आदेगांव का किला (गढ़ी) एवं काल भैरव मंदिर सिवनी – Adegaon fort (Garhi) and Kaal Bhairav temple Seoni

Adegaon ka Kila – आदेगांव का किला मध्य प्रदेश का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। यह मध्य प्रदेश का एक ऐतिहासिक स्थल है। यह किला मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में स्थित है। यह किला सिवनी जिले के लखनादौन तहसील के पास में स्थित है। इस किले के अंदर प्राचीन मंदिर बना है। यह किला चारों तरफ से दीवारों से घिरा हुआ है। इस किले में आकर आप सूर्यास्त का सुंदर दृश्य भी देख सकते हैं। आज इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको सिवनी जिले के आदेगांव किले के बारे में जानकारी देंगे।

आदेगांव का किला एवं काल भैरव मंदिर लखनादौन सिवनी – Adegaon Fort and Kaal Bhairav Temple Lakhnadon Seoni

आदेगांव का किला (Adegaon fort) एवं काल भैरव का मंदिर सिवनी (Kaal bhairav ka mandir seoni) जिले का एक पर्यटन स्थल है। यहां पर आपको एक प्राचीन किला देखने के लिए मिलेगा। यह किला अब यहां पर खंडहर अवस्था में मौजूद है। यहां पर आपको काल भैरव का मंदिर (Kaal bhairav ka mandir ) भी देखने के लिए मिलेगा। यह मंदिर बहुत प्राचीन है और इस मंदिर में काल भैरव जी की प्रतिमा देखने के लिए मिलेगी। आदेगांव का किला (Adegaon ka kila) एक ऊंची पहाड़ी पर स्थित है। यह किला बहुत सुंदर है। आप इस किले में घूम सकते हैं। आदेगांव किले (Adegaon Fort) के पीछे आपको एक तालाब देखने के लिए मिलेगा। आपको तालाब के पास में श्यामलता का पेड़ (shyamalata ka ped) भी देखने के लिए मिलता है, जो बहुत कम जगह पाया जाता है। श्यामलता के पेड़ की अपनी ही विशेषता है।

आदेगांव का किला एवं मंदिर (Adegaon fort and temple) में घूमने का सबसे अच्छा समय बरसात के समय रहता है, क्योंकि उस समय आप आकर इस जगह की सुंदरता को देख सकते हैं। यहां पर चारों तरफ आपको पहाड़, तालाब और खेत देखने के लिए मिल जाते हैं और बरसात के समय ही यहां पर हरियाली रहती है। इसके अलावा अब आदेगांव के किले में काल भैरव जयंती के दिन भी आ सकते हैं, क्योंकि उस समय यहां पर बहुत बड़ा मेला लगता है।

आदेगांव का किला सिवनी जिले के लखनादौन तहसील में स्थित है। यह किला आदेगांव नाम के गांव में बना हुआ है। इस किले में पहुंचने के लिए आप अपनी गाड़ी से आ सकते हैं। इस किले में आने के लिए, जो सड़क है। वह बहुत ही सकरी है, तो आप यहां बाइक से आते हैं, तो आराम से आदेगांव का किला में पहुंच सकते हैं।

आदेगांव का किला (Adegaon fort) एक पहाड़ी पर बना हुआ है। इस किले तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां बनी हुई है। सीढ़ियों से होते हुए आप किले तक पहुंच जाते हैं। आदेगांव का किला (Adegaon fort) अब यहां पर खंडहर अवस्था में मौजूद है। यहां पर आप किले में पहुंचते हैं, तो आपको किले का बाहरी भाग देखने के लिए मिलता है, जो टूटा हुआ है। मगर सुंदर लगता है।  यहां से आप आदेगांव का दृश्य देख सकते हैं। यहां से आपको दूर तक का दृश्य देखने के लिए मिल जाता है। आप किले के अंदर जाते हैं, तो आपको सबसे पहले भैरव मंदिर देखने के लिए मिलता है। यह मंदिर बहुत प्राचीन है और बहुत दूर-दूर से लोग इस मंदिर में भैरव बाबा के दर्शन करने के लिए आते हैं। इस मंदिर में प्राचीन मूर्ति के दर्शन करने के लिए मिलते हैं। यह मंदिर सुबह और शाम के समय खुलता है। दोपहर के समय मंदिर बंद रहता है। मगर आप मंदिर में भैरव बाबा के दर्शन बाहर से कर सकते हैं।

आदेगांव का किला पर आपको शिवलिंग के दर्शन करने के लिए भी मिलता है। किले के अंदर आपको बहुत सारे खंडहर अवशेष देखने के लिए मिलते हैं। किले की बस बाहरी दीवार अच्छी अवस्था में है। बाकी किला के अंदर जितना भी निर्माण था। वह सब नष्ट हो गया है। किले की दीवार में आपको बुर्ज बने हुए देखने के लिए मिलते हैं।  इन बुर्ज में प्राचीन समय में सैनिक किले की निगरानी किया करते थे, कि कहीं आक्रमण तो नहीं हो रहा है। यहां पर किले के पीछे तरफ जाने के लिए सीढ़ियां भी दी गई है। आप किले के पीछे साइड बने तालाब में सीढ़ियां से जा सकते हैं। किले के बाजू में आपको स्कूल देखने के लिए मिलता है। यह प्राइमरी स्कूल है। यह सरकारी स्कूल है। यहां पर इस गांव के बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। स्कूल के बाजू से ही आपको बड़ा सा मैदान देखने के लिए मिलेगा। यहां पर आपको एक दरगाह भी देखने के लिए मिलती है। मैदान से आपको किले के बाहर का दृश्य देखने के लिए मिलता है। किले के पीछे बने तालाब को आप इस मैदान से देख सकते हैं। यह किला ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है और आप यहां पर घूमने के लिए आ सकते हैं। आपको यहां पर अच्छा लगेगा।

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आदेगांव किले का निर्माण किसने किया और कब किया – Who built the Adagaon Fort and when

आदेगांव किले को गढ़ी या आदेगांव किले के नाम से जाने जाते हैं। इस किले का निर्माण की नींव नागपुर के मराठा शासक रघु जी भोसले के शासनकाल में 18वीं सदी ईस्वी में उनके गुरु श्री नर्मदा भारती ने डाली थी। इन्हें भोंसले राज्य शासन ने 84 गांव की जागीर दी थी। उन्हीं के द्वारा गढ़ी के भीतर काल भैरव के मंदिर का निर्माण हुआ।

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आदेगांव किले का इतिहास – History of Adagaon Fort

आदेगांव किले का निर्माण श्री नर्मदा भारती ने करवाया था। यह किला गुरु शिष्य परंपरा के अंतर्गत श्री नर्मदा भारती से श्री भैरव भारती को, श्री धोकल भारती को एवं श्री दौलत भारती के अधिकार में रहा। बाद में यह किला ब्रिटिश शासन के आधिपत्य में ले लिया गया। इस किले के अंदर भैरव मंदिर बनाया गया है। यह मंदिर ईट से निर्मित किया गया है। यह मंदिर पूर्वाभिमुख  है, जिसमें काल भैरव, बटुक भैरव, और नाग भैरव की सुंदर प्रतिमा देखने के लिए मिलती है।

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आदेगांव किला घूमने का सबसे अच्छा समय – Best time to visit in Adegaon Fort

आदेगांव किला घूमने का सबसे अच्छा समय बरसात और ठंड का रहता है। बरसात और ठंड के समय आप यहां पर आकर घूम सकते हैं। बरसात और ठंड का मौसम बहुत ही बढ़िया रहता है और घूमने में कोई भी दिक्कत नहीं होती है। यह किलो ऊंची पहाड़ी पर बना हुआ है। किले में आप अच्छे से चढ़ाई कर सकते हैं। इस किले में आप भैरव जयंती के समय भी आ सकते हैं। किले में प्राचीन भैरव का मंदिर बना हुआ है और भैरव जयंती के समय यहां पर विशाल मेला का आयोजन होता है, जिसमें दूर-दूर से लोग घूमने के लिए आते हैं।

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आदेगांव का किला कहां स्थित है – Where is the fort of Adegaon Fort

आदेगांव का किला सिवनी जिले का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह किला सिवनी जिले के लखनादौन तहसील में स्थित है। यह किला लखनादौन तहसील से करीब 18 किलोमीटर की दूरी पर है। यह किला आदेगांव नाम के गांव में बना हुआ है। इस किले में पहुंचने के लिए आपको अच्छी सड़क मिल जाते हैं। इस किले में आप ऑटो से भी पहुंच सकते हैं।

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