मध्य प्रदेश का गांधी सागर बांध – Big and Beautiful Gandhi Sagar Dam Mandsaur

गांधी सागर बांध मध्य प्रदेश (Gandhi Sagar Dam Madhya Pradesh) के सुंदर जलाशयों में से एक है। गांधी सागर बांध (Gandhi Sagar Dam) मध्य प्रदेश की प्रमुख नदी चंबल पर बना हुआ है। यह बांध बहुत बड़े एरिया में फैला हुआ है। यह बांध मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा पर बना हुआ है। गांधी सागर बांध मंदसौर (Gandhi Sagar Dam Mandsaur) जिले में स्थित है। अगर आप मंदसौर जिले में घूमने लिए आते हैं, तो आपको इस बांध में जरूर घूमने के लिए आना चाहिए, क्योंकि यहां पर आपको प्रकृति का अद्भुत सौंदर्य देखने के लिए मिलता है।

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गांधी सागर बांध मंदसौर मध्य प्रदेश की जानकारी – Information about Gandhi Sagar Dam Mandsaur Madhya Pradesh

गांधी सागर बांध (Gandhi Sagar Dam) चंबल नदी पर बना हुआ एक सुंदर बांध है। यह चंबल नदी पर बनी हुई प्रमुख परियोजना है। इस बांध को चंबल नदी परियोजना के नाम से भी जाना जाता है। गांधी सागर बांध मंदसौर जिले में घूमने के लिए एक प्रमुख आकर्षक स्थल है। यह मंदसौर जिले का एक पिकनिक स्थल है। यहां पर आप अपने फैमिली और दोस्तों के साथ घूमने के लिए आ सकते हैं और अच्छा समय बिता सकते हैं।

गांधी सागर बांध, गांधी वन्य जीव अभ्यारण के अंदर स्थित है, इसलिए आपको यहां पर प्रकृति के अलग-अलग दृश्य देखने के लिए मिलते हैं। आप इस बांध में आसानी से घूमने के लिए पहुंच सकते हैं। गांधी सागर बांध में घूमने के लिए ढेर सारे स्थल देखने के लिए मिलते हैं। यहां पर चंबल माता मंदिर, भगवान शिव का मंदिर, गांधी सागर वाइल्डलाइफ अभ्यारण देखने के लिए मिलती है। यहां पर बोट क्लब भी बना हुआ है, जहां पर जाकर आप बोटिंग का आनंद ले सकते हैं। यहां पर आकर आपको बहुत मजा आएगा।

गांधी सागर बांध (Gandhi Sagar Dam) एक बहुउद्देशीय परियोजना है। गांधी सागर बांध मध्य प्रदेश का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह बांध मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित है। यह बांध मध्य प्रदेश राजस्थान की सीमा पर बना हुआ है। यह चंबल नदी पर बना हुआ है। यह बांध बहुत ही आकर्षण स्थल है। गांधी सागर बांध का भराव क्षेत्र मध्य प्रदेश और मंदसौर जिले में फैला हुआ है। यह बांध मंदसौर जिले से 168 किलोमीटर दूर है। इस बांध में पहुंचने के लिए सड़क मार्ग उपलब्ध है।

गांधी सागर बांध (Gandhi Sagar Dam) चंबल नदी पर बना हुआ है। चंबल नदी पर चार मुख्य परियोजनाओं में से गांधी सागर बांध एक है। यह सबसे पहली परियोजना है। चंबल नदी मध्य प्रदेश की मुख्य नदी है। चंबल नदी का उद्गम मध्यप्रदेश में होता है।

चंबल नदी का उदगम मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में होता है। चंबल नदी मध्य प्रदेश से बहते हुए राजस्थान में प्रवेश करती है और उसके बाद मध्य प्रदेश की सीमा बनाकर बहते हुए यमुना नदी से जाकर मिल जाती है। इस तरह चंबल नदी का समागम यमुना से होता है और चंबल नदी की यात्रा समाप्त होती है।

गांधी सागर बांध (Gandhi Sagar Dam) पर्यटन के लिए एक मुख्य स्थल है। गांधी सागर बांध में पर्यटन के लिए बहुत सारी जगह है, जहां पर आप जाकर बहुत इंजॉय कर सकते हैं। गांधी सागर बांध, गांधी सागर अभ्यारण में बना हुआ है। यहां पर आपको जंगली जानवर देखने के लिए मिल जाते हैं। इसके अलावा यहां पर आपको बहुत सारे देशी और विदेशी पक्षी देखने के लिए मिलते हैं। साल भर यह पक्षी देखने के लिए मिलते हैं।

आपको यहां पर आकर बहुत अच्छा लगेगा, क्योंकि यहां पर पूरा जंगल है और बहुत शांति है। आप शहर की भागदौड़ भरी लाइफ को छोड़कर, यहां पर आएंगे और यहां पर आपको प्रकृति का एक अलग ही रूप देखने के लिए मिलेगा।

यहां पर बहुत सारे रिसोर्ट बनाए गए हैं, जो मध्य प्रदेश टूरिज्म की तरफ से और कुछ प्राइवेट रिसोर्ट भी हैं, जहां पर आप ठहर सकते हैं। इन रिसोर्ट के अलग-अलग प्राइस रहते हैं और उनके हिसाब से आपको सुविधा दी जाती है। इन रिसोर्ट में आप ठहर सकते हैं और इस जगह की शांति को महसूस करते सकते हैं।

यहां पर सुबह सुबह जब आप उठेंगे। तब आपको चिड़ियों और पानी की आवाज सुनाई देगी, जो बहुत ही जो दिमाग को शांत करेंगे और आपको एक अनुभव देंगे। यहां पर आपको व्यूप्वाइंट देखने के लिए मिलते हैं, जहां से आप बांध का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। दूर-दूर तक फैला हुआ पानी बहुत अच्छा दिखता है।

आप गांधी सागर बांध (Gandhi Sagar Dam) में बोटिंग की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। यहां पर अलग-अलग प्रकार की बोटिंग की सुविधा उपलब्ध है। यहां पर आपको स्पीड बोट, जलपरी और जेट स्की, क्रूज में बोटिंग कर सकते हैं। इन सभी बोट की राइड का अलग अलग चार्ज रहता है।

अगर आप क्रूज बोट में बोटिंग का मजा लेना चाहते हैं, तो उसके लिए न्यूनतम 30 व्यक्ति और अधिकतम 50 व्यक्ति क्रूज  बोट में बोटिंग का मजा ले सकते हैं। अगर आप पार्टी वगैरा करना चाहते हैं, तो आप फिर क्रूज में बुकिंग कर सकते हैं और यहां पर मस्त म्यूजिक सुनते हुए, आप पार्टी करते हुए बोटिंग का मजा ले सकते हैं। यहां पर स्पीड बोट और जलपरी बोट में बोटिंग करने के लिए न्यूनतम तीन व्यक्तियों की जरूरत होती है। आपको बोटिंग करने में बहुत मजा आएगा।

गांधी सागर बांध (Gandhi Sagar Dam) के भराव क्षेत्र में बहुत सारे टापू भी है, जहां पर पर्यटन की सुविधा उपलब्ध है। आप इन टापू में जा सकते हैं। यहां पर होटल बनाए गए हैं, जहां पर आप ठहर सकते हैं। यह मध्य प्रदेश टूरिज्म के द्वारा ऑपरेट किए जाते हैं।

यहां पर आप कैंपिंग का मजा ले सकते हैं। यहां पर अलग चार्ज लिए जाते हैं। यह टापू बहुत ही मस्त रहते हैं और यहां पर शांति का अनुभव होता है। आप पानी की आवाज सुन सकते हैं और रात के समय यहां पर आप बोन फायर करते हुए, तारे देखते हुए अपनी रात बिता सकते हैं, जो एक अलग अनुभव रहता है।

गांधी सागर बांध (Gandhi Sagar Dam) के गेट के बॉडी के पास में ऊपर की तरफ आपको एक गार्डन देखने के लिए मिलेगा, जिसे चंबल माता उद्यान के नाम से जाना जाता है। यह गार्डन बहुत सुंदर बनाया गया है। गार्डन में आपको बहुत सी सारी मूर्तियां देखने के लिए मिलती है।

यहां पर आपको एक बहुत बड़ी और बहुत सुंदर मूर्ति देखने के लिए मिलती है, जो चंबल माता जी को समर्पित है। यह मूर्ति बहुत अच्छी है। यहां पर व्यू पॉइंट पर बनाया गया है, जहां से आप गांधी सागर बांध का सुंदर दृश्य देख सकते हैं। यह दृश्य दूर तक देखने के लिए मिलता है। यहां पर फोटो खींचने की मनाही है। मगर लोग यहां पर फोटो खींचते हैं। यह जगह बहुत ही अद्भुत लगती है।

गांधी सागर बांध (Gandhi Sagar Dam) में बरसात के समय सबसे अधिक लोग घूमने के लिए आते हैं, क्योंकि इस समय गांधी सागर बांध के गेट खोले जाते हैं, जो बहुत ही जबरदस्त दिखाई देते हैं। जब बांध के पूरे गेट खुलते हैं। तब पानी यहां पर बहुत अधिक मात्रा में निकलता है और एकदम फोर्स से बहता है, जो बहुत ही जबरदस्त दिखाई देता है और इस दृश्य को देखने के लिए आसपास के शहर के लोग यहां पर आते हैं।

गांधी सागर बांध (Gandhi Sagar Dam) के दाहिने किनारे पर बिजली उत्पादन के लिए पावर स्टेशन बनाया गया है। इस पावर स्टेशन में 115 मेगा मेगा वाट विद्युत उत्पन्न की जाती है। बिजली पावर प्लांट में 23 मेगावाट की पांच टरबाइन है। जिससे बिजली का उत्पादन किया जाता है।

यह बिजली मध्य प्रदेश और राजस्थान राज्य में वितरित की जाती है। बिजली स्टेशन में 1957 में कार्य शुरू किया गया था, जबकि बिजली उत्पादन और इसका वितरण नवंबर 1960 में किया गया था। गांधी सागर बांध और पावर स्टेशन के निर्माण का कुल खर्चा लगभग 18 करोड़ 40 लाख था। गांधी सागर पावर स्टेशन 65 मीटर लंबा और 15 फीट चौड़ा है।

गांधी सागर बांध (Gandhi Sagar Dam) का इतिहास बहुत रोचक है। गांधी सागर बांध की आधारशिला तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 7 मार्च 1954 को रखी थी। इसका निर्माण कार्य 1960 में पूरा किया गया था।

1970 के दशक में इस बांध के सभी संरचनाएं बनकर तैयार कर लिया गया था। गांधी सागर बांध का जल ग्रहण क्षेत्र 22184 किलोमीटर है। जबकि सकल भंडारण की क्षमता 7322 बिलियन क्यूबिक मीटर है। बांध की ऊंचाई 62.17 मीटर है।

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गांधी सागर बांध में घूमने का सबसे अच्छा समय – Best time to visit Gandhi Sagar Dam

गांधी सागर बांध में घूमने का सबसे अच्छा समय बरसात का रहता है। आप यहां पर बरसात में आकर घूम सकते हैं। बरसात के समय बांध का दृश्य देखने लायक रहता है। बरसात के समय बांध का पानी ओवरफ्लो होकर बहता है, जिसका नजर जबरदस्त रहता है।

बरसात के समय बांध चारों तरफ से हरियाली से घिर जाता है और बहुत ही आकर्षक लगता है। आप यहां पर बरसात के समय जाकर अच्छा समय बिता सकते हैं। आप यहां पर ठंड में भी घूमने के लिए आ सकते हैं। ठंड में भी यह जगह बहुत आकर्षक लगती है।

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गांधी सागर बांध कहां पर स्थित है – Where is Gandhi Sagar Dam located

गांधी सागर बांध मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित है। यह बांध मध्य प्रदेश से 168 किलोमीटर दूर है। इस बांध में आप अपनी गाड़ी से पहुंच सकते हैं। यह बांध गांधी सागर वन्य जीव अभ्यारण में स्थित है। बांध में पहुंचने के लिए सड़क माध्यम उपलब्ध है।

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FAQ

 

गांधी सागर बांध की ऊंचाई कितनी है – What is the height of Gandhi Sagar Dam

गांधी सागर बांध की कुल लंबाई 513.60 मीटर है और गांधी सागर बांध की ऊंचाई 63.70 मीटर है।

 

गांधी सागर बांध की भराव क्षमता कितनी है – What is the filling capacity of Gandhi Sagar Dam

गांधी सागर बांध की भराव क्षमता है 4776 मिलियन घन मीटर है।

 

गांधी सागर बांध की आधारशिला किसने रखी – Who laid the foundation stone of Gandhi Sagar Dam

गांधी सागर बांध की आधारशिला तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने रखी थी।

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गांधी सागर बांध किस नदी पर है – Gandhi Sagar Dam is on which river

गांधी सागर बांध चंबल नदी पर बना हुआ है। चंबल नदी का उदगम मध्य प्रदेश के इंदौर जिले की पहाड़ियों से हुआ है। चंबल नदी यमुना नदी की सहायक नदी है।

गांधी सागर बांध का निर्माण कब हुआ – When was Gandhi Sagar Dam constructed?

गांधी सागर बांध के आधारशिला 7 मार्च 1954 को रखी गई थी और इसका निर्माण कार्य 1960 को पूरा हुआ है। गांधी सागर बांध 1954 से 1960 के बीच में पूरा हुआ है।

गांधी सागर बांध किस राज्य में स्थित है – In which state is Gandhi Sagar Dam located

गांधी सागर बांध मध्य प्रदेश राज्य में स्थित है।

 

गांधी सागर बांध किन राज्यों की सीमा पर बना है – Gandhi Sagar Dam is built on the border of which states

गांधी सागर बांध मध्य प्रदेश और राजस्थान राज्य की सीमा पर बना हुआ है।

 

गांधी सागर बांध किस नदी पर बनाया गया है – Gandhi Sagar Dam is built on which river

गांधी सागर बांध चंबल नदी पर बनाया गया है।

 

गांधी सागर बांध कहां पर है – where is gandhi sagar dam

गांधी सागर बांध मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में है।

 

गांधी सागर बांध का जलस्तर – Water level of Gandhi Sagar Dam

गांधी सागर बांध का जलस्तर 1310 फीट है।

 

गांधी सागर बांध कब बना था – When was Gandhi Sagar Dam built?

गांधी सागर बांध 1960 में बनकर तैयार हुआ था।

 

गांधी सागर बांध में कितने गेट हैं – How many gates are there in Gandhi Sagar Dam

गांधी सागर बांध में 10 गेट हैं।

 

गांधी सागर बांध किस जिले में है – In which district is Gandhi Sagar Dam located

गांधी सागर बांध किस मंदसौर में है।

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गांधी सागर बांध किस नदी पर निर्मित है – Gandhi Sagar Dam is built on which river

गांधी सागर बांध चंबल नदी पर निर्मित है।

 

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