व्यवस्था उपलब्ध है। गाड़ी को पार्क करने के बाद, आप इस किले में जाने के लिए ट्रैकिंग कर सकते हैं। यहां पर सीढ़यों का रास्ता है। आप यहां पर आराम से ट्रैकिंग कर सकते हैं।

 

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